ये फ़ेलोशिप प्रोग्राम हैं इंडियन स्टूडेंट्स के लिए काफी फायदेमंद

पूरी दुनिया में अक्सर स्टूडेंट्स हायर एजुकेशनल डिग्रीज़ लेने के लिए या फिर किसी फील्ड में रिसर्च करने के लिए फाइनेंशियल एड या फ़ेलोशिप के लिए अप्लाई करते हैं. इस आर्टिकल में हम इंडियन स्टूडेंट्स के लिए कुछ फायदेमंद फ़ेलोशिप प्रोग्राम्स की चर्चा कर रहे हैं.

Created On: Nov 27, 2019 15:26 IST
Fellowship programs for Indian Students
Fellowship programs for Indian Students

हमारे देश और दुनिया में बहुत से स्टूडेंट्स हायर एजुकेशनल डिग्रीज़ तो हासिल करना चाहते हैं लेकिन अक्सर अपनी आर्थिक तंगी के कारण वे आगे अपनी स्टडीज़ जारी नहीं रख पाते हैं. ऐसे में भारत सरकार उन इंडियन स्टूडेंट्स को फाइनेंशियल एड देने के लिए यूनिवर्सिटी और इंस्टीट्यूशन्स के लेवल पर कई फ़ेलोशिप प्रोग्राम ऑफर करती है. ये फ़ेलोशिप प्रोग्राम हायर एजुकेशनल लेवल पर रिसर्च वर्क के लिए स्टूडेंट्स को ऑफर किये जाते हैं ताकि स्टूडेंट्स अपनी हायर स्टडीज़ और रिसर्च वर्क जारी रखें और स्टूडेंट्स की फाइनेंशियल कंडीशन उनकी हायर एजुकेशन और रिसर्च वर्क में किसी तरह की बाधा न उत्पन्न कर सकें. इस आर्टिकल में हम इंडियन स्टूडेंट्स के लिए भारत में उपलब्ध कुछ खास फायदेमंद फ़ेलोशिप प्रोग्राम्स का जिक्र कर रहे हैं. आप भी अपनी एलिजिबिलिटी के मुताबिक इन फ़ेलोशिप्स के लिए समय रहते अप्लाई कर सकते हैं ताकि आप निर्बाध रूप से अपनी हायर स्टडीज़ जारी रख सकें और अपना करियर गोल हासिल कर लें. आइये आगे पढ़ें:

आखिर क्या है यह ‘फ़ेलोशिप’?

साधारण शब्दों में किसी फ़ेलोशिप  का अर्थ किसी विशेष फील्ड में रिसर्च और कार्य के लिए एक मेरिट-बेस्ड स्कॉलरशिप या वित्तीय सहायता से है. इसका फोकस किसी व्यक्ति के सम्पूर्ण विकास पर होता है और यह  अक्सर शॉर्ट ड्यूरेशन की होती है. यह छात्रों के लिए कई मार्ग खोल देती है जैसे किसी विशेष विषय में विशेषज्ञता प्राप्त करके रिसर्च फील्ड में स्टूडेंट अपना करियर बना सकते हैं. भारत में फ़ेलोशिप  प्रोग्राम्स की बढ़ती लोकप्रियता का कारण यह है कि आज के युवा अपनी यथा स्थिति को बदलने में अधिक तत्पर रहते हैं और इसके साथ ही वे विभिन्न क्षेत्रों में विकास करने की कोशिश में लगे रहते हैं.

इंडियन स्टूडेंट्स के लिए फ़ेलोशिप है जरुरी   

आज के समय में माहौल कुछ ऐसा है कि बड़े कॉरपोरेट हाउस अपनी CSR (कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) गतिविधियों के एक हिस्से के तौर पर इन फ़ेलोशिप  प्रोग्राम्स को खुले हाथों से फंड देते हैं. लेकिन मुश्किल यह है कि आप यह बात भली भांति समझ लें कि क्या आपको फ़ेलोशिप  का विकल्प चुनना चाहिये? नीचे कुछ ऐसे तर्क दिए जा रहे हैं जिनसे आपको यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि फ़ेलोशिप  आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है या नहीं:

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क्या आप ......

  • देश भर में विभिन्न समुदायों द्वारा झेले जा रहे विकासात्मक मुद्दों और चुनौतियों के बारे में उत्साहित हैं.
  • एक या दो वर्षों के लिए बेसिक फाइनेंशल एड या धन सम्बंधी मदद से किसी बड़े लक्ष्य के लिए काम करने हेतु इच्छुक हैं.
  • आरंभिक स्तर पर काम करने को तत्पर और देश के दूर-दराज के हिस्सों में जाने के लिए तैयार हैं.

यदि ऊपर दिए गए पॉइंट्स को लेकर आपका जवाब ‘हां’ है तो आप अपनी पसंद की फील्ड में किसी फ़ेलोशिप  प्रोग्राम को शुरू करने पर निश्चित रूप से विचार कर सकते हैं और यदि आपने किसी फ़ेलोशिप  को करने का निर्णय ले लिया है तो आपको इस फ़ेलोशिप  को करने पर निम्नलिखित लाभ प्राप्त होंगे:

  • आप प्रथम तौर पर विकास के क्षेत्र से संबंधित मुद्दों पर काम कर सकते हैं.
  • कॉरपोरेट सेक्टर से संबद्ध विभिन्न भूमिकाओं और जॉब्स में काम करने का मौका आपको मिल सकता हैं.
  • रिसर्च फोकस्ड उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं.

