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सिविल सेवा (प्रा.) परीक्षा (सीसैट) की तैयारी हेतु रणनीति

May 9, 2013 11:56 IST

    आईएएस-2013 प्रारंभिक परीक्षा के गिने-चुने दिन बचे हैं। आपने परीक्षा में कामयाबी के लिए पूरे साल कडी मेहनत की है, हर दिन को परीक्षा का अंतिम दिन मानकर खुद को परिश्रम की भट्टी में तपाया है लेकिन वो वक्त अब आया है जब आपकी दिन-रात की मेहनत परीक्षा हॉल में दो-दो घंटे की आजमाइश में साबित होगी। बेशक परीक्षा का चक्रव्यूह घना है। हर द्वार पर आपको छकाने के लिए चुनौतियां ताजादम खडी हैं। हर पग पर प्रतिद्वंद्वियों का पहरा है लेकिन इस सबका यह मतलब नहीं कि आप पीछे हट जाएं, खुद को साबित किए बगैर मोर्चे से हार मान लें। यह वक्त है अपने सभी हथियारों को अंतिम धार देकर खुद को अंतिम रूप से तैयार करने का। यहां परीक्षा के ठीक पहले विशेषज्ञों के माध्यम से हम दे रहे हैं कुछ ऐसी सलाह जो कर सकती है आईएएस में आपकी राह आसान

    रिलेक्स स्टडी से मिलेगी कामयाबी

    परीक्षा कोई भी हो, उसके लिए योजनाबद्ध अध्ययन की दरकार होती है। लेकिन योजनाबद्ध अध्ययन तभी परवान चढेगा, जब परीक्षा के ठीक पहले आप रिलेक्स स्टडी का फॉर्मूला अपनाते हैं। इस बारे में द स्टडी के निदेशक मणिकांत सिंह बताते हैं कि आईएएस ऐसी परीक्षा है जिसका इंतजार लाखों परीक्षार्थी?पूरे साल करते हैं, ऐसे में यहां जरा सी भूल घातक होती है। इस कारण परीक्षा के ठीक पहले आप हाडतोड मेहनत की जगह खुद को थोडा आराम देते हुए अध्ययन की नीति पर काम करें।

    रिवीजन देगा धार

    जैसे-जैसे परीक्षा करीब आ रही है, वैसे-वैसे नए अध्ययन का वक्तभी बीतता जा रहा है। ऐसे में अच्छा होगा कि आप नई चीजों को पढने के बजाय जो साल भर पढा है, उसे दोहराएं। स्वयं विशेषज्ञ मानते हैं कि परीक्षा पूर्व अंतिम समय में नई चीजों की पढाई आपकी बनी बनाई रणनीति को कमजोर और मेरिट में गिरावट का कारण बन सकती है। लिहाजा उपयुक्त रहेगा कि आप तैयारी को अंतिम रूपरेखा देते वक्त नई अध्ययन सामग्री का रुख न करें।

    क्वालिटेटिव स्टडी पर दें जोर

    अमूमन आईएएस परीक्षा में बैठने वाले छात्र दो तरह के होते हैं, एक वे, जो सब कुछ एक साथ पढ डालने में यकीन करते हैं दूसरे वे, जो बेतरतीब अस्त-व्यस्त अध्ययन के स्थान पर परीक्षा के नजरिये से चयनित अध्ययन पर जोर देते हैं।?परीक्षा के ठीक पहले आपको इसी तरीके की जरूरत होती है। ज्यादातर सफल छात्रों से हुई बातचीत से यही बात निकल कर आई कि परीक्षा के दिन करीब आने पर अपनी अध्ययन की गुणवत्ता को बढाकर सेलेक्शन सुनिश्चित किया जा सकता है। आईएएस 2012 में 12वीं रैंक लाने वाले संयम अग्रवाल इसी बात का हवाला देते हुए कहते हैं कि यूं तो परीक्षा की तैयारी के लिए आदर्श?समय सीमा निर्धारित नहीं की जा सकती। लेकिन करीब आती परीक्षा के साथ आप अपनेअध्ययन का पैटर्न बदल कर खुद को कामयाबी के करीब जरूर ला सकते हैं।

    एप्टीट्यूड को लेकर न हों परेशान

    दृष्टि के निदेशक डॉ. विकास दिव्यकीर्ति कहते हैं कि गत दो वर्षो में आईएएस का पैटर्न बदला है और इसे अब सीसैट यानी सिविल सर्विसेस एप्टीट्यूड टेस्ट के नाम से जाना जा रहा है। कई?छात्र जो पुराने पैटर्न में परीक्षा देते आए हैं, उनके लिए आज एप्टीट्यूड माथे पर सिलवटें ला रहा होगा लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह तो ऐसा विषय है जो आप पढाई के शुरुआती दौर से लेकर अब तक पढते रहे हैं और जीवन के अलग-अलग आयामों में आपको कुदरती तौर पर इसकी आवश्यकता भी पडती रहती है। एप्टीट्यूड टेस्ट प्रशासनिक सेवाओं के आज के दौर में कैंडीडेट्स की क्षमताओं को आंकने का तरीका है। इसमें वही सफल होते हैं जिनमें अभिरुचि संबंधी मौलिक प्रतिभा होती है।

