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सीबीएसई बोर्ड परीक्षा हेतु रणनीति

केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) एग्जाम होने में अभी कई महीने शेष हैं, यानि समय अभी भी इतना शेष है कि सब्जेक्ट पर मजबूत पैठ आसानी से बनायी जा सकती है

Dec 19, 2012 11:48 IST
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केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) एग्जाम होने में अभी कई महीने शेष हैं, यानि समय अभी भी इतना शेष है कि सब्जेक्ट पर मजबूत पैठ आसानी से बनायी जा सकती है। सब्जेक्ट पर जब तक मजबूत पकड नहीं होगी, अच्छे मा‌र्क्स लाने का सपना बेमानी होगा। साइंस स्ट्रीम में बारहवीं स्तर पर फिजिक्स की अनिवार्यता से इस फील्ड का एरिया बहुत बडा हो गया है। बारहवीं के बाद इंजीनियरिंग, मेडिकल, एग्रीकल्चर आदि में आप कॅरियर का स्वरूप निर्धारित कर सकते हैं। यह तभी संभव है, जब फिजिक्स पर मजबूत कमांड होगी।

कांसेप्ट के साथ करें स्टडी

बारहवीं में अच्छे मा‌र्क्स के साथ उत्तीर्ण होना चाहते हैं तो बेसिक कांसेप्ट के साथ तैयारी करना होगा तभी एग्जाम में अच्छे नंबर लाए जा सकते हैं। अभी आपके पास इतना समय शेष है कि हर तरह के फार्मूलों के प्रश्नों का अभ्यास कर एग्जाम में बेस्ट कर सकते हैं। फिजिक्स में कुछ चेप्टर पर स्टूडेंट्स को बारीकी से ध्यान देना चाहिए। ऑप्टिक्स, इलेक्ट्रीसिटी,मैग्नेटिक इफेक्ट, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का खूब अध्ययन करना चाहिए। इन चेप्टरों में यदि माइनर प्वाइंट्स पर ध्यान देंगे तो एग्जाम में बेस्ट करने के चांसेज बढ जाते हैं। बोर्ड एग्जाम के पिछले प्रश्न पत्रों को जरूर सॉल्व करें। अभ्यास के साथ पाठ की डिफिनेशन, डेरीवेशन एंड रिजल्ट की प्रैक्टिस जरूर करनी चाहिए। किसी भी प्रश्न को हल करने के लिए बेसिक कांसेप्ट डेरीवेशन का ही प्रयोग करें। हर प्रश्न को विश्लेषण करने के बाद यह विश्लेषण करें कि आपने उससे क्या सीखा है। ऐसा करने से आप खुद से कांसेप्ट को अप्लाई करना सीख जाएंगे। फिजिक्स के पेपर पैटर्न में इस बार बदलाव किया गया है। पिछले वर्ष के 30 प्रश्नों के स्थान पर इस बार 29 प्रश्न पूछे जा सकते हैं। प्रश्न नंबर 26वां वैल्यू बेस्ड और लाइफ स्टडीज पर आधारित हो सकता है।

सफलता के फार्मूले


-प्रत्येक चैप्टर्स के डेरिवेशन और फार्मूलों की लिस्ट बना लें और समय-समय पर उसका रिवीजन करते रहें।

-प्रैक्टिकल, इंवेस्टीगेटिव प्रोजेक्ट और एक्टीविटीज जितनी ज्यादा करेंगे, उतनी ही सब्जेक्ट पर मजबूत पकड होगी।

-नोट्स बनाकर तैयारी करेंगे तो रिवीजन में बहुत कम समय लगेगा।

-फोकस दि एप्रोच, डिटरमिनेशन और कंसंट्रेंसन द्वारा कोई भी लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

-न्यूमेरिकल की खूब प्रैक्टिस करने से फिजिक्स को समझना आसान हो जाता है।

-सर्किट, डायग्राम, रे-डायग्राम, ब्लॉक डायग्राम और फ्लो चार्ट के माध्यम से अच्छे नंबर लाए जा सकते हैं। -ऑप्टिक्स, इलेक्ट्रीसिटी और माडर्न फिजिक्स के माइनर प्वाइंट्स पर भी दें ध्यान दें।

सफलता के ढाई माह

सीबीएसई की बारहवीं की परीक्षा मार्च में प्रस्तावित होने के कारण अभी भी आपके पास लगभग ढाई माह शेष हैं। फिजिक्स स्कोरिंग सब्जेक्ट होने के कारण इसमें की गयी स्पेशल तैयारी आपकी सफलता की कहानी लिख सकती है। शेष समय में तैयारी के लिए कैसी होनी चाहिए स्ट्रेटेजी..

