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पर्यावरण और पारिस्थितिकीय

General Knowledge for Competitive Exams

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कृत्रिम वर्षा क्या होती है और कैसे करायी जाती है?

Jun 14, 2017

भारत में कई बार पर्याप्त वर्षा ना होने के कारण फसलें अक्सर चौपट हो जाती है इसलिए यहाँ के किसान कर्ज के तले दबे हुए हैं. वैज्ञानिकों ने बारिश की अनिश्चिता या कम बारिश की समस्या से निपटने के लिए कृत्रिम वर्षा का उपाय खोजा है. कृत्रिम वर्षा कराने के लिए कृत्रिम बादल बनाये जाते हैं जिन पर सिल्वर आयोडाइड और सूखी बर्फ़ जैसे ठंठा करने वाले रसायनों का प्रयोग किया जाता है जिससे कृत्रिम वर्षा होती है.

भारत में वन्यजीव संरक्षण के लिए कौन-कौन से कदम उठाए गए हैं?

Jun 13, 2017

प्रकृति और अन्य वन्यजीव प्रजातियों के महत्व को पहचानने के लिए वन्यजीवों का संरक्षण आवश्यक है। लुप्तप्राय पौधों और जानवरों की प्रजातियों को उनके प्राकृतिक निवास स्थान के साथ रक्षा करना भी ज़रूरी है।सबसे प्रमुख चिंता का विषय यह है कि वन्यजीवों के निवासस्थान की सुरक्षा किस प्रकार की जाए ताकि भविष्य में वन्यजीवों की पीढ़ियां और यहां तक की इंसान भी इसका आनंद ले सकें. यह लेख वन्यजीवों के संरक्षण के लिए आवश्यक चरणों से संबंधित है।

जैव विविधता संरक्षण पर सारांश

Jun 6, 2017

जैव विविधता का आशय जीनो, जातियों एवं पारितंत्रो की समग्रता हैl जैव विविधता शब्द का प्रयोग पहली बार आर. एफ दसमान ने 1968 में किया थाl इसकी सामाजिक प्रासंगिकता इसलिए है क्योंकि नई फसलें हो या औषधियाँ, पेट्रोलियम स्थानापन्न तथा  जैव नाशको एवं अन्य उत्पादों के रूप में संपत्ति के शक्तिशाली  स्रोत  का प्रतिनिधत्व करता हैl जैव विविधता के संरक्षण की आवश्यकता वाले मुख्य कारकों के बारे में इस लेख में चर्चा की गई हैl

भारत के किस राज्य में गाय की कौन सी प्रजातियां पाई जाती हैं

Jun 5, 2017

भारत की अर्थव्यवस्था मुख्यतः कृषि और पशुपालन पर आधारित है, जिसमें दूध उत्पादन की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारत में लगभग 146.31 मिलियन टन दूध का वार्षिक उत्पादन होता है l यहां, हम भारत में पायी जाने वाली गायों की विभिन्न प्रजातियो की सूची दे रहे हैंl

जानें सौर्य ऊर्जा संयंत्र लगवाने पर सरकार कितनी सब्सिडी देती है

May 29, 2017

यदि आप हर महीने आने वाले भारी-भरकम बिजली के बिल से तंग आ चुके हैं, तो सौर ऊर्जा संयंत्र आपके लिए सबसे बेहतर विकल्पी है. लोगों की बढती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए सरकार द्वारा छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए सब्सिडी दी जा रही है. इस लेख में हम इस बात का उल्लेख कर रहें हैं कि सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाने पर सरकार कितनी सब्सिडी दे रही है और किन प्रक्रियाओं के तहत आप सौर ऊर्जा संयंत्र लगवा सकते हैं.

बीएस 3 एवं बीएस 4 वाहनों में अन्तर

Apr 3, 2017

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के अनुसार 1 अप्रैल 2017 से भारत में बीएस-3 इंजन वाले वाहनों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है तथा 1 अप्रैल से देश में केवल बीएस-4 इंजन वाले वाहन ही बनाये और बेचे जाएंगेl वास्तव में बीएस का अर्थ "भारत स्टेज" है और इससे वाहनों से होने वाले प्रदूषण का पता चलता हैl बीएस के जरिए ही भारत सरकार वाहनों के इंजन से निकलने वाले धुएं से होने वाले प्रदूषण को मापती हैl बीएस मानक सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड तय करता है। देश में चलने वाले हर वाहन के लिए बीएस का मानक जरूरी हैl इस लेख में बीएस-3 इंजन वाले वाहनों और बीएस-4 इंजन वाले वाहनों तथा इन वाहनों से होने वाले प्रदुषण के स्तर में अन्तर का विवरण दे रहे हैंl

