इंडियन लॉ के प्रमुख कोर्सेज और करियर स्कोप

इंडियन लॉ में प्रमुख कोर्सेज और करियर स्कोप के बारे में सटीक जानकारी इंडियन यंगस्टर्स के लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है. आपके लिए यहां कुछ जरुरी लॉ कोर्सेज पेश किए जा रहे हैं. इनमें से कोई भी कोर्स करके आप इंडियन लॉ की विभिन्न फ़ील्ड्स में अपना करियर शुरू करके कामयाबी हासिल कर सकते हैं.   

Created On: May 17, 2021 18:27 IST
Courses for Study of Law in India
Courses for Study of Law in India

भारत में एफ.एस. नरीमन, सोली जे. सोराबजी, अभिषेक मनु सिंघवी, के. परासरण, गोपाल सुब्रामनियम, मुकुल रोहतगी, केके वेणुगोपाल, हरीश साल्वे और राम जेठमलानी लोकप्रिय वकील या लॉ एक्सपर्ट्स हैं. ये सभी सुप्रसिद्ध लॉयर्स भी हैं. इन दिनों इंडियन लॉ की विभिन्न फ़ील्ड्स भारत में भी बड़ी तेज़ी से लोकप्रिय करियर ऑप्शन के तौर पर उभर रही हैं. इंडियन लॉ को अनेक स्ट्रीम्स और सब-स्ट्रीम्स में बांटा गया है. अब भारत में भी लॉयर्स और लीगल एक्सपर्ट्स की मांग कॉर्पोरेट, क्रिमिनल, सिविल, इंटेलेक्चुअल और प्रॉपर्टी लॉज़ और अन्य कई संबद्ध फ़ील्ड्स में है. इसलिए, इस आर्टिकल में हमने इंडियन लॉ पढ़ने के इच्छुक स्टूडेंट्स के लिए कुछ बेहतरीन लॉ स्पेशलाइजेशन्स के साथ-साथ इंडियन लॉ में उपलब्ध करियर स्कोप के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की है. इंडियन लॉ की विभिन्न फ़ील्ड्स में करियर शुरू करने के लिए लॉ स्टूडेंट्स निम्नलिखित लॉ कोर्सेज ज्वाइन कर सकते हैं:

पीएचडी (डॉक्टर ऑफ़ फिलोसोफी)

हमारे देश में आमतौर पर लॉ की फील्ड में पीएचडी की डिग्री की अवधि 3 – 5 वर्ष तक है. किसी मान्यताप्राप्त यूनिवर्सिटी से कम से कम 55% मार्क्स के साथ LLM के डिग्री होल्डर स्टूडेंट्स लॉ की फील्ड में पीएचडी के लिए अप्लाई कर सकते हैं. लॉ की फील्ड में स्टूडेंट्स को पीएचडी प्रोग्राम में एडमिशन मेरिट लिस्ट के आधार पर दिया जाता है. मेरिट लिस्ट स्टूडेंट्स के वाइवा-वोस और प्रेजेंटेशन में परफॉरमेंस के आधार पर तैयार की जाती है.

एलएलएम (मास्टर ऑफ़ लॉ)

यह कोर्स 1 वर्ष या उससे अधिक वर्षों की अवधि का हो सकता है जिसमें 2 या उससे अधिक सेमेस्टर्स हो सकते हैं. इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए, स्टूडेंट्स के पास बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया द्वारा मान्यताप्राप्त किसी यूनिवर्सिटी से कम से कम 50% मार्क्स के साथ एलएलबी की डिग्री होनी चाहिए.

पीजीडी (पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा प्रोग्राम्स)

यह 1 वर्ष की अवधि का प्रोग्राम है. इस पीजीडी प्रोग्राम में एडमिशन लेने के लिए स्टूडेंट्स के पास किसी मान्यताप्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए. आप अल्टरनेटिव डिस्प्यूट रेजोल्यूशन, कॉर्पोरेट लॉज़ एंड मैनेजमेंट, साइबर लॉ और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स लॉज़ में पीजीडी प्रोग्राम कोर्स कर सकते हैं.

एलएलबी (बैचलर ऑफ़ लॉ)

हमारे देश में ग्रेजुएशन लेवल पर एलएलबी कोर्स करने के लिए दो ऑप्शन्स उपलब्ध हैं. पहला ऑप्शन 3 वर्ष की अवधि का ग्रेजुएशन कोर्स है और इस कोर्स के लिए एलिजिबिलिटी किसी भी विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री है. दूसरा ऑप्शन अंडरग्रेजुएट स्टूडेंट्स के लिए 5 वर्ष की अवधि का इंटीग्रेटेड कोर्स है.

