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भारतीय अर्थव्यवस्था

General Knowledge for Competitive Exams

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मोदी सरकार की प्रमुख योजनायें

2 days ago

लोकतांत्रिक रूप से चुनी गयी सरकार लोगों के कल्याण के लिए समर्पित मानी जाती हैl इस कसौटी पर खरा उतरते हुए मोदी सरकार ने समाज के सभी वर्गों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए बहुत सी नयी योजनायें बनायी हैंl उदाहरण के तौर पर अटल पेंशन योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, ग्रामोदय से भारत उदय और सेतु भारतम योजना का नाम लिया जा सकता है l

आखिर भारतीय अर्थव्यवस्था को प्लास्टिक के नोटों से क्या फायदा होगा?

Mar 23, 2017

भारत में नकली नोटों की बढती समस्या और कागज के नोटों के जल्दी फटने के कारण होने वाले वित्तीय नुकशान को देखते हुए भारतीय रिज़र्व बैंक ने 2014 से देश के पांच शहरों: कोच्चि, मैसूर, जयपुर, शिमला और भुवनेश्वर में प्रयोग के तौर पर 10 रुपये के प्लास्टिक के नोट चलाने का फैसला लिया हैl

शेयर बाजार में सेबी के मुख्य कार्य क्या हैं?

Mar 17, 2017

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) भारत में प्रतिभूति और वित्त का नियामक बोर्ड है। इसकी स्थापना 12 अप्रैल 1988 में हुई थीl इसका मुख्यालय मुंबई में हैl सेबी को सांविधिक निकाय का दर्जा 1992 में दिया गया थाl भारत में शेयर बाजार इसी संस्था के दिशा निर्देशों पर चलता हैl सेबी के वर्तमान चेयरमैन अजय त्यागी हैं l

केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए 2017-18 के बजट में आवंटन

Mar 17, 2017

भारत एक संघ शासित लोकतांत्रिक देश है इसी कारण सरकार सभी क्षेत्रों और समाज के विभिन्न वर्गों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर कल्याणकारी योजनाओं को बनाती है | इस लेख में हमने ऐसी ही कुछ योजनाओं के लिए हाल ही में प्रस्तुत किये गए बजट में आवंटित की गयी राशि का ब्यौरा दिया हैl 

भारत सरकार की आय और व्यय के स्रोत क्या हैं

Mar 16, 2017

भारत सरकार ने 2017-18 के बजट में बताया था सरकार की कुल आय 2146735 करोड़ थी जबकि वित्तीय घाटा 5,46,532 करोड़ , राजस्व घाटा  3,21,163 करोड़  और प्राथमिक घाटा 23,544 करोड़ रुपये था l इन तीनों घाटों से स्पष्ट है कि सरकार की आय उसके व्यय से कम थी| सरकार इस घाटे को पूरा करने के लिए हीनार्थ प्रबंधन (Deficit  Financing) का सहारा लेती है|

डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के 9 प्रमुख स्तंभ

Mar 16, 2017

डिजिटल इंडिया ज्ञान आधारित बदलाव के लिए भारत को तैयार करने और केंद्र सरकार और स्थानीय सरकार दोनों के सहयोग और समन्वित भागीदारी से लोगों को सुशासन प्रदान करने के लिए एक प्रतिबद्ध कार्यक्रम है। डिजिटल इंडिया कार्यक्रम मुख्यतः तीन प्रमुख क्षेत्रों, प्रत्येक नागरिक को डिजिटल सुविधा, मांग पर आधारित प्रशासन और सेवा तथा प्रत्येक नागरिक के डिजिटल सशक्तिकरण पर आधारित हैl इस लेख में हम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की महत्वाकांक्षी डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के 9 प्रमुख स्तंभों का विवरण दे रहे हैंl

भारतीय शेयर बाज़ार में उतार चढ़ाव क्यूँ और कैसे होता है ?