बीएस-3 क्या है और भारत में इसे कब लागू किया गया था

Mar 31, 2017

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 1 अप्रैल से बीएस-3 वाहनों पर प्रतिबंध के बाद दो पहिया वाहन की खरीद पर विभिन्न कम्पनियों द्वारा ताबड़तोड़ छूट दी जा रही हैl हालांकि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और देश के कुछ और शहरों में बीएस-4 उत्सर्जन मानक वाले वाहनों का परिचालन पहले से ही लागू हैl लेकिन क्या आपको पता है कि बीएस-3 या बीएस-4 उत्सर्जन मानक क्या है और यह भारत में कब से लागू हैं? इस लेख में हम भारत स्टेज उत्सर्जन मानक (BSES) के बारे में विस्तारपूर्वक विवरण दे रहे हैं जिससे इसके बारे में आपकी समझ और भी विकसित होगीl

अर्थ आवर (Earth Hour) क्या है और यह हमारे लिए क्यों महत्वपूर्ण है

Mar 24, 2017

पिछले कुछ दिनों से समाचार-पत्रों, पत्रिकाओं, विभिन्न टीवी चैनलों और इंटरनेट पर अर्थ ऑवर (Earth Hour) की चर्चा चल रही हैl जिसके कारण हर किसी के मन में यह उत्सुकता हो सकती है कि अर्थ ऑवर (Earth Hour) क्या है और किस कारण से यह इतनी चर्चा में है? इस लेख में हम यही जानने की कोशिश कर रहे है कि आखिर यह अर्थ ऑवर (Earth Hour) क्या है और यह किस प्रकार हमारे लिए महत्वपूर्ण है?

विश्व जल दिवस की महत्ता और जल के उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

Mar 21, 2017

आज पूरी दुनिया औद्योगीकरण की राह पर चल रही है, किंतु स्वच्छ और रोग रहित जल मिल पाना कठिन होता जा रहा हैl विश्व भर में साफ और पीने योग्य जल की अनुपलब्धता के कारण ही जल जनित रोग महामारी का रूप ले रहे हैंl कहीं-कहीं तो यह भी सुनने में आता है कि अगला विश्व युद्ध जल को लेकर ही होगाl विश्व के हर नागरिक को पानी की महत्ता से अवगत कराने के लिए ही संयुक्त राष्ट्र ने "विश्व जल दिवस" मनाने की शुरुआत की थी। इस लेख में हम विश्व जल दिवस की महत्ता और जल के उपयोग से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों का विवरण दे रहे हैंl

ग्रीन मफलर क्या है और यह प्रदूषण से किस प्रकार संबंधित है

Mar 15, 2017

ग्रीन मफलर अधिक आबादी वाले या ध्वनि प्रदूषण वाले क्षेत्रों में 4-6 पंक्तियों में वृक्षारोपण कर ध्वनि प्रदूषण को कम करने की एक तकनीक हैl इस लेख में जानने की कोशिश करते हैं कि ग्रीन मफलर योजना क्या है, पेड़ों को ध्वनि प्रतिरोधक के रूप में क्यों जाना जाता है और ध्वनि प्रदूषण को कम करने में पेड़ कैसे मदद करते हैंl

पर्यावरण रसायन विज्ञान

Feb 28, 2017

पर्यावरण प्रदूषण रासायनिक पदार्थ या ऊर्जा, जैसे कि शोर, गर्मी या प्रकाश की तरह से हो सकता है। पर्यावरण रसायन विज्ञान वातावरण में स्रोतों, प्रतिक्रियाओं, परिवहन, प्रभाव, और रसायनों की चेतावनी और इन पर मानव और जैविक गतिविधियों के प्रभाव को परिभाषित करने का ही अध्ययन है| इस लेख में वायु प्रदूषण, प्रमुख प्राथमिक प्रदूषक और प्रमुख माध्यमिक प्रदूषक के बारे में अध्ययन करेंगे |

