Jagran Josh Logo

स्मार्ट रिवीजन हाइ स्कोर

Jan 24, 2014 17:25 IST

    साइंस सब्जेक्ट्स में फिजिक्स काफी अहम है। इस सब्जेक्ट में स्कोर करने के लिए इसका कॉन्सेप्ट और एप्लीकेशन समझना जरूरी है। साथ ही, इसके क्वैश्चंस को सॉल्व करने के लिए लॉजिकल और एनालिटिकल थिंकिंग जरूरी है।

    हाई स्कोर का बेसिक फंडा

    -सिलेबस के अनुसार पूरी किताब एक बार अच्छी तरह से पढ लें। ऐसा करने से पता चल जाएगा कि आप कहां वीक हैं और किस पार्ट पर अधिक फोकस करने की जरूरत है।

    -अपने साथ तीन अलग-अलग क्विक रिवीजन लिस्ट रखें, एक इम्पॉर्टेट फॉर्मूले, दूसरा सभी इम्पॉर्टेट डेरिवेशंस और तीसरा सभी इम्पॉर्टेट डिफिनिशंस के।

    -एनसीईआरटी के सारे एग्जाम्पल्स को सॉल्व करने की कोशिश करें।

    -ग्राफ , खासतौर पर डायग्राम्स को अच्छी तरह से रिवाइज करें।

    -तमाम तरह के कॉन्सेप्ट्स के एप्लीकेशंस को समझें। जितनी जल्दी हो सके अपने टीचर से डाउट क्लियर कर लें।

    -थ्योरी से जुडे न्यूमेरिकल क्वैश्चंस को सॉल्व करने की खूब प्रैक्टिस करें।

    -क्वैश्चंस सॉल्व करते समय पूरी डिटेल्स दें। अगर आपने छोटी-छोटी डिटेल्स मिस की, तो क्वैश्चन सही सॉल्व करते हुए भी आपके मा‌र्क्स कट सकते हैं।

    -महत्वपूर्ण टॉपिक्स और ऐसे टॉपिक्स, जिनमें आप वीक हैं, उन पर फोकस करते हुए अपना स्टडी शेड्यूल बनाएं।

    -जिन टॉपिक्स पर आपकी मजबूत पकड है, उनका रिवीजन करने से अपनी स्टडी आरंभ करें। इससे आपका कॉन्फिडेंस लेवल हाई रहेगा।

    -क्वैश्चंस के प्वाइंटवाइज सॉल्यूशन लिखकर प्रैक्टिस करें, ताकि एग्जाम में बेहतर परफॉर्म करके ज्यादा से ज्यादा स्कोर कर सकें।

    -टाइम मैनेजमेंट का हमेशा ध्यान रखें। फिक्स टाइम लिमिट में क्वैश्चन पेपर सॉल्व करके अपनी स्पीड बढाएं। एक्यूरेसी का भी पूरा ध्यान रखें।

    -हार्ड वर्क और पेशेंस से फिजिक्स पर कमांड किया जा सकता है, लेकिन सक्सेस की एकमात्र की है.. रिवीजन, रिवीजन और रिवीजन।

    हर बडा एग्जाम थ्योरी ऑफ सिलेक्शन की बजाय थ्योरी ऑफ एलिमिनेशन पर टिका होता है।

    सेलेक्टेड चैप्टर्स पर हो फोकस

    सीबीएसई 12वींक्लास में इस बार से मॉरल साइंस के 4 क्वैश्चंस भी पूछे जाएंगे। मैग्नेटिज्म, ऑप्टिक्स, सेमीकंडक्टर, एटम ऐंड न्यूक्लियर, इन चार चैप्टर्स की अच्छी तरह तैयारी करके ही फिफ्टी से सिक्स्टी परसेंट नंबर लाए जा सकते हैं। इसके अलावा, एनसीईआरटी के एग्जाम्पल क्वैश्चंस सॉल्व करें।

    मैट को करें सेट


    मैट का पेपर ऑब्जेक्टिव होता है। इसमें माइनस मार्किग भी होती है। कैंडिडेट्स को 2.30 घंटे में 200 क्वैश्चंस के आंसर देने होते हैं। इसलिए टाइम मैनेज करना बहुत जरूरी है। स्मार्ट कैंडिडेट के रूप में आपको एग्जाम हॉल में ईजी क्वैश्चंस चुनने और टफ सवाल छोडने हैं, क्योंकि हर क्वैश्चन एक नंबर का है, लेकिन डिफिकल्टी लेवल अलग-अलग है। कोशिश करें कि ईजी क्वैश्चंस पहले सॉल्व करें। सेक्शन वाइज टाइम तय करें। लैंग्वेज के लिए 30 मिनट, मैथ्स के लिए 40 मिनट, डेटा एनालिसिस के लिए 35 मिनट, लॉजिकल रीजनिंग के लिए 30 मिनट और इंडियन ऐंड ग्लोबल एनवॉयरनमेंट के क्वैश्चंस सॉल्व करने के लिए 15 मिनट का समय आइडियल होगा। हर सेक्शन के लिए टाइम तय कर लें और उसी निर्धारित समय में क्वैश्चंस को सॉल्व करें। एक सेक्शन में भी आपने पांच मिनट ज्यादा समय दे दिया, तो फिर आखिरी सेक्शन के लिए आपके पास टाइम नहीं बचेगा। ईजी और एवरेज डिफिकल्टी लेवल के क्वैश्चंस को सॉल्व करने का बाद बचे टाइम का इस्तेमाल टफ क्वैश्चंस के लिए किया जा सकता है। सेलेक्शन के लिए 120-140 सवाल काफी होते हैं।

    स्ट्रेटेजी+टाइम मैनेजमेंट

    अगर सही स्ट्रेटेजी और टाइम मैनेजमेंट के साथ तैयारी की जाए, तो मैट का पेपर मुश्किल नहीं है।?एग्जाम के दौरान पेशेंस रखें। आसान क्वैश्चंस पहले सॉल्व करें। आपने 200 में 120 क्वैश्चंस भी सही कर लिया, तो अच्छा स्कोर कर जाएंगे और फिर आपका सेलेक्शन पक्का..

    Latest Videos

    Register to get FREE updates

      All Fields Mandatory
    • (Ex:9123456789)
    • Please Select Your Interest
    • Please specify

    • ajax-loader
    • A verifcation code has been sent to
      your mobile number

      Please enter the verification code below

    Newsletter Signup
    Follow us on
    This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK
    X

    Register to view Complete PDF