Search

स्टडी नोट्स: ये एकेडमिक राइटिंग टिप्स हैं स्टूडेंट्स के लिए कुछ ख़ास

आपके लिए अपने स्टडी नोट्स या एकेडमिक प्रोजेक्ट्स को सटीक बनाने के लिए एकेडमिक राइटिंग स्टाइल फ़ॉलो करना बहुत जरुरी है. इस आर्टिकल में आपके लिए कुछ खास टिप्स पेश हैं जिन्हें फ़ॉलो करके आप एकेडमिक राइटिंग में एक्सपर्ट बन सकते हैं.

Apr 10, 2020 16:53 IST
facebook IconTwitter IconWhatsapp Icon
 Academic writing tips for college students
Academic writing tips for college students

हरेक इंसान और विशेष रूप से हरेक छात्र की अपनी लेखन शैली (राइटिंग स्टाइल) होती है जिसके माध्यम से वह अपने विचार साफ़-साफ़ शब्दों में एनी सभी लोगों के साथ साझा करता है. बेशक, रोजाना के अनौपचारिक लेखन और/ या क्रिएटिव राइटिंग स्टाइल से एकेडमिक राइटिंग बिलकु अलग होती है. एकेडमिक राइटिंग में रिसर्च वर्क या व्यापक अध्ययन का विशेष महत्त्व होता है. इसमें किसी भी विषय या टॉपिक पर लिखने के लिए कुछ निर्धारित नियम और फॉर्मेट्स होते हैं जो हरेक छात्र/ व्यक्ति को फ़ॉलो करने पड़ते हैं. एकेडमिक राइटिंग में शामिल निबंध, थीसिस, यूनिवर्सिटी एग्जाम्स, प्रेजेंटेशन्स आदि सभी लेखों के लिए छात्र को सम्बद्ध टॉपिक के सभी आस्पेक्ट्स का ध्यान रखकर ही निर्धारित फॉर्मेट में अपना आर्टिकल लिखना होता है. आपको शुरू-शुरू में यह बहुत अधिक मुश्किल काम लग सकता है, लेकिन एक बार एकेडमिक राइटिंग में एक्सपर्ट बनने के बाद यह काम आपके लिए काफी आसान हो जाता है. अपने एकेडमिक पेपर्स लिखते समय आपको कुछ बेसिक गाइडलाइन्स का ध्यान रखना होगा जोकि हम इस आर्टिकल में आपके लिए पेश कर रहे हैं जैसेकि:

·         अपने टॉपिक, सब्जेक्ट कंटेंट और ऑडियंस के लेवल के मुताबिक ही लिखें

एकेडमिक राइटिंग में अक्सर ऐसी ऑडियंस (रीडर या पेशेवर व्यक्ति) शामिल होती है जो उच्च शिक्षा प्राप्त होती है और इन लोगों को आपके एकेडमिक पेपर के टॉपिक की काफी अच्छी जानकारी होती है. इसलिये, उन्हें टॉपिक की बैकग्राउंड या व्यापक परिचय की कोई आवश्यकता नहीं होती है. आप सीधे  टॉपिक या सब्जेक्ट कंटेंट पर लिखना शुरू कर सकते हैं क्योंकि ऐसा करने से आपका और आपके रीडर्स का काफी समय बच जाएगा. बार-बार बेसिक जानकारी पढ़ने से रीडर्स का आपके एकेडमिक पेपर को पढ़ने में इंटरेस्ट नहीं रहेगा. 

