Search

यूपीपीसीएस परीक्षा 2009 में चयनित सदानंद चौधरी का jagranjosh.com के साथ साक्षात्कार

यूपीपीसीएस परीक्षा 2009 में बस्ती जिले के सदानंद चौधरी ने शानदार सफलता अर्जित की है. इस परीक्षा में सदानंद चौधरी के सफलता की कहानी जानें उन्हीं की जुबानी.

Apr 10, 2012 18:28 IST
facebook IconTwitter IconWhatsapp Icon

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा (पीसीएस) परीक्षा-2009 में चयनित होकर सदानंद चौधरी ने निस्संदेह अत्यंत सम्मानजनक उपलब्धि अर्जित की, जिसके लिए वह हार्दिक बधाई के पात्र हैं. jagranjosh.com के साथ उनके साक्षात्कार के महत्त्वपूर्ण अंश निम्नलिखित है.

 

सामान्य प्रश्न

jagranjosh.com: उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा 2009 में शानदार सफलता के लिए आपको हार्दिक बधाई.

सदानंद चौधरी: जी, धन्यवाद

jagranjosh.com: उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा 2009 में सफलता प्राप्त कर कैसा महसूस कर रहें हैं ?

सदानंद चौधरी: अच्छा महसूस कर रहा हूं.

jagranjosh.com:  आपने नागरिक सेवा का चयन कब और क्यों किया?

सदानंद चौधरी: स्नातक के पश्चात, क्योंकि इसमें कार्य करने के समग्र अवसर उपलब्ध होते हैं.

jagranjosh.com:  कृपया आप अपनी रुचि और हाबी के बारे में बताएं. आपका आदर्श कौन है?

सदानंद चौधरी: रुचि- मित्रों के साथ समय बिताना.

आदर्श- स्वामी विवेकानन्द

jagranjosh.com:  यह सफलता आपने कितने अवसरों में प्राप्त की?

 सदानंद चौधरी: पहला साक्षात्कार.

jagranjosh.com:  राज्य सिविल सेवा परीक्षा में सफलता के लिए अभ्यर्थी को कितना समय चाहिए?

सदानंद चौधरी: सही दिशा में प्रयास हो तो तीन से चार वर्ष.

jagranjosh.com:  इस परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग संस्थानों की क्या भूमिका है?

सदानंद चौधरी: दिशा-निर्देशन में सहायक.

jagranjosh.com:  क्या आप इंटरनेट का उपयोग करते हैं?  यह इस परीक्षा में किस तरह सहायक है? इस परीक्षा हेतु क्या आपने कोई करेंट अफेयर्स की वेवसाइट का उपयोग किया था.

सदानंद चौधरी: हां, समग्र सूचनाएं एक जगह प्राप्त होती हैं. Google.com और jagranjosh.com

jagranjosh.com:  राज्य सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए jagranjosh.com की भूमिका के बारे में आप क्या सोचते हैं? आप अपनी वेवसाइट पर करेंट अफेयर्स और अन्य पाठ्य सामग्री को कितना उपयोगी मानते हैं?

सदानंद चौधरी: बहुत सहयोगी है. यह आज की आवश्यकता है.

jagranjosh.com:  आपने इस परीक्षा के लिए माध्यम के रूप में किस भाषा का चयन किया?

सदानंद चौधरी: हिन्दी भाषा

jagranjosh.com: इस परीक्षा में अधिक अंकों के साथ सफल होने के लिए अंग्रेजी माध्यम हिंदी माध्यम से बेहतर है. इस पर आप क्या सोचते हैं?

सदानंद चौधरी: अंकों पर माध्यम का प्रभाव नहीं पड़ता है.

प्रारंभिक परीक्षा

jagranjosh.com: यूपीपीसीएस परीक्षा 2009 में आपके वैकल्पिक विषय क्या थे? इन विषयों के चयन का आधार क्या था ?

सदानंद चौधरी:  इतिहास और लोक प्रशासन. विषयगत रुचि

jagranjosh.com: आपने राज्य सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी की शुरुआत कैसे की? तैयारी शुरू करते समय किन-किन पहलुओं पर विशेष रूप से ध्यान दिया?

