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जानिये क्यों लेनी चाहिए JEE और NEET की तैयारी के लिए आपको भी ऑनलाइन क्लासेज?

May 17, 2018 17:59 IST
Importance of taking online classes for JEE and NEET preparation

कुछ साल पहले विभिन्न इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं जैसे Joint Entrance Exam (JEE), UPSEE, WBJEE, National Eligibility cum Entrance Test (NEET) इत्यादि की तैयारी के लिए केवल ऑफलाइन कोचिंग उपलब्ध होती थी. जिसमें विद्यार्थियों को क्वालिटी स्टडी के लिए किसी दूसरे शहर भी जाना पड़ जाता था. ऑफलाइन कोचिंग में विद्यार्थियों को क्लास लेने के लिए अपने घर से कोचिंग सेंटर तक जाना पड़ता था जिससे उनका समय तो बर्बाद होता था. अब टेक्नोलॉजी ने इतनी उन्नति कर ली है कि विद्यार्थी घर बैठे ही किसी भी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं.

आज इस लेख में छात्र JEE और NEET के लिए ऑनलाइन कोचिंग के फायदों के बारे में जानेंगे, जो कि निम्नलिखित हैं:

1. Accessibility/ट्रेवलिंग टाइम बचता है:

ऑफलाइन कोचिंग में विद्यार्थियों को कोचिंग सेंटर तक जाना पड़ता है. जिससे आने-जाने में विद्यार्थियों को अधिक समय बर्बाद हो जाता है. JEE और NEET की परीक्षा की तैयारी के लिए विद्यार्थियों का एक-एक मिनट कीमती होता है. ऑनलाइन क्लासेज से विद्यार्थियों का ट्रेवलिंग टाइम बच जाता है जिसे विद्यार्थी पढ़ाई में लगा सकते हैं. विद्यार्थी ऑनलाइन क्लासेज कहीं से भी access कर सकते हैं जिसके लिए विद्यार्थियों के पास एक कंप्यूटर या लैपटॉप के साथ इन्टरनेट कनेक्शन होना चाहिए.

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2. Comfort/क्लासेज मिस होने का चांस नहीं होता:

कभी-कभी स्वास्थ्य ख़राब होने के कारण या किसी अन्य कारण से विद्यार्थी क्लासेज लेने अपने कोचिंग सेंटर नहीं जा पाते, जिससे उनकी क्लासेज मिस हो जाती है. हम जानते हैं कि किसी भी विषय में अधिकतर टॉपिक एक-दूसरे से सम्बंधित होते हैं जिससे 1 क्लास में मिस किये हुए टॉपिक के कारण विद्यार्थियों को अगली क्लासेज के टॉपिक्स को समझने में परेशानी होती है. ऑनलाइन क्लासेज का सबसे बड़ा फायदा यह है कि  इसमें विडियो रिकॉर्ड की जाती है जिससे विद्यार्थी क्लासेज मिस होने पर रिकॉर्डिंग देख कर कोर्स के साथ फॉलो-उप कर सकते हैं.

3. क्वालिटी ऑफ़ स्टडी पर कोई असर नहीं पड़ता:

ऑनलाइन तैयारी में विद्यार्थियों की पढ़ाई की गुणवत्ता (Quality of Study) पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता. जो योग्य और अनुभवी टीचर ऑफलाइन क्लासेज में विद्यार्थियों को पढ़ाते है वहीँ टीचर ऑनलाइन क्लासेज में भी पढ़ाते हैं जिससे विद्यार्थियों को घर बैठे क्वालिटी स्टडी करने का मौका मिल जाता है.

 

4. बैच में विद्यार्थियों की संख्या का कम होना:

ऑफलाइन क्लासेज में बच्चों की संख्या 150-200 तक होती है जिससे सभी टीचर हर विद्यार्थी पर फोकस नहीं कर पाते. ऑफलाइन क्लासेज में विद्यार्थियों के साथ one-to-one interaction करना बहुत ही मुश्किल होता है. वहीँ ऑनलाइन क्लासेज में विद्यार्थियों की संख्या 20-25 तक होती है जिससे सभी विद्यार्थी आसानी से अपने doubts दूर कर पाते हैं.

5. कहीं और रहने की ज़रूरत नहीं होती:

IIT और मेडिकल की कोचिंग के लिए कोटा बहुत ही प्रसिद्ध स्थान है, लाखों विद्यार्थी प्रत्येक वर्ष वहाँ रह कर परीक्षा की तैयारी करते हैं. किसी और शहर में रहना विद्यार्थियों के लिए असुविधाजनक होता है किन्तु कोटा में ऑफलाइन कोचिंग करने के लिए विद्यार्थियों को वहाँ रहना पड़ता है. वहाँ रह कर पढ़ाई करने से विद्यार्थियों पर अच्छा प्रदर्शन करने का और अधिक दबाव होता है.

6. Self-Paced Learning:

ऑनलाइन क्लासेज में विद्यार्थियों को 3-4 घंटे एक-साथ बैठ कर पढ़ने की ज़रूरत नहीं होती. विद्यार्थी अपनी सुविधा अनुसार ब्रेक ले सकते हैं. हम सभी जानते हैं कि प्रत्येक विद्यार्थी को किसी भी कांसेप्ट को समझने में अलग-अलग समय लगता है. इसलिए विद्यार्थी ऑनलाइन क्लासेज में विडियो में किसी कांसेप्ट को समझ नहीं आने पर बाद में कभी भी उस विडियो को पुनः चला कर कांसेप्ट को आसानी से समझ सकते हैं.

7. Cost Effective/ कम खर्च :

ऑनलाइन क्लासेज में विद्यार्थियों को हॉस्टल, ट्रांसपोर्ट इत्यादि में पैसा नहीं लगाना पड़ता. इसलिए ऑफलाइन क्लासेज की तुलना में ऑनलाइन क्लासेज कम खर्चीली भी होती हैं. इसमें विद्यार्थियों को केवल एक कंप्यूटर और लैपटॉप के साथ इन्टरनेट की ज़रूरत होती है, जो आजकल हर घर में आसानी से मिल जाते हैं.

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