CBSE पत्राचार स्कूल के एडमिशन से जुड़ी खास जानकारियाँ

May 23, 2018 18:05 IST
  • Read in English
CBSE Patrachar School
CBSE Patrachar School

शिक्षा में आगे बढ़ने के लिए भारत में कई तरीकें हैं.वहीँ दूसरी ओर यदि हम बात करें तो कई ऐसे कारण भी हैं जिस वजह से एक छात्र को अपनी पढ़ाई पूरी करने का मौका नहीं मिल पाता है जैसे की- वे छात्र जो कक्षा 8वीं, 9वीं या 11वीं में विफल हो जाते हैं तथा उसके बाद आगे अपनी पढ़ाई जारी नहीं रखते हैं. साथ ही साथ कई बार कुछ कारण या परिस्तिथि भी होती है जिस वजह से छात्रों को पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ती है. हालाकी कई ऐसे भी छात्र हैं जो आर्थिक रूप से कमज़ोर होते हैं तथा उनके लिए प्रतिदिन स्कूल की क्लास लेना मुश्किल हो जाता है. क्यूंकि उन्हें अपनी पढ़ाई के साथ-साथ अपने परिवार के लिए पैसे भी कमाने होते हैं. इसके अलावा, कुछ छात्र स्कूल के एक्स्पेंसस या स्कूल उनके घर के समीप नहीं होने के कारण नियमित स्कूल अध्ययन नहीं कर पाते हैं.

इन सभी कारणों को देखते हुए हम यह अनुमान लगा सकते हैं कि छात्रों को कई बार शिक्षा के सही अवसर न मिल पाने के कारण वह आगे नहीं बढ़ पाते हैं. लेकिन सीबीएसई पत्राचार स्कूल की यदि हम बात करें तो वह कई ऐसे छात्रों को शिक्षा के अवसर प्रदान करती है.

  Related Video: All about NIOS

अब सबसे पहला सवाल छात्रों का यह होगा की CBSE पत्राचार स्कूल है क्या?

सीबीएसई पत्राचार का एक सबसे बड़ा उद्देश्य है कि ‘शिक्षा सभी के लिए हो तथा वहाँ भी पहुंचे जहाँ शिक्षा की पहुँच न हो. यह पत्राचार तथा सीबीएसई के प्राइवेट स्कूल दोनों के छात्रों के लिए उपलब्ध है. पत्राचार स्कूल का विस्थापन उन छात्रों के लिए किया गया था जो किसी कारणवश अपनी पढ़ाई स्कूल में जारी नहीं कर पाए, साथ ही यह सभी आर्थिक रूप से कमज़ोर बालिकाओं की भी पढ़ाई में भी मदद करती है.

सीबीएसई पत्राचार की मदद से छात्र अपने बहुमूल्य वर्षों को बचा सकते हैं जैसे की:

  • जो छात्र नियमित रूप से स्कूल नहीं जाते हैं. वे सीबीएसई पत्राचार के माध्यम से अपनी पढ़ाई पूरी कर सकते हैं.
  • इसके अंतर्गत सीबीएसई पत्राचार, सीबीएसई प्राइवेट स्कूल और सीबीएसई ओपन लर्निंग प्रोग्राम के छात्रों को रेगुलर क्लासेज उपलब्ध होती है.
  • वे छात्र जिन्होंने ड्रॉपआउट किया हो या सीनियर सेकेंडरी और सेकेंडरी एग्जाम में उत्तिर्ण न हुए हों वे बिना समय बर्बाद किए पत्राचार स्कूल में एडमिशन ले सकते हैं.

पत्राचार स्कूलों से शिक्षा छात्र कैसे प्राप्त कर सकते हैं? निम्नलिखित श्रेणियों के लिए यहाँ पंजीकरण सुविधा उपलब्ध है:

1. विफल/ड्रॉपआउट पुरुष और महिला वर्ग के छात्र.

2. वे छात्र जिनका पढ़ाई में कुछ समय अन्तराल का गैप हो.

3. वे छात्र जिन्होंने सीबीएसई बोर्ड या किसी अन्य मान्यता प्राप्त बोर्ड के स्कूल को बीच में छोड़ दिया हो या एग्जाम में विफल रहे हों.

4. जो दिल्ली शहर का निवासी हो.

5. देश के वे जवान जो रिमोट एरिया में तैनात हों.

