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आई.आई. टी. छात्रों ने खोले आई.आई.टी. में पहुँचने के राज़

भारत की नंबर -1 एजुकेशन वेबसाइट जागरणजोश डॉट कॉम द्वारा देश के सर्वोच्च शिक्षा संस्थानों में से एक भारतीय प्रौद्योगिक संस्थान ( आई.आई.टी ) कानपुर में इंजीनियरिंग की पढाई कर रहे छात्रों के बीच आई.आई.टी प्रवेश परीक्षा के संदर्भ में कराए गए सर्वेक्षण में कई दिलचस्प तथ्य सामने आए हैं.

Dec 24, 2014 17:38 IST

जागरणजोश डॉट कॉम  द्वारा कराये गए सर्वेक्षण में बाहर आए कई दिलचस्प तथ्य
 
नई दिल्ली : भारत की नंबर -1 एजुकेशन वेबसाइट जागरणजोश डॉट कॉम द्वारा देश के सर्वोच्च शिक्षा संस्थानों में से एक भारतीय प्रौद्योगिक संस्थान ( आई.आई.टी ) कानपुर में इंजीनियरिंग की पढाई कर रहे छात्रों के बीच आई.आई.टी प्रवेश परीक्षा के संदर्भ में कराए गए सर्वेक्षण में कई दिलचस्प तथ्य सामने आए हैं |

सर्वेक्षण में संस्थान के 55 छात्रों ने हिस्सा लिया | इन छात्रों से उनकी तैयारी के आरंभ से लेकर उनके आई.आई.टी जेईई प्रवेश परीक्षा में प्राप्त रैंक, विषय चयन एवं संस्थान की प्राथमिकता आदि से संबंधित प्रश्न पूछे गये |

सर्वेक्षण के माध्यम से यह जानकारी मिली की देश की सर्वाधिक कठिन मानी जाने वाली इस  इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा को अपना लक्ष्य निर्धारित कर चुके 63 प्रतिशत छात्र अपनी तैयारी का आरंभ 11वीं कक्षा से शुरू कर देते हैं |

यह हैं आई.आई.टी में प्रवेश के मंत्र
• तैयारी  शुरू  करने  का  सही  समय - कक्षा 11 वी
• तैयारी के लिए रोजाना 4-5 घंटे की पढ़ाई पर्याप्त
• केमिस्ट्री की तैयारी को दे सबसे अधिक समय
• पिछले सालो के प्रश्न पत्रों को हल करना  भी महत्वपूर्ण
• ऑनलाइन कोचिंग से भी सफलता मुमकिन

इन छात्रों में से 53 प्रतिशत ने जेईई मेन के संदर्भ में टेस्ट सीरीज को महत्वपूर्ण माना और इनमें से ज्यादातर ने टेस्ट सीरीज में भाग लिया |

दो तिहाई छात्रों ने इस बात पर जोर दिया कि प्रत्येक विषय की एक मानक पुस्तक एवं कोचिंग संस्थानों की सामग्री के साथ साथ विषय से सम्बंधित एनसीआरटी की 12 वीं कक्षा की पुस्तकों का अध्ययन सफलता के लिए पर्याप्त है l सर्वे के दौरान मानक पुस्तकों के रूप में छात्रों ने निम्नांकित पुस्तकों को सफलता हेतु उपयोगी बताया-
• फिजिक्स – एच. सी वर्मा तथा नुमेरिकल्स के लिए आई.इर्डोव की पुस्तक
• केमेस्ट्री – आर.सी मुखर्जी
• मैथमेटिक्स – हॉल एंड नाईट तथा एम्.एल. खन्ना

सर्वेक्षण में अधिकांश छात्रों का मानना था कि पिछले सालो के प्रश्न पत्रों को हल करने से परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रश्नों के स्तर को समझने में सहायता मिलती है l

इस सर्वेक्षण से यह भी बात निकलकर सामने आई है कि अधिकतर छात्रों ने अपनी तैयारी के लिए कोचिंग संस्थानों की मदद तो ली परन्तु अधिकांश छात्रों ने छोटी कोचिंग संस्थानों (कम प्रसिद्ध ) से तैयारी की |  जबकि लगभग 40 प्रतिशत छात्रों ने ऑनलाइन कोचिंग को अपनी तैयारी का माध्यम बनाया l

सर्वेक्षण के माध्यम से यह भी पता चला की आई .आई .टी की तैयारी के लिए रोजाना 4-5 घंटे की पढ़ाई पर्याप्त  हैं | अधिकतर छात्रों ने केमिस्ट्री को सबसे कठिन विषय मानते हुए सबसे अधिक तैयारी के लिए समय दिया |

आईआईटी कानपुर में अध्ययनरत सर्वेक्षण के प्रतिभागियों का मानना है कि ऑनलाइन उपलब्ध अध्ययन सामग्रियां,वीडियो,संक्षिप्त टिपण्णी,पिछले साल के प्रश्न पत्र,टौपर्स के साक्षात्कार आदि जेईई की तैयारी में निर्णायक साबित होती हैं |

इस सर्वेक्षण एवं इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं से जुड़े महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए,लॉग ऑन करे- engineering.jagranjosh.com