एम्पलॉयमेंट टेस्ट: ये हैं सफलता हासिल करने के कुछ खास टिप्स

एम्पलॉयमेंट टेस्ट में सफलता हासिल करने के लिए अवश्य ही आपको कुछ खास टिप्स फ़ॉलो करने होंगे. हम इस आर्टिकल में आपके लिए कुछ ऐसे ही टिप्स का विवरण पेश कर रहे हैं.  

Created On: Aug 18, 2020 18:35 IST
How to crack employment tests and get selected for a job?
How to crack employment tests and get selected for a job?

कुछ साल पहले तक जॉब सीकर्स को कोई जॉब हासिल करने के लिये इंटरव्यू में सफल होने की चिंता होती थी. लेकिन, आजकल कंपनियों और ह्यूमन रिसोर्स ने कैंडिडेट्स का एम्पलॉयमेंट टेस्ट लेकर जॉब  ऑफर्स देने शुरू कर दिया है. इसलिए, अब आपको भी किसी कंपनी या ऑफिस में कोई सूटेबल जॉब ज्वाइन करने से पहले एम्पलॉयमेंट टेस्ट देना पड़ सकता है. आजकल एम्पलॉयमेंट टेस्ट चयन प्रक्रिया का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा होने के बावजूद, बहुत से जॉब सीकर्स को एम्पलॉयमेंट टेस्ट से संबंधित विभिन्न पहलुओं के बारे में सटीक जानकारी नहीं होती है. अधिकतर फ्रेशर्स उस समय बहुत हैरान होते हैं जब उन्हें इंटरव्यू के दौरान एक टेस्ट पेपर थमा दिया जाता है.

इस कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए हमने एम्पलॉयमेंट टेस्ट्स के बारे में आपके लिए इस आर्टिकल में व्यापक जानकारी नीचे दी है और आपको इन टेस्ट्स में सफलता हासिल करने के लिए कुछ खास टिप्स भी बताये हैं. आइये आगे पढ़ें यह आर्टिकल:   

एम्पलॉयमेंट टेस्ट

अब हम रोज़गार परीक्षा में सफलता प्राप्त करने के लिए पहले मूलभूत प्वाइंट्स की चर्चा करते हैं. आपको सबसे पहले पता होना चाहिए और अच्छी तरह से समझ लेना चाहिए कि यह एम्पलॉयमेंट टेस्ट वास्तव में है क्या? एम्पलॉयमेंट टेस्ट आमतौर पर कंपनी के मानव संसाधन विभाग या संगठन के भीतर संबंधित विभागों के टीम लीड्स द्वारा डिजाइन किया गया एक टूल है जो नौकरी के लिए चुने जाने वाले उम्मीदवारों के  कौशल और क्षमताओं की परीक्षा लेने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. इसका अर्थ यह है कि एम्पलॉयमेंट टेस्ट का कोई निश्चित फॉर्मेट, स्टाइल या प्रकार नहीं है. लेकिन किसी भी प्रकार की एम्पलॉयमेंट टेस्ट  का प्रमुख लक्ष्य यह सुनिश्चित करना होता है कि उम्मीदवारों के कौशल और क्षमताओं की परीक्षा लेने के माध्यम से सही उम्मीदवार को ही नौकरी के लिए चुना जाए.

एम्पलॉयमेंट टेस्ट का बढ़ता महत्व

पिछले दशक में, भर्ती के दौरान मानव संसाधन विभाग द्वारा ली जाने वाली एम्पलॉयमेंट टेस्ट के महत्व में काफी वृद्धि हुई है. चाहे कोई प्रारंभिक स्तर की नौकरी हो या किसी वरिष्ठ स्तर पर भर्ती करनी हो, रोजगार परीक्षायें पूरी भर्ती प्रक्रिया के लिए एक बुनियादी मानक बन गई हैं. असल में, हाल के एक सर्वे के मुताबिक, लगभग सभी प्रमुख कंपनियां, चाहे वे देशी या बहुराष्ट्रीय कंपनियां हों, मानकीकृत रोजगार परीक्षायें लेने की योजना बना रही हैं. इन कंपनियों के द्वारा एम्पलॉयमेंट टेस्ट्स का उपयोग उम्मीदवारों के चयन के लिए एक निष्पक्ष टूल के रूप में किया जा सकता है.

