कैट 2011: डाटा इंटरप्रेटेशन में प्रैक्टिस है महत्वपूर्ण

कैट के पहले सेक्शन में क्वांटिटेटिव एबिलिटी के 20 और डाटा इंटरप्रेटेशन के 10 प्रश्न होंगे

Created On: Sep 21, 2011 18:54 IST
Modified On: Nov 28, 2012 14:59 IST

कैट के पहले सेक्शन में क्वांटिटेटिव एबिलिटी के 20 और डाटा इंटरप्रेटेशन के 10 प्रश्न होंगे। कैट में डाटा इंटरप्रेटेशन के प्रश्नों को चुनौतीपूर्ण माना जाता है, लेकिन यदि आप स्ट्रेटेजी बनाकर प्रश्नों को सॉल्व करेंगे तो सफलता के चांसेज कई गुना बढ जाते हैं। बेहतर होगा कि आप डाटा इंटरप्रेटेशन के सवालों के लिए कैलकुलेशन करने की आदत अपने स्वभाव में लाएं और इनके प्रश्नों का खूब अभ्यास करें। इसके अतिरिक्त पिछले वर्षो के प्रश्नों को आाधार बनाकर एक नई स्ट्रेटेजी बना लें कि किस सेक्शन में किस तरह की तैयारी जरूरी है।

डाटा इंटरप्रेटेशन

डाटा इंटरप्रेटेशन के प्रश्न बार डायग्राम, पाई चा‌र्ट्स, लाइन ग्राफ एवं टेबुलेशन पर आधारित हो सकते हैं। कैट के हालिया वर्षो का विश्लेषण करने पर पता लगता है कि डाटा इंटरपे्रटेशन को काफी वेटेज मिला है और यही रुझान कैट 2011 में भी बने रहने की संभावना है। बीते सालों में डाटा इंटरपे्रटेशन में टेबल, स्टैक्ड बार, 3डी चार्ट, पाई-चार्ट, रीजनिंग आधारित, नेटवर्क, बार चार्ट, गेम्स व टूर्नामेंट, मैक्सिमा व मिनिमा से प्रश्न पूछे गए हैं। इसलिए ऐसे प्रश्नों की कंप्यूटर पर जमकर प्रैक्टिस करें।

रीजनिंग बेस्ड सवाल अहम

डाटा इंटरप्रेटेशन में रीजनिंग बेस्ड भी सवाल होते हैं। अगर आपने इन्हें अनदेखा कर दिया तो आप परेशानी में पड सकते हैं। आपके लिए बेहतर होगा कि आप सभी तरह के प्रश्नों को हल करने की स्ट्रेटेजी बनाएं। पिछले पांच सालों के दौरान कैट परीक्षाओं में ऐसे बहुत से प्रश्न आए थे, जिसमें पजल, वेन डायाग्राम व क्यूब तथा डिडक्शन व लॉजिकल कनैक्टिव से रिलेटेड सवाल थे। जिस क्षेत्र में सबसे ज्यादा अभ्यास की आवश्यकता होती है और जो काफी पेचीदा साबित होते हैं वह हैं क्यूब, क्योंकि विद्यार्थियों को अपने दिमाग में त्रिआयामी क्यूब की कल्पना करनी होती है और फिर सवाल हल करना होता है। क्यूब आधारित प्रश्नों पर अधिक से अधिक फोकस करना आपके लिए अच्छी बात हो सकती है। डीआई में जितना संभव हो, मॉक कैट टेस्ट हल करने का प्रयास करें। बिना समय सीमा की चिंता किए उन सवालों के उत्तर देखें जो आप सॉल्व नहीं कर पाए हैं और कारण जानने का प्रयास करें कि आप उसे क्यों हल नहीं कर पाए। जब आप ऐसा करेंगे तो आपके सामने दो प्रकार की समस्याएं आएंगी, पहली गति की समस्या और दूसरी सटीकता की समस्या। अगर गति एक समस्या है तो ज्यादा से ज्यादा अभ्यास करें और अगर सटीकता की समस्या है तो अपने बेसिक्स पर दोबारा मेहनत करें। अगर आप इस तरह का अभ्यास करेंगे, तो डाटा इंटरप्रेटेशन के सेक्शन में बेहतर मा‌र्क्स लाने में सफल हो सकते हैं।

