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CHARTERED ACCOUNTANT बीकॉम के बाद सीधे इंटरमीडिएट

Oct 16, 2013 13:22 IST

    मैं बीकॉम फ‌र्स्ट ईयर का स्टूडेंट हूं। सीए बनना चाहता हूं। प्लीज बताएं कि मुझे अभी इस क्षेत्र में जाना चाहिए या बीकॉम के बाद?

    चार्टर्ड एकाउंटेंट से संबंधित कोर्स और एग्जाम द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउटेंट्स ऑफ इंडिया द्वारा कंडक्ट किया जाता है। बीकॉम या एमकॉम में मिनिमम 55 परसेंट मा‌र्क्स हासिल करने वाले स्टूडेंट सीपीटी यानी कॉमन प्रोफिशिएंसी टेस्ट दिए बिना सीधे इंटरमीडिएट का एग्जाम दे सकते हैं। इंटरमीडिएट क्लीयर करने के बाद सीए का फाइनल एग्जाम दिया जा सकता है। मिनिमम 60 परसेंट मा‌र्क्स हासिल करके नॉर्मल ग्रेजुएट या पोस्ट ग्रेजुएट भी सीधे इंटरमीडिएट एग्जाम में अपीयर हो सकते हैं। अगर आप अभी सीए बनने की राह पर आगे बढना चाहते हैं, तो आप 12वीं के बेस पर सीपीटी यानी कॉमन प्रोफिशिएंसी टेस्ट में अपीयर हो सकते हैं। सीपीटी साल में दो बार आयोजित किया जाता है। इस बारे में ज्यादा जानकारी के लिए द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की वेबसाइट icai.orgदेख सकते हैं।

    मैं ग्रेजुएशन का स्टूडेंट हूं। यह जानना चाहता हूं कि क्या कोई ऐसा तरीका है, जिससे इंटरनेट का यूज करके अर्निग की जा सके?

    आज के आईटी एज, मल्टीमीडिया और सोशल नेटवर्किग के दौर में इंटरनेट का यूज करके अर्निग करने के कई ऑप्शन सामने आ गए हैं। अगर आप इंटरनेट फ्रेंडली हैं, तो देश-विदेश से ऑनलाइन असाइनमेंट या प्रोजेक्ट वर्क लेकर, कंसल्टेंसी देकर, काउंसलिंग करके, ऑनलाइन मैगजीन्स में कंट्रीब्यूट करके, यूजफुल ब्लॉग आदि बनाकर इस दिशा में आगे बढ सकते हैं। आप किसी टारगेट ग्रुप के लिए यूजफुल साइट भी बना सकते हैं और उस पर उपयोगी जानकारियां दे सकते हैं, जैसे-कॉम्पिटिशन की तैयारी के लिए ऑनलाइन मैगजीन, करियर टिप्स, मोटिवेशन टिप्स आदि। पॉपुलर हो जाने पर आप अपनी साइट पर गूगल एडव‌र्ड्स का सपोर्ट लेकर भी अर्निग कर सकते हैं। इन सबके लिए आपके पास इंटरनेट कनेक्शन जरूर होना चाहिए।

    मैं बारहवीं पास हूं। मुझे बिजनेस में बहुत रुचि है। कृपया बताएं कि मैं ऐसा कौन सा कोर्स करूं, जिससे मुझे बिजनेस में सहायता मिले?

