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भूलकर भी अपने पहले जॉब इंटरव्यू में न कहें ये 5 बातें

किसी कॉलेज में प्लेसमेंट सीजन के दौरान कैंपस में चारों तरफ घबराहट और अनिश्चितता का माहौल बन जाता है.

Oct 1, 2019 15:31 IST
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5 things not to say in your first job interview
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किसी कॉलेज में प्लेसमेंट सीजन के दौरान कैंपस में चारों तरफ घबराहट और अनिश्चितता का माहौल बन जाता है. कॉलेज में फाइनल इयर के स्टूडेंट के तौर पर आप अपनी और अपने परिवार की बहुत-सी उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए काफी दबाव सहते हैं, खासकर उस समय जब आप किसी अच्छी जॉब को प्राप्त करने की कोशिश कर रहे हों. कॉलेज प्लेसमेंट सीजन के दौरान अपनी पसंदीदा कंपनी में एक अच्छी नौकरी पाना ही सिर्फ आपके दिमाग में समाया रहता है. कुछ कॉलेज स्टूडेंट्स के लिये उनके जीवन का यह पहला अवसर होता है जब वे कोई प्रोफेशनल इंटरव्यू दे रहे होते हैं और कई अन्य स्टूडेंट्स के लिए यह कुछ जानी-पहचानी प्रोसेस हो सकती है क्योंकि उन्होंने इससे पहले कॉलेज इंटर्नशिप्स के लिये इंटरव्यू दिये होते हैं.

इसके बावजूद, कॉलेज में प्लेसमेंट टाइम के दौरान हरेक स्टूडेंट नर्वस होता है. आखिरकार, यह आपका पहला जॉब इंटरव्यू होता है और आपमें से कई अपनी फील्ड के मशहूर संगठनों में जॉब पाने की होड़ में होते हैं लेकिन हर किसी को यह मौका नहीं मिलता है. आपके सेलेक्शन पर कई बातों का असर पड़ता है जैसे उनमें से एक आपकी अकेडमिक योग्यता है. लेकिन ए-ग्रेड स्टूडेंट होने पर भी यह हमेशा जरुरी नहीं होता है कि आपको अपनी पसंद की कंपनी में अवश्य ही नौकरी मिल जायेगी. बहुत कुछ आपके इंटरव्यू पर निर्भर करता है क्योंकि यह आपके एम्प्लॉयर से आमने-सामने होने वाला पहला  इंटरेक्शन होता है. जो इम्प्रैशन आप यहां डालते हैं, वह आपकी पसंदीदा कंपनी में जॉब दिलाने की सीढ़ी बन जाता है. इसलिये, इंटरव्यू में सफल होने के लिए यह जरुरी है कि किसी इंटरव्यू में शामिल होते समय स्टूडेंट्स नीचे दिये गये इन कुछ महत्वपूर्ण पॉइंट्स पर अच्छी तरह ध्यान दें: 

आपकी कंपनी वास्तव में क्या काम करती है? इसे कभी न पूछें

अपने इंटरव्यूअर से ऐसे प्रश्न कभी न पूछें. जैसे ही आप यह प्रश्न पूछ बैठते हैं, वैसे ही एक भावी कैंडिडेट के तौर पर आपका मूल्य कम हो जाता है. अगर आपने एक भावी कैंडिडेट के तौर पर किसी कंपनी में अप्लाई किया है तो आपसे उम्मीद की जाती है कि आपको कंपनी के कामकाज के बारे में बेसिक जानकारी होगी. यदि आपके एम्प्लॉयर को अहसास हो जाए कि आपको कंपनी की बैकग्राउंड के बारे में बेसिक जानकारी नहीं है तो शायद ही वे आपके कैंडिडेचर को गंभीरता से लें. आप उस कंपनी में नौकरी पाने के अवसर से हाथ धो बैठेंगे. भले ही आपको कंपनी के कामकाज के बारे में जानकारी न हो, आप आसानी से पहले ही यह जानकारी गूगल से प्राप्त कर सकते हैं.

