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IAS प्रीलिम्स परीक्षा कैसे पास करें ?

IAS प्रीलिम्स परीक्षा  का उत्तीर्ण अनुपात मात्र 3 % के आस पास है इसका मतलब यह है की प्रत्येक 100 IAS अभ्यर्थियों में से सिर्फ 3 ही IAS प्रीलिम्स परीक्षा उत्तीर्ण कर पाते हैं. आईये जाने इसे पास करने का तरीका.

May 2, 2019 16:15 IST
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How to clear IAS Prelims Exam
How to clear IAS Prelims Exam

हाल ही में केंद्रीय लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा (CSE) 2018 के परिणाम घोषित किये हैं.  कोटा के कनिष्क ने सिविल सेवा परीक्षा 2018 में टॉप किया है. सभी IAS अभ्यर्थी यही चाहते हैं की उनके जीवन में भी यह क्षण आये परन्तु उसके लिए IAS परीक्षा का प्रथम पड़ाव यानी IAS प्रीलिम्स परीक्षा पास करना आवश्यक है.

वर्ष 2019 की IAS प्रीलिम्स परीक्षा 2 जून 2018 को होना निर्धारित है . इस विडियो में हम IAS  उम्मीदवारों के लिए, 02 जून 2019 को आयोजित की जाने वाली IAS प्रीलिम्स परीक्षा को पास करने के लिए सुझाव देंगे.

IAS प्रीलिम्स परीक्षा का प्रारूप

IAS प्रीलिम्स परीक्षा  का उत्तीर्ण अनुपात मात्र 3 % के आस पास है इसका मतलब यह है की प्रत्येक 100 IAS अभ्यर्थियों में से सिर्फ 3 ही IAS प्रीलिम्स परीक्षा उत्तीर्ण कर पाते हैं. यह अनुपात और भी कम हो जायेगा यदि UPSC द्वारा विज्ञापित रिक्तियों की संख्या 1000 से कम हो जाये या परीक्षा में बैठने वाले अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ जाय. करीबन 5 लाख अभ्यर्थी हर साल IAS प्रीलिम्स परीक्षा देते हैं जिसमे से सिर्फ 15000 अभ्यर्थी ही इसे पास कर पाते हैं. इसलिए भी इस परीक्षा को भारत की सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है.

IAS प्रीलिम्स परीक्षा में दो पेपर होते हैं जिसमे पहला पेपर ‘सामान्य अध्ययन I’ होता है जो की सामान्य अध्ययन से सम्बंधित विषयों जैसे इतिहास, भूगोल इत्यादि जो की IAS प्रीलिम्स के पाठ्यक्रम में दिए हुए हैं उनसे सम्बंधित होता है तथा दूसरे पेपर का नाम ‘सामान्य अध्ययन II’ है जो की रीसनिंग, तार्किक क्षमता तथा अंग्रेजी से जुड़ा होता है . दोनों ही पेपर 200 अंक के होते हैं. सामान्य अध्ययन II पेपर सिर्फ क्वालीफाइंग होता है जिसे पास करना अनिवार्य होता है. बिना इस पेपर को पास किये IAS प्रीलिम्स परीक्षा पास नहीं की जा सकती . सामान्य अध्ययन I’ के अंकों के आधार पे IAS प्रीलिम्स परीक्षा की cut-off निर्धारित की जाती है . जो अभ्यर्थी इस cut-off से ज्यादा अंक लाते हैं उन्हें पास घोषित कर दिया जाता है.

IAS बनने के लिए उपयुक्त जीवनशैली

IAS प्रीलिम्स परीक्षा का प्रारूप निर्धारित नहीं होता है तथा हर साल पेपर का पैटर्न बदल सकता है इसलिए किसी भी एक विषय की महारथ से ज्यादा फायदा नही होता है. सभी विषयों पर समान पकड़ बनाना जरूरी है.

हर साल IAS प्रीलिम्स परीक्षा के कट-ऑफ मार्क्स, सिविल सेवा परीक्षा के अंतिम रिजल्ट के बाद प्रकाशित किये जाते हैं. सिविल सेवा परीक्षा 2018  कट-ऑफ मार्क्स 98 अंक हैं जो की 49% के आस पास हैं. देखने में तो यह बहुत कम लग रहा है परन्तु IAS प्रीलिम्स परीक्षा में इतने अंक लाना बहुत मुश्किल होता है.

