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जानिए ये हैं विदेशी यूनिवर्सिटी में सूटेबल कोर्स चुनने के लिए कुछ जरुरी टिप्स  

अगर आप किसी विदेशी यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, पीएचडी या फिर, कोई अन्य टेक्निकल/ प्रोफेशनल डिग्री हासिल करना चाहते हैं तो इस संबंध में कई बातों के बारे में आपको पहले से ही विचार करना होगा. आइये इस आर्टिकल को पढ़कर समझते हैं कि कौन-सी हैं वे खास बातें.

Sep 23, 2020 16:34 IST
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How to Chose the Best Study Abroad Program for Yourself
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कई विदेशी यूनिवर्सिटीज़ आजकल स्टूडेंट्स के लिए हरेक साल इंटरनेशनल लेवल पर ढेरों कोर्स ऑफर करती हैं. लेकिन, अक्सर कॉलेज स्टूडेंट्स कंफ्यूज हो जाते हैं कि वे किस देश में और किस यूनिवर्सिटी  में कौन-सा सबसे ज्यादा सूटेबल कोर्स ज्वाइन करें? अगर आप भी एक ऐसे ही कॉलेज स्टूडेंट हैं जो किसी विदेशी यूनिवर्सिटी से कोई डिग्री हासिल करने का विचार बना रहा है तो, आप बिलकुल चिंता न करें क्योंकि इस आर्टिकल में हमने कुछ ऐसे महत्वपूर्ण पॉइंट्स की चर्चा की है जो आपको किसी विदेशी यूनिवर्सिटी में अपने लिए एक मोस्ट सूटेबल कोर्स चुनने में मदद करेंगे. अगर आप किसी विदेशी यूनिवर्सिटी में कोई एकेडेमिक/ टेक्निकल या प्रोफेशनल कोर्स ज्वाइन करने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार कर लेंगे तो आपको भविष्य में इसका काफी लाभ मिलेगा क्योंकि सुव्यवस्थित और सुविचारित पूर्व-योजना आपको आने वाली कई कठिनाइयों और चुनौतियों से पहले ही बचा लेती है, आइये इस आर्टिकल को आगे पढ़कर जानें कि किसी विदेशी यूनिवर्सिटी में एक सूटेबल कोर्स ज्वाइन करने से पहले हमें किन खास बातों पर अच्छी तरह गौर करना चाहिए.

किसी विदेशी यूनिवर्सिटी में पढ़ने का आपका उद्देश्य

किसी विदेशी विश्वविद्यालय में अपने लिए कोई सूटेबल कोर्स चुनने के लिए सबसे पहले आप अपने से यह प्रश्न पूछें कि आप विदेश जाकर क्यों पढ़ना चाहते हैं? इस प्रश्न का स्पष्ट और निश्चित जवाब आपको विदेश में अपनी पसंदीदा यूनिवर्सिटी और कोर्स चुनने में काफी मदद देगा. इससे आपको यह भी पता चल जाएगा कि विदेश में पढ़ते समय आप क्या करेंगे और आप इस कोर्स के जरिये आखिर क्या हासिल करना चाहते हैं? कम से कम 4 – 5 ऐसे कारण अवश्य ढूंढें जो विदेश में पढ़ने के लिए आपके प्रेरणा स्रोत बनें.

जब आप इस प्रश्न का जवाब तलाश लेंगे तो नीचे दिए गए कुछ अन्य प्वाइंट्स को ध्यान में रखकर आप अपने लिए बढ़िया कॉलेज या विश्वविद्यालय चुन सकते हैं. 