कुछ बेसिक जानकारी के साथ आप ज्यादा अच्छी बात-चीत कर सकते हैं जैसे – मैंने पढ़ा है कि आपकी कंपनी ये-ये काम करती है, मै इन तरीकों से इन कामों में अपना योगदान दे सकता/ सकती हूं. इससे अपने काम के प्रति आपकी गंभीरता का पता चलेगा और इंटरव्यूअर पर आपका अच्छा इम्प्रैशन पड़ेगा.

ऐसा कभी न पूछें कि क्या यहां मिलने वाली सैलरी और अन्य लाभों के बारे में आप मुझे बता सकते हैं?

अपने पहले इंटरव्यू में कभी अपने एम्प्लॉयर से यह प्रश्न न पूछें. अपनी स्किल्स, जॉब प्रोफाइल के बारे में आप कुछ भी पूछ सकते हैं. आपसे क्या अपेक्षा की जायेगी, इस बारे में खुल कर बात करें और अपने बारे में कुछ ऐसे पॉइंट्स बतायें जिन को लेकर आप समझौता नहीं कर सकते हैं जैसे – आप निर्धारित समय से जल्दी ऑफिस नहीं आ सकते हैं या फिर आप शाम को देर तक ऑफिस में नहीं रुक सकते हैं. लेकिन इस बात का पूरा ध्यान रखें कि आपने अपने पॉइंट्स के पक्ष में उचित तर्क दिये हैं. ऐसे पॉइंट्स रखते समय आप अशिष्ट न लगें. अगर आपकी रिक्वेस्ट्स उचित और मानने योग्य हैं तो एम्प्लॉयर्स उन पर अवश्य विचार करेंगे, बशर्ते आप उनके लिये साफ तौर पर एक भावी कैंडिडेट हों.

यदि आप सैलरी और अन्य लाभों के बारे में प्रश्न पूछते हैं तो एम्प्लॉयर पर आपका इम्प्रैशन खराब हो जाता है. खासकर, जब यह आपकी पहली नौकरी हो और आपने अभी-अभी अपनी ग्रेजुएशन पूरी की हो. आपके पास शायद ही कोई अनुभव हो और इसके बहुत चांस होते हैं कि आपको ट्रेंड करने में कंपनी को अपने कई रिसोर्स लगाने पड़ेंगे. सैलरी के बारे में प्रश्न पूछने से ऐसा लगेगा कि आप केवल रुपये कमाने की खातिर ही वह नौकरी करना चाहते हैं. वैसे तो यही सच है, लेकिन अपने एम्प्लॉ यर को यह जताना जरुरी तो नहीं है.

कभी न कहें: मुझे नहीं लगता कि मैं यहां दो साल से ज्यादा जॉब करुंगा/ करूंगी

आजकल बहुत से एम्प्लॉयर्स कुछ ऐसे प्रश्न पूछते हैं जैसे – ‘आप दो साल के बाद अपने को कहां देखते हैं?’ किसी भी हालत में आप इस प्रश्न का यह उत्तर न दें कि, ‘मुझे नहीं लगता कि मैं यहां दो साल से ज्यादा जॉब करुंगा/ करूंगी.’ आपके यह जवाब देते ही उस नौकरी को पाने के आपके अवसर तुरंत समाप्त हो जाते हैं और इसके लिए कोई दूसरा नहीं बल्कि आप खुद दोषी हैं. यह ठीक वैसा ही है जैसे कि आप जिस डाल पर बैठे हों, उसी पर कुल्हाड़ी मार रहे हों. 

एक फ्रेशर के तौर पर आपसे यह उम्मीद की जाती है कि आप आने वाले 2 साल में अपनी जॉब बदल लेंगे. अपने शुरू के वर्षों में यह आपके लिये अच्छा रहता है. लेकिन अपने एम्प्लॉयर से यह बात न कहें. कल्पना करें कि वे आपको काम पर रखने के बारे में सोच रहे हैं. वे आप पर अपना टाइम और रिसोर्सेज इंवेस्ट करेंगे क्योंकि आप अभी कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी करके निकले हैं और आपके स्किल्स के साथ अनुभव नहीं जुड़ा है. एक बार ट्रेंड होने के बाद आप उन्हें अगर छोड़ ही देंगे तो वे अपना इतना अधिक टाइम और एनर्जी आप पर क्यों इंवेस्ट करेंगे?