IAS प्रीलिम्स परीक्षा के महत्व को कम न समझें

कई उम्मीदवार मानते हैं कि सिर्फ IAS की मुख्य परीक्षा (मेन एग्जाम) ही ज्ञान और बुद्धिमत्ता की सच्ची परीक्षा है और IAS प्रीलिम्स योग्यता परीक्षा भर है। इस मिथक को जितना जल्द हो सके तोड़ना बहुत जरूरी है क्योंकि जमीन से आरंभिक सीढ़ीयों को चढ़े बिना कोई भी शीर्ष पर नहीं पहुंच सकता। IAS बनने के लिए IAS प्रीलिम्स परीक्षा पास करना आवश्यक है .

IAS परीक्षा का पाठ्यक्रम तथा पिछले प्रश्नपत्रों का विश्लेषण करें

IAS परीक्षा का पाठ्यक्रम ही IAS परीक्षा की कुंजी है. पाठ्यक्रम को जितना हो सकता है उतना वृहद(ब्रॉड) रूप से समझे ताकि कोई भी विषय या टॉपिक पाठ्यक्रम से बहार ना प्रतीत हो . इसका मतलब ये है की IAS परीक्षा के पाठ्यक्रम में सब कुछ पूछा जा सकता है.

IAS प्रीलिम्स परीक्षा

 

IAS परीक्षा के पैटर्न को समझने के लिए IAS उम्मीदवार, IAS प्रीलिम्स परीक्षा के पिछले वर्षों में पूछे गए प्रश्न-पत्रों का विश्लेषण कर सकते हैं। यह अभ्यास IAS उम्मीदवारों को विभिन्न विषय खंडो में अंकों के वितरण को तथा IAS परीक्षा के महत्वपूर्ण बिन्दुओं को अच्छी तरह समझने में सहायता कर सकता है। यह प्रक्रिया IAS परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान करने में उम्मीदवारों की सहायता करती है।

IAS Syllabus in Hindi

एनसीईआरटी (NCERT) पाठ्य पुस्तकों को अपनी तैयारी का आधार बनायें

IAS प्रीलिम्स परीक्षा को पास करने के लिए वैचारिक स्पष्टता अति आवश्यक है. NCERT द्वारा प्रकाशित पाठ्य-पुस्तकों में काफी अच्छी तरह से हर टॉपिक को समझाया जाता है जो की वैचारिक स्पष्टता के लिए बहुत आवश्यक है । IAS टॉपर्स भी हमेशा यही सुझाव देते हैं कि IAS की तैयारी की शुरुआत NCERT की पाठ्य-पुस्तकों से करें और इन पाठ्य-पुस्तकों को पढ़ने के पश्चात ही अन्य अध्ययन सामग्री पढ़ें।

NCERT की किताबें आसानी से उपलब्ध हैं तथा IAS परीक्षा के लिए कक्षा 6 से 12 तक के सभी विषयों की किताबें पड़ना आवश्यक है . किसी भी विषय के प्रश्न से सम्बंधित तथ्य में विवाद की दशा में NCERT पुस्तकों में दिए गए तथ्यों को ही सही माना जाता है . इसलिए भी इनका अध्ययन अति आवश्यक है.

सभी विषयों के लिए एक मानक किताब का अध्ययन अवश्य करें

यह सही है की NCERT की किताबों के बिना IAS परीक्षा की तैयारी असंभव है परन्तु ये भी सही है की सिर्फ NCERT, IAS प्रीलिम्स परीक्षा की आवश्यकता को पूरा नही कर सकती. IAS प्रीलिम्स परीक्षा की तैयारी में हर विषय की एक मानक किताब पड़ना भी जरूरी है.

