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पर्यावरण और पारिस्थितिकीय

General Knowledge for Competitive Exams

Read: General Knowledge | General Knowledge Lists | Overview of India | Countries of World

प्रमुख भारतीय फसलों और उनके उत्पादक राज्यों की सूची

1 day ago
भारत में कृषि सबसे बड़ी आजीविका प्रदाता है, साथ ही भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में कृषि का महत्वपूर्ण योगदान है। इस लेख में हम "प्रमुख भारतीय फसलों और उनके उत्पादक राज्यों की सूची" दे रहे हैं जो UPSC-prelims, SSC, State Services, NDA, CDS, और Railways जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं के लिए बहुत उपयोगी है।

विश्वव्यापी हॉट स्पॉट क्षेत्रों की सूची

Sep 13, 2017
हॉट स्पॉट जैव विविधता वाले ऐसे क्षेत्र हैं, जहां जैव विविधता के कई महत्वपूर्ण स्तर दिखाई पड़ते हैं। लेकिन मानवीय गतिविधियों के कारण इन जैव विविधताओं की स्थित खतरनाक हो गई है। किसी हॉट स्पॉट की प्राथमिकता स्थिति को कई महत्वपूर्ण कारक निर्धारित करते हैं। यहां, हम विश्वव्यापी हॉट स्पॉट क्षेत्रों की सूची दे रहे हैं जो न केवल विभिन्न परीक्षाओं के इच्छुक लोगों के सामान्य ज्ञान को बढ़ाएगा बल्कि सामान्य पाठकों के लिए भी लाभकारी होगा।

भारत में पाये जाने वाली विदेशी वनस्पतियो की सूची

Sep 4, 2017
विदेशी वनस्पतियां ऐसे वनस्पति को कहते हैं जो सामान्यतः विदेशी मूल के होते हैं एवं किसी विशेष जैव विविधता के अंतर्गत पाये जाने वाले मूल पौधों और जानवरों के अस्तित्व के ऊपर सवालिया निशान लगाते हैं। इस तरह के वनस्पति समूह में पाये जाते हैं तथा ये अपने अस्तित्व को बचाने के लिए किसी विशेष क्षेत्र की मूल वनस्पतियों के अस्तित्व को समाप्त करने की ताकत रखते हैं। इस लेख में हम भारत में पाये जाने वाली विदेशी वनस्पतियो की सूची दे रहे हैं जिसका प्रयोग विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अध्ययन सामग्री के रूप में किया जा सकता है।

पर्यावरण को दूषित करने वाले पार्टिकुलेटो (कणों) की सूची

Sep 1, 2017
पार्टिकुलेट से अभिप्राय यह है की ऐसे ठोस सामग्री के छोटे टुकड़े (उदाहरण के लिए, आग से धुआं कण, एस्बेस्टोस का टुकड़ा, धूल कण और उद्योगों से निकला राख) जो वातावरण में तितर-बितर या फिर घूल-मिल जाते हैं। ये न केवल बाह्य कारणों की वजह से पैदा नहीं होते हैं, बल्कि आंतरिक कारणों से भी पैदा होते हैं। इस लेख में हम ऐसे पार्टिकुलेटो (कणों) की सूची दे रहे हैं जो स्वस्थ पर्यावरण की दृष्टि से खतरनाक हैं।

यूनेस्को एमएबी सूची में शामिल भारत के बायोस्फीयर रिजर्वो की सूची

Aug 30, 2017
बायोस्फीयर रिजर्व, प्राकृतिक और सांस्कृतिक परिदृश्य का प्रतिनिधित्व करता है जिनका विस्तार स्थलीय या तटीय / समुद्री पारिस्थितिकी प्रणालियों या इनके मिश्रण वाले बड़े क्षेत्र में होता है| उदाहरण के रूप में: जैव-भौगोलिक क्षेत्र/प्रांत। इस लेख में हमने ऐसे भारतीय बायोस्फीयर रिजर्व के नाम दिए हैं जो यूनेस्को एमएबी की सूची में शामिल किये गए हैं जिसका प्रयोग विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अध्ययन सामग्री के रूप में किया जा सकता है।