दिसंबर में स्ट्रेटेजी बनाकर करें पढाई

अभी भी समय आपके पास बहुत है। सिस्टेमेटिक पढाई कर अच्छे नंबर आसानी से लाए जा सकते हैं। नोट्स बनाएं और खूब न्यूमेरिकल लगाएं। फार्मूले को समझें और सवाल हल करने में अप्लाई करें। परिभाषाओं पर फोकस करें, उन्हें ध्यान से समझेंगे तो परीक्षा आसान लगने लगेगी। एक बात और ध्यान रखें इस समय प्रैक्टिकल पर अधिक से अधिक समय दें, जितना ज्यादा प्रैक्टिकल करेंगे उतना ही लाभदायक रहेगा। हाई आर्डर थिंकिंग स्किल प्रश्नों को सॉल्व करने की प्रैक्टिस करें। इसमें टीचर और सहपाठियों की हेल्प जरूर लें।

जनवरी में करें इंपोर्टेट चैप्टर पर फोकस

जनवरी के महीने में इंपोर्टेट चेप्टर प्रैक्टिकल और न्यूमेरिकल की तैयारी करें। ऑप्टिक्स, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर विशेष ध्यान दे, क्योंकि कुल 70 अंकों की थ्योरी के इस पेपर में 14 अंकों के प्रश्न सिर्फ ऑप्टिक्स चेप्टर से आते हैं। इसलिए इस चेप्टर पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। क्लास में पढाए गए महत्वपूर्ण टॉपिक्स पर बनाए गए नोट्स को डीप में जाकर पढें। अगर कोई प्रश्न समझने में भ्रम की स्थिति हो क्लास में उसे क्लियर कर ले।

रिवीजन के लिए फरवरी बेस्ट

फरवरी में रिवीजन करें और पिछले पांच वर्षो के बोर्ड पेपर्स को अवश्य सॉल्व करें तथा कम से कम 12 सैम्पल पेपर स्वयं करने का लक्ष्य रखें। टेक्स्ट बुक के एग्जांपल्स ,समस्त क्वैश्चंस आदि का समझकर रिवीजन करना श्रेष्ठकर हो सकता है। इसमें कुछ प्रश्न प्रश्नपत्र में जरूर होंगे। अच्छी तैयारी और सुनियोजित मेहनत बोर्ड एग्जाम में 90 प्रतिशत से अधिक अंक आसानी से दिला सकती है।

जरा सी मेहनत और 100 अंक

फिजिक्स स्को¨रग सब्जेक्ट है। स्टूडेंट्स को प्रैक्टिकल अंकों को ध्यान में रखना चाहिए। इसमें जरा सी मेहनत से सौ फीसदी अंक आसानी से मिल सकते हैं। प्रैक्टिकल के समस्त टॉपिक्स न सिर्फ तैयार कर लें बल्कि प्रत्येक प्रैक्टिकल स्वयं कर लें। ऐसा कर लेने से संभावित त्रुटियां और असावधानियों से पहले से सचेत हो जाएंगे। स्टूडेंट्स सभी चैप्टर्स के प्वाइंट टू प्वाइंट आखिरी समय में रिवीजन में उपयोगी साबित होते हैं। ऑप्टिक्स, इलेक्ट्रोस्टेटिक्स, मैग्नेटिक इफेक्ट, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस की तैयारी पर विशेष ध्यान दें। फिजिक्स के लिए कम से कम प्रतिदिन तीन घंटे समय जरूर दें।

राकेश चतुर्वेदी,

प्राचार्य, अर्मापुर केन्द्रीय विद्यालय, कानपुर

डॉ. योगेश

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