अब सवाल यह उठता है कि जब पत्राचार में ये सभी छात्र पढ़ाई करने के योग्य हैं तो एजुकेशन मीडियम यानि की शिक्षा का माध्यम छात्रों का क्या होगा?

पत्राचार स्कूल के शिक्षक छात्रों को हिंदी, अंग्रेजी तथा पंजाबी माध्यम से पढ़ाते हैं. ताकि छात्रों को किसी प्रकार की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े.

Patrachar स्कूल में एडमिशन के लिए पात्रता मानदंड क्या हैं?

कक्षा 12वीं के लिए पात्रता मानदंड:

(A) किसी भी मान्यता प्राप्त / सीबीएसई बोर्ड से कक्षा दस परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद कम से कम एक वर्ष का गैप या शिक्षा अधिकारी / सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्धारित मूल एसएलसी / टीसी के आधार पर कक्षा XI में विफल होने के कारण कक्षा 12वीं में छात्रों को एडमिशन मिल सकता है.

अथवा

छात्र जिन्होंने सीबीएसई या किसी अन्य मान्यता प्राप्त स्कूल से ग्यारहवीं या इसकी समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण की हो वे कक्षा 12वीं में एडमिशन लेने के योग्य हैं.

(B) वे छात्र जो कक्षा 12वीं में या उसके समक्ष किसी परीक्षा में सीबीएसई / किसी अन्य मान्यता प्राप्त स्कूल में विफल हुए हैं वह यहाँ कक्षा 12वीं में प्रवेश ले सकते हैं.

कक्षा 10वीं के लिए पात्रता मानदंड:

वह छात्र जो कक्षा 9वीं में उत्तिर्ण / विफल हुए हों या फिर कक्षा 8वीं में (पूरे एक साल का अन्तराल) किसी मान्यता प्राप्त स्कूल से उत्तिर्ण हो तो वह कक्षा 10वीं में विफलता के बाद भी पत्राचार स्कूल के द्वारा कक्षा 10वीं में प्रवेश ले सकते हैं.

अथवा

वे छात्र जो कक्षा 9वीं किसी प्राइवेट शिक्षा के ज़रीय कम्पलीट कर चुके हों वह affidavit के माध्यम से कक्षा 10वीं में प्रवेश ले सकते हैं.

सीबीएसई Patrachar के बारे में कुछ सामान्य पूछे जाने वाले प्रश्न:

 

क्या 'सीबीएसई पत्राचार' और 'सीबीएसई प्राइवेट स्कूल के छात्रों में कोई अंतर है?

पत्राचार स्कूल सीबीएसई पत्राचार, सीबीएसई कोर्रेस्पोंडिंग तथा सीबीएसई प्राइवेट ऑफर करते हैं छात्र अपने अनुसार इन तीनो में से कोई भी मोड का चयन कर सकता है. इस प्रकार 'सीबीएसई प्राइवेट' को भी पत्राचार के तहत माना जाता है.

क्या सीबीएसई पत्राचार प्रमाण पत्र पूरे भारत में मान्य है?

जी हाँ! क्यूंकि पत्राचार के छात्र भी सीबीएसई मान्यता प्राप्त सर्टिफिकेट प्राप्त करते हैं जो दुसरे सीबीएसई प्राइवेट स्कूल के छात्रों को मिलता है. बस अंतर इतना होता है कि सीबीएसई प्राइवेट स्कूल के छात्रों की सर्टिफिकेट पर उनके स्कूल का नाम भी अंकित होता है तथा पत्राचार के छात्रों को  स्कूल प्रमाण पत्र/ सर्टिफिकेट सीबीएसई द्वारा ही प्रदान किया जाता है और यह किसी भी प्रतियोगी परीक्षा, नौकरी या संस्थान में आवेदन करने के लिए पूरे भारत में मान्य है.

जानिए CBSE, ICSE और NIOS बोर्ड में मुख्य अंतर

इस आर्टिकल को अंग्रेजी में पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें

DISCLAIMER: JPL and its affiliates shall have no liability for any views, thoughts and comments expressed on this article.

Commented

    Latest Videos

    Register to get FREE updates

      All Fields Mandatory
    • (Ex:9123456789)
    • Please Select Your Interest
    • Please specify

    • ajax-loader
    • A verifcation code has been sent to
      your mobile number

      Please enter the verification code below

    This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy. OK
    X

    Register to view Complete PDF