Mar 9, 2017

सेंसेक्स नाम का शब्द अंग्रेजी के 'Sensitive Index' से लिया गया है Sens + Ex,  इसे हिंदी में संवेदी सूचकांक भी कहा जाता है| जैसा कि इसके नाम से स्पष्ट होता है कि एक ऐसा सूचकांक जो कि बहुत ही ज्यादा संवेदनशील (Sensitive) हो, उसे ही सेंसेक्स के नाम से पुकारा जाता है| शेयर बाज़ार में उतार चढ़ाव के लिए अच्छा मानसून, सकारात्मक बजट, सहयोगी मौद्रिक नीति, सरकार की नीतियां आदि जिम्मेदार होते हैं l

भारत में पैसा छापने का निर्णय कौन करता है?

Mar 8, 2017

भारतीय रिजर्व बैंक के पास भारतीय मुद्रा को मुद्रित करने की शक्ति है, हालांकि ज्यादातर फैसलों को भारत सरकार द्वारा ही अंतिम रूप दिया जाता है| उदाहरण के लिए, सरकार यह तय करती है कि किस मूल्यवर्ग (denominations) के कितने नोट छापे जायेंगे और नोटों का डिज़ाइन क्या होगा उनमे कौन-कौन से सुरक्षा मानक रखे जायेंगे|

भारत में नये नोटों को छापे जाने की क्या प्रक्रिया होती है

Mar 7, 2017

भारतीय रिजर्व बैंक को भारत का केन्द्रीय बैंक भी कहा जाता है | यह संस्था भारत की सबसे बड़ा मौद्रिक प्राधिकरण (monetary authority) है| भारतीय रिजर्व बैंक 2 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक के नोटों को छापती है| एक रुपये के नोट को छापने और सिक्कों के बनाने का अधिकार भारतीय रिजर्व बैंक के पास नही है बल्कि वित्त मंत्रालय के पास है |

 

मुद्रा क्या होती है और यह कितने प्रकार की होती है

Mar 3, 2017

सामान्य अर्थों में ‘मुद्रा’ सिर्फ उस वस्तु को कहते हैं जिसको केंद्र सरकार ने सिक्कों या नोटों के रूप में छापा है परन्तु मुद्रा की सर्व व्यापक परिभाषा यह है कि “मुद्रा वह है जो कि मुद्रा का कार्य करे”|भारत में पत्र मुद्रा को निर्गत करने का अधिकार भारतीय रिजर्व बैंक को है जबकि इस पर लिखी गयी राशि के भुगतान का अंतिम दायित्व भारत सरकार का होता है| सभी सिक्कों और एक रुपये के नोट बनाने का अधिकार भारत सरकार के वित्त मंत्रालय का पास है |

उत्तर प्रदेश: जनगणना 2011 के आंकड़े

Mar 1, 2017

2011 की जनगणना के ब्योरे के अनुसार, उत्तर प्रदेश की जनसंख्या 19.98 करोड़ हो गयी है जो कि वर्ष 2001 की जनगणना में 16.62 करोड़ थी| वर्तमान में इस प्रदेश में पूरे भारत की 16.50 प्रतिशत जनसंख्या रहती है जो कि सन 2001 में 16.16% थी| सन 2011 से लेकर 2001 तक की अवधि में उत्तर प्रदेश की जनसंख्या वृद्धि दर 20.23 प्रतिशत थी|

NEFT और RTGS के बीच क्या अंतर है

Mar 1, 2017

भारत में भुगतान प्रणाली का नियमन (regulation) भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 (PSS अधिनियम), के अनुसार किया जा रहा है, जो कि दिसंबर 2007 में संसद द्वारा पास हुआ था| वर्तमान में देश में तीन मुख्य भुगतान प्रणालियाँ प्रचलित हैं: राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण (NEFT), तत्काल सकल निपटान (RTGS) और तत्काल भुगतान सेवा (IMPS)l