IAS परीक्षा के पाठ्यक्रम के अनुरूप निम्न दी गयी पुस्तकें आपके लिए सहायक हो सकती हैं

भारत के इतिहास से कला तथा संस्कृति के काफी प्रश्न पूछे जाते हैं . इन प्रश्नों को तैयार करने के लिए NCERT के साथ साथ ‘Facets of Indian Culture’ स्पेक्ट्रम द्वारा तथा ‘Centre for Cultural Resources and Training’ की वेबसाइट भी देखे जा सकते हैं .
प्राचीन भारत के इतिहास के लिए आरएस शर्मा द्वारा लिखित पुस्तक “प्रारम्भिक भारत का इतिहास” बहुत ही उपयोगी है.
सतीश चंद्र द्वारा लिखित मध्ययुगीन भारत का इतिहास, मध्ययुगीन इतिहास खंड के लिए सबसे अधिक प्रासंगिक किताब है क्योंकि इसमें भारत के मध्ययुगीन इतिहास के विषयों को अच्छी तरह से समझाया गया है.
आधुनिक इतिहास के पाठ्यक्रम के लिए स्पेक्ट्रम पब्लिकेशन की ‘A brief history of modern India’ के साथ– साथ सुजाता मेनन की ‘Concise history of modern India’ किताब, IAS प्रिलीम्स परीक्षा के लिए बहुत ही सहायक है.
भारतीय भूगोल (Indian Geography )की तैयारी के लिए NCERT की पुरानी किताबें  सबसे अधिक पसंद की जाती है. भौतिक भूगोल के लिए गोह चेंग लीऑन्ग की ‘certificate physical and human geography’ एक बहुत अच्छा विकल्प है. भौतिक भूगोल(Physical Geography) का अध्ययन करने के दौरान छात्रों को ऑक्सफोर्ड स्कूल के एटलस को जरूर देखना चाहिए. भौतिक भूगोल के लिए सविंदर सिंह द्वारा लिखित “Physical Geography” एक सर्वश्रेष्ठ किताब है .
भारतीय राजनीति(Indian Polity) की तैयारी के लिए लक्ष्मीकांत द्वारा रचित ‘Indian polity’ और डी.डी.बासु की 'an introduction to the constitution of India'  सबसे सर्वश्रेष्ठ किताबें हैं.  
अर्थशास्त्र के मूल सिद्धांतों और शब्दावलियों के लिए एनसीईआरटी की किताबों के साथ साथ रमेश सिंह की ‘Indian Economy’, मिश्रा और पुरी की ‘Indian Economy’ और Economic Survey (इकोनॉमिक सर्वे) आदि पढना अति आवश्यक है.
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी (Environment and Ecology) खंड की तैयारी के लिए IAS के प्रत्याशियों को NIOS द्वारा पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी तंत्र  पर दी जाने वाली अध्ययन सामग्री को जरूर पढ़ना चाहिए. इसके अलावा उन्हें पर्यावरण एवं वन मंत्रालय, भारत सरकार और संयुक्त राष्ट्र के यूएनएफसीसीसी के विकास परियोजनाओं के बारे में जानकारी रखनी चाहिए.   .

IAS टॉपर्स द्वारा सुझाई गई किताबें

सामान्य अध्ययन II Paper के लिए विश्लेषणात्मक तर्कशास्त्र (analytical reasoning) खंड में ज्यादतर उम्मीदवार आरएस अग्रवाल की किताब को पसंद करते हैं लेकिन वे एमके पांडे की  Analytical Reasoning से भी मदद ले सकते हैं. आरएस अग्रवाल में विभिन्न विषयों पर अच्छी कवरेज है लेकिन कंप्रिहेंशन के सम्बन्ध में एम के पांडे के विश्लेषण और व्याख्या कहीं अधिक एडवांस और अच्छी है.
गणित की तैयारी के लिए एस चांद पब्लिकेशन की आरएस अग्रवाल काफी है. इस किताब में IAS के सिलेबस की व्यापक कवरेज है और इसे पढ़ने के बाद किसी और किताब को अलग से पढ़ने की जरूरत नहीं है.

