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राष्ट्रीय प्रोद्योगिकी संस्थानों का शुल्क दोगुने से अधिक बढ़ा

Oct 19, 2013 11:43 IST

    राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (एनआइटी) से पढ़कर इंजीनियर बनना अब महंगा हो जाएगा. एनआइटी काउंसिल ने ट्यूशन फीस दोगुने से भी अधिक बढ़ाने पर मुहर लगा दी है. एनआईटी में अगले शैक्षिक सत्र से सालाना 70 हजार रुपये फीस देनी होगी. इसके साथ ही काउंसिल ने छात्रों, अभिभावकों के प्रति एनआइटी की जवाबदेही व पारदर्शिता बढ़ाने के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी है. इसमें अनुसूचित जाति व जनजाति के छात्रों पर इस फीस वृद्धि का कोई असर नहीं पड़ेगा.

    सूत्रों के मुताबिक, एनआइटी काउंसिल की शुक्रवार को यहां हुई बैठक में संस्थानों की फैकल्टी के वेतन पर होने वाले सालाना खर्च का बोझ कम से कम आधा करने के मद्देनजर काउंसिल ने स्थायी समिति को उस सिफारिश पर अपनी मुहर लगा दी, जिसमें फीस ट्यूशन फीस को बढ़ाकर 70 हजार करने की बात कही गई थी. गौरतलब है कि अभी एनआइटी की ट्यूशन फीस में भिन्नता है, जो सालाना अधिकतम 35 हजार रुपये तक है. काउंसिल के सदस्यों ने पिछड़े वर्ग से क्रीमीलेयर के दायरे से बाहर वाले छात्रों में से टॉप दस प्रतिशत की आधी फीस माफ करने पर भी सहमति जताई है.

    एनआइटी पारदर्शिता बढ़ाने के लिए जो नोडल अधिकारी नियुक्त करेंगे, वे सारी सूचनाएं अपने पोर्टल के साथ ही एनआइटी काउंसिल की भी पोर्टल पर डालने के लिए जिम्मेदार होंगे. नियमित मॉनीटरिंग का भी एक तंत्र विकसित किया जाएगा. साथ ही छात्रों व अभिभावकों के प्रति ज्यादा जवाबदेही के मद्देनजर संस्थान की प्रगति और प्रदर्शन का हर अपडेट पोर्टल पर होगा. छात्रों व अभिभावकों की शिकायतों के निराकरण के लिए हर एनआइटी में हर हाल में एक शिकायत निवारण कमेटी बनाने की भी जरूरत महसूस की गई है.

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