    करें जीएस का गहन अध्ययन

    यह बात ठीक है कि नए पैटर्न में एप्टीट्यूड का किरदार अहम हुआ है। इसमें कम प्रयास में अंक लाना भी आसान है। पर इसका मतलब यह नहीं कि जीएस पर ध्यान न दें। दृष्टि के डॉ. विकास दिव्यकीर्ति कहते हैं कि आईएएस प्रारंभिक में जीएस का गहन अध्ययन आवश्यक है। यहां खासकर इतिहास, राजनीतिक अध्ययन, भूगोल, अर्थशास्त्र के प्रश्नों की आधारभूत संरचना पर ध्यान देंगे तो फायदा मिलना तय है।

    खुद का रखें ख्याल

    आईएएस परीक्षा इतना बडा मंच है कि अक्सर छात्र बेहतर तैयारी के बाद भी प्रदर्शन के मोर्चे पर चूक जाते हैं। इसका कारण है- उनका परीक्षा के दबाव में आकर बिखर जाना। मणिकांत सिंह का मानना है कि परीक्षा के ठीक पहले पढाई के साथ-साथ छात्रों को खुद का ख्याल भी रखना होगा। इस दौरान कैंडीडेट्स अपनी नींद के साथ समझौता न करें, पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थो का सेवन करें, दोपहर में सोने से बचें। वहीं इस बारे में डॉ. विकास सुझाव देते हैं कि आईएएस का सिलेबस इतना बडा है कि इस पर पूरा नियंत्रण असंभव है। यह बात तकरीबन हर कैंडीडेट के लिए लागू होती है।

    पुराने प्रश्नपत्रों से समझें पैटर्न

    वैसे तो पुराने मॉडल टेस्ट पेपर के अध्ययन की सलाह आपको हाईस्कूल से लेकर बारहवीं, ग्रेजुएशन में भी दी गई?होगी। लेकिन सिविल सेवा में पूर्व के मॉडल पेपर्स के अध्ययन का उद्देश्य इसके पैटर्न से परिचित होना है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर आप पूर्व के प्रश्नों को देखकर तैयारी करते हैं तो आपकी तैयारी औरों से बेहतर हो सकती है।

    निगेटिव मार्किग से सतर्कता जरूरी

    इस परीक्षा में निगेटिव मार्किग है। कोई भी गलत जवाब देने पर कैंडीडेट का एक तिहाई अंक कटेगा। आप यदि एक से अधिक विकल्पों पर निशान लगाते हैं, तो भी आपका जवाब गलत माना जाएगा और अंक कटेंगे। ऐसे में विशेषज्ञ मानते हैं कि निगेटिव मार्किग से बचने के लिए आवश्यक है कि छात्र, विकल्प तभी चुनें, जब वे कम से कम 70 फीसदी निश्चिंत हों।

    समय का रखें ख्याल

    सीसैट के दोनों प्रश्नपत्रों की समयावधि दो-दो घंटे रखी गई है। इसलिए जरूरी है कि पेपर हल करते समय टाइम का खास ध्यान रखें। सेकेंड पेपर में कंप्रीहेंशन व कैलकुलेशन बेस्ड कई क्वैश्चन पूछे जाएंगे, जिनमें ज्यादा वक्त लगेगा।

    कैसा है परीक्षा पैटर्न

    परीक्षा में पिछली बार की तरह इस बार भी 2-2 घंटे समयावधि के दो प्रश्नपत्र होंगे। पहला पेपर जीएस व दूसरा पेपर एप्टीट्यूड का होगा। सभी प्रश्न बहुविकल्पीय होंगे। निगेटिव मार्किग का भी प्रावधान है।

    प्रतियोगिता के विभिन्न चरण

    1. सिविल सर्विसेस एप्टीट्यूड टेस्ट (सीसैट)

    2. सिविल सेवा मुख्य परीक्षा

    3. साक्षात्कार

    इन चीजों पर दें ध्यान

    1. सीसैट के पेपर में डिसीजन मेंकिंग के 8 सवालों को सबसे पहले करें।

    2. इंग्लिश कंप्रीहेंशन के सेक्शन को शुरुआत में ही हल करने की कोशिश करें, क्योंकि यह अमूमन सामान्य होता है। थोडी सी मेहनत से आप इसमें बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।

    3. जिन सेक्शन में अच्छा कर सकते हैं, पहले उसे हल करें इसके बाद बाकी चीजें।

    4. कई छात्रों की आदत होती है कि वे पहले सवालों को हल कर लेते हैं। इसके बाद एक साथ आंसर शीट भरते हैं। ऐसे छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे हर 4-5 प्रश्नों के बाद आंसर शीट भरते चलें। नहीं तो आपका क्रम बिगड सकता है।

    मॉडल प्रश्नपत्र

    निम्न तथ्यों पर ध्यान दें-

    1. संवैधानिक आयोगों का गठन राष्ट्रपति द्वारा किया जाता है। वे अपने दैनिक कार्यो के लिए किसी मंत्रालय के प्रति जिम्मेदार नहीं होता।

    2. विधिक आयोग संबंधित मंत्रालयों के अधीन कार्य करते हैं व इनमें से कुछ सीधे मंत्रालय से नियंत्रित होते हैं।

    3. सरकारी प्रस्तावों के माध्यम से गठित आयोगों के अध्यक्षों को उसकी पदच्युति में वैसी सुरक्षा प्राप्त नहीं होती जैसी कि संवैधानिक आयोगों के अध्यक्ष को?