भारत के सदाबहार वन क्षेत्रो की सूची

Aug 30, 2017
सदाबहार वन ऐसे पेड़ों और झाड़ियों का समूह है जो तटीय खारा या खारे पानी में बढ़ता है। यह दुनिया भर में उष्णकटिबंधीय और उपोष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं, मुख्य रूप से 25° N और 25° S अक्षांश के बीच। इस लेख में हम भारत के सदाबहार वन क्षेत्रो की सूची रहे हैं जिसका प्रयोग विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अध्ययन सामग्री के रूप में किया जा सकता है।

भारत के अधिसूचित हाथी रिजर्व की सूची

Aug 29, 2017
भारत में संरक्षित वन क्षेत्र नेटवर्क के अंतर्गत 730 संरक्षित क्षेत्र (103 राष्ट्रीय उद्यान, 535 वन्यजीव अभ्यारण्य, 66 सुरक्षित संरक्षण क्षेत्र और 26 सामुदायिक क्षेत्र) शामिल हैं। हाथियों की मौजूदा आबादी को उनके प्राकृतिक आवास स्‍थलों में दीर्घकालिक जीवन सुनिश्‍चित करने के लिए पर्याप्‍त संख्‍या में हाथियों की आबादी वाले राज्‍यों की सहायता करने की बाबत फरवरी, 1992 में हाथी परियोजना शुरू की गई थी। इस लेख में हम भारत के अधिसूचित हाथी रिजर्व की सूची दे रहे हैं जिसका प्रयोग विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अध्ययन सामग्री के रूप में किया जा सकता है।

भारत में बायोस्फीयर रिजर्व की सूची

Aug 28, 2017
यूनेस्को की अंतर्राष्ट्रीय सह-समन्वय परिषद (आईसीसी) ने नवम्बर 1971 में प्राकृतिक क्षेत्रों के लिए 'बायोस्फीयर रिजर्व' का नाम दिया। उनके पदनाम के बाद, बायोस्फीयर रिजर्व राष्ट्रीय सार्वभौम अधिकार क्षेत्र के अधीन है, लेकिन फिर भी वे अपने अनुभव और विचार राष्ट्रीय स्तर पर, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बायोस्फीयर रिजर्व (डब्ल्यूएनबीआर) के विश्व नेटवर्क के परिधि के अंदर ही काम करते हैं। इस लेख में हम भारत में बायोस्फीयर रिजर्व की सूची दे रहे हैं जिसका प्रयोग विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अध्ययन सामग्री के रूप में किया जा सकता है।

भारत के प्रोजेक्ट टाइगर रिजर्व की सूची

Aug 25, 2017
केंद्र प्रायोजित योजना बाघ परियोजना अप्रैल 1973 में शुरू की गयी थी इसका उद्धेश्य वैज्ञानिक, आर्थिक, कलात्मक, सांस्कृतिक और पारिस्थितिक मूल्यों के लिए बाघों की आबादी के रखरखाव को सुनिश्चित करना और लोगो के लाभ, शिक्षा और मनोरंजन के लिए इसकी जैविक महत्ता को देखते हुए एक राष्ट्रीय धरोहर के रूप में हर समय इसकी रक्षा करना है। इस लेख में हम भारत के प्रोजेक्ट टाइगर रिजर्व की सूची दे रहे हैं जिसका प्रयोग विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अध्ययन सामग्री के रूप में किया जा सकता है।

