जानिए वे कौन सी बातें हैं जो विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के दौरान भ्रमित करती हैं

इस लेख में हम आपको कुछ ऐसी बातें बताने जा रहें हैं जो विद्यार्थियों को IIT JEE की परीक्षा के तैयारी के दौरान भ्रमित करती हैं| इस लेख की सहायता से विद्यार्थियों को यह पता चलेगा कि इन सभी बातों में कितनी सच्चाई है|

Created On: Jul 20, 2018 12:22 IST
Modified On: Oct 9, 2018 12:10 IST
5 myths uncovered about IIT JEE
5 myths uncovered about IIT JEE

ऐसे विद्यार्थी जो किसी भी Engineering entrance exam की तैयारी करते हैं उन्हें अपने आस पास के लोगों द्वारा बहुत सारे सुझाव या रणनीतियों के बारे में पता चलता है| कुछ सुझाव तो उनके लिए बहुत ही लाभकारी होते हैं किंतु कुछ सुझाव उन्हें केवल भ्रमित करते हैं|

आज हम इस लेख में आपको कुछ ऐसी बातों के बारे में बताने जा रहे हैं जो बिलकुल ही गलत या झूठी हैं| आइए विस्तार से पढ़ते हैं उनके बारे में|

1. बोर्ड प्रतिशत:

तैयारी के दौरान कुछ विद्यार्थी यह सोच लेते हैं कि जिन विद्यार्थियों के बोर्ड की परीक्षा में अच्छे मार्क्स आते हैं उनके IIT JEE की परीक्षा में अच्छे मार्क्स नहीं आ सकते, किंतु ऐसा सोचना बिलकुल ही गलत है| हम सभी जानते हैं कि JEE Main और JEE Advanced की परीक्षा का आधार ही कक्षा 11वीं और 12वीं हैं, जो विद्यार्थी 11वीं और 12वीं कक्षा में ही अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सकते उनका JEE Main की परीक्षा को ही पास कर पाना असभंव है|

2. कितने घंटे पढ़ना ज़रूरी:

हम सभी ने यह कहावत बहुत बार सुना होगा “अगर कोई उम्मीदवार दिन में 12 घंटे से अधिक अध्ययन नहीं कर रहा है, तो वह IIT JEE की परीक्षा को पास नहीं कर सकता है” | यह गलत है किंतु इसका मतलब यह भी नहीं है कि बिना पढ़ाई के ही कोई भी विद्यार्थी IIT JEE की परीक्षा को पास कर सकता है | परीक्षा को पास करने के लिए केवल 4 से 8 घंटे पढ़ना ही काफी है किंतु विद्यार्थियों को इस अवधि में बड़े ही ध्यान पूर्वक पढ़ना चाहिए |

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3. ज़्यादा किताबें पढ़ना:

“अगर आप ज़्यादा पढ़ेंगे तो आप आसानी से परीक्षा पास कर लेंगे” यह सोचना भी बिलकुल गलत है| विद्यार्थियों का बाज़ार में उपलब्ध सारी किताबों को खरीदना या पढ़ना बिलकुल भी ज़रूरी नहीं है | विद्यार्थी IIT JEE की परीक्षा की तैयारी के लिए केवल 2 या 3 स्टैण्डर्ड किताबों से पढ़ाई कर सकते हैं| इसके लिए विद्यार्थी JEE Toppers और अपने सीनियर्स की सहायता ले सकते हैं|

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4. केवल Offline स्टडी सामग्री ही प्रयाप्त है:

कुछ विद्यार्थी तैयारी के दौरान ऐसा सोचते हैं की केवल Offline स्टडी सामग्री ही प्रयाप्त है, किंतु ऐसा सोचना बिलकुल गलत है| हम 21वीं सदी में हैं जहाँ पढ़ाई करने के लिए बहुत सी Online सामग्री जैसे Video Lectures, Online Test Series, Chapter Notes, Previous Year Question Papers and Topper’s Interviews हमें आसानी से मिल जाते हैं  इन सभी की सहयता से विद्यार्थी IIT JEE की परीक्षा की तैयारी को और अच्छे ढंग से कर सकते हैं|

5. JEE Main में अच्छा स्कोर मतलब JEE Advanced में भी अच्छा स्कोर आएगा:

कभी-कभी विद्यार्थी JEE Main की परीक्षा में अच्छा स्कोर करने के बाद सोचने लगते हैं कि वो JEE Advanced की परीक्षा में आसानी से अच्छा स्कोर कर लेंगे और उनका दाखिला किसी भी एक Indian Institutes of Technology में आसानी से हो जाएगा, किंतु ऐसा बिलकुल नहीं हो पाता| JEE Main की परीक्षा में विद्यार्थियों का केवल बेसिक ज्ञान ही टेस्ट किया जाता है और JEE Advanced की परीक्षा में विद्यार्थियों के  Conceptual ज्ञान को  टेस्ट किया जाता है|  

हम सभी कल्पित वीरवाल के बारे में जानते है| कल्पित वीरवाल ने JEE Main 2017 की परीक्षा में पूरे मार्क्स (360/360) हासिल कर परीक्षा में Top किया था किंतु JEE Advanced 2017 की परीक्षा में 303 मार्क्स ला कर 109वीं रैंक हासिल की| दूसरी ओर सर्वेश मेहतानी ने JEE Main 2017 में 55वीं रैंक हासिल करने के बावजूद JEE Advanced 2017 की परीक्षा में 339 मार्क्स हासिल कर परीक्षा में Top किया|

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