·         लिखने का सही तरीका और फॉर्मेट इस्तेमाल करना भी है जरुरी

चाहे आप निबंध, थीसिस, रिपोर्ट, प्रेजेंटेशन या किसी अन्य फॉर्मेट में एकेडमिक पेपर लिखें, हरेक आर्टिकल को लिखने का एक निर्धारित फॉर्मेट या सही तरीका होता है. कुछ निर्धारित गाइडलाइन्स को फ़ॉलो करके आप निर्धारित फॉर्मेट में अपना एकेडमिक पेपर तैयार कर सकते हैं जिससे रीडर को आपका एकेडमिक पेपर जल्दी समझने में आसानी होती है. किसी भी एकेडमिक आर्टिकल का सबसे मौलिक फॉर्मेट किसी टॉपिक की एक उपयुक्त भूमिका या परिचय लेखन, विषयवस्तु, जिसमें उस टॉपिक के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत चर्चा की जाती है और आर्टिकल के अंत में अपने टॉपिक का कम शब्दों में सारांश देना होता है. आपको सलाह दी जाती है कि किसी भी टॉपिक पर कुछ लिखना शुरू करने से पहले आप अपने टॉपिक की रूपरेखा तैयार कर लें. 

·         बैकग्राउंड की रखें समुचित जानकारी

जब आप कोई आर्टिकल लिखना शुरू करें तो उससे पहले, यह बहुत जरुरी है कि आप अपने टॉपिक से संबद्ध पूर्व प्रकाशित टॉपिक्स को अच्छी तरह पढ़ और समझ लें. आप अपने एकेडमिक टॉपिक से संबद्ध जितनी अधिक जानकारी प्राप्त करेंगे, उतना अधिक आपको लाभ होगा क्योंकि जब आप पहले लिखे हुए एकेडमिक पेपर्स पढ़ेंगे तो आपको अपने एकेडमिक पेपर की रूपरेखा उनसे बेहतर बनाने में मदद मिलेगी. इससे आप अपने एकेडमिक टॉपिक को भी कहीं बेहतर तरीके से समझ पायेंगे. अपने टॉपिक की बैकग्राउंड की समुचित जानकारी हासिल करने के बाद आप अपने एकेडमिक पेपर में फ्रेश और क्रिएटिव जानकारी तथा चर्चा पेश करने में कामयाब होंगे. आप पिछले टॉपिक्स और प्वाइंट्स को दोहराने से बच जायेंगे. आपका एकेडमिक पेपर ‘मौलिक’ बनेगा जिससे आपकी मेहनत सफल होगी.

ये खास टिप्स फ़ॉलो करके कॉलेज एग्जाम्स में लायें बढ़िया मार्क्स

·         टॉपिक का विषय हो महत्त्वपूर्ण

थीसिस जैसा कोई एकेडमिक पेपर लिखते समय लेखक को अपनी थीसिस के संबंध में कोई कांसेप्ट निर्धारित करना होता है, जिसके आधार पर लेखक अपनी थीसिस के स्टेटमेंट लिखते हैं. आपके टॉपिक का विषय महत्त्वपूर्ण होना चाहिए और इसे लिखने का सबसे बेहतर तरीका यह है कि आप अपनी स्टेटमेंट के पक्ष में साक्ष्यों की एक रूपरेखा बना लें. अपने एकेडमिक पेपर की वैधता को साबित करने के लिए लेखक मजबूत तर्कों के साथ-साथ हाइपोथीसिस प्रस्तुत करके अपने एकेडमिक आर्टिकल को काफी प्रभावी और प्रेरक बना सकता है.

·         उपयुक्त प्रमाण और संदर्भ अपने आर्टिकल में जरुर शामिल करें

किसी भी एकेडमिक पेपर में सोर्सेज की पूरी लिस्ट शामिल करनी होती है. इस लिस्ट में बताया जाता है कि आर्टिकल में प्रस्तुत सूचना और जानकारी किन सोर्सेज से प्राप्त की गई है. इसके लिए आर्टिकल के अंत में बिबलियोग्राफी अनुभाग में आप सोर्सेज से संबद्ध यह सारी सूचना शामिल कर सकते हैं. इससे ऑडियंस और खासकर, फेलो रिसर्चर्स और एडिटर्स को लेखक द्वारा अपने एकेडमिक आर्टिकल में इस्तेमाल की गई संदर्भ सामग्री की जांच करने में मदद मिलती है और वे एकेडमिक पेपर में दिए गए कन्क्लूजन्स की जांच कर सकते हैं. 

