भारत में कामयाब सरकारी इंजीनियर बनने के लिए जरुरी जानकारी

अगर आप भारत के प्रमुख सरकारी विभागों में इंजीनियर की जॉब करना चाहते हैं तो आपके लिए इंजीनियरिंग सर्विस एग्जामिनेशन पास करना बहुत जरुरी है.

Created On: Jan 5, 2021 20:22 IST
Tips to become an Indian Government Engineer
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इंजीनियर एक ऐसा टेक्निकल पेशा है जिसमें विभिन्न फिजिकल साइंसेज की थ्योरीज और प्रिंसिपल्स को इंजीनियरिंग ट्रेड के मुताबिक संबद्ध प्रोजेक्ट्स या प्रोडक्ट्स का डिज़ाइन तैयार करते समय अप्लाई किया जाता है. इंजीनियर्स अपने प्रोजेक्ट्स की कॉस्ट बजट के अनुकूल रखने के साथ-साथ टेक्निकल परफॉरमेंस, डिजाइन्स में लगातार सुधार लाने की पूरी कोशिश करते हैं. दुनिया-भर में कहीं भी एक कामयाब इंजीनियर बनने के लिए आपको अपने काम में सौ-फीसदी दक्षता लानी होगी क्योंकि आजकल जीवन के हरेक क्षेत्र में कॉम्पीटीशन का लेवल लगातार बढ़ रहा है. अगर हम अपने देश भारत की बात करें तो, अगर आप भारत सरकार के विभिन्न विभागों में एक कामयाब इंजीनियर के तौर पर अपना करियर शुरू करना चाहते हैं तो इस आर्टिकल को बड़े ध्यान से जरुर पढ़ें क्योंकि इस आर्टिकल में हम आपके लिए भारत में एक कामयाब सरकारी इंजीनियर बनने के लिए सारी महत्त्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत कर रहे हैं. आइये आगे पढ़ें यह आर्टिकल:

भारत में इंजीनियरिंग के लिए योग्यता मानदंड

इंजीनियरिंग के किसी भी ट्रेड में अपना करियर शुरू करने के लिए कैंडिडेट्स के पास कम से कम इंजीनियरिंग की संबद्ध फील्ड में किसी मान्यताप्राप्त कॉलेज/ यूनिवर्सिटी या इंस्टीट्यूट से बैचलर की डिग्री (बीई – एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग, एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग, बायोमेडिकल इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग या संबद्ध फील्ड) होनी चाहिए. ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त करने के बाद स्टूडेंट्स इंजीनियरिंग की संबद्ध फील्ड में पोस्ट ग्रेजुएशन (एमई) और पीएचडी की डिग्री भी प्राप्त कर सकते हैं.

भारत के प्रमुख इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम्स:

•    ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (मेन) (जेईई मेन)
•    ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम एडवांस्ड (जेईई एडवांस्ड)
•    बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड साइंस एडमिशन टेस्ट (बिटसैट)
•    इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट एप्टीट्यूड टेस्ट (गेट)
•    वीआईटी इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम (वीआईटीईईई)

भारत के टॉप इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट्स और यूनिवर्सिटीज़

•    इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (आईआईटी), दिल्ली
•    इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (आईआईटी), खड़गपुर
•    इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (आईआईटी), बॉम्बे
•    इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (आईआईटी), कानपुर
•    इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (आईआईटी), रुड़की
•    इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (आईआईटी), गुवाहाटी
•    बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (बिट्स), पिलानी
•    दिल्ली टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी (डीटीयू), दिल्ली
•    इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (आईआईटी), धनबाद
•    इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (आईआईटी), इंदौर
•    इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (आईआईटी), भुबनेश्वर
•    इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी (आईआईटी), रोपड़, पंजाब

इंजीनियरिंग सर्विसेज एग्जामिनेशन (ईएसई/ आईईएस)