कैसे करें तैयारी

अगर आप कैट परीक्षा की तैयारी स्ट्रेटेजी बनाकर नहीं करते हैं तो आप इसमें सफल नहीं हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि डीआई के कैलकुलेशन आधारित प्रश्नों को यदि आप स्ट्रेटेजी बनाकर सॉल्व करेंगे तो सफलता के चांसेज का ग्राफ कई गुना बढ जाएगा। डीआई के प्रश्नों को समझे बिना उन्हें सॉल्व नहीं कर सकते हैं। इसलिए इनके प्रश्नों को दो भागों में बांटकर हल करने का प्रयास करें। पहले पार्ट में आप चा‌र्ट्स, टेबल्स ग्राफ से संबंधित प्रश्न रख सकते हैं, जबकि दूसरे पार्ट में एनालिटिकल रीजनिंग के प्रश्नों को सॉल्व करने का प्रयास करना चाहिए। 1 से 20 तक टेबल्स, 1 से 30 की संख्याओं का स्क्वॉयर, 1 से 30 तक का क्यूब, 1 से 30 तक वर्ग मूल और घनमूल को कंठस्थ कर फिर इनके आधार पर अप्रॉक्स कैलकुलेशन करने की प्रैक्टिस करें। डीआई में नेचर को समझने का प्रयास करें। टेबल्स के प्रश्नों को सॉल्व करते वक्त दिए गए डेटा के इंटरलिंक को समझें। ऐसा करने से ग्रोथ वैल्यू और परसेंटेज निकालने में आसानी होती है। डाटा इंटरप्रेटेशन में बार डाइग्राम, पाई चा‌र्ट्स, लाइन ग्राफ एवं टेबुलेशन में एक से अधिक प्रकारों का प्रयोग करते हुए डाटा प्रजेंट किया जाता है। उसी आधार पर प्रश्नों को सॉल्व करना चाहिए। जरूरी नहीं कि आप इसी तरह की योजना बनाएं। लेकिन स्ट्रेटेजी इस तरह की होनी चाहिए, जिससे संपूर्ण सिलेबस की पढाई संभव हो।

स्ट्रांग करें कैलकुलेशन

डाटा इंटरप्रेटेशन के क्वैश्चन सेट में प्रश्न को दिए गए आर्डर में ही करने की कोशिश नहीं करना चाहिए। सारे प्रश्नों को देखने के बाद जो प्रश्न आब्जर्वेशन बेस्ड हों, उन्हें पहले अटैम्प्ट करना चाहिए फिर लेंदी प्रश्नों को हल करने का प्रयास करें। डाटा इंटरप्रेटेशन के लिए आपको कैलकुलेशन करने की आदत दिनचर्या में शामिल करनी चाहिए। 30 तक के पहाडे, 30 तक के स्क्वायर एवं 15 तक के क्यूब का ज्ञान होना जरूरी है। रीजनिंग बेस्ड प्रश्नों को समझे बिना आप उन्हें सॉल्व नहीं कर सकते। इसलिए जरूरी है कि आप इसका जमकर अभ्यास करें। इससे निश्चित तौर पर आपका कांफिडेंस तो बढेगा ही, साथ ही सेक्शन कटऑफ भी आसानी से निकल आएगा।

अनिल सिंह

जेनिथ अकादमी

अभ्यास से मिलेंगे अच्छे अंक

कैट में डाटा इंटरपे्रटेशन को अक्सर कठिन व पेचीदा माना जाता है। किंतु पर्याप्त अभ्यास और कडे परिश्रम से इन विषयों को आप अपनी बडी शक्ति में तब्दील कर सकते हैं। ऑनलाइन एग्जाम होने की वजह से आप इस तरह के प्रश्नों का अभ्यास कंप्यूटर पर करेंगे, तो बेहतर स्थिति में रहेंगे। इस समय स्मार्ट स्ट्रेटेजी यह होनी चाहिए कि आप उन्हीं क्षेत्रों पर अधिक मेहनत करें, जिसमें आप कमजोर हैं। जिन क्षेत्रों में आप मजबूत हैं, उनके लिए बाद में समय निर्धारित कर सकते हैं। इसे जानने के लिए बेहतर यह है कि आप पिछले वर्ष के प्रश्नों को निर्धारित समय-सीमा के अंदर सॉल्व करें और खुद को देखें कि आपकी तैयारी किस लेवल पर है और इसे पूर्ण करने के लिए कितने समय की जरूरत पडेगी।

साईं कुमार,

निदेशक टाईम मुंबई।

महत्वपूर्ण टिप्स


डीआई के नेचर को भलीभांति समझने के उपरान्त सवालों का जवाब दें।

टेबुलेशन आधारित प्रश्न सॉल्व करते वक्त दिए गए डाटा का इंटरलिंक समझें।

दिए गए ग्राफिक में छोटे से छोटे बिन्दुओं पर गौर करें।

डेटा को समझे वगैर कतई उत्तर देने का प्रयास न करें।

डीआई के कैलकुलेशन पर ध्यान दें।

प्रश्नों का उत्तर आप स्वयं जीके के आधार पर न देकर प्रश्न में दी गई सूचना के आधार पर दें।

जोश डेस्क

Cat Percentile Predictor 2021

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