ग्रुप डिस्कशन में कामयाबी पाने के लिए इन पॉइंट्स का रखें पूरा ध्यान

·         मुहावरों और कहावतों से रखें परहेज़

किसी एकेडमिक पेपर के लेखक के तौर पर आपको अपने पेपर को लिखने के स्टाइल पर पूरा ध्यान देंगा होगा. असल में, एकेडमिक आर्टिकल्स अपनी ऑडियंस को जानकारी और शिक्षण से संबद्ध सूचना देने के लिए तैयार किये जाते हैं. अलंकृत भाषा का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल और कहावतों एवं मुहावरों के ज्यादा प्रयोग से रीडर का ध्यान आपके आर्टिकल से भटक सकता है. इस कारण वे आपके आर्टिकल का कन्क्लूजन आपके आर्टिकल के अंत में पेश किये गए कन्क्लूजन से बिलकुल अलग निकाल सकते हैं. इस वजह से आपके आर्टिकल के महत्वपूर्ण प्वाइंट्स का प्रभाव भी काफी कम हो सकता है. असल में, एकेडमिक पेपर लिखने की भाषा स्पष्ट, संक्षिप्त और विषय के बिलकुल अनुकूल होनी चाहिए ताकि रीडर्स उसे आसानी से समझ सकें.

·         आर्टिकल की एडिटिंग एवं प्रूफरीडिंग बेहतरीन होनी चाहिए

आर्टिकल की बेहतरीन प्रूफरीडिंग और एडिटिंग राइटिंग प्रोसेस फ़ॉलो करना सभी किस्म के आर्टिकल्स के लिए बहुत ही आवश्यक है, चाहे फिर वह कोई क्रिएटिव राइटिंग हो या एकेडमिक राइटिंग. अपने एकेडमिक पेपर को एडिट करते समय आपको अपने टॉपिक के कंटेंट और फॉर्मेट का पूरा ध्यान रखना होगा. आप अपने एकेडमिक पेपर को दो-तीन बार अच्छी तरह एडिट करें ताकि आप अपने आर्टिकल में से सभी गैर-जरुरी प्वाइंट्स हटाने के साथ ही अपने आर्टिकल को आकर्षक और प्रभावी बना सकें. प्रूफरीडिंग आपको अपना आर्टिकल लिखने के बाद उसे सुधारने में या उस आर्टिकल की गलतियां हटाने में काफी मददगार होती है. इससे आप छोटी-मोटी गलतियां या व्याकरण एवं विराम चिन्ह संबंधी गलतियां अपने आर्टिकल से हटा सकते हैं और शर्मिंदा होने से बच सकते हैं. अच्छी तरह प्रूफरीड करने से पहले कभी भी कोई आर्टिकल, प्रोजेक्ट या असाइनमेंट सबमिट न करें. अगर आपको लगता है कि आप एडिटिंग और प्रूफरीडिंग में एक्सपर्ट नहीं है तो आप अपने बहुत महत्वपूर्ण असाइनमेंट्स और आर्टिकल्स का विश्लेषण पेशेवर प्रूफरीडर्स से भी करवा सकते हैं. उक्त गाइडलाइन्स पूरी तरह फ़ॉलो करें. ऐसा करने पर आपका एकेडमिक पेपर बहुत बढ़िया बनेगा. इन आसान तरीको को अपनाने से आपके राइटिंग स्किल में भी जबरदस्त सुधार होगा.

कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए आइडियल स्टडी स्पेस बनाने के टिप्स

जॉब, इंटरव्यू, करियर, कॉलेज, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स, एकेडमिक और पेशेवर कोर्सेज के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने और लेटेस्ट आर्टिकल पढ़ने के लिए आप हमारी वेबसाइट www.jagranjosh.com पर विजिट कर सकते हैं.

Related Categories

Related Stories