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अपने रिज्यूम में वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस को कैसे करें शामिल ?

किसी भी कॉलेज स्टूडेंट के लिए एक फ्रेशर के तौर पर अपना रिज्यूम या CV बनाना एक अच्छी-खासी चुनौती होता है.

Oct 17, 2019 16:00 IST
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How to include volunteer work experience on your Resume?
How to include volunteer work experience on your Resume?

किसी भी कॉलेज स्टूडेंट के लिए एक फ्रेशर के तौर पर अपना रिज्यूम या CV बनाना एक अच्छी-खासी चुनौती होता है. यह चुनौती तब कई गुना और बढ़ जाती है जब आप इस बात पर विचार करें कि अपने नियोक्ता या इंटरव्यूअर को इम्प्रेस करने के लिए कॉलेज स्टूडेंट्स के पास अपने रिज्यूम में अपने वर्क एक्सपीरियंस से लाभ उठाने का विकल्प नहीं होता है. जबकि, कॉलेज स्टूडेंट्स के पास समुचित औपचारिक या प्रोफेशनल वर्क एक्सपीरियंस शायद न हो तो भी उनके पास काफी वॉलंटियर बेस्ड वर्क एक्सपीरियंस हो सकता है जो वे अपने CV या रिज्यूम में दिखा सकते हैं.

बहुत से कॉलेज स्टूडेंट्स को इस बात का पता ही नहीं होता है कि वे किन अलग-अलग तरीकों से अपने रिज्यूम में अपना वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस दिखा सकते हैं. इतना ही नहीं, कई स्टूडेंट्स को तो यह भी नहीं पता होता है कि वॉलंटियर बेस्ड वर्क एक्सपीरियंस क्या है और जब वे अपने कॉलेज कैंपस को छोड़ कर अपनी पहली जॉब की तलाश में निकलते हैं तो इससे उन्हें कैसे मदद मिलती है. यदि आप भी उन कॉलेज स्टूडेंट्स में से एक हैं तो यह आर्टिकल आप के लिए है. यहां हम वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस के कई पहलुओं पर चर्चा करते हुए यह बतायेंगे कि वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस को अपने रिज्यूम में आप कैसे इस्तेमाल कर सकते हैं.

वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस क्या है?

सबसे पहला और महत्वपूर्ण प्रश्न जो कॉलेज स्टूडेंट्स को इस टॉपिक में अक्सर परेशान करता है वह है - असल में वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस क्या है? हालांकि, इसे परिभाषित करने के लिए कोई निश्चित पैरामीटर या मापदंड नहीं हैं, आम तौर पर हम कह सकते हैं कि अपनी अकेडमिक स्टडीज के अलावा अगर आप कोई भी ऐसा काम करते हैं जिससे आप नया कुछ सीखते हैं और नये कौशल प्राप्त करते हैं; जिसके लिए आपको वेतन नहीं दिया गया, उस काम को वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस के तौर पर परिभाषित किया जा सकता है. इसका मतलब यह हुआ कि वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस में आपके वे सभी काम आते हैं जिन्हें आप अपने कॉलेज में करते हैं. उदाहरण के तौर पर, यदि आप अपनी एकेडमिक्स के अतिरिक्त किसी एक्स्ट्रा-करीकुलर एक्टिविटी में हिस्सा लेते है या आपने अपना कॉलेज फेस्टिवल आयोजित करने में मदद की है या किसी NGO (नॉन गवर्नमेंट आर्गेनाइजेशन) के साथ सोशल वर्क करने के लिए कोई सर्टिफिकेट प्राप्त किया है तो ये सभी काम वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस के तौर पर माने जा सकते हैं. 

हम अपने रिज्यूम में वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस का जिक्र क्यों करें?

वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस के बारे में दूसरा महत्वपूर्ण पहलू यह है कि हम इसे अपने रिज्यूम में क्यों शामिल करें? स्टूडेंट्स को उनके बचपन से यह कहा जाता है कि रिज्यूम एक औपचारिक दस्तावेज है जिसमें आपकी सारी अकेडमिक और प्रोफेशनल उपलब्धियों का विवरण शामिल होता है. इसमें कहीं भी वॉलंटियर वर्क के बारे में कुछ नहीं बताया जाता है.

इसके पीछे साधारण-सा कारण यह है कि वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस अभी एक काफी नया ट्रेंड है जो अभी ही रिज्यूम और CVs में देखने को मिल रहा है. आज की बहुत अधिक प्रतियोगी जॉब मार्केट में, दूसरों से अलग दिखने के लिये और यह दिखाने के लिये कि आप प्रोफेशनल जिम्मेदारियां उठाने के लिये तैयार एक काबिल उम्मीदवार हैं, अब कॉलेज स्टूडेंट्स अक्सर अपने CVs में अपना वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस दिखाने लगे हैं.

CV में वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस शामिल करने के पीछे एक महत्वपूर्ण कारण यह है कि इससे नियोक्ता/ इंटरव्यूअर पर आपका सकारात्मक प्रभाव पड़ता है. इंटरव्यूअर्स उन कैंडिडेट्स को चुनना ज्यादा पसंद करते हैं जिन्होंने अपने कॉलेज की पढ़ाई के अलावा कई दूसरे काम किये हों. हालांकि, आपको इस काम का वेतन नहीं मिला, लेकिन इससे आपने निश्चित रूप से नयी-नयी चीजें सीखीं और कई नये कौशल सीखे जो अपनी पहली जॉब ज्वाइन करने पर आपकी प्रोफेशनल लाइफ में भी बहुत काम आ सकते हैं.

हम अपने रिज्यूम में कब वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस शामिल कर सकते हैं?

क्या इसका यह मतलब है कि हरेक स्टूडेंट को अपने रिज्यूम में वॉलंटियर वर्क को शामिल करना चाहिए? इस प्रश्न का उत्तर देना जरा मुश्किल है क्योंकि वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस को केवल कुछ खास परिस्थितियों में ही शामिल किया जाना चाहिये.

फ्रेश ग्रेजुएट्स : पहली बार: इसका अर्थ यह है कि जब आप कॉलेज कैंपस से बाहर निकलते हैं और अपनी पहली जॉब तलाश रहे हैं. ऐसे मामलों में वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस इंटरव्यूअर्स के सामने आपको अपने क्लासमेट्स से अलग और ज्यादा काबिल दिखाने में मदद करता है.

करियर चेंज : दूसरे मामले में जब आप किसी एक फील्ड से दूसरी फील्ड में अपना करियर बदलना चाहते हैं. ऐसे मामलों में अगर आपके पास उस नयी फील्ड में समुचित वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस है जिस फील्ड को आप ज्वाइन करना चाहते हैं तो आप वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस का उल्लेख करके वास्तव में इंटरव्यूअर की नज़रों में कुछ ज्यादा महत्वपूर्ण बन जायेंगे. उदाहरण के लिये अगर आप IT डोमेन में काम कर रहे हैं और मार्केटिंग की फील्ड में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो अगर आपने मार्केटिंग में जैसे - डिजिटल मार्केटिंग कैंपेन्स की डिजाइनिंग की है या मार्केटिंग एफर्ट्स में मददगार सॉफ्टवेयर या टूल्स बनाये हैं तो इसका विवरण अवश्य ही आपके रिज्यूम में वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस के तौर पर दिया जाना चाहिये.

काम पर लौटना : यह एक अन्य उदाहरण है जहां वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस आपकी सहायता कर सकता है. अगर आपने अपने विवाह या किसी पारिवारिक समस्या के कारण अपने काम से लंबी छुट्टी ली है, अपने काम पर वापस लौटना आपके लिये चुनौती-भरा हो सकता है. लेकिन अगर आप अपनी इस लंबी छुट्टी के दौरान अपनी जॉब फील्ड से जुड़े रहे हैं और कोई वॉलंटियर वर्क किया है तो इससे आपको निश्चित तौर पर अपनी फील्ड में दुबारा ज्वाइन करने में मदद मिलेगी.