सदानंद चौधरी: तैयारी की शुरुआत सामान्य अध्ययन में रुचि से किया.

jagranjosh.com:  राज्य सिविल सेवा परीक्षा के लिए आपने क्या वैकल्पिक विषयों के चयन में कथित लोकप्रियता को आधार बनाया?

सदानंद चौधरी: ऐसा नहीं है.

jagranjosh.com:  यूपीपीसीएस परीक्षा की प्रवृति में किए गए बदलाव के बारे में आप क्या सोचते हैं? यूपीपीसीएस प्रारंभिक परीक्षा में वैकल्पिक विषय का न होना क्या पूरी चयन प्रक्रिया के लिए बेहतर  है?

सदानंद चौधरी: बदलाव समय की आवश्यकता है.

jagranjosh.com:  यूपीपीसीएस की प्रारंभिक परीक्षा के संदर्भ में स्व अध्ययन के बारे में आप क्या सोचते हैं? इस परीक्षा के लिए सामूहिक परिचर्चा कितनी सहयोगी है? इस पर भी अपनी राय बताइए.

सदानंद चौधरी: स्व अध्ययन ही सफलता दिलाती है. सामूहिक परिचर्चा इसमें सहयोगी है.

jagranjosh.com:  प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी के लिए आपकी क्या रणनीति थी?

सदानंद चौधरी: पाठ्यक्रम का सूक्ष्म अध्ययन.

jagranjosh.com: इच्छुक और समर्पित अभ्यर्थी के लिए प्रारंभिक परीक्षा में सफलता हेतु अधिकतम कितना समय चाहिए?

सदानंद चौधरी: व्यक्तिगत क्षमता पर निर्भर होता है.

jagranjosh.com:  सामान्य अध्ययन का क्षेत्र बहुत व्यापक है. इसकी तैयारी कैसे करें?

सदानंद चौधरी: पाठ्यक्रम को बांटकर आवश्यकतानुसार अध्ययन करें.

jagranjosh.com:  प्रारंभिक परीक्षा, सम्पूर्ण परीक्षा प्रणाली का क्या कठिनतम या सरलतम हिस्सा है?

सदानंद चौधरी: यह एक आधार है.

jagranjosh.com: प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए आपकी क्या सलाह है?

सदानंद चौधरी: पाठ्यक्रम का सूक्ष्म अध्ययन.

मुख्य परीक्षा

jagranjosh.com: आपने मुख्य परीक्षा की तैयारी कब प्रारम्भ की? इसके लिए आपके वैकल्पिक विषय क्या थे? मुख्य परीक्षा के लिए माध्यम के रूप में किस भाषा का चयन किया था?

सदानंद चौधरी: प्रारम्भिक परीक्षा के पशचात, इतिहास और लोक प्रशासन, हिन्दी माध्यम

jagranjosh.com: मुख्य परीक्षा के लिए वैकल्पिक विषय के चयन का मुख्य आधार क्या था?

सदानंद चौधरी: विषयगत अभिरुचि

jagranjosh.com:  वैकल्पिक विषय के प्रथम प्रश्नपत्र के लिए आपने कौन-कौन सी पुस्तकों का चयन किया?

सदानंद चौधरी: NCERT,  के. सी. श्रीवास्तव, हरिशचंद्र वर्मा, सतीष चंद्र, बीएल ग्रोवर, विपिन चंद्र एवं जैन माथुर

jagranjosh.com: वैकल्पिक विषय के द्वितीय प्रश्नपत्र के लिए आपने कौन-कौन सी पुस्तकों का चयन किया?

सदानंद चौधरी: अवस्थी-अवस्थी, सुरेन्द्र कटारिया, प्रसाद एवं प्रसाद

jagranjosh.com: वैकल्पिक विषय की तैयारी के लिए आपने कौन सी रणनीति अपनाई. वैकल्पिक विषयों के चयन के लिए आपने कौन सा मानदंड अपनाया?

सदानंद चौधरी: पाठ्यक्रम में आवश्यकतानुसार अध्याय का चयन. विषयगत अभिरुचि

jagranjosh.com: मुख्य परीक्षा में सफलता हेतु सामान्य अध्ययन के लिए कैसी योजना बनानी चाहिए?

