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CBSE Class 12 Hindi (Elective) Sample Paper: 2018

Nov 14, 2017 15:08 IST
CBSE Sample Paper for Class 12 Hindi (Elective) board exam 2018
CBSE Sample Paper for Class 12 Hindi (Elective) board exam 2018

Hindi (Elective) Sample Paper for Class 12 board exam 2018 is available here for download in PDF format. You can download this paper with the help of download link given at the end of this article.

CBSE 12th Hindi Elective (or हिंदी ऐच्छिक) Sample Paper is helpful in understanding the latest examination pattern and the level of questions which can be asked in coming CBSE 12th Hindi (Elective) board exam 2018.

CBSE Class 12 students having Hindi (Elective) as one of their subjects must solve this paper and refer their solutions with Marking Scheme to assess their preparation level for the exam.

CBSE Class 12 Hindi Elective Syllabus 2017 – 2018

Some question from CBSE Class 12 Hindi (Elective) Sample Paper - 2018 are given below:

प्रतिदर्श प्रश्नपत्र

(2017 – 2018)

हिंदी ऐच्छिक

कक्षा – 12वीं

निर्धारित समय: 3 घंटा                                                                                                                         अधिकतम अंक: 100

सामान्य निर्देश:

• इस प्रश्न पत्र में 14 प्रश्न हैं l

• सभी प्रश्न अनिवार्य हैं l

खंड - ''

प्रश्न 1:

निम्नलिखित गदयांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उतर लिखिएः

भारतवर्ष ने कभी भी भौतिक वस्तुओं के संग्रह को बहुत अधिक महत्व नहीं दिया है। उसकी दृष्टि से मनुष्य के भीतर जो महान आंतरिक तत्व स्थिर भाव से बैठा हुआ है, वही चरम और परम है। लोभ, मोह, काम, क्रोध आदि विकार मनुष्य में स्वाभाविक रूप से विद्यमान रहते हैं, पर उन्हें प्रधान शक्ति मान लेना और अपने मन तथा बुदधि को उन्हों के इशारों पर छोड़ देना बहुत निकृष्ट आचरण है। भारतवर्ष ने उन्हें कभी उचित नहीं माना, उन्हे सदा संयम के बंधन से बांधकर रखने का प्रयत्न किया है। परन्तु भूख की उपेक्षा नहीं की जा सकती, बीमार के लिए दवा की उपेक्षा नहीं की जा सकती, गुमराह का ठीक रास्ते पर ले जाने के उपायों की उपेक्षा नहीं की जा सकती। हुआ यह है कि इस देश के कोटि-कोटि दरिद्र जनों की हीन अवस्था को दूर करने के लिए ऐसे अनेक कायदे-कानून बनाए गए हैं, जो कृषि, उदयोग, वाणिज्य, शिक्षा और स्वास्थ्य की स्थिति को अधिक उन्नत और सुचारू बनाने के लक्ष्य से प्रेरित है, परन्तु जिन लोगों को इन कायाँ में लगना है, उनका मन सब समय पवित्र नहीं होता। प्रायः ही वे लक्ष्य को भूल जाते हैं और अपनी ही सुख-सुविधा की ओर जयादा ध्यान देने लगते हैं।

व्यक्ति चित सब समय आदशाँ दवारा चालित नहीं होता। जितने बड़े पैमाने पर इन क्षेत्रों में मनुष्य

की उन्नति के विधान बनाए गए, उतनी ही मात्रा में लोभ, मोह जैसे विकार भी विस्तृत होते गए।

लक्ष्य की बात भूल गए। आदशों को मजाक का विषय बनाया गया और संयम को दकियानूसी मान लिया गया। परिणाम जो होना था, वह हो रहा है। यह कुछ थोडे से लोगों के बढ़ते हुए लोभ का नतीजा है, परन्तु इससे भारतवर्ष के पुराने आदर्श और भी अधिक स्पष्ट रूप से महान और उपयोगी दिखाई देने लगे हैं। भारतवर्ष सदा कानून को धर्म के रूप में देखता आ रहा है। आज एकाएक कानून और धर्म में अन्तर कर दिया गया है। धर्म को धोखा नहीं दिया जा सकता, कानून को दिया जा सकता है। यही कारण है कि जो लोग धर्मभीरू हैं, वे कानून की त्रुटियों से लाभ उठाने में संकोच नहीं करते।

