करें खुद पर ट्रस्ट

Oct 9, 2013 12:28 IST

    1. फोकस रखें

    हम जब किसी राह को चुनते हैं, तो उसमें कई बार तमाम तरह की रुकावटें आती हैं। उन मुश्किलों से घबराएं नहीं, बल्कि एकाग्रता बनाए रखें। कुछ और न सोचें। हमारा जो लक्ष्य है, हम उसी पर सारा ध्यान लगाएं। जितना भी टाइम मिले, उसी में फोकस रहकर काम करें। सक्सेस जरूर मिलेगी। कई बार ऐसा भी होता है कि हम हल्की सी सफलता पाकर डगमगा जाते हैं, जो सही नहीं है। हमें हमेशा खुद को उसी राह पर बनाए रखना है, जो मंजिल तक जाती है। अगर हम भटक गए, तो सब बेकार जाएगा। लाइफ बोरिंग हो जाएगी।

    2. लिसेन टु अदर्स

    लोगों को लगता है कि मैं जो भी कर रहा हूं वह सही है, लेकिन यह एटीट्यूड सही नहीं है। आपको प्रैक्टिकल होना होगा। आपका एटीट्यूड या बिहेवियर अगर लोगों को पसंद नहीं आता, तो आपकी सक्सेस परमानेंट नहीं हो सकती। लोग उसे ही पसंद करते हैं, जो सबकी सुनता है और सही राह दिखाता है। जब दूसरे आपको अच्छा मानें या कहें, तभी आप अच्छे हो सकते हैं। कहते हैं न कि अपने मुंह मियां मिट्ठू बनना..। ऐसा ही होता है खुद को अच्छा समझना। आपको लगता होगा कि अमुक काम, मैं सही कर रहा हूं, लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं है कि वह सही ही हो! इस बारे में आपके पेरेंट्स या गुरु आपको सही रास्ता दिखा सकते हैं। मेरी समझ से सक्सेस पाने के लिए एक गुरु यानी आज के दौर में मेंटर का होना जरूरी है। यह मेंटर कोई भी हो सकता है। वे चाहे तो आपका दोस्त, मां, पिताजी या फिर गुरु यानी टीचर, कोई भी हो सकता है। इसलिए दूसरों की भी सुनिए और अच्छा सोचिए।

    3. टाइम के साथ चेंज

    आपकी सोच ऐसी होनी चाहिए, जो वक्त के साथ ढले। टाइम के आगे किसी की नहीं चली है। वह उसी का साथ देता है, जो उसके हिसाब से चलता है। ऐसे में सक्सेस मिलने के बाद खुद पर कंट्रोल रखने के लिए, समय के साथ खुद में भी चेंज लाना जरूरी है।

    4. रहें ऑनेस्ट

    खुद को समझना बहुत जरूरी है। हमारा ऑनेस्ट होना, हमें कुछ टाइम के लिए परेशान कर सकता है, लेकिन उसका रिजल्ट हमेशा खुशनुमा होता है। हमें इस बात को समझने की जरूरत है कि अपने पर भरोसा करना हमेशा अच्छा होता है। अगर आप खुद कॉन्फिडेंट नहीं होंगे, तो दूसरे के बारे में क्या सोचेंगे? कई बार लोग कहते भी हैं कि अब ईमानदारी का जमाना नहीं रहा, लेकिन लोग यह भी कहते हैं कि ईमानदार परेशान हो सकता है मगर हारता नहीं है।

    5. दिल की सुनें


    अक्सर लोग मुझसे यह सवाल करते हैं कि आप दिल की सुनती हैं या दिमाग की? मैं सोच में पड जाती हूं, लेकिन लास्ट में आंसर यही आता है, दिल की..। ऐसा इसलिए कि हमारा दिल कभी धोखा नहीं देता। दिमाग अक्सर गडबड करता है और उसके चक्कर में कई बार हमसे गलतियां हो जाती हैं। वैसे दिमाग पर अगर जोर डालते हैं, तो बात फिर दिल तक ही आती है और जो दिल करता है, वही सही है। दिल की गडबडी हमें सालती नहीं है। हमें उससे सैटिस्फैक्शन मिलता है, इसलिए दिल का सुनना अच्छा होता है।

    Latest Videos

    Register to get FREE updates

      All Fields Mandatory
    • (Ex:9123456789)
    • Please Select Your Interest
    • Please specify

    • ajax-loader
    • A verifcation code has been sent to
      your mobile number

      Please enter the verification code below

    This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK
    X

    Register to view Complete PDF