भारत के 8 सबसे अमीर शहरों की सूची

Feb 28, 2017

दक्षिण अफ्रीका के संगठन न्यू वर्ल्ड वेल्थ रिपोर्ट द्वारा जारी हालिया रिपोर्ट में कहा गया है कि भारतीयों की कुल संपत्ति 6,200 अरब डॉलर (दिसम्बर 2016 तक) है और पिछले 6 महीने के दौरान इसमें लगभग 10% की वृद्धि हुई है| इस रिपोर्ट के अनुसार मुंबई भारत का सबसे अमीर शहर है और मुंबई की कुल संपत्ति लगभग 820 अरब डॉलर है| इस रिपोर्ट के मुताबिक वर्तमान में भारत में 2,64,000 करोड़पति और 95 अरबपति है, जबकि कुल संपत्ति के मामले में भारत दुनिया में छठे नंबर पर है| इस लेख में हम भारत के 8 सबसे अमीर शहरों का विवरण दे रहे हैं|

भारतीय अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा

Feb 28, 2017

प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI), विदेश में स्थित कंपनियों में विदेशी निवेशकों द्वारा किया गया निवेश है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं, पहला ग्रीन फील्ड निवेश (इसके तहत दूसरे देश में एक नई कम्पनी स्थापित की जाती है) और दूसरा पोर्टफोलियो निवेश (इसके तहत किसी विदेशी कंपनी के शेयर खरीद लिए जाते हैं या विदेशी कंपनी का अधिग्रहण कर लिया जाता है)|

भारत बनाम चीन: तुलनात्मक अध्ययन

Feb 21, 2017

भारत की अर्थव्यवस्था ने 7.6% की आर्थिक विकास दर हासिल करने के साथ ही पूरी दुनिया में सबसे तेजी बढती हुई अर्थव्यवस्था का ख़िताब अपने नाम कर लिया है| इस समय भारतीय अर्थव्यवस्था का आकार $ 4.99 खरब और चीन की अर्थव्यवस्था का आकार $13.39 खरब है| इस लेख में भारत और चीन की अर्थव्यवस्था को बढ़ने में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले क्षेत्रों का तथ्यात्मक अध्ययन किया गया है|

सिबिल स्कोर क्या है और यह आपके लोन लेने की क्षमता को कैसे प्रभावित करता है|

Feb 15, 2017

ट्रांसयूनियन सिबिल लिमिटेड भारत की पहली क्रेडिट इन्फॉर्मेशन कंपनी है जिसे सामान्य रूप से क्रेडिट ब्यूरो भी कहा जाता है| यह कम्पनी लोगों के व्यक्तिगत लोन, वाहन लोन और क्रेडिट कार्ड इत्यादि के आधार पर लोगों का सिबिल स्कोर (CIBIL Score) बनाती है जिसके आधार पर बैंक और अन्य वित्तीय संस्थाएं यह पता लगा लेतीं है कि अमुख व्यक्ति लोन देने के लायक है कि नही |

भारत में विभिन्न उत्पादों के लिए दिए जाने वाले प्रमाण-पत्रों का विवरण

Feb 14, 2017

भारत सरकार ने सभी नागरिकों के आर्थिक हितों की रक्षा के लिए लगभग हर उत्पाद के लिए कुछ मानकों को बनाया है जैसे कृषि क्षेत्र के उत्पादों के लिए “एगमार्क”, बिजली के उत्पादों के लिए ISI मार्क, सोने चांदी के आभूषणों के लिए BIS मार्क होना निश्चित किया गया है और सभी “प्रसंस्कृत फल उत्पादों” के लिए “FPO मार्क” प्राप्त करना अनिवार्य है| इस लेख में ऐसे ही सुरक्षा मानकों के बारे में बताया गया है|

जाने बारकोड क्या होता है और यह क्या बताता है?