एलएलबी - बैचलर ऑफ़ लॉज़ (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स)

इस कोर्स के लिए एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया किसी भी विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री है और यह एक 3 वर्ष की अवधि का कोर्स है जिसके तहत 6 सेमेस्टर शामिल होते हैं.

ऑनलाइन सर्टिफिकेट प्रोग्राम्स

इन सर्टिफिकेट कोर्सेज की अवधि 3 महीने की होती है. हर साल अप्रैल, अगस्त और दिसंबर के महीने में इन सर्टिफिकेट कोर्सेज के नए बैच शुरू होते हैं. आप साइबर लॉ और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स एंड इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी इन दी इंटरनेट एज टॉपिक्स पर ये सर्टिफिकेट कोर्सेज कर सकते हैं. ऐसे स्टूडेंट्स, जो अपनी 12वीं क्लास पास करने के बाद डिप्लोमा या डिग्री कोर्स की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं या फिर, अभी वे स्टूडेंट्स अपनी पढ़ाई कर रहे हैं और उन्हें कंप्यूटर एवं इंटरनेट की जानकारी है और उन स्टूडेंट्स के पास इंटरनेट 24x7 उपलब्ध रहता है, ऐसे स्टूडेंट्स ऑनलाइन सर्टिफिकेट प्रोग्राम्स में एडमिशन लेने के लिए अप्लाई कर सकते हैं.

इंडियन लॉ के डिप्लोमा कोर्सेज

लॉ की फील्ड में डिप्लोमा कोर्सेज की अवधि 1 वर्ष होती है और इन कोर्सेज में एडमिशन लेने के लिए स्टूडेंट्स ने अपनी 12वीं क्लास पास करने के साथ ही किसी मान्यताप्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की हो. लॉ की फील्ड में प्रमुख डिप्लोमा कोर्सेज हैं - टैक्सेशन लॉ - डिप्लोमा (डीटीएल), साइबर लॉ – डिप्लोमा, लेबर लॉज़ और लेबर वेलफेयर – डिप्लोमा कोर्स.

इंडियन लॉ के प्रमुख एंट्रेंस टेस्ट्स

हमारे देश में किसी लॉ कोर्स में एडमिशन लेने के लिए स्टूडेंट्स को विभिन्न एंट्रेंस टेस्ट्स में से कोई एक टेस्ट पास करना होता है. ये टेस्ट्स नेशनल और स्टेट लेवल पर आयोजित किये जाते हैं. हमारे देश में विभिन्न लॉ इंस्टीट्यूट्स द्वारा लॉ की फील्ड से संबंधित निम्नलिखित प्रमुख एंट्रेंस टेस्ट्स आयोजित किये जाते हैं:

•    सीएलएटी (क्लैट) - (18 एनएलयूज के द्वारा रोटेशनल बेसिस पर आयोजित)
•    एलएसएटी इंडिया - (लॉ स्कूल एडमिशन काउंसिल (एलएसएसी))
•    एलएटी (लैट) -    (इलाहाबाद विश्वविद्यालय)
•    जेएमआई लॉ एंट्रेंस एग्जाम -  (जामियामिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय)
•    आईपीयू सीईटी -  (गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (जीजीएसआईपीयू))
•    आईएलआई कैट  -  (इंडियन लॉ इंस्टीट्यूट)
•    डीयू एलएलबी एंट्रेंस एग्जाम - (फैकल्टी ऑफ़ लॉ, दिल्ली विश्वविद्यालय)
•    बीएचयू यूईटी लॉ  -  (बनारस हिंदू विश्वविद्यालय)
•    एआईएलईटी - (नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एनएलयू), नई दिल्ली)
•    एआईबीई - (बार काउंसिल ऑफ इंडिया, नई दिल्ली)

लॉ स्टूडेंट्स के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

लॉ स्टूडेंट्स के लिए पीएचडी और एलएलएम कोर्सेज में एडमिशन के लिए आयोजित किए जाने वाले रिटन टेस्ट - ऑल इंडियन एडमिशन टेस्ट की अवधि 2 घंटे 30 मिनट की होती है. इस एग्जाम में स्टूडेंट्स को कुल 180 मार्क्स के क्वेश्चन्स के आंसर्स देने होंगे. इस एग्जाम का मीडियम इंग्लिश लैंग्वेज है और यह एग्जाम ऑफलाइन होगा. पीजी कोर्स में एडमिशन लेने के लिए स्टूडेंट्स को कोई एग्जाम नहीं देना पड़ता है और केवल मेरिट बेस पर स्टूडेंट्स को एडमिशन दिया जाता है.