भारत में रामसर नामित आर्द्रभूमि की सूची

Aug 25, 2017
आर्द्रभूमि, वह भूमि है जो स्थलीय और जलीय पारिस्थितिकी प्रणालियों में जहां पानी का तल प्रायः जमीन की सतह पर या जमीन की सतह के पास है या जहां जमीन उथले पानी के द्वारा ढकी रहती है, के बीच संक्रमित होती रहती है।" इस लेख में हम भारत में रामसर नामित आर्द्रभूमि की सूची दे रहे हैं जिसका प्रयोग विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में अध्ययन सामग्री के रूप में किया जा सकता है।

दुनिया के 10 सबसे अधिक प्रदूषण फ़ैलाने वाले देश

Aug 21, 2017
यूरोपीय आयोग और नीदरलैंड पर्यावरण आकलन एजेंसी द्वारा जारी किए गए “एडगर डेटाबेस” के अनुसार विश्व में सबसे अधिक कार्बन डाइऑक्साइड गैस का उत्सर्जन करने वाला देश चीन है जबकि सर्वाधिक प्रति व्यक्ति कार्बन डाइऑक्साइड गैस का उत्सर्जन करने वाला देश अमेरिका है. यहाँ पर एक चौकाने वाला तथ्य यह है कि दुनिया के 10 सबसे बड़े कार्बन डाइऑक्साइड उत्पादक देशों का कुल कार्बन डाइऑक्साइड गैस के उत्पादन में 67.6% का योगदान है और इसमें में लगभग 30% योगदान अकेले चीन का है.

कृत्रिम वर्षा क्या होती है और कैसे करायी जाती है?

Jun 14, 2017
भारत में कई बार पर्याप्त वर्षा ना होने के कारण फसलें अक्सर चौपट हो जाती है इसलिए यहाँ के किसान कर्ज के तले दबे हुए हैं. वैज्ञानिकों ने बारिश की अनिश्चिता या कम बारिश की समस्या से निपटने के लिए कृत्रिम वर्षा का उपाय खोजा है. कृत्रिम वर्षा कराने के लिए कृत्रिम बादल बनाये जाते हैं जिन पर सिल्वर आयोडाइड और सूखी बर्फ़ जैसे ठंठा करने वाले रसायनों का प्रयोग किया जाता है जिससे कृत्रिम वर्षा होती है.

भारत में वन्यजीव संरक्षण के लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं?

Jun 13, 2017
प्रकृति और अन्य वन्यजीव प्रजातियों के महत्व को पहचानने के लिए वन्यजीवों का संरक्षण आवश्यक है। लुप्तप्राय पौधों और जानवरों की प्रजातियों को उनके प्राकृतिक निवास स्थान के साथ रक्षा करना भी ज़रूरी है।सबसे प्रमुख चिंता का विषय यह है कि वन्यजीवों के निवासस्थान की सुरक्षा किस प्रकार की जाए ताकि भविष्य में वन्यजीवों की पीढ़ियां और यहां तक की इंसान भी इसका आनंद ले सकें. यह लेख वन्यजीवों के संरक्षण के लिए आवश्यक चरणों से संबंधित है।

जैव विविधता संरक्षण पर सारांश

Jun 6, 2017
जैव विविधता का आशय जीनो, जातियों एवं पारितंत्रो की समग्रता हैl जैव विविधता शब्द का प्रयोग पहली बार आर. एफ दसमान ने 1968 में किया थाl इसकी सामाजिक प्रासंगिकता इसलिए है क्योंकि नई फसलें हो या औषधियाँ, पेट्रोलियम स्थानापन्न तथा  जैव नाशको एवं अन्य उत्पादों के रूप में संपत्ति के शक्तिशाली  स्रोत  का प्रतिनिधत्व करता हैl जैव विविधता के संरक्षण की आवश्यकता वाले मुख्य कारकों के बारे में इस लेख में चर्चा की गई हैl