भारत में लोकप्रिय हैं ये फ़ेलोशिप प्रोग्राम

हमारे देश में आज विभिन्न क्षेत्रों और विषयों में कई फ़ेलोशिप  प्रोग्राम मौजूद हैं. सर्वाधिक लोकप्रिय प्रोग्रामों में से कुछ हैं - 'टीच फॉर इंडिया फ़ेलोशिप ,' लेजिस्लेटिव असिस्टेंट्स टू मेंबर्स टू पार्लियामेंट’, ‘ यंग इंडिया फ़ेलोशिप ’, विलियम जे क्लिंटन फ़ेलोशिप ' एवं अन्य प्रोग्राम.

  • यंग इंडिया फ़ेलोशिप

यह एक वर्षीय, विविध विषयक पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम है. इसके कोर्स स्ट्रक्चर में कुल 8 टर्म्स होती हैं और प्रत्येक टर्म 6 सप्ताह की होती हैं. इस प्रोग्राम के तहत आने वाले विषयों में आर्ट एप्रिसियेशन, कानून के बुनियादी सिद्धांतों में महिला और जेंडर इश्यू, भारत के विकास में राजनीतिक अर्थव्यवस्था जैसी विविधता देखने को मिलती है. इससे जुड़ा एक और फायदेमंद पहलू यह है कि इन विषयों को पढ़ाने वाले फैकल्टी मेंबर्स अपनी फ़ील्ड्स में माहिर होते हैं. इस फ़ेलोशिप  में ज्यादा फोकस प्रैक्टिकल लर्निंग और रियल-टाइम एप्लीकेशन पर रहता है.

  • विलियम जे क्लिंटन फ़ेलोशिप

विलियम जे क्लिंटन फ़ेलोशिप  प्रोग्राम भारतीय और अमरीकन स्टूडेंट्स को कई डेवलपमेंटल प्रोजेक्ट्स में कार्य कर रहे यंग प्रोफेशनल्स और मशहूर NGO के साथ काम करने का मौका देता है. स्टूडेंट्स को इस फ़ेलोशिप  प्रोग्राम के तहत मासिक स्टिपेंड या भत्ता मिलता है और उन्हें एजुकेशन, लाइवलीहुड, पब्लिक हेल्थ के साथ ही ऐसे अन्य अनेक क्षेत्रों में हो रहे विकास की सही और सटीक जानकारी प्राप्त करने का सुअवसर भी मिल जाता है. इस फ़ेलोशिप  प्रोग्राम की 10 महीने की अवधि में ही विभिन्न स्टूडेंट्स के बीच आपसी क्रियाकलापों और संपर्क से डीप नॉलेज और स्किल्स प्राप्त करने में उन्हें मदद मिलती है. इस फ़ेलोशिप  प्रोग्राम के जरिये दुनिया को नये नजरिये से देखने के कई नये तरीकों के साथ ही स्टूडेंट्स को अपने उत्साह और समर्पण की गहराई का भी पता चल जाता है. 

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  • टीच फॉर इंडिया

टीच फॉर इंडिया ग्लोबल नेटवर्क ‘टीच फॉर ऑल’ का एक हिस्सा है. टीच फॉर इंडिया एक दो वर्ष की अवधि का फ़ेलोशिप  प्रोग्राम है जिसके लिए स्टूडेंट्स को अपना पूरा टाइम देना होता है और यह एक ‘पेड फ़ेलोशिप ’ प्रोग्राम है. इस प्रोग्राम में प्रत्येक भागीदार को किसी निम्न आय वाले और कम संसाधनों वाले स्कूल में एक फुल-टाइम टीचर के तौर पर नियुक्त किया जाता है. यह प्रोग्राम अपने स्टूडेंट्स को यह अवसर देता है कि वे अंडर-प्रिविलेज्ड स्टूडेंट्स के जीवन में बदलाव लाने के साथ ही अपनी लीडरशिप स्किल्स को निखार सकें. यह प्रोग्राम काफी कठिन और चुनौतीपूर्ण है इसलिये इस प्रोग्राम में अपना नाम एनरोल करने से पूर्व आप यह सुनिश्चित कर लें कि आप फुल-टाइम कमिटमेंट के लिए तैयार हैं.

  • लेजिस्लेटिव असिस्टेंट्स टू मेंबर्स टू पार्लियामेंट (LAMP) फ़ेलोशिप

यह प्रोग्राम नौजवान भारतीय नागरिकों को देश के नीति-निर्माताओं के साथ काम करने का मौका देता है. LAMP के तहत स्टूडेंट्स को किसी मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट (MP) के लेजिस्लेटिव असिस्टेंट के तौर पर नियुक्त किया जाता है और वे स्टूडेंट्स अपने संबद्ध मेंबर ऑफ़ पार्लियामेंट के साथ मिलकर काम करते हैं. यह एक पूर्णकालिक 11 महीने की अवधि का फ़ेलोशिप  प्रोग्राम है जो पार्लियामेंट के मानसून सेशन के शुरू होने के साथ स्टार्ट होता है और बजट सेशन की समाप्ति के साथ ही यह फ़ेलोशिप  प्रोग्राम भी समाप्त हो जाता है. इस फ़ेलोशिप  प्रोग्राम के तहत अपने संबद्ध MP के संसदीय कार्य में सहायता देने के लिए स्टूडेंट्स रिसर्च वर्क में पूरी तरह लीन रहते हैं.

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इस समय हमारे देश में कई अन्य प्रमुख फ़ेलोशिप  प्रोग्राम भी हैं जैसे गांधी फ़ेलोशिप , अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन फ़ेलोशिप  प्रोग्राम आदि. फेलोशिप्स का चयन करने वाले अधिकांश छात्रों का लक्ष्य डेवलपमेंटल फ़ील्ड्स में रिसर्च वर्क के बारे में सीखना और ज्यादा जानकारी प्राप्त करना होता है.

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