क) भारतवर्ष में किस बात को महत्वहीन माना गया व क्यों ? (2)

ख) किस प्रकार के आचरण को निकृष्ट' कहा गया है? (2)

ग) दरिद्रजनों की हीन अवस्था को दूर करने के लिए किए गए प्रयास सफल क्यों नहीं हो पाए? (2)

घ) 'मन की पवित्रता ' से क्या आशय हे? (2)

ड) व्यक्तिचित के आदशों दवारा चालित न होने का परिणाम किस रूप में देखने को मिला ? (2)

च) वर्तमान संदर्भ में भारत के पुराने आदर्श और भी उपयोगी क्यों लग रहे हैं ? (2)

छ) कानून और धर्म में अन्तर किए जाने का क्या परिणाम हुआ ? (2)

ज) प्रस्तुत गदयांश के लिए एक उपयुक्त शीर्षक लिखिए। (2)

प्रश्न 2:

निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए

‘सर । पहचाना मुझे?’

 बारिश में भीगता आया कोई

कपडे कीचड़ सने और बालों में पानी

बैठा, छन भर सुस्ताया। बोला, नभ की ओर देख –

‘गंगा’ मैया पाहुन बन कर आई थीं,

झोपड़ी में रहकर लौट गई।

नैहर आई बेटी की भांति

चार दीवारों में कुदकती-फुदकती रहीं

खाली हाथ वापस कैसे जाती।

घरवाली तो बच गई –

दीवारें ढहीं, चूल्हा बुझा, बर्तन-भांडे

जो भी था सब चला गया।

प्रसाद रूप में बचा है नैनों में थोडा खारा पानी

पत्नी को साथ ले, सर अब लड रहा हूँ

ढही दीवार खडी कर रहा हूँ

कादा-कीचड़ निकाल फेंक रहा हूँ 

मेरा हाथ जेब की ओर जाते देख

वह उठा, बोला - ‘सर, पैसे नहीं चाहिए।

जरा अकेलापन महसूस हुआ तो चला आया

घर -गृहस्थी चौपट हो गई पर

रीढ़ की हड्डी मजबूत है सर।

पीठ पर हाथ थपकी देकर आशीर्वाट टीजिए

लड़ते रहो।‘

क) बाढ़ की तुलना मायके आई हुई बेटी से क्यों की गई है? (1)

ख) बाढ़ का क्या प्रभाव पड़ा? (1)

ग) 'सर' का हाथ जेब की ओर क्यों गया ? (1)

घ) आगन्तुक सर के घर किसलिए गया था ? (1)

ड) कैसे कह सकते हैं कि आगन्तुक एक स्वाभिमानी व संघर्षशील व्यक्ति है? (1)

खंड

प्रश्न 3:

 निम्नलिखित में से किसी एक विषय पर निबंध लिखिए: (10)

(क) बदलते सामाजिक परिप्रेक्ष्य में नारी की भूमिका

(ख) संचार क्रॉति के लाभ

(ग) मेरे जीवन की अविस्मरणीय घटना

(घ) हे अंधेरी रात पर दीपक जलाना कब मना है’

प्रश्न 4:

प्रत्येक सप्ताहांत में विद्यालय में योग-कक्षाएँ आयोजित करने का अनुरोध करते हुए विद्यालय के प्रधानाचार्य को पत्र लिखिए । (5)

अथवा

पुलिस मुख्यालय में कुछ जनसंपर्क सहायकों की आवश्यकता है, जिन्होंने हाल ही में बारहवीं की परीक्षा दी हो, जिन्हे कम्प्यूटर की सामान्य जानकारी हो और लोगों से मिलना-जुलना पसंद हो। आपना व्यक्तिगत विवरण ठेते हुए पुलिस आयुक्त को पत्र लिखिए। (5)

Other questions are available in PDF of the question paper.

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