प्रोफेशनल सक्सेस के लिए कैसे करें नेटवर्किंग का इस्तेमाल ?

किसी भी अद्भुत कार्य करने के लिए कार्यालय में केवल अपने प्रदर्शन की प्रतीक्षा नहीं करें. इस संदर्भ में आपके कार्यक्षेत्र के लोग भी आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकते हैं. इसलिए बाहर जाएं और अपने लिए नेटवर्किंग करें.

Created On: Jan 16, 2019 18:31 IST
नेटवर्किंग
नेटवर्किंग

“नेटवर्किंग इन दिनों चर्चा का विषय है.यह स्टार्स के लिए अनौपचारिक सीढ़ी है. किसी भी विशिष्ट कार्य को करने के लिए कार्यालय में केवल अपने प्रदर्शन की प्रतीक्षा नहीं करें. इस संदर्भ में आपके कार्यक्षेत्र के लोग भी आपके लिए बहुत फायदेमंद साबित हो सकते हैं. इसलिए बाहर जाएं और अपने लिए नेटवर्किंग करें.यह बात सभी पर लागू होती है. अपना नेटवर्किंग बनाते हुए सभी के साथ अच्छे रहें तथा किसी के भी साथ अपना सम्बन्ध खराब न करें”

                                                                                                                                                                                                                 माइक डेविडसन,सीईओ,न्यूजवाइन

एक सफल करियर बनाने की दिशा में नेटवर्किंग एक अनिवार्य घटक है. इसका साफ मातलब होता है लोगों के साथ संपर्क बनाना. इसमें आप दूसरों की मदद करते हैं और दूसरे लोग जरुरत पड़ने पर आपकी मदद करते हैं और इस तरह यह नेटवर्किंग फलता-फूलता रहता है. यह कहना सही नहीं होगा कि जीवन में कोई बिना किसी के मदद के बहुत बड़ा आदमी बन सकता है. एमबीए के अधिकांश कोर्सेज में नेटवर्किंग को बहुत महत्व नहीं दिया जाता है.एमबीए पाठ्यक्रमों में कठिन परिश्रम तथा बेहतर प्रदर्शन पर अधिक जोर दिया जाता है. लेकिन हम आपको यहाँ बता दें कि वे एमबीए एग्जाम में बहुत अच्छा मार्क्स लाने तथा मार्केट में उपलब्ध अवसरों का पूर्ण लाभ उठाने के बीच के अंतर को छात्रों को नहीं समझा पाते हैं. वे यह तो जानते हैं कि एमबीए के बाद उन्हें वास्तविक जीवन में कार्पोरेट जगत का सामना करना है लेकिन इसका सामना किस तरह करना है, इसके साथ सामंजस्य कैसे बैठाना है? वे यह नहीं बताते.

इसलिए एमबीए उम्मीदवारों को सम्मेलनों, कार्यक्रमों और इंटरनेट पर लोगों के साथ बातचीत करने के अवसरों की तलाश करनी चाहिए. आप उन नौकरियों के विषय में नहीं जान सकते जिनके लिए कोई एडवरटिजमेंट नहीं निकलता. कई ऐसी कंपनिया है जो अपने यहाँ हायरिंग के लिए किसी भी तरह का एडवरटिजमेंट नहीं निकालती. ऐसी कंपनियां जॉब के लिए एडवरटिजमेंट निकालने की बजाय कुछ ऐसे लोगों को वित्तीय प्रोत्साहन देती हैं जो उन्हें स्किल्ड कर्मचारियों की भर्ती में मदद करते हैं. इसके अलावा, अधिकांश नियोक्ता उन लोगों को काम पर रखना ज्यादा पसंद करते हैं जिन्हें वे पहले से जानते हैं ?

नेटवर्किंग के बारे में मिथक

नेटवर्किंग एक तरह से एक प्रक्रिया है जिसमें एक व्यक्ति अपनी ग्रोथ के लिए अन्य लोगों का उपयोग करता है.