भारत के किस राज्य में गाय की कौन सी प्रजातियां पाई जाती हैं

Jun 5, 2017
भारत की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि और पशुपालन पर आधारित है, जिसमें दूध उत्पादन की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारत में लगभग 146.31 मिलियन टन दूध का वार्षिक उत्पादन होता है l यहां, हम भारत में पायी जाने वाली गायों की विभिन्न प्रजातियो की सूची दे रहे हैंl

जानें सौर्य ऊर्जा संयंत्र लगवाने पर सरकार कितनी सब्सिडी देती है

May 29, 2017
यदि आप हर महीने आने वाले भारी-भरकम बिजली के बिल से तंग आ चुके हैं, तो सौर ऊर्जा संयंत्र आपके लिए सबसे बेहतर विकल्पी है. लोगों की बढती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए सरकार द्वारा छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए सब्सिडी दी जा रही है. इस लेख में हम इस बात का उल्लेख कर रहें हैं कि सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाने पर सरकार कितनी सब्सिडी दे रही है और किन प्रक्रियाओं के तहत आप सौर ऊर्जा संयंत्र लगवा सकते हैं.

बीएस 3 एवं बीएस 4 वाहनों में अन्तर

Apr 3, 2017
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार 1 अप्रैल 2017 से भारत में बीएस-3 इंजन वाले वाहनों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है तथा 1 अप्रैल से देश में केवल बीएस-4 इंजन वाले वाहन ही बनाये और बेचे जाएंगेl वास्तव में बीएस का अर्थ "भारत स्टेज" है और इससे वाहनों से होने वाले प्रदूषण का पता चलता हैl बीएस के जरिए ही भारत सरकार वाहनों के इंजन से निकलने वाले धुएं से होने वाले प्रदूषण को मापती हैl बीएस मानक सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड तय करता है। देश में चलने वाले हर वाहन के लिए बीएस का मानक जरूरी हैl इस लेख में बीएस-3 इंजन वाले वाहनों और बीएस-4 इंजन वाले वाहनों तथा इन वाहनों से होने वाले प्रदुषण के स्तर में अन्तर का विवरण दे रहे हैंl

बीएस-3 क्या है और भारत में इसे कब लागू किया गया था

Mar 31, 2017
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 1 अप्रैल से बीएस-3 वाहनों पर प्रतिबंध के बाद दो पहिया वाहन की खरीद पर विभिन्न कम्पनियों द्वारा ताबड़तोड़ छूट दी जा रही हैl हालांकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और देश के कुछ और शहरों में बीएस-4 उत्सर्जन मानक वाले वाहनों का परिचालन पहले से ही लागू हैl लेकिन क्या आपको पता है कि बीएस-3 या बीएस-4 उत्सर्जन मानक क्या है और यह भारत में कब से लागू हैं? इस लेख में हम भारत स्टेज उत्सर्जन मानक (BSES) के बारे में विस्तारपूर्वक विवरण दे रहे हैं जिससे इसके बारे में आपकी समझ और भी विकसित होगीl

अर्थ आवर (Earth Hour) क्या है और यह हमारे लिए क्यों महत्वपूर्ण है

Mar 24, 2017
पिछले कुछ दिनों से समाचार-पत्रों, पत्रिकाओं, विभिन्न टीवी चैनलों और इंटरनेट पर अर्थ ऑवर (Earth Hour) की चर्चा चल रही हैl जिसके कारण हर किसी के मन में यह उत्सुकता हो सकती है कि अर्थ ऑवर (Earth Hour) क्या है और किस कारण से यह इतनी चर्चा में है? इस लेख में हम यही जानने की कोशिश कर रहे है कि आखिर यह अर्थ ऑवर (Earth Hour) क्या है और यह किस प्रकार हमारे लिए महत्वपूर्ण है?