    उपरोक्त कथन में कौन सत्य है?

    (क) केवल 1,2

    (ख) 1,2 व 3

    (ग) केवल 2

    (घ) केवल 1

    2. भारत में उष्ण मानसूनी जलवायु पाई जाती है, जिसकी निष्पत्ति को निम्नलिखित कारकों द्वारा स्पष्ट किया जा सकता है-

    1. भारत की अवस्थिति

    2. तापांतर

    3. ऊपरी वायु परिसंचरण

    4. अंत: ऊष्ण अभिसरण

    कूट

    (क) केवल 1

    (ख)1 व 4

    (ग)1 2 व 4

    (घ)1,2,3,4

    3. निम्न कथनों पर विचार कीजिए व सत्य/असत्य कथनों की पहचान कीजिए?

    1. ग्रीन हाउस गैसों में सर्वाधिक जीवन काल नाइट्रस ऑक्साइड का होता है।

    2. ग्रीन क्लाइमेट फंड जलवायु परिवर्तन से सर्वाधिक प्रभावित होने वाले देशों की सहायता के लिए बनाया गया है।

    (क) 1 व 2 सही

    (ख) केवल 1 सही

    (ग) केवल 2 सही

    (घ) दोनों गलत

    4. राष्ट्रीय वृद्ध देखभाल कार्यक्रम से संदर्भित निम्न कथनों पर ध्यान दें-

    1. इस योजना के तहत बजट 2013-14 में 150 करोड रुपये देने की घोषणा की गई है।

    2 .राष्ट्रीय वृद्ध देखभाल कार्यक्रम वर्तमान समय में 21 राज्यों के 100 जिलों में चलाया जा रहा है।

    3. राष्ट्रीय वृद्ध देखभाल योजना वृद्ध लोगों पर राष्ट्रीय नीति के साथ माता-पिता व वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल व कल्याण अधिनियम: 2007 के तहत क्रियांवयन हेतु लाया गया है।

    (क) केवल कथन 1 व 2 सत्य है।

    (ख) केवल कथन 2 सत्य है

    (ग) कथन 1,2,3 सत्य है।

    (घ) केवल कथन 1 व 3 सत्य है।

    5. भारत द्वारा प्रक्षेपित चर्चित उपग्रह मेघा ट्रॉपिक्स से संदर्भित निम्न तथ्यों में कौन सत्य है?

    1. यह एक मौसम संबंधी उपग्रह है जिसे पीएसएलवी के माध्यम से भेजा गया।

    2. यह भारत-फ्रांस की संयुक्त परियोजना है।

    3. मेघा ट्रॉपिक्स भारत को स्वतंत्र नौवहन प्रणाली उपलब्ध कराने में सक्षम है।

    (क) केवल 1

    (ख) केवल 2

    (ग) 2 व 3

    (घ) 1 व 2

    6. निम्न विकल्पों पर विचार करें-

    1. भारत में विदेशी निवेश को प्रोत्साहन देना

    2. खाद्य आपूर्ति को बढाना

    3. रोजगार संवर्धन

    उपरोक्त में से कौन रुपये के गिरते हुए मूल्य को रोकने में सहायक है?

    (क) केवल 1

    (ख) 1 व 2

    (ग) 1, 2 व 3

    (घ) केवल 2 और 3

    7.पांच व्यक्ति ए,बी,सी,डी, ई अखबार पढते हैं। सबसे पहले पढने वाला व्यक्ति सी को अखबार देता है जिस व्यक्ति ने अंत में अखबार पढा था उसने यह ए से लिया था। ई अखबार पढने वाला पहला या अंतिम व्यक्ति नहीं था। बी व ए के बीच दो पाठक थे। उस व्यक्ति को ज्ञात कीजिए जिसने सबसे बाद में अखबार पढा।

    (क) ई

    (ख) बी

    (ग) डी

    (घ) ए

    8. निम्न में से कौन सा तथ्य सही नहीं है?

    (क) माली, पराग्वे, नाइजर, मंगोलिया, लीबिया स्थलबद्ध देश हैं।

    (ख) विषुवत रेखा, इक्वाडोर, कोलंबिया, ब्राजील, कांगो और चाड से होकर गुजरती है

    (ग) कर्क रेखा भारत, चीन, मैक्सिको, मिश्च से होकर गुजरती है।

    (घ) कर्क रेखा गुजरात, पं बंगाल, राजस्थान से होकर गुजरती है।

    उत्तर- 1. बी , 2. डी, 3. ए, 4. सी, 5. डी, 6. ए, 7. सी, 8. ए

     

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