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विज्ञान

General Knowledge for Competitive Exams

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क्या होगा यदि धरती पर 5 सेकेंड के लिए ऑक्सीजन न रहे?

Sep 21, 2016

जीवन के लिए ऑक्सीजन सबसे अनिवार्य आवश्यकताओं में से एक है। जिस प्रकार धरती के जीव बिना भोजन और पानी के जीवित नहीं रह सकते हैं, उसी प्रकार ऑक्सीजन के बिना भी वे जीवित नहीं रह सकते हैं| ऑक्सीजन कई प्रकार से उपयोगी होता है। जैसे- उद्योगों में इसका प्रयोग सल्फ्यूरिक एसिड एवं नाइट्रिक एसिड आदि बनाने में किया जाता है। व्यवसायिक स्तर पर, इस्पात उद्योग में वात्य–भट्ठी में लौह-इस्पात तैयार करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाता है। यदि हमारे वायुमंडल से ऑक्सीजन समाप्त हो जाए तो इसका नतीजा विनाशकारी होगा।

सामान्य विज्ञान से संबंधित प्रश्न-उत्तर (सेट 4)

Aug 31, 2016

सामान्य विज्ञान (सेट 4) में 10 ऐसे वस्तुनिष्ठ प्रश्न-उत्तरों को शामिल किया गया है जिससे आपको दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाले कई शब्दों एवं घटनाओं के बारे में जानकारी मिलेगी, इसके अलावा ये प्रश्न IAS, PSC, SSC और रेलवे की परीक्षाओं के लिए भी महत्वपूर्ण हैं|

सामान्य विज्ञान से संबंधित प्रश्न-उत्तर (Set-3)

Aug 31, 2016

सामान्य विज्ञान (Set 3) में 10 ऐसे वस्तुनिष्ठ प्रश्न-उत्तरों को शामिल किया गया है जिससे आपको दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाले कई शब्दों एवं घटनाओं के बारे में जानकारी मिलेगी, इसके अलावा ये प्रश्न IAS, PSC, SSC और रेलवे की परीक्षाओं के लिए भी महत्वपूर्ण हैं|

सामान्य विज्ञान से संबंधित प्रश्न-उत्तर (सेट -2)

Aug 31, 2016

सामान्य विज्ञान (सेट 2) में 10 ऐसे वस्तुनिष्ठ प्रश्न-उत्तरों को शामिल किया गया है जिससे आपको दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाले कई शब्दों एवं घटनाओं के बारे में जानकारी मिलेगी, इसके अलावा ये प्रश्न IAS, PSC, SSC और रेलवे की परीक्षाओं के लिए भी महत्वपूर्ण हैं|

सामान्य विज्ञान से संबंधित प्रश्न-उत्तर (Set-1)

Aug 29, 2016

सामान्य विज्ञान (Set-1) में 10 ऐसे वस्तुनिष्ठ प्रश्न-उत्तरों को शामिल किया गया है जिससे आपको दैनिक जीवन में प्रयोग होने वाले कई शब्दों के बारे में जानकारी मिलेगी, इसके अलावा ये प्रश्न IAS, PSC, SSC और रेलवे की परीक्षाओं के लिए भी महत्वपूर्ण है|

अब तक के प्रमुख सौर मिशनों का एक संक्षिप्त परिचय

Aug 25, 2016

सूर्य एक चमकीला खगोलीय पिण्ड है जिसके चारों तरफ पृथ्वी और अन्य ग्रह परिक्रमा करते हैं। यह मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम से बना है। सूर्य के उच्च रेजलूशन और करीबी– दृश्य एवं उसके आंतरिक हेलिओस्फियर (हमारी सौर प्रणाली के सबसे भीतर का क्षेत्र) का अध्ययन करने एवं इस विशालकाय तारे जिस पर हमारा जीवन निर्भर है, के अशांत व्यवहार को और अधिक अच्छे से समझने के लिए वेधशालाओं द्वारा कई सौर मिशन शुरु किए गए।

पशुओं के प्रमुख रोग कौन-कौन से हैं?

