कैसे चुनें JEE और NEET की तैयारी के लिए बेस्ट कोचिंग इंस्टिट्यूट? जानें इस लेख में

JEE और NEET की परीक्षा को क्रैक करने में कोचिंग इंस्टीट्यूट महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इस लेख में विद्यार्थी कुछ ऐसे पॉइंट्स के बारे में जानेंगे जो JEE और NEET की तैयारी के लिए कोचिंग इंस्टिट्यूट सेलेक्ट करने में निश्चित रूप से सहायता करेंगे.

May 29, 2018 19:43 IST

कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा को पास करने के बाद विद्यार्थी कक्षा 11वीं में विज्ञान स्ट्रीम में मेडिकल और नॉन-मेडिकल विषय ले सकते हैं. जो विद्यार्थी मेडिकल विषय से पढ़ाई करते हैं, उनके पास डॉक्टर और डेंटिस्ट बनने का मौका होता है. दूसरी और जो विद्यार्थी नॉन-मेडिकल विषय लेते हैं, वो इंजीनियरिंग के फील्ड में अपना करियर बना सकते हैं. प्रत्येक वर्ष इंजीनियरिंग में IIT JEE और मेडिकल में NEET जैसी प्रमुख परीक्षाएँ कंडक्ट की जाती हैं.

दोनों ही परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए लाखों विद्यार्थी आपस में कड़ा मुकाबला करते हैं. कुछ विद्यार्थी कोचिंग में जाना पसंद करते हैं तो वहीँ कुछ सेल्फ-स्टडी पर फोकस करते हैं. आज हम इस विडियो में 5 ऐसे पॉइंट्स बताएँगे जिनकी मदद से  विद्यार्थी IIT JEE और NEET की तैयारी के लिए अच्छी कोचिंग का चयन कर सकते हैं.

आइये देखते हैं वो कौन से पॉइंट्स हैं  जो आपको इंजीनियरिंग या मेडिकल परीक्षा की कोचिंग जॉइन करने से पहले ध्यान में रखनी चाहिए.

1. इंस्टिट्यूट का ट्रैक रिकॉर्ड क्या हैं?

विद्यार्थियों को IIT JEE और NEET की परीक्षा की तैयारी से पहले जॉइन करने वाले इंस्टिट्यूट के ट्रैक रिकॉर्ड के बारे में पता कर लेना चाहिए. विद्यार्थी इंस्टिट्यूट का ट्रैक रिकॉर्ड जानने के लिए निम्लिखित बातों पर फोकस कर सकते हैं.

विद्यार्थियों का फीडबैक:

विद्यार्थियों को किसी भी कोचिंग संस्थान को जॉइन करने से पहले उसके शिक्षकों, स्टडी मटेरियल, टेस्ट सीरीज आदि के बारे में वहाँ पढ़ चुके या पढ़ रहे विद्यार्थियों से फीडबैक लेना चाहिए.

इंजीनियरिंग या मेडिकल की तैयारी का सही समय कक्षा 10 या कक्षा 12?

Success Percentage:

कोचिंग इंस्टीट्यूट से पढ़ चुके छात्रों का उत्तीर्ण प्रतिशत कितना है.

Topper’s Percentage:

कोचिंग संस्थान के कितने प्रतिशत विद्यार्थियों ने IIT JEE और NEET की परीक्षा में टॉप रैंक हासिल की है.

2. टीचर कैसे हैं?

फैकेल्टी मेंबर या टीचर किसी भी संस्थान की नींव होते हैं. अनुभवी टीचर परीक्षा के पैटर्न और प्रश्नों के टाइप को अच्छी तरह समझते हैं जिससे विद्यार्थियों को परीक्षा के पैटर्न को लेकर किसी भी तरह का डाउट नहीं रहता. अनुभवी टीचर की सहायता से विद्यार्थी अपने बेसिक और एडवांस्ड कॉन्सेप्ट्स को आसानी से क्लियर कर सकते हैं.

