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गणितीय अभियोग्यता / संख्यात्मक योग्यता: प्रतियोगी परीक्षाओं में वैदिक गणित का महत्व

जागरणजोश आपको विशेषज्ञों द्वारा तैयार परीक्षाओं की बुनियादी तैयारी से संबंधित रणनीति उपलब्ध करा रहा है.

Mar 26, 2014 18:12 IST
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हम सभी जानते हैं कि इन दिनों शिक्षा क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं के क्षेत्र का प्रसार तेजी से हो रहा हैं. वर्तमान परिदृश्य में बहुत सी ऐसी परीक्षाएँ हैं जो सरकारी संगठनों द्वारा आयोजित की जाती हैं, जैसे - आईबीपीएस, एसएससी, रेलवे आदि.

सरकारी नौकरियों की बढ़ती संख्या के साथ नौकरियों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की संख्या में भी सतत वृद्धि हुई है. प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने के लिए हर उम्मीदवार को अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करने की आवश्यकता होती है.

जागरणजोश के विशेषज्ञ आईबीपीएस, एसएससी, रेलवे आदि परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को सबसे अच्छे सुझाव व अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत हैं. इसी क्रम में, आपको परीक्षाओं की बुनियादी तैयारी से संबंधित रणनीति उपलब्ध कराये जा रहे हैं ताकि उम्मीदवार सभी प्रश्नों को तेजी से हल कर सकें. यह रणनीति निम्न हैं-

तेजी से प्रश्न कैसे हल करें? 

आमतौर परीक्षाओं की प्रकृति के अनुसार, कुल 2 घंटों में 200 प्रश्नों को हल करने की आवश्यकता होती है. इसके लिए प्रश्नों को हल करने की गति एक महत्वपूर्ण कारक हैं. प्रश्नों का तेज व सही उत्तर देना चयनित व असफल उम्मीदवारों के मध्य एक बहुत बड़ा कारक है.

• हमें हमेशा कुछ तेज विधियों और गणनाओं पर अपना ध्यान केंद्रित करना चाहिए, यह प्रश्न-पत्र को तेजी से हल करने में सहायक होगा.

• प्रतिदिन 15 से 20 मिनट प्रत्येक विधि के बुनियादी पदों पर ध्यान केंद्रित करना एवं शॉर्टकट्स का विकास करना एवं उन्हें दुहराना आवश्यक है.

• गणना करने के लिए उपकरणों का प्रयोग न करना, ताकि गणना की गति व् उसमें शुद्धता को बढ़ाया जा सके.

• प्रतिदिन नियमित रूप से लगभग सभी टॉपिक्स के प्रश्नों को हल करना चाहिए; इससे तेजी तो आएगी ही शुद्धता भी आएगी.

• वैदिक गणित में कुछ विशेष प्रकार के प्रश्नों के लिए विशेष विधियाँ दी गयी हैं, यदि उनमें विद्वता प्राप्त कर ली जाये तो यह बहुत ही लाभकारी साबित हो सकता है.

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