विश्व जल दिवस की महत्ता और जल के उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

Mar 21, 2017
आज पूरी दुनिया औद्योगीकरण की राह पर चल रही है, किंतु स्वच्छ और रोग रहित जल मिल पाना कठिन होता जा रहा हैl विश्व भर में साफ और पीने योग्य जल की अनुपलब्धता के कारण ही जल जनित रोग महामारी का रूप ले रहे हैंl कहीं-कहीं तो यह भी सुनने में आता है कि अगला विश्व युद्ध जल को लेकर ही होगाl विश्व के हर नागरिक को पानी की महत्ता से अवगत कराने के लिए ही संयुक्त राष्ट्र ने "विश्व जल दिवस" मनाने की शुरुआत की थी। इस लेख में हम विश्व जल दिवस की महत्ता और जल के उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों का विवरण दे रहे हैंl

ग्रीन मफलर क्या है और यह प्रदूषण से किस प्रकार संबंधित है

Mar 15, 2017
ग्रीन मफलर अधिक आबादी वाले या ध्वनि प्रदूषण वाले क्षेत्रों में 4-6 पंक्तियों में वृक्षारोपण कर ध्वनि प्रदूषण को कम करने की एक तकनीक हैl इस लेख में जानने की कोशिश करते हैं कि ग्रीन मफलर योजना क्या है, पेड़ों को ध्वनि प्रतिरोधक के रूप में क्यों जाना जाता है और ध्वनि प्रदूषण को कम करने में पेड़ कैसे मदद करते हैंl

पर्यावरण रसायन विज्ञान

Feb 28, 2017
पर्यावरण प्रदूषण रासायनिक पदार्थ या ऊर्जा, जैसे कि शोर, गर्मी या प्रकाश की तरह से हो सकता है। पर्यावरण रसायन विज्ञान वातावरण में स्रोतों, प्रतिक्रियाओं, परिवहन, प्रभाव, और रसायनों की चेतावनी और इन पर मानव और जैविक गतिविधियों के प्रभाव को परिभाषित करने का ही अध्ययन है| इस लेख में वायु प्रदूषण, प्रमुख प्राथमिक प्रदूषक और प्रमुख माध्यमिक प्रदूषक के बारे में अध्ययन करेंगे |

जानें दुनिया का सबसे बड़ा सौर ऊर्जा संयंत्र कहाँ स्थित है

Feb 22, 2017
वर्तमान समय में पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग के खतरे से जूझ रही है| अतः पूरी दुनिया के तमाम वैज्ञानिक ऊर्जा के गैर-परमम्परागत स्रोत के उपयोग को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसके कारण दुनिया के विभिन्न देशों में सौर ऊर्जा के निर्माण के लिए नए-नए सौर ऊर्जा संयंत्रो (solar plants) को स्थापित किया जा रहा है| इस लेख में हम हाल ही में शुरू किए गए दुनिया के सबसे बड़े सौर ऊर्जा संयंत्र का विवरण दे रहे हैं|

स्मोग क्या है और यह हमारे लिए कैसे हानिकारक है?

Jan 19, 2017
स्मोग दो शब्दों अर्थात धुंए (स्मोक) और कोहरे (फॉग) से मिलकर बना है| जिसकी वजह से सांस लेना मुश्किल हो जाता है | यह एक पीला या काला कोहरा होता है जो वायु प्रदूषण के एक मिश्रण से बना है, जिसमें मुख्य रूप से नाइट्रोजन आक्साइड, सल्फर आक्साइड आदि गैसें होती है जो कि सूर्य के प्रकाश के साथ गठबंधन कर ओजोन का निर्माण करते हैं। इसमें हम पढेंगें कि स्मोग क्या है और यह हमारे लिए कैसे हानिकारक है?

किस भारतीय शहर में वायु प्रदूषण का स्तर सबसे खतरनाक है?

