HTET 2018: परीक्षा पैटर्न और सिलेबस

किसी भी प्रतिस्पर्धी परीक्षा में सफलता उस परीक्षा के परीक्षा पैटर्न और सिलेबस की पूर्ण जानकारी पर निर्भर करता हैं. आइये- HTET परीक्षा के पूर्ण सिलेबस और परीक्षा पैटर्न के बारे में निम्नलिखित आर्टिकल के माध्यम से जानते हैं-

Jan 4, 2019 18:04 IST
facebook IconTwitter IconWhatsapp Icon
HTET syllabus & exam pattern
HTET syllabus & exam pattern

सरकारी विद्यालयों में स्थायी शिक्षक बनने के लिए, उम्मीदवार में शिक्षण एपटीट्युड और प्राइमरी, सेकेंडरी व सीनियर सेकेंडरी लेवल के बच्चों को पढ़ाने की योग्यता का होना अत्यंत आवश्यक हैं. अभी हाल ही में हरियाणा सरकार ने ऐसे उम्मीदवारों की भर्ती के लिए हरियाणा TET परीक्षा की अधिसूचना को जारी किया था. इसके आवेदन पत्र को जमा करने व इसमें पुन: बदलाव करने की अंतिम तिथि क्रमश: 30 नवम्बर 2019 और 03 दिसम्बर 2019 थी. BSEH की हाल ही की अधिसूचना के अनुसार, HTET परीक्षा को दिनांक 5 जनवरी 2019 और 06 जनवरी 2019 को आयोजित किया जाएगा व इस परीक्षा की समयावधि 2 घंटे और 30 मिनट की होगी.

HTET परीक्षा में 150 बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे और इसे पेन-पेपर मोड में आयोजित किया जाएगा. इस परीक्षा का सिलेबस और कठिनाई स्तर, हरियाणा राज्य बोर्ड की 10 + 2 कक्षा के स्तर का होगा. HTET परीक्षा को तीन लेवल्स में आयोजित किया जायेगा जोकि निम्नलिखित हैं-

-          लेवल-1 ( कक्षा I-V हेतु प्राइमरी टीचर / PRT के लिए)

-          लेवल-2 (कक्षा VI-VIII हेतु ट्रेनेड ग्रेजुएट टीचर / TGT के लिए)

-          लेवल-3 (कक्षा IX-XII हेतु पोस्ट ग्रेजुएट टीचर / PGT के लिए)

जैसा कि आप जानते हैं कि किसी भी प्रतिस्पर्धी परीक्षा में सफलता उस परीक्षा के परीक्षा पैटर्न और सिलेबस की पूर्ण जानकारी पर निर्भर करता हैं. आइये- HTET परीक्षा के पूर्ण सिलेबस और परीक्षा पैटर्न के बारे में निम्नलिखित आर्टिकल के माध्यम से जानते हैं-

HTET 2018 परीक्षा पैटर्न (PRT, TGT और PGT सभी लेवल्स की परीक्षाओं हेतु)

इन परीक्षाओं में हरियाणा राज्य की सभी श्रेणियों (SC/ST और विकलांग उम्मीदवारों को छोड़कर) और अन्य राज्यों की अनुसूचित जाति व शारीरिक विकलांग उम्मीदवारों के लिए क्वालीफाइंग अंक कुल अंकों के 60% होंगे. जबकि हरियाणा राज्य की अनुसूचित जाति और शारीरिक विकलांग उम्मीदवारों के लिए क्वालीफाइंग अंक कुल अंकों के 55% होंगे. HTET परीक्षा की PRT, TGT और PGT प्रविष्टियों की परीक्षायें अलग-अलग आयोजित की जायेंगी.

HTET 2018 परीक्षा हेतु टिप्स और स्ट्रैटेजी

HTET लेवल-1 का परीक्षा पैटर्न (कक्षा I से V हेतु प्राइमरी टीचर / PRT बनने के लिए)

विषय

प्रश्नों की संख्या

अधिकतम अंक

कुल समयावधि

बाल विकास और शिक्षाशास्त्र

30 MCQ

30 अंक

 

 

 

 

 

2 घंटे और 30 मिनट

लैंग्वेज (हिंदी व इंग्लिश)

हिंदी- 15 MCQ

इंग्लिश- 15 MCQ

30 अंक

सामान्य अध्ययन

क्वांटिटेटिव एपटीट्युड- 10 MCQ

रीजनिंग एबिलिटी- 10 MCQ

हरियाणा राज्य से सम्बंधित जनरल नॉलेज व जनरल अवेयरनेस- 10 MCQ

30 अंक

गणित

30 MCQ

30 अंक

पर्यावरण अध्ययन

30 MCQ

30 अंक

कुल

150 MCQ

150 अंक

 

HTET लेवल-2 का परीक्षा पैटर्न (कक्षा VI से VIII हेतु ट्रेनेड ग्रेजुएट टीचर / TGT बनने के लिए)

विषय

प्रश्नों की संख्या

अधिकतम अंक

कुल समयावधि

बाल विकास व शिक्षाशास्त्र

30 MCQ

30 अंक

 

 

 

 

2 घंटे और 30 मिनट

लैंग्वेज (हिंदी व इंग्लिश)

हिंदी- 15 MCQ

इंग्लिश- 15 MCQ

30 अंक

सामान्य अध्ययन

क्वांटिटेटिव एपटीट्युड- 10 MCQ

रीजनिंग एबिलिटी- 10 MCQ

हरियाणा राज्य से सम्बंधित जनरल नॉलेज व जनरल अवेयरनेस- 10 MCQ

30 अंक

वैकल्पिक विषय विशेष से

60 MCQ

60 अंक

कुल

150 MCQ

150 अंक

 