दैनिक समाचार पत्रों को रोजाना अवश्य पढ़ें

करेंट अफेयर्स IAS परीक्षा का एक अभिन्न अंग है जिसके लिए रोजाना समाचार पत्र पढ़ना IAS परीक्षा की तैयारी की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। IAS उम्मीदवारों को यह सुझाव दिया जाता है कि रोजाना वह कम-से-कम एक अख़बार अवश्य पढ़ें तथा दैनिक समाचार पत्रों में “द हिंदू” IAS परीक्षा की तैयारी के लिए सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। IAS उम्मीदवारों को समाचार पत्र पढ़ने के पश्चात महत्वपूर्ण घटनाओं पर नोट्स भी अवश्य बनाना चाहिए।

समय सारणी

IAS प्रीलिम्स की सफलता में किताबों के साथ साथ दैनिक दिनचर्या का भी बहुत महत्वपूर्ण योगदान होता है. IAS प्रीलिम्स की परीक्षा को पास करने के लिए एक नियत समय सारणी का अनुसरण किया जाना चाहिए जो की आपके जीवन में एक अनुशासन का काम करेगी. इसी अनुशासन के साथ आप अपनी तैयारी कर सकते है. इस परीक्षा के व्यापक सिलेबस को कवर करने हेतु प्रभावी तरीके से समय का प्रबंधन, इस परीक्षा में सफल होने की मूलभूत आवश्यकता है।

उपयोगी IAS समय– सारिणी बनाने के लिए आपको अपनी दिनचर्या को संतुलित बनाना होगा। इसमें आपको अध्ययन पर फोकस के साथ– साथ जीवन के अन्य पहलुओं पर भी समान रूप से ध्यान देना होगा। हम सभी जानते हैं की एक दिन में मात्र 24 घंटे ही होते हैं. अब इन 24 घंटों में सोना, खाना, तथा अन्य दैनिक दिनचर्या के कामों के समय तो निर्धारित ही है जिसे बदलना बहुत ज्यादा कठिन है. अत: IAS के अभ्यर्थियों को समय का सदुपयोग करना होगा क्यूंकि समय का सदुपयोग ही सफलता की कुंजी है । समय बहुत ही मूल्यवान संपदा है जिसका कोई विकल्प नही है.

प्रभावी समय सारणी कैसे बनाये

ज्यादा से ज्यादा अभ्यास करें

IAS उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण सुझाव यह है कि हर विषय पर आधारित प्रश्नों का अभ्यास अवश्य करें तथा मोक-टेस्ट के माध्यम सें अपनी तैयारी का परीक्षण ज्यादा से ज्यादा करें। IAS उम्मीदवारों द्वारा यह प्रयास उन्हें उनके कमजोर और मजबूत विषय क्षेत्रों की पहचान करने में सहायता प्रदान करेगा। कमजोर क्षेत्रों की पहचान करने के बाद उन क्षेत्रों की ज्यादा तैयारी करके उन्हें सुधारें.

रिविजन सबसे जरूरी अंग है

दैनिक आधार पर किए गए अध्ययन को दोहराना बहुत ही आवश्यक है इसलिए पूरे सप्ताह में एक दिन का पूरा समय रिवीसन के लिए अवश्य आवंटित करना चाहिए। यदि आप महीनों पहले पढ़े हुए विषय एवं टॉपिक को दोहराते नहीं हैं, तो उस विषय को भूलने की संभावनाएं बढ़ जाती है। रिवीसन से ही IAS अभ्यर्थी अपनी तैयारी को सुदृढ़ बना सकते हैं. क्यूंकि IAS प्रीलिम्स में नेगेटिव मार्किंग होती है इसलिए विषय का संपूर्ण ज्ञान होना बहुत ही ज्यादा आवश्यक है.

IAS प्रीलिम्स पेपर में समय प्रबंधन

IAS प्रीलिम्स पेपर दो-दो घंटे के होते है. दोनों ही पेपर के लिए अलग अलग रणनीति तैयार करनी होती है. पहला पेपर सामान्य अध्ययन I – सामान्य ज्ञान से जुड़े हुए विषयों का होता है. इस पेपर मे 100 प्रश्न होते हैं और प्रत्येक प्रश्न 2 मार्क्स का होता है . इस प्रकार पूरे प्रश्न पत्र में अधिकतम अंक 200 होते हैं .इस पेपर में अभ्यर्थियो को बड़ी ही सावधानी के साथ प्रश्नों का उत्तर देना चाहिए क्यूंकि इसमें नेगेटिव मार्किंग होती है और हर गलत उत्तर पर एक तिहाई अंक कट जाते है. यानी हर गलत उत्तर पर 0.66 अंक कट जायेंगे.