हम अपने रिज्यूम में वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस का विवरण कैसे पेश करें?

फिर एक बार, जब आपके रिज्यूम में वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस शामिल करने का मुद्दा आता है तो हम दो विशेष तरीकों से ऐसा कर सकते हैं. नीचे आपकी सहूलियत के लिये इन दोनों ही तरीकों का विस्तृत विवरण पेश है:

प्रोफेशनल वर्क एक्सपीरियंस के एक हिस्से के तौर पर: यदि आपके द्वारा किया गया वॉलंटियर वर्क उस फील्ड या डोमेन से संबद्ध है जिसमें आप अपने लिये जॉब का कोई अवसर तलाश रहे हैं तो आप अपने वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस को भी अपने रेगुलर वर्क एक्सपीरियंस के एक हिस्से के तौर पर शामिल कर सकते हैं. उदाहरण के तौर पर आप लंबी छुट्टी पर जाने से पहले सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट का एक हिस्सा थे और अपनी लंबी छुट्टी के दौरान आपने किसी NGO के लिए एक फ्रीलांस प्रोजेक्ट में कोई सॉफ्टवेयर डेवलप किया है, यह सही अर्थों में आपके प्रोफेशनल वर्क –एक्सपीरियंस सेक्शन में आपके रिज्यूम में दिखाया जा सकता है.

वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस के लिये अलग सेक्शन:  आप अपने रिज्यूम में वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस के लिये एक अलग सेक्शन बना सकते हैं ताकि आप किसी विशेष फील्ड में अपनी स्किल्स और क़ाबलियत के बारे में भली-भांति बता सकें. जैसे, अगर आपने किसी स्कॉलरशिप प्रतियोगिता के लिए अपने कॉलेज में आर्टिफिशल इंटेलिजेंस प्रोजेक्ट पर काम किया है, आप इसे पूरे विश्वास के साथ वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस सेक्शन में दर्शा सकते हैं. यह असल में फ्रेश ग्रेजुएट्स के लिये ज्यादा उपयोगी है जिनके पास कोई प्रोफेशनल एक्सपीरियंस पेश करने के लिये नहीं होता है. यह उन कैंडिडेट्स के लिए भी काफी उपयोगी हो सकता है जो अपने करियर में बदलाव लाना चाहते हैं.

सारांश

यह जानकारी वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस और कॉलेज स्टूडेंट्स कैसे वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस को अपने फायदे के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं; इसके बारे में बेसिक जानकारी है. यदयपि भारत में रिज्यूम बनाने में वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस को अपने रिज्यूम में प्रस्तुत करना कोई खास महत्व नहीं रखता है, यह निश्चित तौर पर उन कॉलेज स्टूडेंट्स के लिये बहुत फायदेमंद है जो अपनी पहली जॉब तलाश रहे हैं. इसलिये कॉलेज स्टूडेंट अवश्य ही अपने कॉलेज के दिनों में प्राप्त हुए वॉलंटियर वर्क एक्सपीरियंस से पूरा फायदा उठायें ताकि वे अपनी ड्रीम जॉब के लिए अप्लाई करते समय अपने नियोक्ताओं या रिक्रूटर्स को प्रभावित करने के लिये दूसरे कैंडिडेट्स की भीड़ से अलग और ज्यादा काबिल लगें.

क्या आपको यह आर्टिकल पसंद आया है? इसे अपने दोस्तों और कॉलेज मेट्स के साथ अवश्य शेयर करें. आप अपनी पहली पसंदीदा जॉब प्राप्त करने के लिए कॉलेज प्लेसमेंट्स और रिज्यूम डेवलपमेंट से संबंधित अन्य इंटरेस्टिंग आर्टिकल्स www.jagranjosh.com/college पर भी प्राप्त कर सकते हैं.

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