सदानंद चौधरी: नियमित अध्ययन

jagranjosh.com: निबंध के प्रश्नपत्र के लिए आपकी क्या रणनीति थी? पीसीएस की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को अच्छे निबंध लिखने हेतु आप क्या टिप्स देना चाहेंगें, जिससे वे अधिक अंक प्राप्त कर सके.

सदानंद चौधरी: समाचार-पत्रों के सम्पादकीय, योजना, कुरुक्षेत्र एवं इण्डिया टुडे का साथ-साथ नियमित अध्ययन. निबन्ध का विषय क्या है, क्यों है, समस्या, समाधान पर ध्यान दें.

jagranjosh.com:  निबंध लेखन के लिए समय का प्रबंधन कितना आवश्यक है ?

सदानंद चौधरी: बेहद जरुरी है.

jagranjosh.com:  उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा-2009 मुख्य परीक्षा में असफल अभ्यर्थियों के लिए आपकी क्या सलाह है ?

सदानंद चौधरी: सही दिशा में अध्ययन.

jagranjosh.com:  मुख्य परीक्षा में उत्तर लिखने का अभ्यास (answer writing practice) कितना महत्त्वपूर्ण है?

सदानंद चौधरी: बहुत ही आवश्यक है.

साक्षात्कार:

jagranjosh.com:  साक्षात्कार की तैयारी कैसे करें?

सदानंद चौधरी: मित्रों के साथ चर्चा, माक साक्षात्कार.

jagranjosh.com: कृपया आप अपने साक्षात्कार के बारे में विस्तार से बताइए? इस साक्षात्कार का समय, साक्षात्कार पैनल की संख्या और पूंछे गए प्रश्नों के प्रकार के बारे में भी बताएं?

सदानंद चौधरी: मेरा साक्षात्कार श्री भारत सिंह के बोर्ड में था. पैनल की संख्या 5 थी और समय 25 मिनट.

jagranjosh.com: क्या आप साक्षात्कार हाल में विश्वास से भरे थे?

सदानंद चौधरी: कुछ दवाब था.

jagranjosh.com: क्या आप को लगता है कि परीक्षा सूचनाओं पर आधारित हो रहा है? यदि हां तो कैसे?

सदानंद चौधरी: नहीं

jagranjosh.com: साक्षात्कार का सामना करते समय कौन सी आवश्यक चीज दिमाग में रखनी चाहिए?

सदानंद चौधरी: सकारात्मक सोच और आत्म-विश्वास

jagranjosh.com: क्या आप को लगता है कि करेंट अफेयर्स की अच्छी समझ वैकल्पिक विषयों के समान महत्त्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है?

सदानंद चौधरी: हां

jagranjosh.com: सिविल सेवा के प्रतियोगियों को कोई सलाह देना चाहेंगें.

सदानंद चौधरी: पाठ्यक्रम के अनुसार अध्ययन, एक निरन्तरता और एक सकारात्मक सोच के साथ धैर्य.

jagranjosh.com: आपके जीवन का क्या लक्ष्य है? और अब आप इस दिशा में काम कैसे करोगे?

सदानंद चौधरी: समाज और देश की सेवा, जोकि प्रशासनिक तंत्र में रहकर बखूबी कर सकूंगा.

जीवन परिचय

नाम- सदानंद चौधरी

माता- श्रीमती पार्वती देवी

पिता- श्री रामधनी चौधरी (पूर्व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, सिविल कोर्ट)

पत्नी- श्रीमती दीपा

शैक्षिक योग्यता:

हाईस्कूल(1994)- राजकीय इन्टर कालेज, बस्ती

इन्टरमीडिएट (1996)- किसान इन्टर कालेज, बस्ती

स्नातक (2000)- कुलभास्कर आश्रम डिग्री कालेज, इलाहाबाद

परास्नातक- छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय, कानपुर

अतिरिक्त योग्यताएं (यदि हो तो): विधि स्नातक

जन्मतिथि: 05.10.1979

स्थायी पता: भुअर निरंजनपुर, गांधीनगर, बस्ती

राज्य सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होने का वर्ष: 2009

Related Stories