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एस्ट्रोनॉमी: इंडियन स्पेस साइंस में हैं कई शानदार करियर ऑप्शन्स

भारत में बहुत प्राचीन काल से ही लोगों को अंतरिक्ष के रहस्यों को जानने में गहरी दिलचस्पी रही है. इसलिए, एस्ट्रोनॉमी भी भारत में अनेक लोगों को स्टडीज़ और शानदार करियर ऑप्शन्स के लिए आकर्षित करती है. भारत में आप भी एस्ट्रोनॉमी में अपना शानदार करियर शुरु कर सकते हैं.

Dec 4, 2019 18:45 IST
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Astronomy: Attractive Career Options in India
Astronomy: Attractive Career Options in India

एस्ट्रोनॉमी और स्पेस साइंस:  विश्व स्तर पर भारत की है मजबूत स्थिति

आज भारत पूरी दुनिया के सामने स्पेस मिशन्स को लेकर किसी पहचान का मोहताज नहीं है. आपको यह जानकारी काफी ख़ुशी होगी कि, भारत ने अपना स्पेस मिशन वर्ष 1975 में शुरू किया था और इस समय हम पूरी दुनिया में इस फील्ड में टॉप 10 देशों में शामिल हो चुके हैं. इसका सारा श्रेय हमारे देश के महान साइंटिस्ट्स, एस्ट्रोनॉमर्स और स्पेस इंजीनियर्स के साथ देश के स्पेस मिशन से जुड़ी विभिन्न स्टाफ टीम्स को जाता है. भारत में अंतरिक्ष विभाग, भारत सरकार के अधीन इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (ISRO) देश के विभिन्न स्पेस मिशन और एस्ट्रोनॉमी तथा स्पेस से संबद्ध अन्य रिसर्च वर्क की समस्त तौर पर देख-भाल करता है. इस समय इसरो में तकरीबन 16 हजार से अधिक साइंटिस्ट्स, इंजीनियर्स तथा अन्य स्टाफ के लोग काम करते हैं. आने वाले समय में स्पेस रिसर्च मिशन्स और स्पेस वॉर थ्रेट्स आदि के चलते हमारे देश में एस्ट्रोनॉमी और एस्ट्रोफिजिक्स के क्षेत्र में बहुत ज्यादा विकास की संभावनाएं हैं. इस आर्टिकल में हम एस्ट्रोनॉमी और इंडियन स्पेस साइंस में एजुकेशनल डिग्रीज़, एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया के साथ ही इन फ़ील्ड्स में उपलब्ध विभिन्न करियर ऑप्शन्स के बारे में विस्तार से चर्चा कर रहे हैं.

एस्ट्रोनॉमी और सह-संबंधित विषय  

आकाश की तरह ही एस्ट्रोनॉमी अध्ययन का एक विस्तृत विषय है. एस्ट्रोनॉमी और/ या स्पेस साइंस के तहत हम सूरज, चांद, तारों, ग्रहों और अन्य आकाशीय पिंडों जैसेकि धूमकेतू और उल्का आदि के बारे में अध्ययन करते हैं. एस्ट्रोनॉमी के साथ कई अन्य विषय सह-संबंधित हैं जैसेकि:

  • एस्ट्रोफिजिक्स इस विषय में आकाशीय पिंडों की फिजिकल प्रॉपर्टीज़ के बारे में अध्ययन किया जाता है. 
  • एस्ट्रोकेमिस्ट्री इसमें केमिकल कॉम्पोजिशन के बारे में अध्ययन करने के साथ-साथ  आकाश  में पाए जाने वाले रासायनिक तत्वों के बारे में जानकारी एकत्र की जाती है.
  • एस्ट्रोजिओलॉजी इस विषय में ग्रहों की संरचना जैसेकि, सोलर सिस्टम, प्लेनेट, स्टार, सेटेलाइट आदि के बारे अध्ययन किया जाता है.
  • एस्ट्रोमैट्रोलॉजी एस्ट्रोनॉमी के इस सह-संबंधित विषय में आकाशीय पिंडों की स्थिति और गति के बारे में जानकारी जुटाई जाती है. इसमें यह भी जानने की कोशिश की जाती है कि इन आकाशीय पिंडों का पृथ्वी के वायुमंडल पर कैसा प्रभाव पडता है?.
  • एस्ट्रोबायोलॉजी पृथ्वी के वायुमंडल के बाहर भी जीवन है? इस बात की खोज-खबर एस्ट्रोबायोलॉजी के तहत ली जाती है.

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एस्ट्रोनॉमी: प्रमुख एजुकेशनल कोर्सेज और एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

हमारे देश में किसी मान्यताप्राप्त एजुकेशनल बोर्ड से साइंस विषय के साथ 12वीं पास स्टूडेंट्स ग्रेजुएशन लेवल पर निम्नलिखित कोर्सेज में एडमिशन ले सकते हैं:

अंडरग्रेजुएट कोर्सेज: हमारे देश में आमतौर पर इन कोर्सेज की अवधि 3 - 4 साल होती है.

  • बीएससी – एस्ट्रोफिजिक्स
  • बीएससी – एस्ट्रोनॉमी
  • बीटेक – इंजीनियरिंग का संबद्ध विषय

पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज: किसी मान्यताप्राप्त यूनिवर्सिटी से एस्ट्रोनॉमी या संबद्ध विषय में ग्रेजुएट स्टूडेंट्स एस्ट्रोनॉमी में पोस्टग्रेजुएशन कर सकते हैं. आमतौर पर इन कोर्सेज की अवधि 2 वर्ष होती है.