इस जॉब के लिए आपको किस तरह की स्किल्स चाहियें?

यह प्रश्न काफी हद तक पहले प्रश्न जैसा ही है. यदि आपको इस जॉब के लिये जरुरी स्किल सेट के बारे में पता नहीं है तो आप इंटरव्यू देने क्यों आये हैं? आपसे यह उम्मीद की जाती है कि आप किसी ऐसी जॉब के लिये इंटरव्यू देने आये हैं जिसके बारे में आपको बेसिक समझ है कि आपको उस जॉब में किस किस्म का काम करना होगा. इसके अलावा, अधिकांश एम्प्लॉयर्स किसी भी प्लेटफार्म पर जॉब सूचना जारी करते समय उस जॉब के तहत आने वाली ड्यूटी के बारे में जानकारी देते हैं. इस तरह के प्रश्न पूछने से यह प्रतीत होगा कि आपने उस जॉब सूचना को ठीक से पढ़ा भी नहीं है. इससे पहले यदि आप उस जॉब के लिए एक सूटेबल कैंडिडेट लग भी रहे हों तो भी यह प्रश्न पूछते ही आप उस जॉब को पाने का मौका गंवा देंगे. अगर आपको यह लगे कि जॉब सूचना में दी गई जानकारी अधूरी है तो आप इस संबंध में अवश्य ही कुछ नपे-तुले प्रश्न पूछ सकते हैं जैसे – अगर आप कंटेंट राइटर की जॉब के लिये अप्लाई कर रहे हैं तो आप पूछ सकते हैं कि किन विषयों और टॉपिक्स पर आपको लिखना होगा, एक दिन में आपको कितने आर्टिकल लिखने होंगे या फिर कंटेंट राइटिंग से जुड़ा कोई ऐसा प्रश्न आप अवश्य पूछ सकते हैं. 

मुझे कोई प्रश्न नहीं पूछना है

अपने इंटरव्यू के समापन पर, आप देखेंगे कि अधिकांश एम्प्लॉयर्स आपसे पूछेंगे कि ‘क्या आप उनसे कोई प्रश्न  पूछना चाहते हैं?’ कभी यह जवाब न दें कि आप कोई प्रश्न नहीं पूछना चाहते हैं. एम्प्लॉयर आपसे प्रश्न पूछने की उम्मीद रखते हैं, वे आपको प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित करते हैं. इससे उनको यह समझने में आसानी होती है कि आप कंपनी में अपने काम के बारे में या अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों को कितना समझ पाये हैं. इससे आपके साथ एम्प्लॉयर को भी फायदा होता है.

इस डर से इंटरव्यू के आखिर में प्रश्न पूछने का भी इंतजार न करें कि इंटरव्यू के दौरान आपको ऐसा करने का टाइम नहीं मिल सकता है. ध्यान रखें कि इंटरव्यू एक दो-तरफा प्रक्रिया है. इससे ऑफिस में अपनी जॉब को लेकर आपकी जिज्ञासा और रूचि के साथ ही आपकी लर्निंग स्किल्स के बारे में भी पता लगता है.

आशा है कि इन पॉइंटर्स से आपको अपने अगले इंटरव्यू के लिये तैयारी करने में मदद मिलेगी. आपके भावी प्रयासों के लिए हमारी ओर से शुभकामनायें. कॉलेज लाइफ और कॉलेज स्टूडेंट्स के रोज़-रोज़ के संघर्षों के बारे में ऐसे और इन्फॉर्मेटिव आर्टिकल्स के लिए www.jagranjosh.com/college पर विजिट करें. इस आर्टिकल को अपने दोस्तों और क्लासमेट्स के साथ शेयर करें ताकि वे भी अपने कॉलेज कैंपस में आने वाले प्लेसमेंट सीजन के लिए अच्छी तैयारी कर सकें. इसके अतिरिक्त, आप अपने पहले जॉब इंटरव्यू का सामना करने के लिए ऐसे उपयोगी टिप्स एंड ट्रिक्स की जानकारी नीचे दिये गये फॉर्म में अपनी ई-मेल आईडी सबमिट करके भी अपने इनबॉक्स में सीधे प्राप्त कर सकते हैं.

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