Jan 12, 2017
भारत में हर साल वायु प्रदूषण के कारण लगभग 12 लाख लोगों की मौत हो जाती है। कई राज्यों के प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से मिली जानकारियों के आधार पर ग्रीनपीस द्वारा बनाई गई रिपोर्ट भारत में वायु प्रदूषण के संबंध में बेहद भयावह स्थिति की ओर इशारा कर रही है। इस लेख में हम भारत के सबसे प्रदूषित शहर एवं उसके कारणों का विवरण दे रहे हैं|

14 दिसम्बर: राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस

Dec 14, 2016
विश्व की बढ़ती जनसंख्या के साथ ऊर्जा की आवश्यकताएँ भी बढ़ती ही जा रही हैं। परंतु जिस गति से ऊर्जा की आवश्यकता बढ़ रही है उसे देखते हुए ऊर्जा के समस्त संसाधनों के नष्ट होने की आशंका बढ़ने लगी है। अत: यह आवश्यक है कि हम ऊर्जा संरक्षण की ओर विशेष ध्यान दें अथवा इसके प्रतिस्थापन हेतु अन्य संसाधनों को विकसित करें क्योंकि यदि समय रहते हम अपने प्रयासों में सफल नहीं होते तो संपूर्ण मानव सभ्यता ही खतरे में पड़ सकती है|

भारत में पायी जाने वाली मृदाएं

Nov 23, 2016
मृदा शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के शब्द सोलम (Solum) से हुई है | जिसका अर्थ है फर्श (floor) | मृदा, पृथ्वी को एक पतले आवरण के रूप में ढके रहती है | भारत में सबसे अधिक (43.4%) भूभाग पर जलोढ़ मिट्टी पायी जाती है और अन्य मिट्टियों में काली मिट्टी, लाल मिट्टी और लैटराइट मिट्टी पायी जाती है |

याक "ग्रूटिंग ऑक्स": एक नजर तथ्यों पर

Aug 26, 2016
याक दो प्रकार के होते हैं: घरेलू और जंगली। घरेलू याक छोटे होते हैं और इनके शरीर पर घने बाल होते हैं और शायद इनकी उत्पत्ति जंगली तिब्बती याक से हुई थी। घरेलू याक का इस्तेमाल यात्रा और समान ढोने वाले जानवरों के रूप में किया जाता है। याक को उसके दूध, मांस, ऊन और गोबर के लिए मूल्यवान माना जाता है। जंगली याक को सबसे ज्यादा खतरा और नुकसान शिकारियों से रहता है। उनकी वर्तमान स्थिति "असुरक्षित" (vulnerable) है। जंगली नर याक का वजन 2200 पाउंड तक होता है और इसकी ऊंचाई 6.5 फुट होती है। मादा याक की ऊंचाई नर याक की तुलना में एक-तिहाई होती है।

काला हिरण या कृष्णमृग (भारतीय मृग): एक नज़र तथ्यों पर

Aug 22, 2016
काले हिरन (एंटीलोप सेरवीकप्रा) को भारतीय मृग अथवा हिरन के रूप में भी जाना जाता है। इसकी ऊंचाई 74 से 84 सेमी. तक होती है। नर हिरन का वजन 20-57 किलोग्राम होता है जबकि मादा हिरन का वजन औसतन 20-33 किलोग्राम होता है। यह 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से भाग सकता है। इसका जीवन काल 10 से 15 वर्ष तक होता है।

क्या आप दुनिया के 10 सबसे पुराने पेड़ों के बारे में जानते हैं?

Aug 2, 2016
इस दुनिया में पेड़ों का अस्तित्व मानव सभ्यता के अस्तित्व से भी पहले का है | वर्तमान में भी पेड़ों के बिना मानव सभ्यता के अस्तित्व की कल्पना भी नही की जा सकती है | इन पेड़ों ने कई सभ्यताओं की उत्पत्ति और विनाश को देखा है | इस दुनिया में कुछ पेड़ ऐसे भी हैं जो 10000 सालों से अपने अस्तित्व को बनाये हुए हैं | आइये हम ऐसे ही 10 सबसे पुराने पेड़ों के बारे में कुछ जानकारी अर्जित करते हैं |

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