एम्पलॉयमेंट टेस्ट के फायदे हैं अनेक

जैसा कि ऊपर बताया गया है, किसी भी प्रकार की एम्पलॉयमेंट टेस्ट का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि कंपनी अपने लिए किसी सही उम्मीदवार का चयन करे. यद्यपि यह परीक्षा एक तरफा हो सकती है और कंपनी या कार्यालय के पक्ष में हो सकती है. लेकिन, जब आप इसे एक अलग नजरिये से देखते हैं तो यह परीक्षा निश्चित रूप से उम्मीदवारों के लिए भी काफी उपयोगी साबित होगी. वर्तमान उद्योग मानकों के अनुसार, एम्पलॉयमेंट टेस्ट को उम्मीदवारों के कौशल की जांच करने के लिए डिज़ाइन किया जाता है. इसका मतलब यह है कि इस परीक्षा में नौकरी के उन सभी पहलुओं या कार्यों को शामिल किया जाएगा जो कार्य किसी उम्मीदवार को अपनी नौकरी के हिस्से के रूप में करने होंगे. इसका एक स्पष्ट अर्थ यह भी है कि एम्पलॉयमेंट टेस्ट एक स्पष्ट संकेतक के रूप में कार्य करती है कि उक्त नौकरी मिल जाने के बाद आपको किस तरह का कार्य करना होगा? एम्पलॉयमेंट टेस्ट की मदद से उम्मीदवार रोजमर्रा के आधार पर कंपनी द्वारा उनसे अपेक्षित कार्य के प्रकार के बारे में समझ सकते हैं और यह भी पहले ही समझ सकते हैं कि नौकरी मिलने के बाद वे अपना कार्य-भार संभाल सकते हैं या नहीं? यह उम्मीदवारों के साथ ही कंपनी के लिए भी बहुत फायदेमंद रहता है, क्योंकि एम्पलॉयमेंट टेस्ट्स के माध्यम से  दोनों एक-दूसरे की क्षमताओं के बारे में स्पष्ट जानकारी प्राप्त कर सकते हैं.

जॉब ऑफर्स के लिए एम्पलॉयमेंट टेस्ट में सफल होने के टिप्स 

अब,  हम इस आर्टिकल के सबसे महत्वपूर्ण पहलू पर आ गये हैं. किसी भी एम्पलॉयमेंट टेस्ट में सफलता प्राप्त करना एम्पलॉयमेंट टेस्ट्स को टैकल करने की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है क्योंकि हरेक इंडस्ट्री में इस परीक्षा के लिए कोई निश्चित फॉर्मेट, प्रकार या स्टाइल नहीं होता है. वास्तव में, किसी संगठन के भीतर भी, अलग-अलग विभागों में विभिन्न पदों को भरने के लिए विभिन्न प्रकार की रोजगार परीक्षायें ली जाती हैं. उदाहरण के लिए, जावा डेवलपर की पोस्ट के लिए किसी उम्मीदवार हेतु आयोजित रोजगार परीक्षा, किसी कंटेंट राइटर या किसी क्लर्क की पोस्ट के लिए ली जाने वाली रोज़गार परीक्षा से काफी अलग होगी. हालांकि, पूर्व-एम्पलॉयमेंट टेस्ट्स के प्रकार में अंतर के बावजूद, इन परीक्षाओं में सफल होने के लिए अभी भी कुछ सामान्य प्वाइंट्स हैं जिन्हें ध्यान में रखकर रोजगार परीक्षायें पास की जा सकती हैं. इसके लिए कुछ सामान्य टिप्स नीचे दिए जा रहे हैं:

प्रिपरेशन में आपकी ईमानदारी दिलवाएगी कामयाबी

किसी भी मानव संसाधन कर्मचारी से पूछें कि वे किसी कर्मचारी के किस गुण को सबसे अधिक महत्व देते हैं?... तो बिना किसी संदेह के यह गुण ईमानदारी ही होगा. यह गुण इतना महत्वपूर्ण है कि  एम्पलॉयमेंट टेस्ट के माध्यम से भी इस गुण की अच्छी तरह से जांच की जाती है. इसलिए, अपनी एम्पलॉयमेंट टेस्ट पूरी ईमानदारी से दें. यदि आप किसी प्रश्न को हल नहीं कर पा रहे हैं तो उस प्रश्न को छोड़ दें या फिर, यदि आप उस प्रश्न को हल करने के लिए प्रयास कर रहे हैं तो इस बात का उल्लेख अवश्य करें कि आप परिणाम के बारे में 100% आश्वस्त नहीं हैं. ऐसा करने पर आप विश्वासनीय व्यक्तिगत प्रतीत होंगे और चयन प्रक्रिया में आपको अतिरिक्त अंक मिलेंगे.

सभी प्रश्न अच्छी तरह पढ़ें

एम्पलॉयमेंट टेस्ट देते समय उम्मीदवार जो सबसे बड़ी गलती करते हैं, वह गलती है प्रश्नों को बिना कोई उत्तर लिखे यूं ही छोड़ देना. जब तक आप किसी प्रश्न को अच्छी तरह नहीं पढ़ते और यह समझने की कोशिश नहीं करते हैं कि आपसे क्या पूछा जा रहा है? ...तो आप उस प्रश्न का जवाब प्रभावी ढंग से नहीं दे पायेंगे. इसलिए, आप हमेशा प्रश्नों को कई बार पढ़ें और अपने जवाब लिखने से पहले सभी प्रश्नों को अच्छी तरह से समझ लें.

संदर्भ अच्छी तरह जरुर समझें

एम्पलॉयमेंट टेस्ट्स के संबंध में समझने लायक एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि पूछे गए प्रश्नों के संदर्भ को समझने का प्रयास करें. जैसे ऊपर बताया गया है, पूर्व-एम्पलॉयमेंट टेस्ट में पूछे जाने वाले अधिकांश प्रश्नों को एक विशेष कौशल सेट के मूल्यांकन के लिए बनाया जाता है. इसलिए, किसी उम्मीदवार के रूप में आपके लिए यह बहुत महत्वपूर्ण है कि आपको प्रश्नों के संदर्भ को अवश्य ही समझना चाहिए. ऐसा करने से आपको किसी भी प्रश्न का उत्तर देने के बारे में एक स्पष्ट तरीका मिल जाएगा जिससे आप अपने उत्तर में सभी आवश्यक प्वाइंट्स शामिल कर सकेंगे.

सीखने की इच्छा भी है जरुरी

यह काफी स्पष्ट कारक है. कोई भी व्यक्ति पूर्ण या सर्वगुण-संपन्न नहीं होता है और कंपनियां और मानव संसाधन विभाग भी यह बात अच्छी तरह समझते हैं. इसलिए, किसी एम्पलॉयमेंट टेस्ट द्वारा यह भी पता करने की कोशिश की जाती है कि कोई कर्मचारी नए कौशल सीखने के लिए कितना तत्पर है? यह आपको एक ऐसे उम्मीदवार के रूप में पेश करता है जो संगठनात्मक लक्ष्यों को पूरा करने के लिए नई चीजों को सीखने और बदलाव लाने के लिए हमेशा तैयार रहता है.

एम्पलॉयमेंट टेस्ट सबसे अच्छा टूल है जिससे सही नौकरी प्रोफ़ाइल के लिए लाखों जॉब सीकर्स की तलाश करने में मदद मिली है. इसलिए, एम्पलॉयमेंट टेस्ट्स को एक और चुनौती के तौर पर लेने के बजाय, जॉब सीकर्स को किसी कार्यालय में शामिल होने के बाद अपनी नौकरी की जिम्मेदारियों और कार्यों को समझने के एक अवसर के रूप में इन एम्पलॉयमेंट टेस्ट्स को देखना चाहिए. इसी तरह, एम्पलॉयर्स  को भी उम्मीदवारों की क्षमता और कौशल सेट का मूल्यांकन करने के एक उपयोगी टूल के रूप में इन परीक्षाओं का इस्तेमाल करना चाहिए और अपने संगठन में मौजूदा नौकरी के लिए उपयुक्त उम्मीदवार को चुनना चाहिए.

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