Feb 7, 2017

बारकोड (barcode) किसी उत्पाद के बारे में आंकड़े या सूचना को लिखने का एक तरीका है। यह बारकोड किसी उत्पाद के बारे में पूरी जानकारी जैसे उसका मूल्य, उसकी मात्रा, किस देश में बना, किस कंपनी ने बनाया आदि दिया गया होता है| बारकोड को प्रकाशीय पाठकों (optical scanners) की सहायता से पढ़ा जा सकता है जिन्हें बारकोड पाठक (barcode readers) भी कहते हैं।

नया H1-B वीजा विधेयक: भारत को होने वाले 5 नुकसान

Feb 2, 2017

H1-B वीजा एक गैर-अप्रवासी वीजा है जो संयुक्त राज्य अमेरिका में आव्रजन और राष्ट्रीयता अधिनियम की धारा 101 (15) के तहत दिया जाता है। यह वीजा अमेरिकी कम्पनियों को विभिन्न व्यवसायों में विदेशी कामगारों को अस्थायी रूप से रोजगार देने की अनुमति देता है। नये वीज़ा बिल एक अनुसार अमेरिका आने वाले कर्मचारियों का न्यूनतम वेतन 60,000 से 1 लाख डॉलर करने का प्रस्ताव है |

जानें सरकार हर वर्ष बजट क्यों पेश करती है?

Feb 1, 2017

बजट सरकार की आय और व्यय का लेखा जोखा होता है अर्थात बजट में यह बताया जाता है कि सरकार के पास रुपया कहां से आया और कहां गया| सरकार द्वारा हर साल बजट पेश करने का सीधा मतलब यह है कि सरकार लोगों को यह बताना चाहती है कि लोगों द्वारा हर साल दिए गए पूरे टैक्स का लेखा जोखा सरकार के पास मौजूद है और इसमें किसी भी तरह की कोई गड़बड़ी नही हुई है|

न्यूनतम समर्थन मूल्य (2015-16): अर्थ और भारतीय अर्थव्यवस्था में योगदान

Jan 25, 2017

न्यूनतम समर्थन मूल्य, वह मूल्य है जिस पर सरकार किसानों द्वारा बेचीं जाने वाली अनाज की पूरी मात्रा खरीदने के लिए तैयार रहती है | इन न्यूनतम मूल्यों का सुझाव सरकार द्वारा स्थापित  कृषि और लागत मूल्य आयोग (CACP) करता है और मूल्यों की घोषणा सरकार करती है | यह समर्थन मूल्य साल में दो बार रबी और खरीफ की खेती के लिए कुल 24 फसलों के लिए घोषित किया जाता है|

केन्द्रीय बजट क्या है: परिभाषा एवं उनका वर्गीकरण

Jan 24, 2017

जब कभी हम “बजट” शब्द सुनते हैं तो हमें तुरन्त सरकार द्वारा प्रतिवर्ष पेश किए जाने वाले बजट की याद आती है| लेकिन क्या आपको पता है कि बजट का अर्थ क्या होता है और यह कितने तरह का होता है? इस लेख में हम बजट की परिभाषा और उसके वर्गीकरण का विवरण दे रहे हैं, जिससे बजट के संबंध में आपकी समझ और भी विकसित होगी|

भारत में नीली क्रांति

Jan 24, 2017

भारत में मत्य्य उत्पादन में बृद्धि के लिए चलाई गई एक विशेष योजना को ‘नीली क्रांति’ का नाम दिया गया है| आर्थिक समीक्षा 2014-15 के अनुसार वर्ष 2013-14 में 95.8 लाख टन मछली का उत्पादन कर आज भारत विश्व का दूसरा सबसे बड़ा मछली उत्पादक राष्ट्र बन गया है |

भारत में कृषि से सम्बंधित क्रांतियाँ

Jan 23, 2017

भारत में सबसे पहली क्रांति की शुरुआत 1966-67 में हुई हरित क्रांति से मानी जाती है | इस क्रांति के कारण भारत खाद्य उत्पादन में आत्म निर्भर हो गया| हरित क्रांति में मुख्य योगदान उन्नत किस्म के बीजों का रहा है | इसी क्रांति के बाद भारत में दुग्ध क्रांति, पीली क्रांति, गोल क्रांति नीली क्रांति आदि की शुरुआत हुई और भारत दूध, सरसों, आलू और मत्स्य उत्पादन में आत्म निर्भर हो गया |