HTET लेवल-3 का परीक्षा पैटर्न (कक्षा IX से XII हेतु पोस्ट ग्रेजुएट टीचर / PGT बनने के लिए)

विषय

प्रश्नों की संख्या

अधिकतम अंक

कुल समयावधि

बाल विकास व शिक्षाशास्त्र

30 MCQ

30 अंक

 

 

 

 

 

2 घंटे और 30 मिनट

लैंग्वेज (हिंदी व इंग्लिश)

हिंदी- 15 MCQ

इंग्लिश- 15 MCQ

30 अंक

सामान्य अध्ययन

क्वांटिटेटिव एपटीट्युड- 10 MCQ

रीजनिंग एबिलिटी- 10 MCQ

हरियाणा राज्य से सम्बंधित जनरल नॉलेज व जनरल अवेयरनेस- 10 MCQ

30 अंक

वैकल्पिक विषय विशेष से

60 MCQ

60 अंक

कुल

150 MCQ

150 अंक

 

मूल्यांकन की योजना:

  • प्रत्येक सही उत्तर के लिए 1 अंक दिया जाएगा.
  • इन परीक्षाओं में कोई भी नकारात्मक अंकन नहीं हैं.
  • बगैर हल किये गए प्रश्नों के लिए कोई अंक नहीं दिया जाएगा.

HTET 2018: परीक्षा पैटर्न (PRT, TGT और PGT सभी लेवल्स के लिए)

HTET 2018 परीक्षा के सभी विषयों का पूर्ण सिलेबस निम्नलिखित हैं-

1. बाल विकास व शिक्षाशास्त्र:

बाल विकास (प्राइमरी स्कूल के बच्चों हेतु)- Multi-Dimensional Intelligence, Language & Thought, Gender as a social construct: gender-bias, gender roles & educational practice, Principles of development of children, Influence of Environment & Heredity, Socialization processes: Social world & children (Teacher, Parents, Peers), Individual differences among learners & understanding differences based on the diversity of language, gender, caste, community, religion etc., Distinction b/w assessment of learning & Assessment for learning; School-based critical perspective of the construct of Intelligence, Continuous, Assessment & Comprehensive Evaluation: practice & perspective, Concept of development and its relationship with learning, Kohlberg, Piaget & Vygotsky: constructs and critical perspectives, Concepts of child-centered & progressive education, Questions formulating for examining readiness levels of learners; for enhancing learning, critical thinking in the classroom and assessing learner achievement.

समावेशी शिक्षा और बच्चों की विशेष आवश्यकताएं -Addressing to Creative, Talented, Specially disabled children, Addressing to the children’s necessity in learning impairment & difficulties, addressing children from diverse backgrounds including disadvantaged & deprived.

अधिगम व शिक्षाशास्त्र –

How children learn & think;

Why & how children ‘fail’ in achievement of success in school performance;

Basic processes of learning & teaching; learning strategies of children;

Learning as a social activity, the social context of learning;

Child as a ‘scientific investigator’ & as a problem solver;

Alternative conceptions of learning in children;

Understanding children’s ‘errors’ as significant steps in motivation and learning;

Factors contributing to learning- environmental & personal Cognition & Emotions and the learning process

2. लैंग्वेजेज:

लैंग्वेज कॉम्प्रिहेंशन- Reading unseen passages- two passages one poem with questions on comprehension & one with prose or drama, grammar, inference and verbal ability (Prose passage may be literary, narrative, scientific or discursive)

भाषा विकास का शिक्षण-

Evaluating language comprehension and proficiency;

Language Skills;

Teaching-learning materials;

Role of listening and speaking: function of language and how children use it as a tool;

Critical view on the role of grammar in learning a language in communication of ideas written form & verbally;

Challenges in teaching language in the various classroom; disorders, errors & language;

Learning and acquisition;

Remedial Teaching;

Principles of Language Teaching;

3. गणित: Multiplication, Division, Geometry, Shapes & Spatial Understanding, Addition and Subtraction, Measurement, Weight, Numbers, Money, LCM &HCF, Decimal, Fractions, Time, Volume, Data Handling, Patterns,

शैक्षणिक मुद्दे:

Diagnostic and Remedial Teaching;

Nature of Logical / Mathematical thinking;

Understanding children’s reasoning & thinking patterns and strategies of making meaning and learning;

Place of mathematics in curriculum;

Error analysis and related aspects of learning and teaching;

Language of Mathematics;

Community Mathematics;

Problems of Teaching;

Evaluation through informal and formal methods;

4. पर्यावरण अध्ययन: Days and nights, disposal of solid waste, local bodies (rural & urban), transportation, communication and its development, parts of body (internal & external), air, habitats, types, clothes dresses &their care, group songs, pollution, our surroundings, festivals (school, family & national), health, good habits & personal hygiene, looking after the trees, plants & animals, weather & climate, community buildings, diseases, living and non-living parts of plants, geographical features and changes, national properties, first aids, disaster management, natural resources, solar system, basic needs; food, resources and care; water management.

शैक्षणिक मुद्दे:

Teaching material/Aids;

Activities;

Experimentation/Practical Work;

Discussion;

Learning principles;

Concept and scope of EVS;

Approaches of presenting concepts;

Problems and CCE;

Significance of EVS, integrated EVS;

Environmental studies & environmental education;

Scope & relation to science & social science;

Related Categories

    Related Stories