टॉप इंडियन लॉ कॉलेज, यूनिवर्सिटीज और इंस्टीट्यूट्स

भारत के टॉप लॉ कॉलेजों, यूनिवर्सिटीज और इंस्टीट्यूट्स की लिस्ट निम्नलिखित है:
• फैकल्टी ऑफ़ लॉ, दिल्ली विश्वविद्यालय
• एमिटी लॉ स्कूल, दिल्ली
• गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, मुंबई
• नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जोधपुर
• नेशनल लॉ इंस्टिट्यूट युनिवर्सिटी (एनएलआईयू), भोपाल
• एनएएलएसएआर यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, हैदराबाद
• गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (जीएनएलयू)
• नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया युनिवर्सिटी (एनएलएसआईयू), बैंगलोर
• सिम्बायोसिस सोसायटी लॉ कॉलेज (एसएसएलसी), पुणे
• आईएलएस लॉ कॉलेज, पुणे
• बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी
• अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, अलीगढ़

इंडियन लॉ स्टूडेंट्स के लिए महत्वपूर्ण जानकारी

हमारे देश में उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए भारत सरकार की गाइडलाइन्स के मुताबिक एससी/ एसटी/ ओबीसी/ पीडब्ल्यूडी/ ईडब्ल्यूएस कैंडिडेट्स को लॉ की फील्ड में उक्त कोर्सेज में एडमिशन देने के लिए निर्धारित सीट्स में रिजर्वेशन दिया जाता है.

इंडियन लॉ में विशेष करियर्स

भारत सहित पूरी दुनिया में कानून और व्यवस्था की स्थिति को बनाये रखने का काम लीगल एक्सपर्ट्स का होता है. हम यह भी अच्छी तरह जानते हैं कि आजकल हर जगह अपराध और धोखे बढ़ते ही जा रहे हैं जिनसे निपटने के लिए देश-विदेश का कानून और एडमिनिस्ट्रेशन लगातार संघर्ष करता रहता है. इसलिए, आप लॉ की फील्ड में अपने इंटरेस्ट और टैलेंट के मुताबिक कोई लॉ कोर्स सफलता-पूर्वक पूरा करने के बाद भारत में निम्नलिखित लॉ फ़ील्ड्स में अपना शानदार करियर/ जॉब प्रोफाइल शुरू कर सकते हैं:
•    जज
•    सरकारी वकील
•    क्रिमिनल लॉयर
•    सिविल लिटिगेशन लॉयर
•    कॉर्पोरेट लॉयर
•    लेबर लॉयर
•    एनवायर्नमेंटल लॉयर
•    डॉक्यूमेंट ड्राफ्टिंग लॉयर
•    इंटरनेशनल लॉयर
•    एटोर्नी जनरल
•    लीगल एडवाइजर
•    लीगल एनालिस्ट
•    लीगल जर्नलिस्ट
•    साइबर लॉ एक्सपर्ट
•    लॉ ऑफिसर
•    प्रोफेसर – लॉ
•    लेक्चरर – लॉ

इंडियन लॉ में मिलता है बेहतरीन शानदार सैलरी पैकेज

हमारे देश में लॉ की फ़ील्ड्स में कमाई की कोई अधिकतम सीमा तय नहीं की जा सकती है लेकिन  इसके लिए लॉ की विभिन्न फ़ील्ड्स के स्टूडेंट्स के पास सही स्किल-सेट तथा किसी प्रसिद्ध कॉलेज से लॉ की डिग्री जरुर होनी चाहिए. ऐसे लॉ ग्रेजुएट्स जो किसी एडवोकेट के पास काम कर रहे हैं, उस एडवोकेट के लेवल के मुताबिक इन्हें शुरू में 5000/- से 45000/- रुपये तक मासिक स्टाइपेंड मिल सकता है. जो लीगल एक्सपर्ट्स लीगल प्रोसेस आउटसोर्सिंग से संबद्ध विभिन्न काम कर रहे हैं, उन्हें आमतौर पर शुरू में 25000/- से 55000/- रुपये तक मासिक कमाई हो सकती है.

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