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देश के 22 फर्जी विश्वविद्यालयों में से 9 उत्तर प्रदेश में: स्मृति ईरानी

May 10, 2016 12:59 IST

    मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के अनुसार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में एक से अधिक तथा बिहार, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और ओडिशा में एक-एक फर्जी विश्वविद्यालय है.

    सरकार ने राज्यसभा में कहा कि देश में 22 'फर्जी' विश्वविद्यालय कार्य कर रहे हैं, जिनमें से उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 9 फर्जी विश्वविद्यालय और दिल्ली में 5 विश्वविद्यालय हैं और सरकार ने यह भी कहा कि राज्यों से इन फर्जी विश्वविद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के लिए कहा गया है.

    मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी  ने यह भी कहा कि मंत्रालय विदेश मंत्रालय को लिखित अनुरोध करने जा रहा है कि विदेशों में सब फर्जी विश्वविद्यालयों और संस्थानों की सूची तैयार करे ताकि छात्रों को विदेशों में ये फर्जी विश्वविद्यालय और संस्थान ठग न सकें.

    श्रीमती ईरानी ने कहा कि "यूजीसी के पास उपलब्ध सूचना के अनुसार,  22 विश्वविद्यालय (देश में) हैं जो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की सूची में फर्जी विश्वविद्यालयों के तौर पर सूचीबद्ध हैं और ये देश के विभिन्न भागों में शिक्षा नियमों का उल्लंघन या यूजीसी अधिनियम, 1956 के उल्लंघन में कार्य कर रहे हैं."

    उन्होंने आगे कहा कि, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के अलावा, पश्चिम बंगाल में दो और बिहार, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और ओडिशा में एक-एक फर्जी विश्वविद्यालय है.
    सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने इस आरोप का खंडन किया कि, केंद्र  ऐसे विश्वविद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई करने में आनाकानी कर रहा है; और कहा कि सरकार  ने ऐसे फर्जी विश्वविद्यालयों के खिलाफ कारवाई करने के लिए राज्य सरकारों को सूचित करके अपने कर्तव्य को पूरा किया था.

    उन्होंने कहा कि, "कानून और व्यवस्था राज्य का मामला है और संघीय ढांचे के अनुसार केवल राज्य ही कार्रवाई कर सकते हैं. किसी भी राज्य सरकार ने अब तक यह नहीं कहा है कि वह ऐसे विश्वविद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही है और इसके बजाय इन राज्य सरकारों ने  कार्रवाई करने में अपनी रूचि दिखाई है."  

    ईरानी ने कहा कि विनियामक  ने अपनी ओर से एक पोर्टल "अपने कॉलेज को जानें" और एक  मोबाइल एप्प शुरू किये हैं जिनमें  विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है ताकि भोले-भाले  छात्रों को ऐसे फर्जी संस्थान ठग न पायें. इस पोर्टल में निवारण के लिए एक  इनबिल्ट प्रणाली भी है.

    उन्होंने कहा कि अगर विनियामक  के पास शिकायतें आती हैं, तो यूजीसी ऐसी शिकायतों के खिलाफ भी कारवाई करता है.

    उन्होंने आगे यह भी कहा कि, "इस  ‘अपने कॉलेज को जानें’  पोर्टल के अलावा हम भी छात्रों के साथ सीधी बातचीत करने का प्रयास कर रहे हैं ताकि छात्रों को इन फर्जी विश्वविद्यालयों की पहचान करने में मदद मिल सके.”

    यूजीसी के साथ फर्जी संस्थानों के बारे  में जानकारी साझा करने के लिए सदस्यों से अनुरोध करते हुए उन्होंने  कहा, "हम यह प्रयास कर रहे हैं कि ऐसे फर्जी संस्थाओं द्वारा हमारे छात्रों पर होने वाले अन्याय के खिलाफ विनियामक द्वारा दिए गए संरक्षण के माध्यम से निरंतर कार्रवाई की जाए."  

