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दि यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबोर्न शिक्षा ग्रहण करें, आगे बढ़ें|

दि यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबोर्न की स्थापना सन 1853 में की गई थी...

Mar 5, 2013 13:40 IST
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दि यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबोर्न की स्थापना सन 1853 में की गई थी। यह विक्टोरिया का पहला एवं ऑस्ट्रेलिया का दूसरा सर्वाधिक प्राचीन उच्च शिक्षण संस्थान है। इसका मुख्य कैंपस पार्कविला में है। यह संस्थान ऑस्ट्रेलिया के ग्रुप ऑफ ऐट, यूनिवर्सिटी 21 एवं एसोसिएशन ऑफ पैसिफिक रिम यूनिवर्सिटीज का सदस्य है।

रैंकिंग

दि टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिंग में इस विश्वविद्यालय को ऑस्ट्रेलिया का श्रेष्ठतम संस्थान बताया गया है। इसी सूची में विश्वस्तर पर इसे 28वीं पोजीशन दी गई है। क्यूएस व‌र्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग ने इसे नेशनल लेबल पर दूसरा एवं विश्वस्तर पर 36वां स्थान दिया है। फाइनेंशियल टाइम्स एमबीए रैंकिंग में विश्वस्तर पर 46वीं एवं राष्ट्रीय स्तर पर दूसरी वरीयता दी गई है।

लाइब्रेरी

यूनिवर्सिटी के पुस्तकालयों में किताबों, डीवीडी, फोटोग्राफिक स्लाइडों, मैप्स आदि का 3.5 मिलियन से अधिक का संग्रह है। यहां की प्रमुख लाइब्रेरियां हैं :

Baillieu Library

Veterinary Science Library

Eastern Resource Centre

Giblin Eunson Library

Brownless Biomedical Library

प्रमुख स्पो‌र्ट्स केन्द्र

ऑस्ट्रेलिया की इस यूनिवर्सिटी में स्पो‌र्ट्स को विशेष वरीयता दी जाती है। इस समय संस्थान से तकरीबन 40 स्पो‌र्ट्स क्लब जुडे हुए हैं।

विश्वविद्यालय से पढकर निकले जिन लोगों ने खेल की दुनिया में अपना नाम प्रमुखता से दर्ज कराया है वे हैं बाक्सर मैग्गोवन, फुटबाल प्लेयर जेफ ग्रावर और ओलंपिक में कई पदक जीतने वाले किम क्रो।

महान हस्तियां

Sir Zelman Cowen

Sir Ninian Stephen

Julia Gullard

Robert Menzies

John Carew Eccles

मुख्य प्रोफेशनल कोर्स

Doctor of Medicine

Master of Engineering

Master of Urban Horticulture

Master of Urban Design

Master of Food Science

प्रमुख रेजीडेंशियल कॉलेज

Trinity College

Ormond College

St Mary’s College

Queen’s College

Newman College

रिसर्च

मेलबोर्न विश्वविद्यालय रिसर्च कार्यो पर अत्यधिक धन व्यय करता है। सन 2010 में विश्वविद्यालय ने तकरीबन 77 मिलियन यूएस डॉलर शोध कार्यो पर खर्च किए थे। यूनिवर्सिटी बडी संख्या में इंटरनेशनल पोस्टग्रेजुएट रिसर्च स्कॉलरशिप भी देती रही है। यहां पढने आने वाले विदेशी छात्रों की अगर बात करें तो उनमें से एक बडा वर्ग केवल विभिन्न विषयों में शोध कार्यो के लिए ही इस देश के उच्च संस्थानों में प्रवेश लेता है। इस कार्य में भी विदेशी विद्यार्थियों की पहली पसंद दि नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ मेलबॉर्न ही होती है।

शरद अगिन्होत्री

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