 

3. कोचिंग संस्थान का fee structure क्या है?

Fee structure किसी भी संस्थान को जॉइन करने में अहम् भूमिका निभाता है. विद्यार्थियों को किसी भी कोचिंग संस्थान को जॉइन करने से पहले कोचिंग संस्थान के  fee structure के बारे में ज़रूर जान लेना चाहिए. कभी-कभी कुछ कोचिंग संस्थान विद्यार्थियों को लुभाने के लिए छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) प्रदान करते हैं जिनके बारे में भी विद्यार्थियों को ज़रूर पता करना चाहिए. विद्यार्थियों को किसी भी कोचिंग संसथान की Fee structure से सम्बंधित निम्नलिखित बातों पर ध्यान देना चाहिए

• अन्य कोचिंग संस्थानों की तुलना में fee कितनी  कम या ज़्यादा है.

• कभी-कभी कुछ संस्थान कोर्स फ़ीस के साथ-साथ कुछ अन्य fee जैसे टेस्ट सीरीज, किताबों का शुल्क भी लेते हैं. इसके बारे में भी विद्यार्थियों को सम्पूर्ण जानकारी ले लेनी चाहिए.

4. टेस्ट को कंडक्ट कराने का प्रोसीजर क्या है?

थ्योरी क्लासेज सिलेक्शन पाने का एक पार्ट है, किन्तु किसी भी टॉपिक को समझने के बाद उस पर बेस्ड टेस्ट बहुत ही ज़रूरी होता है. विद्यार्थियों को इंस्टिट्यूट जॉइन करने से पहले टेस्ट कंडक्ट करने से सम्बंधित निम्नलिखित बातों के बारे पूछना चाहिए.

• टेस्ट कब-कब कंडक्ट होता है?

• टोटल कितने टेस्ट होते हैं?

• टेस्ट के सेंटर्स की क्या व्यवस्था होती है (अलग अलग सेंटर्स होते हैं या केवल कोचिंग में ही टेस्ट होते हैं)

• क्या टेस्ट के समय वही वातावरण होता है जो रियल एग्जाम में होता है

• टेस्ट की रैंक कैसे मापी जाती है

• रैंक को सुधारने को लेकर मैनेजमेंट के क्या एफर्ट्स हैं

• अगर किसी विद्यार्थी के वीकली या मंथली टेस्ट में कम मार्क्स आते हैं, तो क्या उसको अलग क्लास दी जाती है या नहीं.

• टेस्ट के बाद पेपर की डिस्कशन क्लास होती है या नहीं

5. होस्टल एवं सुरक्षा व्यवस्था कैसी है?

बहुत सारे विद्यार्थियों को  अपने घर से पहली बार बाहर रहने का मौका मिलता है, तो उनके लिए रहने तथा खाने की  व्यवस्था एक बड़ा सवाल होती है. इसलिए विद्यार्थियों को होस्टल में खाने और रहने की व्यवस्था के बारे में संसथान के अन्य विद्यार्थियों से पहले ही पूछना चाहिए. साथ ही साथ विद्यार्थियों के लिए होस्टल में सुरक्षा सम्बन्धी व्यवस्था के बारे में जानना भी बहुत ही आवशयक होता है.

निष्कर्ष:

तो ये थे कुछ महत्त्वपूर्ण पॉइंट्स जो आपको IIT JEE और NEET की तैयारी के लिए एक अच्छी कोचिंग सेलेक्ट करने में सहायता करेंगे.

1. इंस्टिट्यूट का ट्रैक रिकॉर्ड क्या है?

2. टीचर कैसे हैं?

3. कोचिंग संस्थान का fee structure क्या है?

4. टेस्ट को कंडक्ट कराने का प्रोसीजर क्या है?

5. होस्टल एवं सुरक्षा व्यवस्था कैसी है?

जानिये क्यों लेनी चाहिए JEE और NEET की तैयारी के लिए आपको भी ऑनलाइन क्लासेज?

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