लेकिन अच्छे नेटवर्कर इस तरह के सिद्धांतों पर कभी विश्वास नहीं करते और ना ही उसका पालन करते हैं. वे लोगों के साथ नेटवर्किंग करते हुए अपने लाभ और करियर के बारे में हमेशा नहीं सोचते हैं. वे लोगों की सोंच आदि के बारे में जानने के लिए उत्सुक रहते हैं.स्व-केंद्रित दृष्टिकोण से दूर, नेटवर्किंग दिलचस्प लोगों और विचारों से जुड़ने की एक कला है.वरिष्ठ लोगों के साथ नेटवर्किंग कई मामलों में अधिक उपयोगी साबित होती है.

कुछ लोग ऐसा मानते हैं कि हमें बड़ी मछलियों को पकड़ने के लिए ही पानी में घुसने का प्रयास करना चाहिए. लेकिन यह दृष्टिकोण मौलिकतः गलत है और इसका पालन करने पर सफलता नहीं मिल सकती है. हर किसी का अपना अलग अनुभव होता है और कब किसका अनुभव काम आ जाये यह कहा नहीं जा सकता है. अक्सर छोटे समझे जाने वाले लोग जो राय देते हैं उनसे लोगों का जीवन बदल जाता है. हो सकता है कभी उन्ही के संपर्क से आपका काम बन जाये.इसलिए सभी विकल्प खुले रखें और सभी की सामान्य रूप से मदद करें. अच्छी नेटवर्किंग का फायदा आपको तत्काल मिल जाएगा, ऐसा सोचना बिलकुल गलत है. अच्छी नेटवर्किंग की इच्छा रखने वालों के लिए यह एक सतत प्रक्रिया है.इसके द्वारा दीर्घकालिक संबंधों का निर्माण किया जाता है. वस्तुतः इस क्षेत्र में किया गया निवेश शेयर बाजार में किये गए निवेश की तरह नहीं है. यह जीवन भर नेटवर्कों का ताना बाना बुनने जैसा है और यह प्रक्रिया जीवन पर्यंत चलती रहती है. अच्छा नेटवर्क जीवन में अवश्य काम आता है.

लेकिन कभी भी मतलब के हिसाब से नेटवर्किंग नहीं बनाना चाहिए और काम होते ही उसे समाप्त नहीं करना चाहिए. इससे आपका कुछ भी फायदा नहीं होगा. मान लीजिये आप किसी सम्मेलन में किसी से मिलते हैं और एक सप्ताह के अन्दर वे किसी भी मामले में आपकी मदद करते हैं तो आपको अपना काम होते ही उनके साथ अपना सम्बन्ध नहीं तोड़ देना चाहिए. हमेशा अपने नेटवर्किंग के लोगों के साथ जुड़े रहना चाहिए. इससे लॉन्ग टर्म में फायदा होता है

किस तरह अपना नेटवर्किंग बनायें ?

नेटवर्किंग एक कला है. कुछ लोगों में यह कला जन्मजात होती है जबकि कुछ लोगों के लिए मार्गदर्शन और अभ्यास की आवश्यकता होती है.सिर्फ बिजनेस कार्ड लेने या देने मात्र से ही नेटवर्किंग नहीं बनती है. इसके लिए व्यक्ति विशेष के साथ अपनी मीटिंग को यादगार बनाना होता है. यदि आप ऐसा करने में सक्षम नहीं हैं तो आपके बिजनेस कार्ड का कोई मतलब नहीं रह जाता है. अच्छे नेटवर्किंग के लिए निम्नांकित बातों पर ध्यान दीजिये.

• हमेशा मौखिक रूप से अपना परिचय देने के लिए तैयार रहें.आपको कभी भी अपने संभावित संपर्क वाले व्यक्ति के सामने चुपचाप खड़ा नहीं रहना चाहिए.उससे सहजता के साथ अपना परिचय देते हुए मिलने की कोशिश करनी चाहिए. टेंशन फ्री होकर बातें करें. टेंशन की स्थिति में व्यक्ति अक्सर सामने वाले से सही तरीके से नहीं मिल पाता है. इसलिए हमेशा प्रसन्नता पूर्वक अपने बारे में कुछ पंक्तियों तथा अपने स्किल्स को बताते हुए सामने वाले से बात करने की कोशिश करते हुए अपना नेटवक बनाने की कोशिश करनी चाहिए.

