Exam ख़राब होने पर तनाव से बचने के पांच आसान तरीके

कई बार छात्र एग्जाम के समय किसी एक पेपर के ख़राब जाने से काफी तनाव में आ जाते हैं जिस कारण उसका प्रभाव उनके बाकि के एग्जाम में भी पड़ता है| आज हम आपको पांच ऐसे खास टिप्स बताने जा रहे हैं जिनकी मदद से आप भी आसानी अपने इस तनाव से दूर होकर बाकि के पेपर्स की अच्छी तैयारी कर सफलता प्राप्त कर सकें|

Updated: Mar 8, 2018 09:56 IST
How to manage the stress of a bad exam
How to manage the stress of a bad exam

UP Board, CBSE तथा अन्य बोर्डों के एग्जाम कुछ ही दिनों में शुरू होने वाले हैं| अक्सर एग्जाम के समय छात्रों में काफी तनाव बना रहता है और ऐसे में यदि छात्रों का एक भी पेपर उनके अपेक्षा के प्रति खराब चला जाए तो आगे के परीक्षा पर उसका गलत प्रभाव पड़ता है| आज हम आपको पांच ऐसे आसान टिप्स बताने जा रहे हैं जिनकी मदद से आप ऐसे समय में खुद को तनाव से दूर रख एग्जाम की तैयारी अच्छी तरह कर पाएं:

1. खुद से करें एक संकल्प दुबारा उस गलती को ना दोहराने की :

कई बार ऐसा होता है कि हमने अच्छे से किसी विषय की तैयारी की है लेकिन एग्जाम उतना अच्छा नहीं गया जिस कारण छात्र तनाव में आ जाते है जबकि ऐसे समय में यह देखना चाहिए की हमने उस विषय की तैयारी में ऐसी क्या गलती की जो अब हमें दुबारा दोहराना नहीं है| तनाव की जगह खुद को अगले पेपर के लिए और अच्छी तरह तैयार करें, कहाँ आप से चुक हो सकती है| जो पेपर आपका ख़राब गया उसमें आपने क्या गलती की उसे सुधारे| हो सकता है आपका वह पेपर आपके सही तरीके से सारणीबद्ध प्रश्न ना एटेम्पट करने के कारण खराब गया हो या टाइम मेनेजमेंट आपका सही ना रहा हो आदि|

2. सकारात्मक सोच है ज़रूरी :

एग्जाम के समय खुद को हमेशा पॉजिटिव रखें| अपने गलतियों से खुद को सीख दें कि आगे ऐसी गलती नहीं दोहराएंगे तथा उसे एक सीख की तरह ले कर अपने आने वाले पेपर के लिए अच्छी तरह मेहनत करें| कभी भी अपने बीते हुवे एग्जाम के नकारात्मक पक्ष के बारे में सोच कर खुद को और परेशान ना करें बल्कि आने वाले एग्जाम के लिए पूरी सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़े|

3. बीते हुए एग्जाम के बारे में चर्चा से बचें :

कभी भी यदि आपका एग्जाम आपकी अपेक्षा के विपरीत गया है तो उसके विषय में एग्जाम के बाद अपने दोस्तों से ज्यादा चर्चा करने से बचें| यदि आप बीते हुवे एग्जाम के बारे में चर्चा करेंगे तो आप केवल परेशान ही होंगे बल्कि आपका समय भी बर्बाद होगा जिससे आपके अगले पेपर की तैयारी उतनी अच्छी नहीं हो पायेगी|

यह मेरा खुद का आज़माया अनुभव है| जब भी मेरा कोई पेपर अच्छा नहीं जाता मैं हमेशा एग्जाम के बाद अपने गलतियों को एक बार अच्छी तरह से summarise करती थी ताकि मुझे पता हो कि यह पेपर ख़राब जाने का कारण क्या है तथा कभी उसे ना दोहराने के लिए उन गलतियों को सुधरने की कोशिश करती थी|

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4. अपना नज़रिया बदलें :

किसी एक एग्जाम के ख़राब हो जाने के कारण आप खुद को demotivate करने की जगह यह सोंचे कि यह आपके जीवन का कोई आखरी एग्जाम नहीं था| आपने उस विषय में जितना पढ़ा आपको उससे काफी जानकारी मिली तथा जिस कारण भी आपका पेपर आपके अपेक्षा के अनुकूल नहीं गया वह भी आपको पता है ताकि अब वह दुबारा नहीं हो| आपको बस अपने एग्जाम के लिए अच्छी तरह पूरी मेहनत करनी है और सभी विषय सही आकलन कर तैयार करना है| याद रखें आपकी मेहनत और आपका दृढनिश्चय ही आपको सफलता तक ले जायेगा| तो हमेशा अपने बीते हुवे एग्जाम से सही प्रेरणा लें और आगे की तैयारी और अच्छी करें|

5. परिणाम की प्रतीक्षा करें :

एग्जाम के समय छात्र कई बार इतना तनाव में आ जाते हैं कि उनका एग्जाम किसी विषय का जितना ख़राब जाता नहीं है उससे ज्यादा वह उस पेपर के परिणाम को ले कर चिंतित हो जाते हैं| जबकि हमेशा परिणाम आने तक खुद को इतना तनाव में रखने की ज़रूरत नहीं होती है| क्यूंकि एग्जाम के समय जब हमारा कोई पेपर बाकि के चाह्त्रों की तुलना में उतना अच्छा नहीं जाता है तो हमे लगता है हम शायद उस पेपर में फेल हो सकते हैं| इस दुविधा के कारण बाकि के एग्जाम में भी हम परेशान रहते हैं| जबकि परिणाम आने पर हम उसी विषय में अच्छे अंक से उत्तिर्ण होते हैं| तो एग्जाम के समय बेवजह के तनाव से बचें और अपनी तैयारी पर ध्यान दें|

शुभकामनायें !!

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