अच्छी नौकरी के साथ-साथ देश सेवा का जज्बा है तो एनडीए में शामिल हों

सेना में नौकरी का अलग ही क्रेज है। इसकी सबसे बडी खासियत यह है कि देश सेवा का बेहतरीन अवसर मिलता है

Created On: Jan 19, 2012 16:46 IST

सेना में नौकरी का अलग ही क्रेज है। इसकी सबसे बडी खासियत यह है कि देश सेवा का बेहतरीन अवसर मिलता है। अब सैलरी भी काफी दमदार हो गई है। यही कारण है है कि अधिकतर युवा इस नौकरी को पाने के लिए प्रवेश परीक्षा की तैयारी करते हैं। हाल ही में इस पद के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस पद के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 30 जनवरी, 2012 और परीक्षा की तिथि 15 अप्रैल, 2012 है।

डिफरेंट एग्जाम, डिफरेंट प्रिपरेशन

एनडीए की परीक्षा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से काफी अलग होती है। अन्य परीक्षाओं में जहां मानसिक मजबूती देखी जाती है, तो वहीं इस परीक्षा में शारीरिक और मानसिक दोनों की मजबूती आवश्यक है। यही कारण है कि इस परीक्षा में उत्तीर्ण होनेवाले स्टूडेंट्स कम उम्र में ही सैन्य अधिकारी बन जाते हैं।

अविवाहित होना जरूरी

एनडीए के लिए वही अविवाहित पुरुष अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं, जिनकी उम्र साढे सोलह से उन्नीस वर्ष के बीच हो। सेना के तीनों अंगों के लिए पूर्णतया स्वस्थ अभ्यर्थियों की लंबाई कम से कम 157.5 सेंटीमीटर (एयरफोर्स के लिए 162.3 सेंटीमीटर) और इसी अनुपात में वजन होना चाहिए। इसके अलावा, एयरफोर्स एवं नेवी के लिए फिजिक्स व मैथमेटिक्स विषयों के साथ 12वीं उत्तीर्ण होना चाहिए। हालांकि, आर्मी विंग के लिए किसी भी स्ट्रीम से बारहवीं पास युवा आवेदन कर सकते हैं। जो युवा बारहवीं की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, वे भी इस प्रतियोगिता परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। यद्यपि उन्हें एसएसबी इंटरव्यू के समय 12वीं उत्तीर्ण करने का प्रमाण पेश करना होगा।

लिखित परीक्षा है अहम

यह दो विषयों की 900 अंकों की परीक्षा है-पहला, मैथमेटिक्स और दूसरा जनरल एबिलिटी टेस्ट। दोनों के ढाई-ढाई घंटे के पेपर होंगे। मैथमेटिक्स का पेपर 300 और जनरल एबिलिटी का पेपर 600 अंक का होगा। सभी प्रश्न ऑब्जेक्टिव टाइप के होंगे और गलत उत्तरों के लिए अंक काटे जाएंगे।

एसएसबी से ओएलक्यू की जांच

रिटेन टेस्ट क्लियर करने वाले अभ्यर्थियों को सेना के सर्विस सेलेक्शन बोर्ड यानी एसएसबी द्वारा इंटरव्यू और व्यक्तित्व परीक्षण के लिए कॉल किया जाता है। इसका उद्देश्य अभ्यर्थी की पर्सनैलिटी, बुद्धिमत्ता और सेना में एक ऑफिसर के रूप में उसकी ऑफिसर लाइक क्वालिटी (ओएलक्यू) को जांचना- होता है। एसएसबी के सेंटर कई शहरों में हैं और अभ्यर्थी को उसके निकटवर्ती सेंटर पर ही बुलाया जाता है। आमतौर पर एसएसबी इंटरव्यू पांच दिनों का होता है, लेकिन इसमें पहले दिन स्क्रीनिंग टेस्ट ही होता है, जिसमें साइकोलॉजिकल टेस्ट लिया जाता है। स्क्रीनिंग टेस्ट में फेल होने वाले अभ्यर्थियों को वापस भेज दिया जाता है। शेष को अगले चार दिन तक कई टेस्ट देने होते हैं। इस दौरान उनका ग्रुप डिस्कशन यानी जीडी, साइकोलॉजिकल टेस्ट, इंटरव्यू बोर्ड तथा ग्रुप टास्क ऑफिसर द्वारा उनकी ओएलक्यू को जांचा-परखा जाता है। एनडीए परीक्षा के आधार पर अंतिम रूप से चुने गए अभ्यर्थियों को नेशनल डिफेंस एकेडमी, खडगवासला, पुणे में तीन वर्ष की ट्रेनिंग दी जाती है। ट्रेनिंग के दौरान वे अपनी स्ट्रीम के अनुसार ग्रेजुएशन की पढाई भी पूरी करते हैं। इसके लिए उनके पास फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ एवं कम्प्यूटर साइंस विषयों के साथ बीएससी का या पॉलिटिकल साइंस, इकोनॉमिक्स, हिस्ट्री आदि विषयों के साथ बैचलर ऑफ आ‌र्ट्स यानी बीए का विकल्प होता है। हालांकि, ट्रेनिंग के पहले वर्ष में तीनों सेनाओं के लिए चयनित अभ्यर्थियों को एक ही कोर्स की पढाई करनी होती है। दूसरे साल में उनके द्वारा चुने गए विंग यानी आर्मी, नेवी या एयरफोर्स के आधार पर उनके कोर्स का सिलेबस बदल जाता है। एनडीए में तीन वर्ष की ट्रेनिंग के उपरान्त कैडेट्स को उनके द्वारा चुनी गई विंग की विशेष जानकारी के लिए स्पेशल ट्रेनिंग पर भेजा जाता है। इसके तहत आर्मी के लिए चयनित कैंडिडेट्स को इंडियन मिलिट्री एकेडमी (देहरादून), एयरफोर्स के कैंडिडेट्स को एयरफोर्स एकेडमी (हाकिमपेट) तथा नेवी के लिए चुने गए कैंडिडेट्स को नेवल एकेडमी (लोनावाला) भेजा जाता है। ट्रेनिंग को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले कैडेट्स को उनके द्वारा चुने गए सेना के किसी एक विंग में कमीशंड ऑफिसर के रूप में नियुक्त किया जाता है। अगर आप इस पद के लिए गंभीर हैं, तो इसकी तैयारी शुरू कर दें।

Related Stories

Comment (0)

Post Comment

2 + 8 =
Post
Disclaimer: Comments will be moderated by Jagranjosh editorial team. Comments that are abusive, personal, incendiary or irrelevant will not be published. Please use a genuine email ID and provide your name, to avoid rejection.