Search

बोर्ड एग्जाम का रिजल्ट आने से पहले पता करें अपने मार्क्स

बोर्ड एग्जाम में उत्तर पुस्तिकाओं को चेक करने के दौरान स्टेप मार्किंग होती हैं. क्या आप जानते हैं कि स्टेप मार्किंग का क्या मतलब होता है? जानिए बोर्ड एग्जाम की उत्तर पुस्तिका चेक होने की पूरी प्रक्रिया.

Apr 25, 2019 11:26 IST
facebook IconTwitter IconWhatsapp Icon
CBSE Results 2019: How marks are calculated
CBSE Results 2019: How marks are calculated

कक्षा 12वीं और 10वीं के विद्यार्थी हमेशा यह जानने के लिए उत्सुक रहते हैं कि आखिर बोर्ड एग्ज़ाम की उत्तर पुस्तिकाएं किस तरह चेक होती है. इस जानकारी के अभाव में कुछ विद्यार्थी रिजल्ट आने के बाद अक्सर यह कहते मिल जाते हैं कि जितना उन्होंने उम्मीद की थी उससे ज़्यादा मार्क्स आये या कम मार्क्स आये.

CBSE बोर्ड में तो रिजल्ट आने के बाद मार्क्स वेरीफाई कराने का भी प्रावधान है. इसके लिए विद्यार्थियों को रजिस्ट्रेशन कराना होता है और शुल्क भी देना पड़ता है. ऐसे में विद्यार्थियों के लिए यह जानना बहुत ज़रुरी हो जाता है कि आखिर बोर्ड एग्जाम की उत्तर पुस्तिकाएं कैसे चेक होती हैं.

यहाँ पर हमने CBSE बोर्ड द्वारा जारी करी गई मॉडल उत्तर पुस्तिका (Model answer sheet) और मार्किंग स्कीम (Marking scheme) की मदद से यह समझाया है कि उत्तरों को चेक करने के दौरान कॉपी चेक करने वाला व्यक्ति किन बातों पर गौर करता है.

देश भर के विभिन्न केंद्रों में भेजी जाती हैं उत्तर पुस्तिकाएं

बोर्ड एग्ज़ाम समाप्त होने के बाद उत्तर पुस्तिकाएं चेक होने के लिए देश भर के विभिन्न केंद्रों में भेजी जाती हैं. इन्हे चेक करने के लिए बोर्ड विभिन्न स्कूलों से अनुभवीं शिक्षकों की नियुक्तियां करता है. कॉपी चेक करने वाले शिक्षक को प्रति कॉपी के हिसाब से बोर्ड भुगतान करता है.

उत्तर पुस्तिकाओं को केंद्रों में भेजने से पहले उसमे से नाम और रोल नंबर वाला पेज हटा दिया जाता है और उसकी जगह एक गुप्त कोड लिख दिया जाता है जिसका पता सिर्फ बोर्ड के स्टाफ को होता है. इस प्रक्रिया द्वारा बोर्ड यह सुनिश्चित करता है कि उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांअकन के दौरान किसी तरह की बेईमानी न हो.

कितनी महत्वपूर्ण होती हैं बोर्ड परीक्षाएँ? जानिये कुछ ख़ास बातें जो आपकी सोच को पूरी तरह बदल सकती हैं

उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन करने वाले को दी जाती है मार्किंग स्कीम

Calculation of score in CBSE Result 2018 with the help of marking scheme

ऊपर दी गई छवि CBSE बोर्ड द्वारा प्रकाशित एक मार्किंग स्कीम की है. इसमें गणित विषय की मार्किंग स्कीम का पहला और बीच का पृष्ठ दर्शाया गया है. इसका इस्तेमाल 2017 की कॉपियों को चेक करने के लिए किया गया था. यह मार्किंग स्कीम उत्तर पुस्तिकाओ के मूल्यांकन करने वाले हर शिक्षक को मिली थी. इस मार्किंग स्कीम में हर एक प्रश्न के छोटे-छोटे उत्तर दिए गए हैं. इन्हें Answer Key or Value Points भी कहा जाता है. उत्तर पुस्तिकाओं की चेकिंग के दौरान इनमे दिए गए दिशा निर्देशों का पालन किया गया था. वर्ष 2019 में आयोजित हुई बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की चेकिंग के लिए हर कॉपी चेक करने वाले को बोर्ड मार्किंग स्कीम उपलब्ध कराएगा.

जॉब सर्च कर रहे हैं तो अपनायें ये पाँच तरीके, 30 दिनों में मिल सकती है सफलता

उत्तर के हर एक स्टेप के लिए अंक निर्धारित होते हैं

How to calculate your result of board exams?

ऊपर दी गयी छवि CBSE द्वारा प्रकाशित एक मार्किंग स्कीम से ली गई है. इसमें 3 प्रश्न और उनके उत्तर दिए गये हैं. इसमें साफ-साफ दिख रहा है कि हर स्टेप के कुछ अंक निर्धारित हैं. अगर आपके उत्तर में भी यह सारे स्टेप होंगे तो आपको पूरे अंक मिलेंगे. इनमे से कोई भी स्टेप अगर अपने नहीं लिखा होगा या गलत लिखा होगा तो अंक कटेंगे.

CBSE बोर्ड में उत्तर के हर एक स्टेप के लिए कुछ अंक निर्धारित होते हैं. अगर आपने अंत में उत्तर सही लिखा है मगर बीच के स्टेप गायब कर दिए हैं तो सही उत्तर देने के बावजूद आपको उस प्रश्न के लिए पूरे अंक नहीं मिलेंगे.

किसी भी उत्तर के लिए पूरे नंबर तभी दिए जाते हैं जब उस उत्तर में वो सारे स्टेप मौजूद हों जो बोर्ड द्वारा दी गई मार्किंग स्कीम में होते हैं. जिस उत्तर में कुछ Answer Key या Value Points नहीं होते तो शिक्षक उस उत्तर में पूरे नंबर नहीं देते. इसी तरह अगर पूरा उत्तर सही है मगर कोई एक स्टेप गलत हो गया तो सिर्फ उस एक  स्टेप के अंक काटे जाएंगे.

ज़्यादा शब्द लिखें हैं तो यह ज़रूरी नहीं कि ज़्यादा अंक मिलें

कुछ विद्यार्थियों का यह सोचना होता है कि अगर उत्तर लिखने के दौरान ज़्यादा से ज़्यादा शब्द लिखें होंगे तो ज़्यादा अंक मिलेंगे. यह धारणा पूरी तरह से गलत है. CBSE बोर्ड एग्ज़ाम्स में आपसे जो पूछा गया और जितना पूछा गया है सिर्फ उतना लिखने पर ही अंक मिलते हैं.

उदाहरण के लिए अगर आपसे प्रश्न में न्यूटन का पहला सिद्धांत पूछा गया है और आपने उत्तर में न्यूटन का पहला सिद्धांत सही-सही लिखा है तो आपको पूरे अंक मिलेंगे। इसके अलावा अगर आपने कुछ भी लिखा हो तो उसके कोई और अंक नहीं मिलेंगे.

सारांश:

अभी तक हमने जाना कि बोर्ड एग्जाम की उत्तर पुस्तिकाएं किस तरह चेक होती हैं. इन बातों का ध्यान रख कर आप बोर्ड एग्जाम में अपने अंको का हिसाब लगा सकते हैं.

Related Stories