सूटेबल स्टडी कोर्स चुनने के लिए खुद को दें निम्न प्रश्नों के उत्तर

जब आप किसी देश में जाकर पढ़ना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले यह बिलकुल स्पष्ट रूप से पता होना चाहिए कि आप कौन-सा कोर्स करना चाहते हैं? अगर आपको यह नहीं पता होगा कि आप क्या पढ़ना चाहते हैं तो आप किसी भी देश और किसी भी यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने का प्रयास करेंगे. लेकिन, आगे चलकर आपको अपने पेशे में इस विदेशी पढ़ाई का कोई खास लाभ नहीं मिल पायेगा. अगर आपको अपने लिए कोई उपयुक्त कोर्स चुनने में मुश्किल हो रही है तो आप नीचे दिए गए प्रश्नों का जवाब तलाशें:

  • आपको कौन-सा विषय सबसे ज्यादा पसंद है?
  • अपनी हायर स्टडीज से आप कौन से स्किल्स सीखना चाहते हैं?
  • आप कौन-सा पेशा या करियर अपनाना चाहते हैं?

उक्त प्रश्नों के जवाब तलाशने पर आपकी लिस्ट में से बहुत से कॉलेज, विश्वविद्यालय और देश अपने-आप हट जायेंगे और फिर, आपको अपनी पसंद की यूनिवर्सिटी में अपना मन-पसंद कोर्स चुनने में काफी आसानी रहेगी.

पर्सनल नीड्स का रखें ख्याल

आप विदेश में पढ़ने से पहले अपनी सर्च को और ज्यादा उपयोगी बनाने के लिए अपनी जरूरतों को अवश्य ध्यान में रखें. जैसे, अगर आप जर्मनी में कोई ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग कोर्स करना चाहते हैं तो आपको इस बात पर ध्यान देना होगा कि अधिकांश मशहूर जर्मन विश्वविद्यालय केवल जर्मन भाषा में ही उक्त कोर्स करवाते हैं और जर्मनी में जो विश्वविद्यालय इंग्लिश मीडियम से यह कोर्स करवाते हैं, वे जाने-माने विश्वविद्यालय नहीं हैं. इसके अलावा, आप किसी ऐसे देश में पढ़ने के लिए जाना चाहेंगे जहां पर आपकी कोई जान-पहचान हो या आपका कोई दोस्त या रिश्तेदार पहले ही उस देश में रहता हो. ऐसे व्यक्ति से आपको उस देश में रहने का खर्च, वहां के कल्चर, रहने के तौर-तरीके आदि पहले ही पता चल जायेंगे और आप यह भी जरुर जानना चाहेंगे कि हवाईजहाज से आप कितने घंटे में अपने घर पहुंच सकते हैं? ये सभी प्वाइंट्स आपकी निजी आवश्यकताओं के अनुसार ही अपना महत्व रखते हैं और यह आप ही बेहतर जानते हैं कि आप किन मामलों में समझौता कर सकते हैं और किन मामलों में नहीं?   

यूनिवर्सिटी फेयर्स या ओपन डेज भी होते हैं बहुत महत्त्वपूर्ण

आजकल यह अधिकांश अंतर्राष्ट्रीय विश्वविद्यालयों का एक सामान्य इवेंट है. अक्सर अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए किसी दूसरे देश में अपने लिए कोई अच्छा कॉलेज या विश्वविद्यालय चुनना काफी मुश्किल और जोखिम भरा काम होता है. यूं तो आजकल इंटरनेट पर ऑनलाइन रिसर्च करके या विश्वविद्यालयों के ब्रोशर्स से या किसी विश्वविद्यालय के प्रतिनिधि से फ़ोन पर बातचीत करके आप काफी कुछ पता लगा सकते हैं लेकिन इसमें कोई दोराय नहीं है कि खुद किसी विश्वविद्यालय में जाकर और यूनिवर्सिटी फेयर्स या ओपन डेज अटेंड करने के बाद लिया गया निर्णय ही वास्तव में आपके लिए सबसे बेहतर रहेगा. इन यूनिवर्सिटी फेयर्स को अटेंड करने पर आपको वहां के कल्चर और लाइफस्टाइल का सीधा अनुभव प्राप्त होगा. लेकिन किसी अंतर्राष्ट्रीय छात्र के लिए यह करना जरा कठिन है क्योंकि इसमें काफी धन और समय लगता है. लेकिन, अगर आपको केवल एक या दो विश्वविद्यालयों में से ही चयन करना है और यदि आपके लिए संभव हो तो आप जरुर यह यूनिवर्सिटी फेयर या ओपन डे इवेंट अटेंड करें. इससे आपको काफी फायदा होगा. अपनी सीट रिज़र्व करने के लिए आप यूनिवर्सिटी को पहले से ही जरुर सूचित करें ताकि आपको वहां पहुंच कर कोई दिक्कत न हो. 

