कैट परीक्षा 2013: Beat the कैट

कैट कंट्री के टफेस्ट एग्जाम्स में से एक माना जाता है, क्योंकि इसमें पास होने के बाद टॉप मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट्स आईआईएम में एडमिशन मिलता है...

Created On: Aug 29, 2013 16:31 IST

कैट कंट्री के टफेस्ट एग्जाम्स में से एक माना जाता है, क्योंकि इसमें पास होने के बाद टॉप मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट्स आईआईएम में एडमिशन मिलता है। इसके साथ ही इस स्कोर के बेस पर देश के दूसरे मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट्स में भी एंट्री मिलती है। यही कारण है कि इस एग्जाम में सुपर ब्रेन का सलेक्शन होता है। अगर आपका भी ड्रीम आईआईएम में एंट्री है, तो ऑनलाइन एग्जाम के लिए अप्लाई कर सकते हैं। अप्लाई करने की लास्ट डेट 26 सितंबर, 2013 और एग्जाम 16 अक्टूबर से शुरू है।

सीबीटी बेस्ड टेस्ट

अगर आप रिकग्नाइज्ड यूनिवर्सिटी या इंस्टीट्यूट से ग्रेजुएट में 50 परसेंट मा‌र्क्स है, तो आप इस एग्जाम में अपियर हो सकते हैं। एग्जाम दो सेक्शन में होगा, जिसके लिए 140 मिनट फिक्स हैं। क्वॉन्टिटेटिव एबिलिटी एंड डाटा एंटरप्रिटेशन का फ‌र्स्ट सेक्शन होगा और वर्बल एबिलिटी एंड लॉजिकल रीजनिंग दूसरे सेक्शन में होगा। एग्जाम सीबीटी यानी कि कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट होगा। 70-70 मिनट दोनों सेक्शन को सॉल्व करने के लिए दिया जाएगा। इसी टाइम लिमिट में क्वैश्चंस को सॉल्व करना होगा।

प्रिपरेशन स्ट्रेटेजी

कैट एक कॉम्प्रिहेंशन बेस्ड एग्जाम है। इसमें तीन से चार पैसेज होते हैं, जिनमें तीन-चार क्वैश्चंस होते हैं। वर्बल एबिलिटी में ग्रामर और वर्ड-बेस्ड क्वैश्चंस इंपॉर्टेट होते हैं। इसकी अच्छी तैयारी तभी हो सकती है, जब आप ग्रामर की डीप स्टडी के साथ ग्रामर से रिलेटेड बुक्स भी पढेंगे। वर्ड बेस्ड क्वैश्चंस के लिए डेली 30 मिनट देना बेहतर होगा। इन 30 मिनटों में ज्यादा टाइम गलत उच्चारण किए जाने वाले शब्दों को समझने में लगाएं तो बेहतर हो सकता है।

रूट-प्रिफिक्स-सफिक्स मेथड जानने से कैट के ब्लैंक क्वैश्चंस आसानी से सॉल्व करने में मदद मिलती है। वर्बल रीजनिंग में पैरा जंबल्स और सेंटेंस कम्पिलिशन से रिलेटेड क्वैश्चंस होते हैं। इस तरह के क्वैश्चंस को सॉल्व करने का ईजी ऑप्शन यह है कि सबसे पहले इंट्रोडक्शन को पहचानें (इसमें पैराग्राफ के बारे में पता चलता है), इसके बाद दोनों सेंटेंस को जोडने वाले लिंक्स को पहचानें, जिन्हें कनेक्टिव्ज कहते हैं। यह कनेक्टिव्ज कंजंक्शंस हो सकते हैं या जेनेरिक से स्पेसिफिक आदि हो सकते हैं। याद रखें कि आपकी वर्बल रीजनिंग स्किल्स को सुधारने का कोई शॉर्टकट नहीं है। इस सेक्शन में प्रैक्टिस ही काम आती है। प्रतिदिन कम से कम एक घंटा पढने में गुजारें और 30 मिनट ऑनलाइन पैसेज की स्टडी करें। परीक्षा में पजल्स, वेनडायग्राम्स एंड क्यूब्स, डिडक्शंस एंड लॉजिकल कनेक्टिव्ज से रिलेटेड काफी क्वैश्चंस आते हैं। पजल्स के प्रश्न सबसे जाने-माने होते हैं, जिनके बाद डिडक्शंस और वेनडायग्राम्स के प्रश्न होते हैं। कैट की तैयारी के लिए स्टडी मैटीरियल की बुकलेट्स से विभिन्न सब्जेक्ट्स की प्रिपरेशन करना ठीक रहता है।

करें ऑनलाइन प्रैक्टिस

लॉजिक और रीजनिंग से जुडे क्वैश्चंस के लिए पुराना परिचित शब्द प्रैक्टिस ही सबसे बेहतर है। स्टूडेंट्स को ऑनलाइन क्वैश्चंस की प्रैक्टिस को ज्यादा से ज्यादा टाइम देना चाहिए। डाटा एंटरप्रिटेशन यानी डीआई से जुडे क्वैश्चंस तभी सॉल्व कर सकते हैं, जब आप उनको अच्छी तरह से समझ पाएंगे। यह प्रैक्टिस करने के बाद ही पॉसिबिल हो सकेगा। इसकी शुरुआत स्टडी मैटीरियल या ऑनलाइन मैटीरियल्स से की जा सकती है। आप जागरण जोश ऑनलाइन प्रैक्टिस सेट से बेहतर तैयारी कर सकते हैं।

इन बिंदुओं पर ध्यान दें.


-चुने गए विषयों के बेसिक कॉन्सेप्ट्स को समझें।

-विषय से जुडे सभी फॉर्मूले और कॉन्सेप्ट एक स्थान पर लिख लें।

-किसी फॉर्मूले का कब इस्तेमाल होना है, इसे समझने की कोशिश करें।

-कॉन्सेप्ट से 30-40 प्रश्न सुलझाएं।

एक्सपर्ट बाइट

कैट एग्जाम में सभी स्टूडेंट्स अच्छी तैयारी करके आते हैं। इस कारण इसमें पूछे जाने वाले क्वैश्चंस का स्टैंडर्ड काफी हाई होता है। इस तरह के क्वैश्चंस आप तभी सॉल्व कर सकते हैं, जब आप सभी सेक्शन की डीप स्टडी करेंगे। सबसे बेस्ट ऑप्शन यह है कि आप अधिक से अधिक ऑनलाइन रीडिंग और प्रैक्टिस करें। इससे आपको काफी हेल्प मिलेगा और एग्जाम की प्रिपरेशन भी अच्छी हो पाएगी।