इस पेपर को हल करने के लिए सबसे पहले उन प्रश्नों को हल करना चाहिए जिनका उत्तर शत प्रतिशत आता हो. जब सारे प्रश्न एक बार पढ़ चुके हों तब उन प्रश्नों पर वापस जाना चाहिए जिसमे अभ्यर्थी को थोडा बहुत अंदाजा हो. इन प्रश्नों को अनुमान लगाकर हल करें . उन प्रश्नों को बिलकुल न छुए जिनके बारे में बिलकुल ही ना पता हो.

सामान्य अध्ययन II का पेपर सिर्फ क्वालीफाइंग होता है लेकिन इसमें भी बहुत सावधानी की ज़रुरत है. इस पेपर में 80 प्रश्न होते हैं जिसमे कम से कम 27 सही करने होते हैं. इसलिए हमेशा उन प्रश्नों को पहले करें जिनके बारे में आप आश्वस्त हों. इस पेपर में भी वही प्रक्रिया अपनाएं जो की पहले पेपर में अपनाई थी.

IAS Prelims के लिए कुछ महत्वपूर्ण टॉपिक्स की सूचि इस प्रकार है  (Important Topics for IAS Prelims Exam)

भारत का इतिहास और भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन

•    हड़प्पा संस्कृति की विशेषताएं
•    प्राचीन इतिहास के धर्मों का अध्ययन- विशेष रूप से बौद्ध धर्म तथा जैन धर्म के बारे में।
•    मौर्य-काल
•    आधुनिक भारतीय इतिहास- महात्मा गांधी के आगमन के बाद भारतीय स्वतंत्रता संग्राम।
•    सन् 1925 से 1946 के बीच की योजनाएं, समीतियां एवं सम्मेलन
•    कांग्रेस पार्टी के सभी सत्रों का अध्ययन तथा उनके अध्यक्षों और संबंधित महत्वपूर्ण घटनाओं का अध्ययन।
•    जवाहर लाल नेहरू, शाहिद भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद, मोतीलाल नेहरू, बाल गंगाधर तिलक और लाला लाजपत राय की स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका।
•    नेहरु रिपोर्ट, गोलमेज सम्मेलन, पूना समझौता और शिमला सम्मेलन।
•    ब्रिटिश शासन के तहत शिक्षा-व्यवस्था।
•    आधुनिक भारत में महिलाओं की सामाजिक स्थिति।
•    राजा राम मोहन रॉय, ईश्वरचंद विद्यासागर और ज्योतिबा फुले की भूमिका

भारतीय और विश्व भूगोल

•    भारत में मानसून से संबंधित अवधारणा (बहुत महत्वपूर्ण है)
•    भारत के विभिन्न भागों में जलवायु के प्रकार
•    विभिन्न प्रकार की मिट्टी और जलवायु के आधार पर फसलों की प्रकार
•    भारत के जल-विभाजन
•    प्रमुख नदियों-किनारे स्थित शहरें
•    राष्ट्रीय राजमार्ग
•    राष्ट्रीय जलमार्ग

भारतीय राजव्यवस्था

•    केंद्रीय कार्यकारिणी
•    राज्य कार्यकारी
•    सुप्रीम कोर्ट
•    उच्च न्यायालय
•    मौलिक अधिकार
•    मौलिक कर्तव्य
•    संसदीय कार्यवाही
•    रिट्स के प्रकार
•    बिलों के प्रकार
•    संघ और राज्य में संबंध
•    आपातकालीन के प्रावधान

पर्यावरण और पारिस्थितिकी

•    पर्यावरण और पारिस्थितिकी से संबंधित बुनियादी अवधारणाएं
•    पिछले 25 वर्षों में संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन और पर्यावरण से संबंधित समझौते
•    महत्वपूर्ण संरक्षित क्षेत्रों का अध्ययन

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