भारत में पीली क्रांति और गोल क्रांति

Jan 23, 2017

खाद्य तेलों तथा तिलहन फसलों के उत्पादन हेतु अनुसन्धान एवं विकास की रणनीति को पीली क्रांति के नाम से जाना जाता है | तिलहन उत्पादन में आत्म निर्भरता प्राप्त करने की दृष्टि से उत्पादन, प्रसंस्करण और प्रबंध प्रौद्योगिकी का सर्वोत्तम उपयोग करने के उद्येश्य से तिलहन प्रौद्योगिकी मिशन 1986 से आरंभ किया गया था|

भारतीय बजट से जुडी शब्दावली

Jan 18, 2017

भारत के वित्तमंत्री द्वारा फरवरी माह में पेश किया जाने वाला बजट किस प्रकार का होगा और वह देश के नागरिकों की जिंदगी को किस प्रकार प्रभावित करेगा, इस प्रश्न का उत्तर हर भारतीय जानना चाहता है | लेकिन बजट में इस्तेमाल किये जाने वाले कुछ शब्दों की वजह से वे बजट को ठीक से समझ नही पाते हैं | इसीलिए इस लेख में हमने राजस्व प्राप्तियां, योजनागत व्यय, राजकोषीय घाटा जैसे कुछ शब्दों के बारे में बताया है |

जानें भारत में एक नोट और सिक्के को छापने में कितनी लागत आती है?

Jan 16, 2017

भारत में नोट छापने का एकाधिकार यहाँ के केन्द्रीय बैंक अर्थात भारतीय रिज़र्व बैंक के पास है|  भारतीय रिज़र्व बैंक पूरे देश में एक रुपये के नोट को छोड़कर सभी मूल्यवर्गों (denominations) के नोट छापता है| छोटे मूल्यवर्ग के नोट को छापने की लागत कम (जैसे 5 रु. के नोट की लागत 48 पैसे) और बड़े मूल्य के नोट (1000 रु. के नोट की लागत 3.17 रुपये) की लागत अधिक आती है |

बैंक मित्र और कियॉस्क बैंकिंग किसे कहते हैं?

Jan 13, 2017

आज के महंगाई वाले दौर में हर कोई कुछ अतिरिक्त रुपये कमाने की बात सोचता रहता है | इस लेख में हमने बताया है कि आप कैसे ‘बैंक मित्र’ बनकर और ‘मिनी बैंक‘खोलकर अपनी आय के अतिरिक्त एक अच्छी कमाई कर सकते हैं|

भारतीय बजट के बारे में 6 ऐसे प्रश्न जो आप नही जानते हैं

Jan 13, 2017

भारत के केंद्रीय बजट है को 'वार्षिक वित्तीय विवरण' के रूप में भी जाना जाता है| भारत में बजट का प्रावधान भारतीय संविधान के अनुच्छेद 112 में किया गया है| स्वतंत्र भारत के पहले केंद्रीय बजट को आर के शणमुखम चेट्टी द्वारा 26,1947 को पेश किया गया था| पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व वित्तमंत्री यशवंत सिन्हा ही ऐसे दो वित्तमंत्री रहे हैं जिन्होंने लगातार 5-5 बार बजट पेश किया है |

रेल बजट को आम बजट में जोड़ने से क्या फायदा होगा?

Jan 12, 2017

अभी हाल ही में मोदी कैबिनेट ने साल 1924 से अलग से पेश किए जा रहे रेल बजट को आम बजट के साथ पेश करने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही पिछले 92 साल से चली आ रही 'अलग से रेल बजट' पेश करने की पंरपरा समाप्ती हो जाएगी। अब जब 1 फ़रवरी को वित्त  वर्ष 2017-18 का बजट वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा पेश किया जायेगा तो उसमे रेल बजट की चर्चा भी होगी | आइये इस लेख में यह जानने का प्रयास करते हैं कि इस कदम से भारतीय रेल को क्या फायदा होगा |

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