  • एमएससी – एस्ट्रोनॉमी
  • एमटेक – एस्ट्रोनॉमी और स्पेस इंजीनियरिंग

डॉक्टोरल कोर्सेज: किसी मान्यताप्राप्त यूनिवर्सिटी से पोस्टग्रेजुएट स्टूडेंट्स इन कोर्सेज में एडमिशन ले सकते हैं. इन कोर्सेज की अवधि आमतौर पर 3 -5 वर्ष होती है.

  • पीएचडी – एस्ट्रोनॉमी
  • पीएचडी – एस्ट्रोफिजिक्स
  • पीएचडी – एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स
  • पीएचडी – एटमोस्फियरिक साइंसेज एंड एस्ट्रोफिजिक्स

इंटीग्रेटेड कोर्सेज: भारत में इन कोर्सेज की अवधि आमतौर पर 5 – 7 वर्ष होती है और किसी मान्यताप्राप्त यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएटेड स्टूडेंट्स इन कोर्सेज में एडमिशन ले सकते हैं.

  • इंटीग्रेटेड एमएससी – पीएचडी प्रोग्राम – फिजिक्स एंड एस्ट्रोफिजिक्स
  • इंटीग्रेटेड एमटेक – पीएचडी (टेक) प्रोग्राम – एस्ट्रोनॉमिकल इंस्ट्रूमेंटेशन

भारत में एस्ट्रोनॉमी की स्टडी के लिए प्रमुख एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स

भारत में वैसे तो तकरीबन सभी कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ में एस्ट्रोनॉमी को साइंस की एक ब्रांच के तौर पर पढ़ाया जाता है लेकिन निम्नलिखित प्रमुख एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स से भी स्टूडेंट्स एस्ट्रोनॉमी के विभिन्न डिग्री या डिप्लोमा कोर्सेज कर सकते हैं:

  • रमन रिसर्च इंस्टीटयूट, बेंगलूरु
  • इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स, बेंगलुरु, कर्नाटक
  • इंटर यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी ऐंड एस्ट्रोफिजिक्स, पुणे
  • मदुरै कामराज यूनिवर्सिटी, मदुरै, तमिलनाडु
  • पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला, पंजाब
  • महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी, कोट्टयम, केरल
  • टाटा इंस्टीटयूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च, मुंबई
  • इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ साइंस, बेंगलुरु
  • जवाहर लाल नेहरू टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी, हैदराबाद
  • उस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद

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एस्ट्रोनॉमी: भारत में उपलब्ध हैं प्रमुख करियर ऑप्शन्स

भारत सहित पूरी दुनिया में एस्ट्रोनॉमी में ग्रेजुएशन, पोस्टग्रेजुएशन या पीएचडी करने के बाद स्टूडेंट्स विभिन्न रिसर्च इंस्टीट्यूशन्स, कॉलेज और यूनिवर्सिटीज़ के साथ एस्ट्रोनॉमी से संबंधित बिजनेस फ़ील्ड्स और इंडस्ट्रीज़ में निम्नलिखित करियर ऑप्शन्स/ जॉब प्रोफाइल्स के लिए अप्लाई कर सकते हैं:

  • रिसर्च साइंटिस्ट

ये पेशेवर अंतरिक्ष और आकाशीय पिंडों के बारे में रिसर्च करते हैं.

  • एस्ट्रोनॉट

ये पेशेवर विभिन्न स्पेस मिशनों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं जो स्पेस ट्रेवलिंग के माध्यम से स्पेसक्राफ्ट्स और स्पेस स्टेशन्स से अपने काम को अंजाम देते हैं.

  • एस्ट्रोनॉमर

ये पेशेवर हमारे सोलर सिस्टम, सूरज, अन्य प्लैनेट्स, आकाशगंगाओं, तारों और पूरे यूनिवर्स का अध्ययन करते हैं.

  • लेक्चरर/ प्रोफेसर

ये पेशेवर देश-दुनिया के विभिन्न कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ में एस्ट्रोनॉमी या संबद्ध विषय पढ़ाते हैं और एजुकेशनल लेवल पर इस फील्ड में रिसर्च वर्क भी करते हैं.

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एस्ट्रोनॉमी: पेशेवरों को मिलता है इतना सैलरी पैकेज

हमारे देश में एस्ट्रोनॉमी की फील्ड से संबंधित विभिन्न पेशेवरों को काफी आकर्षक सैलरी पैकेज मिलता है. किसी एस्ट्रोनॉमर को शुरू में ही एवरेज 50 हजार रुपये मासिक मिलते हैं. इस फील्ड में कुछ वर्क एक्सपीरियंस, टैलेंट और हायर डिग्री होल्डर पेशेवरों को एवरेज 10 – 12 लाख सालाना का सैलरी पैकेज मिलता है. किसी कॉलेज या यूनिवर्सिटी में पढ़ाने वाले लेक्चरर या प्रोफेसर को एवरेज 80 हजार – 1.20 लाख रुपये मासिक वेतन मिलता है.

एस्ट्रोनॉमी: भारत में टॉप रिक्रूटर्स

  • इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो)
  • डिफेन्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO)
  • भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर
  • नेशनल फिजिक्स लेबोरेटरी (NPL), नई दिल्ली
  • टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ़ फंडामेंटल रिसर्च (TIFR), मुंबई
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ एस्ट्रोफिजिक्स (IIA), बैंगलोर
  • आर्यभट्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट फॉर ऑब्जरवेशनल साइंसेज (ARIES)
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ ट्रॉपिकल मीटरोलॉजी
  • काउंसिल ऑफ़ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च
  • इंडियन एसोसिएशन फॉर कल्टीवेशन ऑफ़ साइंस, कोलकाता

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