Jul 18, 2016

गायों, भेड़ों और कभी-कभी मनुष्यों को प्रभावित करने वाला रोग ‘एंथ्रेक्स’ है | पालतू जानवरों के कुछ अन्य मुख्य रोग हैं, पोंकनी (Rinder Pest), स्तन की सूजन, निमोनिया, चेचक और तपेदिक आदि|  चूंकि ये जानवर बोल नहीं पाते हैं इस कारण से ये सभी रोग इनके लिए बहुत ही असाध्य होते हैं |

विज्ञानः जीवविज्ञान शब्दावली (सेट 2) पर प्रश्न और उत्तर

Jul 15, 2016

विज्ञानः जीवविज्ञान शब्दावली (सेट 2) में पोषण, पाचन, श्वसन आदि जैसी प्रक्रिया को समझने के लिए 10 बहुवैकल्पिक प्रश्न दिए गए हैं। ये प्रश्न आईएएस, पीएससी, एसएससी, रेलवे आदि जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी पूछे जाते हैं।

विज्ञानः जीवविज्ञान शब्दावली (सेट 1) पर प्रश्न और उत्तर

Jul 15, 2016

विज्ञानः जीवविज्ञान शब्दावली (सेट 1) में जैविक प्रक्रियाओं में इस्तेमाल किए जाने वाले विभिन्न शब्दों के विश्लेषण हेतु 10 वैकल्पिक प्रश्न दिए गए हैं। ये प्रश्न आईएएस, पीएससी, एसएससी, रेलवे आदि जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण हैं।

मानव शरीर में विभिन्न ग्रंथियां और हार्मोन्स

Jul 4, 2016

हमारे शरीर में कुछ विशेष ऊतक होते हैं जिन्हें अंतःस्रावी ग्रंथियां कहते हैं। ये ग्रंथियां रसायनिक पदार्थ स्रावित करती हैं जिन्हें हार्मोन्स कहा जाता है। ये हार्मोन जीवों और उनके विकास की गतिविधियों में समन्वय स्थापित करने में मदद करते हैं।

पुरुष प्रजनन प्रणाली

Jul 4, 2016

प्रजनन के लिए मनुष्य यौन रीति का प्रयोग करते हैं। मनुष्यों में प्रजनन प्रणाली एक निश्चित आयु में काम करना शुरु कर देती है, इसे यौवन कहते हैं। मनुष्य जैसी जटिल बहुकोशिकीय जीवों में शुक्राणु और अंडे बनाने, शुक्राणुओं और अंडों को निषेचन के लिए एक साथ लाने और शिशु के रूप में युग्मनज के विकास के लिए विशेष प्रजनन अंग होते हैं।

जैविक विज्ञान में आविष्कार और खोज की सूची

Jul 1, 2016

प्रधान भाग: समकालीन  समय  में कई कई विभिन्न खोजे और अविष्कार हुए जैसे  सेल बायोलॉजी , तंत्रिका विज्ञान और विकासवादी जीवविज्ञान जिससे  न केवल जीवन की गुणवत्ता में सुधार हुआ बल्कि जीवन प्रत्याशा भी बढ़ गई।

मनुष्य का उत्सर्जन तंत्र किस तरह से कार्य करता है?

May 10, 2016

किसी जीव के शरीर से विषाक्त अपशिष्ट (Toxic Wastes) को बाहर निकालने की प्रक्रिया उत्सर्जन (Excretion) कहलाती है। कार्बन डाईऑक्साइड और यूरिया मानव शरीर द्वारा उत्सर्जित किए जाने वाले प्रमुख अपशिष्ट है। वृक्क (kidney) मानव शरीर का मुख्य उत्सर्जक अंग है|

पौधों में परिसंचरण तंत्र की क्रियाविधि

Apr 26, 2016

पौधों में परिसंचरण तंत्र का अर्थ है-किसी पौधे के द्वारा अवशोषित या निर्मित पदार्थों का पौधे के अन्य सभी हिस्सों तक पहुंचाना। पौधों में जल और खनिजों को उसके अन्य हिस्सों में तक पहुंचाने की जरूरत पड़ती है। पौधों को पत्तियों में बने भोजन को भी पौधे के अन्य हिस्सों तक पहुंचाने की जरूरत पड़ती है। जाइलम और फ्लोएम पौधे के परिसंचरण तंत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं|

पुष्पीय पौधों में लैंगिक प्रजनन

Apr 12, 2016

जनक पौधों द्वारा अपनी सेक्स कोशिकाओं या युग्मकों (Gametes) का प्रयोग कर नए पौधे को जन्म देने की क्रिया ‘लैंगिक प्रजनन’ कहलाती है| पादपों या पौधों में भी नर और मादा जनन अंग होते हैं। पौधों के ये जनन अंग पुष्पों और फलों के भीतर पाए जाने वाले बीजों में पाये जाते हैं। पुष्प  का नर अंग ‘पुंकेसर’ (Stamen) और मादा अंग ‘अंडप/कार्पेल’ (Carpel) कहलाता है।

जंतुओं में लैंगिक प्रजनन

Apr 8, 2016

माता–पिता द्वारा अपनी सेक्स कोशिकाओं या युग्मकों (Gametes) का प्रयोग कर नए जीव या संतान को जन्म देने की क्रिया ‘लैंगिक प्रजनन’ कहलाती है| मनुष्य, मछलियाँ, मेढ़क, बिल्लियाँ और कुत्ते-ये सभी लैंगिक प्रजनन द्वारा संतान को जन्म देते हैं।

पादपों में पोषण किस तरह से होता है?

