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School Students के लिए खुशख़बरी: EWS वर्ग के स्टूडेंट्स को ऑनलाइन क्लास अटेंड करने के लिए गैजेट और इंटरनेट उपलब्ध करना अब स्कूलों की ज़िम्मेदारी

Delhi High Court ने शुक्रवार को एक सुनवाई के दौरान Private School, Private Unaided School और Government School में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के विद्यार्थियों को ऑनलाइन क्लासेज अटेंड करने के लिए गैजेट और इंटरनेट मुहैया कराने का आदेश दिया है।

Sep 21, 2020 17:57 IST
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School Students के लिए खुशख़बरी: EWS वर्ग के स्टूडेंट्स को ऑनलाइन क्लास अटेंड करने के लिए गैजेट और इंटरनेट उपलब्ध करना अब स्कूलों की ज़िम्मेदारी
School Students के लिए खुशख़बरी: EWS वर्ग के स्टूडेंट्स को ऑनलाइन क्लास अटेंड करने के लिए गैजेट और इंटरनेट उपलब्ध करना अब स्कूलों की ज़िम्मेदारी

Delhi High Court ने शुक्रवार को एक सुनवाई के दौरान Private School, Private Unaided School और Government School में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के विद्यार्थियों को ऑनलाइन क्लासेज अटेंड करने के लिए गैजेट और इंटरनेट मुहैया कराने का आदेश दिया है। Delhi High Court ने  सुनवाई के दौरान सरकार और प्राइवेट स्कूलों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि कमजोर वर्ग के विद्यार्थियों को भी ऑनलाइन क्लासेज की सुविधा मिले। केंद्रीय विद्यालय भी इन सरकारी स्कूलों में शामिल हैं जो EWS विद्यार्थियों को गैजेट और इंटरनेट पैक उपलब्ध करवाएंगे।

जस्टिस मनमोहन और संजीव नरूला की पीठ ने इसी के साथ ये भी आदेश दिया है कि एक 3 सदस्यीय कमेटी का गठन हो EWS विद्यार्थियों के लिए गैजेट्स की पहचान कर आपूर्ति करने की प्रक्रिया को तेज़ी से करने के लिए कदम उठाये। हाई कोर्ट ने होने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि गरीब विद्यार्थियों को दिए जाने वाले उपकरण और इंटरनेट पैक, ट्यूशन शुल्क का हिस्सा नहीं होंगे। 

कोरोना वायरस महामारी की वजह से दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे देशभर के स्कूलों में ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई हो रही है परन्तु कमजोर आय वर्ग के विद्यार्थी उपकरणों और संसाधनों के अभाव में  ऑनलाइन क्लासेज नहीं अटेंड कर पा रहे हैं। कोरोना वायरस संक्रमण लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए ये कहा जा सकता है कि ऑनलाइन क्लास का विकल्प अभी लम्बे समय तक इस्तेमाल होगा।  

हाल ही में क ग़ैरसरकारी संस्थान जस्टिस फॉर ऑल ने एक याचिका दायर की थी जिसमे कहा गया कि सिर्फ दिल्ली की बात करे तो प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 50,000 से अधिक EWS वर्ग के विद्यार्थी ऑनलाइन क्लासेज की सुविधा नहीं ले पा रहे हैं।

ऐसे में Delhi High Court का ये आदेश अब गरीब विद्यार्थियों के लिए रहत लेकर आया है। 

 

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