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2019 में प्रोमोशन की राह में आने वाली 5 मुख्य बाधाएं

प्रति वर्ष मार्केट तथा कार्पोरेट या व्यावसायिक जगत की जरूरतें तथा उनका परिदृश्य बदलते रहता है. इसलिए यह मुमकिन है कि नौकरी या जॉब में प्रोमोशन के लिए कुछ समय पहले जो बाते बहुत जरुरी थी वो आज के बदलते परिदृश्य में उतनी जरुरी नहीं हों.इसलिए यदि आप नौकरी पेशा वाले हैं और अपने जॉब या नौकरी में प्रोमोशन की उम्मीद रखते हैं तो आपको 2019 में अपने प्रोमोशन के लिए इन जरुरी बातों पर गौर करना चाहिए ?

Apr 4, 2019 14:34 IST
Habits That Often Obstruct Your Promotion

हर कोई जीवन में निरंतर प्रगति करना चाहता है लेकिन प्रगति की राह हमेशा आसान नहीं हुआ करती है. कभी कभी हमें इसके लिए जीवन में बहुत ज्यादा मशक्कत करनी पड़ती है.इतना ही नहीं अगर जीवन में निरंतर प्रगति करनी है तो मेहनत के साथ साथ कुछ विशेष बातों का भी ध्यान रखना पड़ता है तभी आप मनमुताबिक प्रोग्रेस कर सकते हैं. ठीक यही बात प्रोफेशनल फील्ड में भी लागू होती है. प्रति वर्ष मार्केट तथा कार्पोरेट या व्यावसायिक जगत की जरूरतें तथा उनका परिदृश्य बदलते रहता है. इसलिए यह मुमकिन है कि नौकरी या जॉब में प्रोमोशन के लिए कुछ समय पहले जो बाते बहुत जरुरी थी वो आज के बदलते परिदृश्य में उतनी जरुरी नहीं हों.इसलिए यदि आप नौकरी पेशा वाले हैं और अपने जॉब या नौकरी में प्रोमोशन की उम्मीद रखते हैं तो आपको 2019 में अपने प्रोमोशन के लिए किन जरुरी बातों पर गौर करना चाहिए ? इस विषय का पता होना जरुरी है.

ध्यान रखिये हर वे व्यक्ति जो एक व्यावसायिक संगठन में काम करते हैं, अपने सीनियर से प्रशंसा प्राप्त करने की इच्छा रखता है. लेकिन ऐसी कुछ स्वाभाविक बुरी आदतें होती हैं जो उन्हें मजबूरन आलोचना का शिकार बनाती हैं. कर्मचारियों की ये आदतें उन्हें आलोचना की वजह बनने के साथ साथ उनके कार्य क्षमता को भी बुरी तरह से प्रभावित करती हैं. नकारात्मक प्रभाव डालने वाली कुछ बुरी आदतों की पुनरावृति व्यक्ति की सफलता के राह में अवरोधक साबित होने लगती हैं. इसलिए व्यक्ति को सबसे पहले अपनी गलत आदत और कमजोरी को पहचान कर उसे पूरी तरह से दूर करने की कोशिश करनी चाहिए. इसलिए अगर आप भी अपनी नौकरी में प्रोमोशन चाहते हैं तो आपको हमेशा नीचे दिए गए 5 बातों को याद रखना चाहिए.

समय के महत्व को समझें और ऑफिस लेट न पहुंचे – एक कर्मचारी, जो किसी संगठन में कम करता है, यदि वह लेट पहुँचने का आदि होता है तो वह नित्य प्रति कोई न कोई कारण अपने सीनियर को इसकी वजह के रूप में बताता है जो आगे चलकर विवाद का कारण बनता है तथा इससे उसकी नकारात्मक छवि बनती है. आपकी नकारत्मक छवि आपके प्रोमोशन में सबसे बड़ी बाधा साबित हो सकती है. साथ ही रोज ऑफिस लेट से आना कहीं न कहीं अपने सीनियर के प्रति अनादर के भाव को भी दिखाता है. यह भी हो सकता है कि कभी कभी आप सुबह होने वाली महत्वपूर्ण मीटिंग को मिस कर दें तथा महत्वपूर्ण निर्णयों से अनजान रहे जो आपके लिए हरगिज लाभदायक नहीं होगा. इसलिए हमेशा अपने ऑफिस के निर्धारित समय से 5-10 मिनट पहले आने की कोशिश करें.

अपमानजनक शब्दों का प्रयोग कत्तई न करें – कोई भी शब्द एक बार जुबान से बाहर आ जाने के बाद पुनः वापस नहीं आ सकता है. गलत शब्दों के लिए माफी के अतिरिक्त कोई दूसरा उपाय नहीं होता है. आपकी भाषा आपके व्यक्तिगत और व्यावसायिक दोनों को समग्र रूप से दर्शाती है. अतः हमेशा मधुर, सयंत और प्रभावशाली भाषा का ही प्रयोग करें. अगर आप अपने सीनियर और जूनियर दोनों के साथ सयंत लहजे में बात करते हैं तो वो नहीं चाहते हुए भी आपके प्रति आदर का भाव रखते हैं तथा समयानुसार आपकी प्रशंसा करते हैं. गलत शब्दों का प्रयोग और अनियंत्रित भाषा आपके सहकर्मियों के बीच आपकी गलत छवि बनाती है. अतः निश्चित रूप से यह भी आपके प्रोमोशन में बाधक हो सकता है.