हमारे देश में विभिन्न सरकारी विभागों में टेक्नो – मैनेजिंग पोस्ट्स के लिए यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन इंजीनियरिंग की 4 प्रमुख फ़ील्ड्स – सिविल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलीकम्यूनिकेशन्स में इंजीनियर्स की भर्ती के लिए हर साल इंजीनियरिंग सर्विसेज एग्जामिनेशन (ईएसई) आयोजित करता है. इस एग्जाम को पास करने के बाद कैंडिडेट्स को भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों – रेलवे, टेलिकॉम, सीपीडब्ल्यूडी, सीडब्ल्यूसी, सीपीईएस, एनएचएआई, नेवल आर्मामेंट्स, एमईएस, आईडीएसई और ऑर्डिनेंस फैक्ट्रीज के साथ ही भारत सरकार के विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों - नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (NTPC), स्टील ऑथोरिटी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (SAIL), भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) और कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) – में जॉब ज्वाइन करते हैं. इन कैंडिडेट्स की पोस्टिंग क्लास – 1 ऑफिसर्स के तौर पर होती है. यह एग्जाम कोई भी भारत का नागरिक, जिसकी आयु 21 – 30 वर्ष के आयु ग्रुप के बीच हो और जिसने इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की हो,  इंजीनियरिंग सर्विसेज एग्जामिनेशन में शामिल हो सकता है. इस एग्जाम में दो हिस्सों के माध्यम से कैंडिडेट्स की योग्यता को परखा जाता है. पहले हिस्से में रिटन एग्जाम होता है जिसमें ऑब्जेक्टिव और सब्जेक्टिव दोनों तरह के प्रश्न शामिल होते हैं. ऑब्जेक्टिव एग्जाम में जनरल एबिलिटी टेस्ट और इंजीनियरिंग के संबद्ध ट्रेड से प्रश्न पूछे जाते हैं. कन्वेंशनल पेपर्स में सिर्फ संबद्ध विषय से प्रश्न पूछे जाते हैं.

इंजीनियरिंग के लिए जरुरी स्किल-सेट

•    संबद्ध इंजीनियरिंग फील्ड में काफी अच्छी जानकारी और समझ होनी चाहिए जिसके लिए हायर एजुकेशन और डिग्रीज से काफी मदद मिलती है.
•    इन पेशेवरों के पास क्रिटिकल थिंकिंग स्किल्स होने चाहिए ताकि ये पेशेवर टेक्निकल प्रोब्लम्स को सॉल्व कर सकें.
•    संबद्ध इंजीनियरिंग फील्ड सहित लेटेस्ट टेक्नोलॉजी की अच्छी जानकारी और समझ हो.
•    नए स्किल्स सीखने के प्रति जोश और समर्पण हो. 

भारत में प्रमुख इंजीनियरिंग फ़ील्ड्स

•    मैकेनिकल इंजीनियरिंग
•    केमिकल इंजीनियरिंग
•    सिविल इंजीनियरिंग
•    एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग
•    इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग
•    डेयरी टेक्नोलॉजी एंड इंजीनियरिंग
•    इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग
•    पेट्रोलियम इंजीनियरिंग
•    एयरोस्पेस इंजीनियरिंग
•    एयरोनॉटिकल इंजीनियरिंग
•    ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग
•    बायोमेडिकल इंजीनियरिंग
•    बायोकेमिकल इंजीनियरिंग
•    बायोटेक्नोलॉजिकल इंजीनियरिंग
•    कंप्यूटर हार्डवेयर इंजीनियरिंग
•    इलेक्ट्रॉनिक इंजीनियरिंग
•    इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग
•    मरीन इंजीनियरिंग
•    मटीरियल इंजीनियरिंग
•    माइनिंग एंड जियोलॉजिकल इंजीनियरिंग
•    न्यूक्लियर इंजीनियरिंग
•    प्रोडक्शन इंजीनियरिंग सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग

भारत में इंजीनियर्स का करियर ग्राफ

•    जूनियर इंजीनियर (स्टार्टर) – डिप्लोमा इंजिनियर (जेई)
•    असिस्टेंट इंजीनियर (डायरेक्ट) – डिग्री होल्डर (एई)
•    सब डिवीज़नल इंजीनियर – एसडीई
•    असिस्टेंट एग्जीक्यूटिव इंजीनियर – एईई
•    एग्जीक्यूटिव इंजिनियर – एक्सईएन
•    सुपरिंटेंडिंग इंजिनियर – एसई
•    चीफ इंजीनियर – टॉप पोस्ट

भारत में इंजीनियर्स का जॉब प्रोफाइल

हमारे देश में आमतौर पर इंजीनियर्स चाहे किसी भी ट्रेड में जॉब करें लेकिन उनकी जॉब प्रोफाइल में प्रोजेक्ट डिजाइनिंग, डेवलपमेंट और प्रोजेक्ट को पूरा करना होता है. ये पेशेवर अपने प्रोजेक्ट्स का इंजीनियरिंग एनालिसिस तैयार करते हैं जिसके तहत प्रोजेक्ट डिज़ाइन, कैलकुलेशन, कॉस्ट और इक्विपमेंट सेलेक्शन शामिल होता है. ये पेशेवर अपने प्रोजेक्ट्स तैयार करने के लिए सर्वे भी करते हैं और फील्ड डाटा एकत्रित करके ब्लूप्रिंट, स्कीमैटिक ड्राइंग्स, लेआउट्स और अन्य विजूल एड्स तैयार करते हैं.

भारत के टॉप गवर्नमेंट सेक्टर इंजीनियरिंग रिक्रूटर्स

आपकी सहूलियत के लिए यहां इंजीनियरिंग की फील्ड में भारत के टॉप गवर्नमेंट सेक्टर रिक्रूटर्स की एक लिस्ट पेश है:

•    इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन (ISRO)
•    नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NMDC)
•    डिफेन्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (DRDO)
•    कंबाइंड डिफेन्स सर्विस (सीडीएस)
•    स्टाफ सेलेक्शन कमीशन  (SSC)
•    यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC)
•    इंडियन रेलवे
•    स्टील ऑथोरिटी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (SAIL)
•    गैस अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया लिमिटेड (GAIL)
•    नेशनल थर्मल पावर कॉर्पोरेशन (NTPC)
•    ऑयल एंड नेचुरल नैस कमिशन लिमिटेड (ONGC)
•    भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL)
•    इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन इंडिया लिमिटेड (ECIL)
•    भारत हेवी प्लेट्स और वेसल्स (BHPV)
•    भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL)
•    भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL)
•    कोल इंडिया लिमिटेड (CIL)
•    हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL)

भारत में इंजीनियर्स का सैलरी पैकेज

हमारे देश में इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री होल्डर फ्रेशर कैंडिडेट्स को अपने करियर के शुरू में प्राइवेट सेक्टर में रु. 25 हजार – रु. 30 हजार तक मिलते हैं. एक पैकेजिंग इंजिनियर की एवरेज सैलरी रु. 4.09 लाख सालाना है. किसी आईटी प्रोफेशनल की एवरेज सैलरी सालाना 10 – 12 लाख तक होती है. कुछ बड़ी कंपनियां अपने काबिल और टैलेंटेड इंजीनियर्स को 50 लाख रुपये सालाना का सैलरी पैकेज भी दे रही हैं. गवर्नमेंट सेक्टर में इंजीनियर्स को अन्य लाभ और भत्ते भी मिलते हैं जैसेकि, गवर्नमेंट क्वार्टर, मेडिकल एक्स्पेंसेस, ट्रेवल एक्स्पेंसेस, फ़ोन/ मोबाइल बिल अलाउंसेस, पेट्रोल बिल्स, टीए, डीए आदि. इसके अलावा गवर्नमेंट जॉब का सबसे बड़ा फायदा जॉब सिक्यूरिटी और आज भी हमारे समाज में मिलने वाले सम्मान के रूप में मिलता है.

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