जानें दुनिया का सबसे बड़ा सौर ऊर्जा संयंत्र कहाँ स्थित है

Feb 22, 2017

वर्तमान समय में पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग के खतरे से जूझ रही है| अतः पूरी दुनिया के तमाम वैज्ञानिक ऊर्जा के गैर-परमम्परागत स्रोत के उपयोग को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसके कारण दुनिया के विभिन्न देशों में सौर ऊर्जा के निर्माण के लिए नए-नए सौर ऊर्जा संयंत्रो (solar plants) को स्थापित किया जा रहा है| इस लेख में हम हाल ही में शुरू किए गए दुनिया के सबसे बड़े सौर ऊर्जा संयंत्र का विवरण दे रहे हैं|

स्मोग क्या है और यह हमारे लिए कैसे हानिकारक है?

Jan 19, 2017

स्मोग दो शब्दों अर्थात धुंए (स्मोक) और कोहरे (फॉग) से मिलकर बना है| जिसकी वजह से सांस लेना मुश्किल हो जाता है | यह एक पीला या काला कोहरा होता है जो वायु प्रदूषण के एक मिश्रण से बना है, जिसमें मुख्य रूप से नाइट्रोजन आक्साइड, सल्फर आक्साइड आदि गैसें होती है जो कि सूर्य के प्रकाश के साथ गठबंधन कर ओजोन का निर्माण करते हैं। इसमें हम पढेंगें कि स्मोग क्या है और यह हमारे लिए कैसे हानिकारक है?

किस भारतीय शहर में वायु प्रदूषण का स्तर सबसे खतरनाक है?

Jan 12, 2017

भारत में हर साल वायु प्रदूषण के कारण लगभग 12 लाख लोगों की मौत हो जाती है। कई राज्यों के प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से मिली जानकारियों के आधार पर ग्रीनपीस द्वारा बनाई गई रिपोर्ट भारत में वायु प्रदूषण के संबंध में बेहद भयावह स्थिति की ओर इशारा कर रही है। इस लेख में हम भारत के सबसे प्रदूषित शहर एवं उसके कारणों का विवरण दे रहे हैं|

14 दिसम्बर: राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस

Dec 14, 2016

विश्व की बढ़ती जनसंख्या के साथ ऊर्जा की आवश्यकताएँ भी बढ़ती ही जा रही हैं। परंतु जिस गति से ऊर्जा की आवश्यकता बढ़ रही है उसे देखते हुए ऊर्जा के समस्त संसाधनों के नष्ट होने की आशंका बढ़ने लगी है। अत: यह आवश्यक है कि हम ऊर्जा संरक्षण की ओर विशेष ध्यान दें अथवा इसके प्रतिस्थापन हेतु अन्य संसाधनों को विकसित करें क्योंकि यदि समय रहते हम अपने प्रयासों में सफल नहीं होते तो संपूर्ण मानव सभ्यता ही खतरे में पड़ सकती है|

भारत में पायी जाने वाली मृदाएं

Nov 23, 2016

मृदा शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के शब्द सोलम (Solum) से हुई है | जिसका अर्थ है फर्श (floor) | मृदा, पृथ्वी को एक पतले आवरण के रूप में ढके रहती है | भारत में सबसे अधिक (43.4%) भूभाग पर जलोढ़ मिट्टी पायी जाती है और अन्य मिट्टियों में काली मिट्टी, लाल मिट्टी और लैटराइट मिट्टी पायी जाती है |

याक "ग्रूटिंग ऑक्स": एक नजर तथ्यों पर

Aug 26, 2016

याक दो प्रकार के होते हैं: घरेलू और जंगली। घरेलू याक छोटे होते हैं और इनके शरीर पर घने बाल होते हैं और शायद इनकी उत्पत्ति जंगली तिब्बती याक से हुई थी। घरेलू याक का इस्तेमाल यात्रा और समान ढोने वाले जानवरों के रूप में किया जाता है। याक को उसके दूध, मांस, ऊन और गोबर के लिए मूल्यवान माना जाता है। जंगली याक को सबसे ज्यादा खतरा और नुकसान शिकारियों से रहता है। उनकी वर्तमान स्थिति "असुरक्षित" (vulnerable) है। जंगली नर याक का वजन 2200 पाउंड तक होता है और इसकी ऊंचाई 6.5 फुट होती है। मादा याक की ऊंचाई नर याक की तुलना में एक-तिहाई होती है।

काला हिरण या कृष्णमृग (भारतीय मृग): एक नज़र तथ्यों पर

Aug 22, 2016

काले हिरन (एंटीलोप सेरवीकप्रा) को भारतीय मृग अथवा हिरन के रूप में भी जाना जाता है। इसकी ऊंचाई 74 से 84 सेमी. तक होती है। नर हिरन का वजन 20-57 किलोग्राम होता है जबकि मादा हिरन का वजन औसतन 20-33 किलोग्राम होता है। यह 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से भाग सकता है। इसका जीवन काल 10 से 15 वर्ष तक होता है।

क्या आप दुनिया के 10 सबसे पुराने पेड़ों के बारे में जानते हैं?