किसी विशेष अधिकार की मांग नहीं करें - अगर एक प्रोफेशनल के रूप में आप कुछ विशेष कार्य करना चाहते हैं या किसी विशेष पद पर जाने के इक्छुक हैं तो इसके लिए साथी मित्र या अपने अधिकारी से संघर्ष करने की बाजय अपने दिए गए कार्यों को ईमानदारी पूर्वक करें तथा दलगत भावना से दूर रहें. आपके सीनियर और नियोक्ता हमेशा आपकी गतिविधियों पर नजर रखते हैं. आपके इस तरह के कार्यों से संगठन की टीम-भावना प्रभावित होती है जिसका परिणाम आगे चलकर आपके लिए हितकर साबित नहीं होगा. आप अपने काम से सबको प्रभावित करने की कोशिश करें. यदि आप ऐसा करने में सक्षम हो जाते हैं तो स्वाभाविक है कि संगठन आपके कुछ विशेष जरूरतों को आपके बिना कहे ही  पूरा कर दे.

संगठन के नियमों के अनुकूल उसके हित में काम करें – प्रोमोशन की चाहत रखने वाले प्रोफेशनल को संगठन में हो रही प्रोफेशनल और प्रोग्रेस से जुड़ी हर गतिविधियों में भाग लेकर तदनुरूप काम करना चाहिए. सीनियर द्वारा दिए गए कार्य को प्राथमिकता दें तथा उसे टाईम लाइन के अंतर्गत पूरा करें. यदि आप ऐसा करने में अक्षम हैं तो संगठन का मैनेजमेंट  और वरिष्ठ अधिकारी आपको अयोग्य समझकर आपको कोई महत्वपूर्ण कार्यभार नहीं सौपेंगे.इस बात को हमेशा अपने मन में गांठ बांधकर रखें.

सहकर्मियों और सीनियर की बातों को बहुत गौर से सुने – अगर आप एक अच्छा श्रोता नहीं हैं तो आप एक अच्छा वक्ता भी नहीं बन सकते. एक प्रोफेशनल में सुनने का कौशल अवश्य होना चाहिए क्योंकि चीजों को गौर से सुने बिना आप किसी भी कार्य को योजनाबद्ध तरीके से निष्पादित नहीं कर सकते हैं. अगर आप अपने कार्यों को योजनाबद्ध तरीके से निष्पादित नहीं कर पाते हैं तो इससे आपका टारगेट पूरा नहीं हो पायेगा जो आपके लिए प्रोमोशन के समय परेशानी का सबब बन सकता है.

इंडस्ट्री में आ रहे नए ट्रेंड्स तथा टेक्नोलॉजीकल डेवेलपमेंट से अपडेटेड रहें- आजकल हर तीन महीने के बाद ट्रेंड बदलते जाते हैं. कस्टमर्स की डिमांड भी जो तीन महीने पहले  थी वो अब नहीं होती है वो अब बदल चुकी होती हैं. इसलिए तात्कालिक समय में मार्केट में आप जिस इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं उसमें क्या ट्रेंड कर रहा की सम्पूर्ण,सटीक तथा सही जानकारी रखें.तभी आप अपने ऑर्गनाइजेशन को आगे ले जा सकते हैं. इस बात को हमेशा जेहन में रखना चाहिए कि अगर कोई ऑर्गनाइजेशन ग्रोथ करेगा तो उसके कर्मचारी स्वतः ही प्रगति करेंगे. इसके अतिरिक्त नित्य आ रहे नए टेक्नोलॉजी के विषय में भी जागरुक रहें. आजकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तथा रोबोटिक्स आदि बहुत अधिक प्रचलित टेक्नोलॉजीकल डेवेलपमेंट हैं और प्रोमोशन की चाह रखने वाले कर्मचारियों को इन सभी चीजों की पर्याप्य नॉलेज रखनी चाहिए.

निष्कर्ष

व्यावसायिक जगत में आपके सहकर्मी, वरिष्ठ और वरिष्ठ अधिकारियों की दृष्टि हमेशा आप पर रहती है. अर्थात वे हमेशा आपकी निगरानी करते हैं. आपका व्यवहार आपके व्यक्तित्व को प्रदर्शित करता है. गलतियाँ करना स्वाभाविक है लेकिन उससे सीख लेने में आपकी भलाई है.कभी कभी अनजाने में अपने कुछ गलत आदतों के कारण शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है और  सही कार्य करते हुए भी आप वांछित प्रोमोशन नहीं पाते. अतः अपनी गलतियों को पहचानकर उसे दूर करने की कोशिश कीजिये. ईमानदारी पूर्वक अपना कार्य कीजिये और स्वभाव से सयंत रहते हुए टारगेट ड्रिवेन ( लक्ष्योंमुखी ) कार्यों पर फोकस कीजिये, सफलता अवश्य हाथ लगेगी और आप प्रोमोशन पाने में कामयाब होंगे.