कैट की स्ट्रेटेजी का पालन करें और आगे बढ़ें

परीक्षा कोई भी हो कामयाबी तभी मिलती है जब मेहनत के घोल में रणनीति का रंग मिलाया जाए. कैट एक ऐसी ही परीक्षा है.

Created On: Aug 14, 2012 11:43 IST
Modified On: Nov 30, 2012 16:58 IST

परीक्षा कोई भी हो कामयाबी तभी मिलती है, जब मेहनत के घोल में रणनीति का रंग मिलाया जाए. कैट एक ऐसी ही परीक्षा है?जहां मेहनत तभी रंग लाएगी, जब आप एक सोची-समझी योजना के तहत काम करेंगे.

इंग्लिश करेगी काम आसान

कैट में यदि आप इंग्लिश में कहीं भी कमजोर पडे तो समझो आईआईएम का लक्ष्य ओझल हुआ. यहां मुख्य रूप से आपकी इंग्लिश अंडरस्टैंडिंग क्षमताएं परखी जाती है. इसमें कॉम्प्रिहेंसन पैसेज, स्ट्रक्चर एंड ग्रामर ऑफ सेंटेश, वर्ड सब्स्टीट्यूशन पर सर्वाधिक जोर होता है. ऐसे में अच्छी परफॉर्मेस के लिए आपको अपनी रीडिंग हैबिट बढानी होगी. इस दौरान तरह-तरह के आर्टिकल, न्यूज पेपर, मैगजीन, अलग-अलग विषयों पर लिखी पुस्तकें आपके काफी काम आ सकती है. कई बार इन्हीं किताबों से कॉम्प्रिहेंसन पूछ लिए जाते हैं. इंग्लिश की तैयारी के बारे में पिछली कैट परीक्षा में 97.7 पर्सेनटाइल लाने वाले रोहित कुमार का कहना है? कि इसमें बेहतर करने के लिए आवश्यक है कि आप ज्यादा से ज्यादा रीडिंग करें. खुद अपने बारे में वे कहते हैं कि कैट में इंग्लिश उनका कमजोर पक्ष था उसकी भरपाई?के लिए उन्होंने अधिक से अधिक नए शब्द सीखने पर जोर दिया, इंग्लिश अखबारों के एडिटोरियल पेज पढने की आदत डाल ली.

क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड

कैट एग्जाम में अच्छे पर्सेटाइल लाने में क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड (क्यूए) की बडी भूमिका होती है. इसके लिए हाईस्कूल, इंटर लेवल मैथ्स के बेसिक्स पर ध्यान देना बेहतर होगा. जरूरी नहीं कि तैयारी के लिए आप सीधेआईआईटी लेवल पर उतर आएं. अच्छा तो यह होगा कि पहले बेसिक्स मजबूत किए जाएं. खुद विशेषज्ञ स्वीकार करते हैं कि कैट एग्जाम में एलजेब्रा व क्वांटिटेटिव एबिलिटी का हिस्सा करीब 50-60 फीसदी होता है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की लापरवाही कैंडीडेट्स के लिए घातक हो सकती है. इसमें आने वाले टॉपिक्स में कॉम्बिनेशन, नंबर थ्योरी, प्रोबेबिलिटी पर कैंडीडेट्स को अधिक ध्यान देना होगा. क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड सेक्शन के बारे में कै ट 2011 में 91.51 पर्सेटाइल लाने वाले वैभव वर्मा?कहते हैं कि कॉम्पटीशन के इस हिस्से में बेहतर करने के लिए आपको आधार-भूत गणित, उसकी व्यवहारिक गणनाओं पर खासा ध्यान देना होगा. यदि प्रारंभिक स्तर की गणित पर आपकी पकड मजबूत है तो उसी को और धार दें, अलग से पढने की उतनी जरूरत नहीं है.