Apr 7, 2016

पादप प्रकाश संश्लेषण की क्रिया द्वारा अपना भोजन स्वयं तैयार करते हैं, इसलिए उन्हें ‘स्वपोषी’ कहा जाता है| वे क्लोरोफिल की उपस्थिति में कार्बन डाइ ऑक्साइड, जल और सूर्य के प्रकाश के माध्यम से अपना भोजन निर्मित करते हैं| पादपों में पोषण समभोजी व विषमभोजी, दो तरह से होता है|

पुरुष प्रजनन प्रणाली

Apr 5, 2016

मानव प्रजनन की लैंगिक पद्धति का प्रयोग करते हैं। मानव एक निश्चित उम्र के बाद ही प्रजनन क्रिया को सम्पन्न कर सकने में सक्षम हो पाता है, इसे ‘यौवन’ (Puberty) कहते हैं। मानवों जैसे जटिल बहुकोशिकीय जीवों में शुक्राणु और अंडाणु के निर्माण, शुक्राणुओं एवं अंडाणु के निषेचन और शिशु के रूप में युग्मनज (Zygote) की वृद्धि और विकास के लिए विशेष प्रजनन अंग पाये जाते हैं।

जंतुओं में पोषण किस तरह से होता है?

Apr 4, 2016

भोजन को ग्रहण करना तथा उसका ऊर्जा प्राप्ति और शारीरिक वृद्धि व मरम्मत के लिए उपयोग करना ‘पोषण’ कहलाता है| वे पदार्थ जो जंतुओं की जैविक क्रियाओं के संचालन के लिए आवश्यक होते हैं, ‘पोषक पदार्थ’ कहलाते हैं| पोषण प्रणाली दो तरह की होती है: ‘स्वपोषी’ व ‘परपोषी’|जंतुओं में पोषण प्रणाली के पाँच चरण पाये जाते हैं|

कोशिका विभाजन: असूत्री, समसूत्री व अर्द्धसूत्री विभाजन

Mar 31, 2016

पुरानी कोशिका का विभाजित होकर नयी कोशिकाओं का निर्माण करना कोशिका विभाजन कहलाता है| कोशिका विभाजन को सर्वप्रथम 1955 ई. में विरचाऊ ने देखा था| कोशिकाओं का विभाजन तीन तरीकों- असूत्री (Amitosis ),समसूत्री (Mitosis) और अर्द्धसूत्री (Meiosis) से होता है|

पौधों में अलैंगिक प्रजनन क्या है और यह किन विधियों से होता है?

Mar 31, 2016

अलैंगिक प्रजनन ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें नया जीव एकल जनक से बनता है और इसमें युग्मक या जनन कोशिकाओं की कोई भूमिका नहीं होती। कई एककोशिकीय और बहुकोशिकीय जीव अलैंगिक प्रजनन करते हैं। इस प्रक्रिया में, जनक जीव या तो विभाजित हो जाता है या फिर जनक जीव का एक हिस्सा नया जीव बनाने के लिए अलग हो जाता है। अलैंगिक प्रजनन छह प्रकार का होता है।

गोलीय दर्पण से प्रकाश का परावर्तन

Mar 23, 2016

गोलीय दर्पण वैसा दर्पण होता है, जिसकी परावर्तक सतह काँच के खोखले गोले का हिस्सा होती है। गोलीय दर्पण दो प्रकार के होते हैः अवतल दर्पण और उत्तल दर्पण। अवतल दर्पण में प्रकाश की परावर्तक सतह भीतर की तरफ मुड़ी हुई या अवतल सतह वाली होती है। उत्तल दर्पण में प्रकाश की परावर्तक सतह बाहर की ओर उभरी हुई या उत्तल सतह वाली होती है।

पर्यावरणीय रसायन विज्ञान क्या है?