    अगर आपकी बिजनेस में रुचि है और भविष्य में आप इसी दिशा में आगे बढना चाहते हैं, तो बेहतर होगा कि आप किसी अच्छे संस्थान से बीबीए कर लें। इसके बाद चाहे तो एमबीए या फिर पीजीडीबीएम कर सकते हैं। इन कोर्सो को करने से आपको बिजनेस के आयामों के बारे में गहरी जानकारी हासिल हो सकती है। इतना ही नहीं, आप इनके आधार पर मल्टीनेशनल या बडी निजी कंपनियों में जॉब भी हासिल कर सकते हैं। अगर दो-तीन साल प्रैक्टिकल व एक्सपीरियंस हासिल करने के बाद अपना बिजनेस करते हैं, तो कामयाबी के चांसेज और बढ जाएंगे।

    मैं अभी हाईस्कूल में हूं। इंग्लिश और मैथ बहुत अच्छी है, पर साइंस में कमजोर हूं। क्या मुझे आगे साइंस स्ट्रीम लेनी चाहिए या फिर मुझे अपनी स्ट्रीम बदल लेनी चाहिए?

    पढाई को लेकर आपके मन में जो चिंता है, उससे पता चलता है कि आप अपने भविष्य को लेकर कितनी गंभीर हैं। ऐसे में आपको अपने मन से डर को दूर कर देना चाहिए, क्योंकि आप भी मानेंगी कि डर के आगे ही जीत होती है। साइंस कोई हौवा नहीं है, जिससे पार नहीं पाया जा सके। अगर आपकी रुचि आगे साइंस स्ट्रीम से पढने में है, तो थोडी कोशिश और अभ्यास से साइंस में अपनी कमजोरी को ताकत में बदल सकती हैं। अगर किसी वजह से साइंस स्ट्रीेम में एडमिशन नहीं मिल पाता, तो कॉमर्स या अपनी पसंद के नए क्षेत्रों में पढाई के बारे में सोच सकती हैं। आज पारंपरिक के अलावा ढेरों ऐसे नए कोर्स हैं, जिनमें चमकदार करियर बनाया जा सकता है।

    मैं 11वीं (पीसीएम) में पढ रहा हूं। घर की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। नौकरी पाना चाहता हूं। कृपया मार्गदर्शन करें।

    यह अच्छी बात है कि आप अपनी पढाई और घर की आर्थिक स्थिति दोनों को लेकर चिंतित हैं, लेकिन इसके लिए आपको खुद रास्ता निकालना होगा। बेहतर होगा कि आप पढाई के साथ-साथ पार्टटाइम में कोई टेक्निकल कोर्स ज्वाइन कर लें। इसे पूरा करने के बाद आप पार्टटाइम जॉब करके खर्चे निकाल सकते हैं। ऐसे कोर्सो में सबसे उपयुक्त मोबाइल इंजीनियरिंग, चिप लेवल कम्यूटर हार्डवेयर/नेटवर्किग, प्लम्बिंग, इलेक्ट्रिशियन, फ्रिज-एसी रिपेयरिंग हो सकता है। आप अपनी रुचि के मुताबिक इनमें से कोई भी कोर्स चुन सकते हैं। मेहनत और लगन से ट्रेनिंग लेने के बाद आप चाहें तो जॉब भी कर सकते हैं या फिर खुद का काम भी आरंभ कर सकते हैं। ध्यान रखें, कोर्स जहां से भी करें वहां यह जरूर देखें कि प्रैक्टिकल पर विशेष जोर दिया जा रहा है या नहीं।

    मैंने बारहवीं बायोलॉजी से किया है। इस समय बीसीए कर रही हूं। इसके बाद एमसीए करना चाहती हूं। प्लीज मुझे ऐसी यूनिवर्सिटीज के बारे में बताएं, जहां एमसीए के लिए मैथ कंपल्सरी न हो।

    देश में ऐसे कई विश्वविद्यालय हैं, जहां अब बीसीए और एमसीए के लिए मैथ्स की अनिवार्यता नहीं है। एमसीए में प्रवेश के लिए आपको बीसीए का भी एडवांटेज मिल सकता है। कई संस्थानों में आपको बीसीए के आधार पर आसानी से एमसीए में एडमिशन मिल सकता है। इसलिए परेशान हुए बिना बीसीए में अपने परफॉर्मेंस पर पूरा ध्यान दें।

     

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