डरें मत लॉजिकल रीजनिंग से

कई? छात्रों के लिए लॉजिकल रीजनिंग बडी सिरदर्द होती है। इसलिए जरूरी होगा कि पहलेइसडर को भगाकर टू दि मार्क? तैयारी की जाए. इसमें वर्बल, नॉन वर्बल, लॉजिकल पजल्स, नबंर पजल, सिटिंग अरेंजमेंट से जुडे सवाल पूछे जाते हैं. इन्हें हल करने में वक्त तो लगता है. कई?बार एक्यूरेसी के अभाव में ये पूरा टाइम प्लान ही चौपट क र देते हैं. बकौल विशेषज्ञ कैट का यह एक ऐसा हिस्सा है? जो अमूमन सभी परीक्षाओं में पूछा जाता है. इसलिए इस पर पकड बनाना तो वैसे भी जरूरी है, पर जहां तक बात कैट की है तो यहां लगातार प्रैक्टिस का कोई? विकल्प नहीं है. कैट 2011 में 98.90 पर्सेटाइल अर्जित कर आईआईएम कलकत्ता, लखनऊ में फाइनल सेलेक्शन पाने वाले शास्वत शाह इस बारे में कहते हैं?कि तैयारी के दौरान बाकी छात्रों की तरह मैं भी एलआर को लेकर आशंकित था, पर पुराने प्रश्नपत्रों को हल करने से मुझे बहुत कॉन्फिडेंश मिला.

कारगर है डेटा इंटरप्रिटेशन

कैट एग्जाम में कैंडीडेट्स की तार्किक क्षमताएं भी परखी जाती हैं. प्रश्नपत्र में आने वाले लॉजिकल रीजिंनिंग व डेटा इंटरप्रिटेशन के जरिए छात्रों के ऐसे ही कौशल का पता लगाया जाता है. इस सेक्शन में मुख्यत: ग्राफ आधारित सवाल आते हैं. इसकी तैयारी में पुराने प्रश्नपत्र काफी मददगार हो सकते हैं. प्रश्न पत्र के इस हिस्से की तैयारी के बावत गत कैट परीक्षा में 99.77 का शानदार पर्सेटाइल छूने वाली श्रेया मीरानी कहती हैं कि इस तरह के सवालों के लिए उन्होंने लगातार अभ्यास को अपना हथियार बनाया. इसके तहत ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस सेट, ऑन लाइन मॉक टेस्ट खासे उपयोगी साबित हुए. यहीं नहीं तय समय सीमा में प्रश्नों को हल करने की प्रैक्टिस भी असल परीक्षा में खूब काम आई. आने वाली परीक्षा में यदि स्टूडेंट्स यही फार्मूला अपनाते हैं तो जीत तय है.

कैट 2012: जानिए एग्जाम स्ट्रक्चर

इस बार कैट में 70-70 मिनट समयावधि के दो सेक्शन होंगे. जिसमे पहला प्रश्नपत्र क्वांटिटेटिव एबिलिटी+डाटा इंटरप्रिटेशन का (21+9 प्रश्न क्रमश:) व दूसरा पेपर इंग्लिश+लॉजिकल रीजिनिंग का (21+9 प्रश्न क्रमश:) होगा. इस तरह प्रत्येक सेक्शन से 30-30 प्रश्न पूछे जाएंगे.

सिलेबस की परख है अहम


कैट की परीक्षा ऑनलाइन होती है. जिसके अंतर्गत क्वांटिटेटिव एबिलिटी, डाटा इंटरप्रिटेशन एंड लॉजिकल रीजनिंग, इंग्लिश से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं. प्रश्नों का स्टैंडर्ड ग्रेजुएशन लेवल का होता है. क्वांटिटेटिव एबिलिटी के अंतर्गत ज्योमेट्री, अलजेब्रा, प्रॉफिट एंड लॉस, परसेंटेज, वर्क एंड टाइम,मेंशुरेशन, सेट थ्योरी, वेन डायग्राम, प्रोबेबिलिटी आदि से काफी संख्या में प्रश्न आते हैं. वहीं डाटा इंटरप्रिटेशन एंड लॉजिकल रीजनिंग में ग्राफ्स, टेबल्स, चार्ट, विजुअॅल रीजनिंग, कोडिंग डिकोडिंग आदि से प्रश्न पूछे जाते हैं. जबकि अंग्रेजी में पैसेज, वोकेब्युलरी, फिल इन द ब्लैंक्स,जंबल पैराग्राफ्स, पंचुऐशन, प्रोवर्ब एंड फ्रेज, समरी से संबंधित प्रश्न आते हैं. कैट को छोड दें तो कई दूसरे प्रबंधन कोर्सो में करेंट अफेयर्स की भी अहम भूमिका होती है. इसकेअंतर्गत आर्थिक घटनाक्रम, महत्वपूर्ण निर्णय, बडे मर्जर, समितियां, कंपनियों की पंच लाइन, आर्थिक समूह ,राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय संगठन व उनके प्रमुख, सामाजिक, राजनीतिक गतिविधियां, विज्ञान, खेल आदि से जुडे सवालों को प्राथमिकता दी जाती है.

जेआरसी टीम

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