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आइआइटी को भी लेनी होगी मान्यता

देश के हाई प्रोफाइल शिक्षण संस्थानों में अब तक खुद को सबसे अलग मान रहे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आइआइटी) भी अपनी अनिवार्य मान्यता (प्रत्यायन) के लिए राजी हो गए हैं। हालाकि, वह भी उनकी अपनी ही शर्तो पर होगी। राष्ट्रीय प्रत्यायन परिषद (एनबीए) उन्हें मान्यता देगी। यह भी तय हुआ है कि अब आइआइटी निदेशकों के कामकाज की भी समीक्षा होगी। साथ ही भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए खुद की आय के साधन भी जुटाने होंगे। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री एमएम पल्लम राजू की अध्यक्षता में सोमवार को हुई आइआइटी काउंसिल की बैठक में ये फैसले लिए गए। राजू ने बताया कि अब सभी आइआइटी राष्ट्रीय प्रत्यायन परिषद से मान्यता प्राप्त होंगे। उन्होंने माना कि आइआइटी के स्टैंडर्ड एनबीए के मानकों से कहीं ज्यादा है। फिर भी वे उनसे मान्यता प्राप्त होंगे। मान्यता का आधार आइआइटी की हर साल होने वाली आंतरिक समीक्षा रिपोर्ट होगी। जब आइआइटी खुद को एनबीए के मानकों से ऊपर मानता है तो उसकी मान्यता के मतलब पर राजू ने कहा कि आइआइटी की डिग्रियों को दूसरे देशों के बराबर मान्यता के लिए यह जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वाशिंगटन अकॉर्ड प्रौद्योगिकी अकादमिक डिग्री को मान्यता देने वाली एजेंसी है। अमेरिका, ब्रिटेन समेत दर्जनभर से अधिक देशों के संस्थान उससे मान्यता प्राप्त हैं। वह उन्हीं संस्थानों की डिग्रियों को मान्यता देते हैं, जो खुद के देश में किसी मान्यता देने वाले निकाय से मान्यता प्राप्त हों। लिहाजा, आइआइटी भी एनबीए से मान्यता लेंगे। गौरतलब है कि एनबीए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के तहत एक ऐसा स्वायत्तशासी निकाय है, जो देश में इंजीनियरिंग, प्रौद्योगिकी, मैनेजमेंट व दूसरे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को चलाने वाले संस्थानों को गुणवत्ता व दूसरे मानकों के आधार पर मान्यता देता है। राजू ने कहा कि काउंसिल ने आइआटी निदेशकों के सालाना कामकाज की समीक्षा पर भी मुहर लगा दी है, जबकि हर आइआइटी की सालाना समीक्षा होगी। पांच साल में एक बार बाह्य समीक्षा भी होगी। सभी आइआइटी को अब अपने गैर योजनागत बजट का कम से कम 20 प्रतिशत अपने स्नोतों से जुटाना होगा। जो आइआइटी इसे तीस प्रतिशत या उससे अधिक तक जुटाएंगे, केंद्र प्रोत्साहन के तौर पर उतने ही धन की मैचिंग ग्रांट देगी। केंद्र अब तक एक आइआइटी को औसतन 200 करोड़ रुपये अनुदान देता है। सूत्रों ने बताया कि आइआइटी में दाखिले के लिए इस साल से शुरू हुई प्रवेश परीक्षा की नई प्रक्रिया में आगे से कोई बदलाव न करने पर भी काउंसिल ने अपनी मुहर लगा दी है.

Highlights
  • Citing safety concerns, non-Kashmiri students demand
  • They are also calling for action against cops who lathicharged students
  • NIT campus has been tense since students clashed over Indias T20 defeat

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