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यूजीसी ने कालेजों में असंतोषजनक प्रदर्शन देख अकादमिक स्टाफ के पुनर्गठन की योजना बनायी

Oct 8, 2013 15:43 IST

    विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) देश की उच्च शिक्षा के कॉलेजों में अकादमिक स्टाफ के असंतोषजनक प्रदर्शन को देखने के बाद एक बार फिर से पुनर्गठन की योजना पर विचार कर रहा है भले ही एक तरफ यह मौजूदा योजना अवधि में उनकी संख्या में वृद्धि करने के उद्देश्य से किया गया है.

    इन कॉलेजों की स्थापना  उच्च शिक्षा में शिक्षकों के व्यावसायिक विकास के उद्देश्य के लिए 1986-87 में की गयी थी . इसमें पहले से ही नव नियुक्त व्याख्याताओं और शिक्षकों के लिए अभिविन्यास कार्यक्रम का संचालन कर शिक्षकों की सेवा के लिए पुनश्चर्या पाठ्यक्रम का आयोजन किया था. यूजीसी का लक्ष्य देश के 66 ऐसे कॉलेजों के संकाय विकास केंद्रों  में सुधार करना है  जबकि ईसका लक्ष्य 100 कॉलेजों की कुल संख्या है.

    केन्द्रीय शिक्षा सलाहकार बोर्ड (केब) द्वारा गठित शिक्षक और शिक्षण पर राष्ट्रीय मिशन (एनएमटीटी ) पर बनी एक समिति ने अपनी रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि इन कॉलेजों का प्रदर्शन और गतिविधियां संतोषजनक नहीं रहीं हैं. रिपोर्ट में समय-समय पर एएससी का काम उनकी निरंतरता का समर्थन करने के अलावा अन्य कार्यक्रमों की गुणवत्ता का विश्लेषण कर समीक्षा की गयी है, कहा गया है कि अब तक, ये कॉलेज उभरते पूर्ण शिक्षकों के विभिन्न विकास की जरूरतों, व्यावसायिक विकास को पूरा करने में सक्षम नहीं है.

    एनएमटीटी ने विधिपूर्वक सभी मुद्दों का जो शिक्षकों, शिक्षण, एक शिक्षक की तैयारी और शिक्षकों की पेशेवर विकास से संबंधित है कि उनका विश्लेषण इसमें किया है. प्रदर्शन मानकों की स्थापना और नये शिक्षकों के शिक्षण और के बीच व्यावसायिक विकास में दूरी और संस्थागत सुविधाओं के बीच बेहतरीन पेशेवर शिक्षकों को बनाने के लिए, जैसे कई लक्ष्य है. एनएमटीटी  10 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित होने वाली केब की बैठक में इस मामले की समीक्षा करेगा.

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