विदेशी यूनिवर्सिटी की लोकेशन

जब आप विदेश में पढ़ना चाहते हैं तो स्थान या लोकेशन का सबसे ज्यादा महत्व होता है. आप किसी भी देश या शहर में पढ़ने जाने से पहले वहां के बारे में खूब अच्छी तरह रिसर्च कर लें. उस देश या शहर में कौन-सी भाषा बोली जाती है? क्या वहां के लोग इंग्लिश को मुख्य भाषा के तौर पर यूज़ करते हैं? वहां के कल्चर और खानपान का पता लगाएं. यह भी पता करें कि वहां का लाइफस्टाइल और कॉस्ट ऑफ़ लिविंग क्या है? वहां रहने वाले अपनी जान-पहचान के लोगों से बात करें और उनसे सलाह मांगें. वहां रहने पर आपके सामने जो चुनौतियां आ सकती हैं, उन लोगों से इसके बारे में पूछें और उन चुनौतियों से निपटने के तरीके भी पूछ लें.

विदेशी स्टूडेंट्स को मिलने वाली स्कॉलरशिप्स के बारे में भी जुटाएं जानकारी

विदेश में पढ़ने के लिए अधिकांश छात्र स्कॉलरशिप्स पर भी काफी हद तक निर्भर करते हैं. आप कोई भी निर्णय लेने से पहले विश्वविद्यालय के स्कॉलरशिप संबंधी नियमों को अवश्य जान लें. असल में, अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के लिए विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के अलग-अलग नियम होते हैं. आप जरुर पता करें कि क्या आप उनके नियमों के अनुसार स्कॉलरशिप पाने के हकदार हैं? इस स्कॉलरशिप के लिए आपको कितना जीपीए कायम रखना होगा? आप बड़े कॉरपोरेट्स, सरकार और एनजीओ द्वारा ऑफर की जाने वाली प्राइवेट स्कॉलरशिप्स का भी पता लगा सकते हैं जैसे, अगर आप इंग्लैंड में पढ़ना चाहते हैं तो आप ब्रिटिश काउंसिल की वेबसाइट पर भारतीय छात्रों के लिए कुछ बढ़िया स्कॉलरशिप ऑप्शन्स तलाश सकते हैं. 

विदेश में स्टूडेंट्स को मिलने वाली आजादी का महत्व

जब आप विदेश में जाकर पढ़ना चाहें तो आपको इस बात पर भी पहले ही विचार करना होगा कि, ‘विदेश में आप कितनी आजादी चाहते हैं?’ हालांकि, ज्यादातर कॉलेज स्टूडेंट्स स्वयं को आजाद मानते हैं और अपने तरीके से पूरी दुनिया में घूमना चाहते हैं. लेकिन, विदेश में पढ़ते समय छात्रों के सामने कई चुनतियां आती हैं जिनका मुकाबला करना आसान नहीं है. आप एक नये देश में, नये कल्चर में और एक नये परिवेश में रहने जा रहे हैं जो आपके अब तक के माहौल से पूरी तरह अलग होगा. ऐसे में, यह हमेशा अच्छा रहता है कि अगर आप उस देश में पहले से रहने वाले किसी स्थानीय व्यक्ति को जानते हों. यह व्यक्ति आपका दोस्त, आपका पारिवारिक मित्र, रिश्तेदार या कोई कॉलेज सीनियर हो सकता है. कुछ स्टूडेंट्स किसी ऐसे देश में जा कर पढ़ना चाहते हैं जहां वे किसी को पहले से अच्छी तरह जानते हों लेकिन, बहुत से छात्र अपने लिए कोई ऐसा देश और विश्वविद्यालय चुनते हैं जहां उनकी किसी से भी कोई पूर्व- पहचान नहीं होती है. अब यह निर्णय आपको लेना है कि आप क्या चाहते हैं?

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