Mar 21, 2016

पर्यावरणीय रसायन विज्ञान के अंतर्गत पर्यावरण में पाये जाने वाले रसायनों के स्रोत क्षेत्र, स्थानांतरण व प्रभाव के साथ-साथ पर्यावरणीय रसायनों पर मानवीय व अन्य जैविक क्रियाओं के प्रभाव का अध्ययन किया जाता है| पर्यावरणीय रसायन विज्ञान की वर्तमान में पर्यावरणीय असंतुलन व प्रदूषण के अध्ययन व उनके निवारण के उपायों को खोजने में महत्वपूर्ण भूमिका है|

‘पेट्रोलियम’ की निर्माण प्रक्रिया व तेल शोधन

Mar 21, 2016

पेट्रोलियम धरातल के नीचे स्थित अवसादी परतों के बीच पाया जाने वाला संतृप्त हाइड्रोकार्बनों का काले भूरे रंग का तैलीय द्रव है,जिसका प्रयोग वर्तमान में ईंधन के रूप में किया जाता है| पेट्रोलियम को जीवाश्म ईंधन या चट्टानी तेलभी कहते हैं| वर्तमान विश्व में पेट्रोलियम को ऊर्जा के स्रोत के रूप में महत्व के कारण, काला सोना भी कहा जाता है|

प्रकाश का परावर्तन

Mar 18, 2016

प्रकाश ऊर्जा का एक रूप है, जो हमें वस्तुओं को देखने में सक्षम बनाता है और जिस सीधी रेखा पर वह चलता है उसे ‘प्रकाश की किरण’ कहते हैं। प्रकाश का परावर्तन वस्तु की सतह पर पड़ने वाली प्रकाश किरणों को वापस भेजने की प्रक्रिया है। एक समतल दर्पण पर रखी एक वस्तु के परावर्तन से बनने वाली छवि अलग–अलग स्थानों पर बनती है।

जैवनाशक (Biocide) और कृन्तकनाशक (Rodenticides) का प्रयोग किसलिए किया जाता है?

Mar 17, 2016

जैवनाशक (Biocide) एक सक्रिए रासायनिक अणु है, जिसका प्रयोग जैवनाशी उत्पाद में जीवाणुओं की वृद्धि को नियंत्रित करने या उन्हें मारने के लिए किया जाता है। ब्लीच, एथिल एल्कोहॉल, नमक, आयोडीन, पेरॉक्साइड आदि आम जैवनाशक हैं। कृन्तकनाशी (Rodenticides) वैसे रसायन होते हैं, जिनका प्रयोग फसल को नुकसान पहुंचाने वाले कृन्तकों, जैसे-चूहों  को मारने के लिए किया जाता है।

आनुवांशिकी मानव के वंशानुगत गुणों को कैसे परिभाषित करती है?

Mar 16, 2016

माता–पिता से पीढ़ी–दर–पीढ़ी आसानी से संचरित होने वाले मौलिक गुण ‘आनुवांशिक गुण’ कहलाते हैं और आनुवांशिक गुणों के संचरण की प्रक्रिया एवं उसके कारणों का अध्ययन को ‘आनुवांशिकी’ कहा जाता है। ग्रेगर जॉन मेंडल को ‘आनुवांशिकी का जनक’ कहा जाता है। उन्होंने अलगाव, प्रभुत्व और स्वतंत्र वर्गीकरण का सिद्धांत दिया, जो आनुवांशिकी के विज्ञान का मौलिक आधार बन गया।

पादप जगत का वर्गीकरण किस तरह से किया जाता है ?

Mar 14, 2016

वर्गिकी (Taxonomy) वर्गीकरण का विज्ञान है, जो जीवों की व्यापक विविधता के अध्ययन को आसान बनाता है और जीवों के विभिन्न समूहों के बीच अंतर्संबंधों को समझने में हमारी मदद करता है। पादप जगत में प्रथम स्तर का वर्गीकरण पादप शरीर के अंतर, परिवहन के लिए विशेष ऊतकों की उपस्थिति, बीज धारण करने की क्षमता और बीज के फलों के अंदर पाये जाने पर निर्भर करता है।

विद्युत धारा का चुंबकीय प्रभाव

Mar 10, 2016

विद्युत धारावाही सुचालक अपने चारों तरफ चुंबकीय क्षेत्र पैदा करता है जिसे बल की चुंबकीय रेखाओं या चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के प्रयोग द्वारा समझा जा सकता है। धारावाही प्रत्यक्ष सुचालक में चुंबकीय क्षेत्र उसके चारो तरफ संक्रेंदिक वृत्तों के रूप में होता है। प्रत्यक्ष सुचालक के माध्यम से विद्युत धारा की दिशा के संबंध में चुंबकीय क्षेत्र की दिशा को ‘दक्षिणहस्त नियम’, जिसे ‘मैक्सवेल का कॉर्कस्क्रू नियम’ भी कहते हैं, का उपयोग कर दर्शाया जा सकता है।

सेरेमिक : एक अकार्बनिक आधात्विक ठोस

Mar 10, 2016

सेरेमिक एक अकार्बनिक व अधात्विक ठोस है, जिसका निर्माण धात्विक व अधात्विक पदार्थों से होता है | इसकी सतह को उच्च तापमान पर गर्म करके कठोर, उच्च प्रतिरोधकता युक्त व भंगुर (Brittle) बनाया जाता है |

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