जानिये ये हैं भारत में कर्मचारियों के लिए EPF के लाभ, विनियम और कम ज्ञात नियम

भारत में कर्मचारियों के लिए EPF योजना के अनेक लाभ, निकासी की शर्तें, योगदान और कर लाभ के बारे में महत्त्वपूर्ण जानकारी हासिल करने के लिए आप इस आर्टिकल को बड़े गौर से जरुर पढ़ें.

Created On: Jul 28, 2021 20:56 IST
EPF in India - Benefits, Regulations, Lesser known Rules
EPF in India - Benefits, Regulations, Lesser known Rules

भारत सरकार की कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) योजना का विस्तार नियोक्ता (एम्पलॉयर) द्वारा कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा और सहायता प्रदान करने के लिए किया जाता है और इस योजना का समस्त संचालन कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा किया जाता है. इस EPF योजना का सर्वोच्च मकसद मासिक आधार पर कर्मचारी के बीच बचत की आदतों को प्रोत्साहित करना है. इसलिए, मूल वेतन और महंगाई भत्ते के 12% के बराबर अनुपात में कर्मचारी और नियोक्ता, दोनों से ही इस EPF योजना के लिए योगदान की मासिक कटौती अनिवार्य कर दी गई है. प्रत्येक नियोक्ता कर्मचारी पेंशन योजना के लिए 8.33% योगदान करने के लिए उत्तरदायी है.

EPF योगदान के बारे में महत्त्वपूर्ण डाटा

हमारे देश में नियोक्ता और कर्मचारी निम्नलिखित अनुपात में EPF खाते में समान योगदान करते हैं:

  1. नियोक्ता - 12%
  2. कर्मचारी - 12% से 10% (3.67% EPF और 8.33% EPS शामिल है)
  3. अब हमारे देश में 20 या 20 से कम कर्मचारियों वाले संगठनों के लिए अपने कर्मचारियों को EPF लाभ प्रदान करना होता है.

भारत में कर्मचारी इस EPF सुविधा का लाभ कैसे उठाएं?

कुछ संगठनों में, नियोक्ता अपने कर्मचारियों को EP सुविधा चुनने का विकल्प देते हैं. अगर कर्मचारी EPF खाता खोलना चाहते हैं, तो नियोक्ता संबद्ध कर्मचारी को एक UAN नंबर आवंटित करता है जिसके माध्यम से सारे संबद्ध कर्मचारी EPF की सदस्य वेबसाइट यानी EPF ई-सेवा/ EPF सदस्य पोर्टल पर जा सकते हैं, और अपने UAN के माध्यम से EPF खाते में लॉग इन कर सकते हैं.

UAN क्या है?

यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) एक 12 अंकीय संख्या है जो कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के प्रत्येक कर्मचारी सदस्य को प्रदान की जाती है. अपने UAN के जरिए खाता धारक अपने EPF खाते का संचालन कर सकता है. अपने इस UAN के माध्यम से कर्मचारी आसानी से अपना फंड निकाल और ट्रांसफर कर सकता है.

EPF कर लाभ

समय के साथ नियमित तौर पर जमा होने वाली बचत के अलावा, ऐसे कर लाभ भी हैं जिनका लाभ EPF खाते के माध्यम से हासिल लिया जा सकता है. आइये अब नीचे दिए गए कुछ कर लाभों पर एक नज़र डालें:

भारत सरकार के वर्ष, 2021 के बजट के अनुसार, सरकार ने यह घोषणा की है कि, अगर EPF और VPF (स्वैच्छिक भविष्य निधि) में जमा राशि एक वित्तीय वर्ष में 2.5 लाख रुपये से अधिक है, तो ऐसे मामले में, 2.5 लाख रुपये से ऊपर के योगदान पर अर्जित ब्याज कर योग्य होगा.

भारत में कर्मचारियों को मिलते हैं EPF योजना के ये प्रमुख लाभ

भारत में सभी संबद्ध कर्मचारियों को कर-लाभ के अलावा, EPF योजना के कई अन्य लाभ भी मिलते हैं जैसेकि:

लंबी अवधि की सुरक्षा: EPF योजना के माध्यम से, कर्मचारी जीवन भर के लिए धन की बचत कर सकते हैं और सेवानिवृत्ति के समय जब हर कोई व्यक्ति आर्थिक रूप से आश्रित हो जाता है तो इस योजना का लाभ प्राप्त किया जा सकता है.

अनदेखी परिस्थितियों के लिए फंड: EPF राशि का उपयोग प्रत्येक कर्मचारी किसी आपात स्थिति में भी कर सकता है क्योंकि, इस योजना के तहत कर्मचारी के पास समय से पहले धन निकालने का विकल्प होता है.

मृत्यु के बाद सुरक्षा: किसी कर्मचारी की असमय मृत्यु के मामले में, उसके परिवार के आश्रित सदस्य उस कर्मचारी द्वारा जमा की गई EPF राशि निकाल सकते हैं.

पेंशन लाभ प्रदान करता है: जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है, प्रत्येक नियोक्ता न केवल अपने सभी कर्मचारियों के PF फंड में योगदान देता है, बल्कि वह संबद्ध कर्मचारियों की पेंशन के लिए भी योगदान देता है जो सेवानिवृत्ति के बाद की अवधि के लिए मददगार होता है.

बीमा योजना: EPF अधिनियम ऐसे सभी कर्मचारियों के लिए जीवन बीमा का भी प्रावधान करता है जहां कहीं भी इन कर्मचारियों के लिए संबद्ध संगठन में समूह बीमा कवर मौजूद नहीं है. यह योजना सुनिश्चित करती है कि, ऐसे सभी कर्मचारियों का उचित बीमा हो.

EPF निकासी की शर्तें

EPF के निकासी नियमों के मुताबिक, कर्मचारी EPF को आंशिक या पूरी तरह से निकाल सकते हैं. कोई भी कर्मचारी जब सेवानिवृत्त होता है या फिर, 02 महीने से अधिक समय तक बेरोजगार रहता है, तो वह अपनी पूरी EPF बचत राशि को निकाल सकता है.

हमारे देश में कर्मचारी नियोक्ता और EPF अधिनियम द्वारा निर्दिष्ट कुछ परिस्थितियों में आंशिक EPF भी निकाल सकते हैं.

*अस्वीकरण - ऊपर दी गई यह सारी जानकारी केवल आपके वित्तीय ज्ञान और समझदारी को बढ़ाने के लिए है. इसे किसी भी व्यक्ति के द्वारा वित्तीय सलाह के तौर पर नहीं लिया जाना चाहिए.

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