• अपने पर्सनल एजेंडा को अलग रखने की कोशिश करें. यदि आप किसी को अच्छी तरह सुनते हैं तो अवश्य ही सामने वाला व्यक्ति आपको याद रखेगा और उससे आपका सम्बन्ध बन सकता है.ज्यादतर लोग अपने बारे में बातें करना पसंद करते हैं. यदि आपको ऐसा कोई मिलता है तो उन्हें ऐसा करने दें तथा उनकी बातें ध्यान से सुनें और उनका बिजनेस कार्ड अपने पास रख लें. किसी से सीधे सीधे जॉब ओपनिंग के बारे में पूछने की बजाय किसी और से बातें करने की कोशिश करें.

• किसी सम्मेलन में जाने से पहले अपने काम के लोगों के विषय में जानना चाहिए. इसके लिए ऑनलाइन उनकी प्रोफाइल सर्च करें. लोग इस बात को जानकर बहुत प्रभावित हो सकते हैं कि आप पहले से ही उनको जानते हैं. इससे आपका समय बर्बाद नहीं होता है क्योंकि आपको यह पता होता है कि आपको किसके साथ संपर्क बनाना है.

•  आप किसी कोने में खड़ा होकर यह नहीं सोंचे कि अब मुझे क्या करना है ? अपने बगल में बैठे व्यक्ति से बातचीत करने की कोशिश करें. अपने सुपरवाइजर के कॉन्टैक्ट का उपयोग करें.सम्मलेन के हर कार्यक्रम में हिस्सा लें. दोपहर का लंच हमेशा किसी के साथ ही करें. कोशिश करें कि आप जिसके साथ नेटवर्क बनाना चाहते थें उसी के साथ लंच करें क्योंकि लंच करते समय अक्सर लोग खुलकर बातें करते हैं तथा सम्बन्ध अच्छे बनते हैं.

• आप अपने आप को इस तरह प्रेजेंट करें कि अधिकांश लोग आपसे बातें करने को उत्सुक हों. अपने से बात करने वाले के साथ प्रासंगिक बात करें. अपना ज्यादा समय दूसरों की मदद करने में व्यतीत करें.

•  सम्मेलन के दौरान किसी दुकान पर बात करने के बाद किसी कॉफी शॉप में पुनः मिलकर बात करने का प्रस्ताव रखें. अक्सर लोग सम्मेलनों में मिलने के बाद भूल जाते हैं कि मैं अमुक आदमी से मिला भी था. यदि सम्मेलन के बाद ही आपनी दूसरी बैठक आयोजित करते हैं तो इससे दोनों के दिमाग में एक दूसरे की समृति बनी रहती है. आप दोनों एक दूसरे की रूचि के अनुसार लंच आदि का ऑर्डर भी कर सकते हैं. किसी के साथ सही कॉन्टैक्ट बनाने का यह एक बढ़िया ऑप्शन होता है.

• लोगों से बात करते समय हमेशा अपने व्यक्तिगत लाभ के विषय में ही नहीं सोंचे. बहुत बड़े व्यावसायिक मुद्दों पर बात करने की बजाय छोटे मुद्दों पर भी बात किया जा सकता है. कभी कभी हास्य का भी सहारा लेना सही रहता है लेकिन औपचारिकता के तहत ही इसका उपयोग किया जाना चाहिए. अपनी बातचीत को हमेशा गर्मजोशी के साथ एक दूसरे को धन्यवाद देते हुए समाप्त करें.

• नेटवर्किंग करते समय अपने द्वारा किए गए वादों को याद रखें और बाद में हमेशा अपने कॉन्टेक्ट को बनायें रखें.

• नेटवर्किंग ऑनलाइन के साथ-साथ लिंक्डिन जैसी साइटों पर भी की जा सकती है.