Aug 2, 2016

इस दुनिया में पेड़ों का अस्तित्व मानव सभ्यता के अस्तित्व से भी पहले का है | वर्तमान में भी पेड़ों के बिना मानव सभ्यता के अस्तित्व की कल्पना भी नही की जा सकती है | इन पेड़ों ने कई सभ्यताओं की उत्पत्ति और विनाश को देखा है | इस दुनिया में कुछ पेड़ ऐसे भी हैं जो 10000 सालों से अपने अस्तित्व को बनाये हुए हैं | आइये हम ऐसे ही 10 सबसे पुराने पेड़ों के बारे में कुछ जानकारी अर्जित करते हैं |

IUCN रेड डाटा बुक का क्या महत्व है?

Jul 25, 2016

आईयूसीएन लाल सूची (1964 में स्थापित) एक राज्य या देश की सीमा के भीतर पशु, कवक और पादप प्रजातियों की मौजूदगी के बारे में सबसे विस्तृत रिपोर्ट देती है | अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) विश्व-स्तर पर विभिन्न जातियों की संरक्षण-स्थिति पर निगरानी रखने वाला सर्वोच्च संगठन है।

भारत में गंभीर रूप से संकटग्रस्त (Critically Endangered)10 पक्षी प्रजातियों की सूची

Jul 21, 2016

अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) ने 2013 के लिए भारत में देखी जाने वाली पक्षियों की दस प्रजातियों को गंभीर रूप से संकटग्रस्त प्रजातियों की सूची में शामिल किया है। इनमें ग्रेट साइबेरियन क्रेन, गोडावण (Indian Bustard), सफेद पीठ वाला गिद्ध, लाल– सिर वाला गिद्ध, जंगली उल्लू और सफेद पेट वाला बगुला आदि शामिल हैं।

साइबेरियन क्रेन या स्नो क्रेनः तथ्यों पर एक नजर

Jul 21, 2016

साइबेरियन क्रेन (Leucogeranus leucogeranus) साइबेरियन ह्वाइट क्रेन या स्नो क्रेन (हिम सारस) के नाम से भी जाने जाते हैं। साइबेरियन क्रेन करीब– करीब बर्फ जैसे सफेद होते हैं, सिवाए उनके काले प्राथमिक पंख जो उड़ने के दौरान दिखाई देते हैं | इनकी आबादी पश्चिमी एवं पूर्वी रूस के आर्कटिक टुंड्रा में मिलती है।

हिम तेंदुआः महत्वपूर्ण तथ्यों पर एक नजर

Jul 21, 2016

हिम तेंदुआ (पैंथेरा अनिसया सिंक. अनिसया) एक बड़ी बिल्ली है जो मध्य और दक्षिण एशिया के पहाड़ी क्षेत्र में पाई जाती है। यह IUCN की लाल सूची में विलुप्तप्राय प्रजातियों में सूचिबद्ध है। वर्ष 2013 में लगाए गए अनुमानों के अनुसार इन तेंदुओं की वैश्विक आबादी 4,080 से 6,590 के बीच थी। ये तेंदुए 30 फीट तक छलांग लगा सकते हैं।

दक्षिण एशियाई नदियों में पाई जाने वाली डॉल्फिनः तथ्यों पर एक नजर

Jul 20, 2016

दक्षिण एशियाई नदियों में पाई जाने वाली डॉल्फिन, मीठे पानी या नदियों में पाई जाने वाली डॉल्फिन होती है जो भारत, बांग्लादेश, नेपाल और पाकिस्तान में पाई जाती है। इसकी दो प्रजातियां होती हैं– गंगा नदी डॉल्फिन और सिंधु नदी डॉल्फिन | गंगा नदी डॉल्फिन मुख्य रूप से गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियों एवं इनकी सहायक नदियों में बांग्लादेश, भारत और नेपाल में पाई जाती हैं |