    श्रीमती ईरानी ने कहा कि विदेशों में ऐसे विश्वविद्यालय हैं जो भारतीय छात्रों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं और "हम विदेश मंत्रालय (एमईए) को लिखित अनुरोध करने पर कारवाई कर रहे हैं  कि  एमईए यह सुनिश्चित करे कि सभी मिशन हमें अपने क्षेत्र के फर्जी विश्वविद्यालयों या संस्थानों की एक सूची दें ताकि हम अपने राज्यों को उचित रूप से सूचित कर सकें कि वे राज्य छात्रों की मदद करें  जिससे छात्र ऐसे संस्थानों द्वारा ठगे न जायें."

    विदेशी टाई-अप और ऑफ-कैंपस केन्द्रों  पर एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "बहुत से विश्वविद्यालयों ने ऑफ-कैंपस केन्द्र  स्थापित करने के प्रयास किये हैं जो अनधिकृत हैं और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने इस तथ्य का संज्ञान लिया है और अवैध ऑफ-कैंपस केन्द्रों को बंद करने का आदेश दिया है."

    विदेशी भागीदार के साथ टाई अप करने के द्वारा शिक्षा का भारतीयकरण करने वाले फर्जी विश्वविद्यालयों के संबंध में, उन्होंने कहा कि, यूजीसी ट्विनिंग कार्यक्रम के लिए केवल तभी अवसर देता है जब कोई एक भारतीय भागीदार हो जो विनियामक  को यह सुस्पष्ट करे कि इस तरह की व्यवस्था की जा सकती है.

    लिखित जवाब में श्रीमती ईरानी ने कहा कि यूजीसी द्वारा सूचीबद्ध 'फर्जी' विश्वविद्यालयों में से पांच विश्वविद्यालय दिल्ली में हैं, जिनके नाम हैं:
    संयुक्त राष्ट्र विश्वविद्यालय,
    वाणिज्यिक विश्वविद्यालय लिमिटेड, दरियागंज,
    वोकेशनल यूनिवर्सिटी,
    एडीआर-सेंट्रिक जुडिशल यूनिवर्सिटी, एडीआर हाउस, राजेंद्र प्लेस,
    भारतीय विज्ञान और इंजीनियरिंग संस्थान.

    उत्तर प्रदेश में ऐसे नौ विश्वविद्यालय 'फर्जी' हैं:
    वरनासेया  संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी (उत्तर प्रदेश), जगतपुरी, दिल्ली,
    महिला ग्राम विद्यापीठ (प्रयाग), इलाहाबाद,
    गांधी हिंदी विद्यापीठ, प्रयाग, इलाहाबाद,
    राष्ट्रीय इलेक्ट्रो होम्योपैथी परिसर विश्वविद्यालय, कानपुर,
    नेताजी सुभाष चंद्र बोस विश्वविद्यालय, अचलताल, अलीगढ़,
    उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय, कोसी कलां, मथुरा,
    महाराणा प्रताप शिक्षा निकेतन विश्वविद्यालय, प्रतापगढ़,
    इंद्रप्रस्थ शिक्षा परिषद, इंस्टीट्यूशनल एरिया, खोड़ा, माकनपुर, नोएडा, फेज – 2
    गुरुकुल विश्वविद्यालय, वृंदावन.

    ओडिशा  में नबभारत  शिक्षा परिषद, अन्नपूर्णा
    भवन, शक्तिनगर, राउरकेला  भी ऐसे
    फर्जी विश्वविद्यालयों में से एक है, जिन्हें मान्य मंत्री जी द्वारा सूचीबद्ध किया गया है.

    अन्य ऐसे फर्जी विश्वविद्यालयों के नाम हैं:
    मैथिली यूनिवर्सिटी/ विश्वविद्यालय, दरभंगा, बिहार,
    बदागंवी सरकार वर्ल्ड ओपन यूनिवर्सिटी एजुकेशन सोसाइटी, गोकक, बेलगाम, कर्नाटक,
    सेंट जॉन विश्वविद्यालय, किशनाटम, केरल,
    राजा अरबी विश्वविद्यालय, नागपुर, महाराष्ट्र,
    डीडीबी संस्कृत विश्वविद्यालय, पुटुर, त्रिची, तमिलनाडु
    भारतीय वैकल्पिक चिकित्सा संस्थान, कोलकाता
    भारतीय वैकल्पिक चिकित्सा और अनुसंधान संस्थान, डायमंड हार्बर रोड, बिल्डटेक इन, ठाकुरपुकुर, कोलकाता.

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