एशियाई चीताः तथ्यों पर एक नजर

Jul 19, 2016

एशियाई चीता (Acinonyx jubatus venaticus) ( हिन्दी के 'चीता' से “cheetah”, जो संस्कृत शब्द चित्रक से बना है जिसका अर्थ है "धब्बेदार") को आजकल ईरानी चीता भी कहा जाने लगा है। फिलहाल यह सिर्फ ईरान में पाया जाता है। कभी– कभी इसे बलूचिस्तान (पाकिस्तान) में भी देखा गया है। भारत में इसे भारतीय चीता कहते हैं हालांकि अब यह भारत में नहीं पाया जाता।

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान: मध्य प्रदेश में सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व

Jul 19, 2016

कान्हा राष्ट्रीय उद्यान मध्य प्रदेश में सतपुड़ा के मैकाल रेंज में स्थित है। यह राष्ट्रीय उद्यान टाइगर रिजर्व के रूप में लोकप्रिय है। यह मंडला और कालाघाट के दो जिलों में फैला हुआ है। कान्हा राष्ट्रीय उद्यान को 1879 में एक आरक्षित वन घोषित कर दिया गया था और इसके बाद 1933 में एक वन्यजीव अभयारण्य के रूप में इसका पुनर्मूल्यांकन किया गया। 1955 में आगे चलकर एक राष्ट्रीय पार्क बना।

शेर के मुंह जैसा बन्दर-मकाक (मकाका सिलेनस): तथ्यों पर एक नजर

Jul 19, 2016

शेर के मुंह जैसा बन्दर-मकाक (वानर), एक पुरानी दुनिया का बन्दर (Old World monkey) है जो दक्षिण भारत के पश्चिमी घाटों में पाया जाता है। शेर के मुंह जैसा वाले मकाक के गर्दन पर शेर की तरह बड़े– बड़े बाल होते हैं और एक पूंछ होती है जिससे यह शेर जैसा दिखता है। इसका वैज्ञानिक नाम मकाका सिलेनस है।

क्या आप लाल पांडा के बारे में ये तथ्य जानते हैं?

Jul 18, 2016

लाल पांडा (अलुरस फलजेन– Ailurus fulgens) नेपाल, भारत, भूटान, तीन, लाओस और म्यांमार के पहाड़ी जंगलों में पाए जाते हैं। जैसा कि इनके नाम से ही स्पष्ट है, ये लाल रंग के होते हैं, इनके शरीर पर सफेद और काली धारियां होती हैं। कहा जाता है कि फायरफॉक्स वेब ब्राउजर (firefox browser) का नाम भी लाल पांडा के नाम के नाम पर रखा गया है।

क्या आप ब्लू ह्वेल्स के बारे में ये बातें जानते हैं?

Jul 18, 2016

ब्लू ह्वेल पृथ्वी ग्रह पर पाया जाने वाला सबसे बड़ा पशु है। यह दुनिया के सभी महासागरों में पाया जाता है। आमतौर पर ये गर्मियों का महीना आर्कटिक सागर और सर्दियों में दक्षिणी (गर्म) सागरों में बितातीं हैं। ब्लू ह्वेल बहुत ही पुराने जीवों में से है– ये पृथ्वी पर 540 लाख वर्षों से मौजूद हैं। 20 शताब्दी के पूर्वार्द्ध में जब मछुआरों ने बड़े पैमाने पर ब्लू ह्वेलों का शिकार करना शुरु किया था तो विलुत्प्राय होने की कगार पर पहुंच गईं थीं। आज करीब 20000 ह्वेल जीवित हैं।

क्या आप ह्वेल मछलियों के बारे में ये बातें जानते हैं?

Jul 18, 2016

ह्वेल सीटेशीअ (cetacean) प्रजाति से ताल्लुक रखती हैं। इसमें ह्वेल, डॉल्फिन और पॉर्पस आते हैं। ह्वेल को दो उप–वर्गों में विभाजित किया जाता हैः बलीन और दांत वाली ह्वेल। बलीन ह्वेल में उसके उपरी जबड़े पर कंधी के जैसे झालर होते हैं, जिसे बलीन कहा जाता है। ह्वेल अपने आस–पास के माहौल का पता प्रतिध्वनि के वापस आने में लगने वाले समय (echolocation) के आधार पर लगाती हैं।

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