भारत में टीचर ट्रेनिंग है जरुरी, मिल सकते हैं जॉब के अनेक आकर्षक ऑफर्स

भारत में ट्रेंड टीचर्स हायर एजुकेशन सिस्टम सहित आज के समय की पहली मांग हैं क्योंकि, ट्रेंड टीचर्स हालिया परिस्थितियों के मुताबिक देश का निर्माण और पुनर्निर्माण कर सकते हैं.

Created On: Oct 29, 2019 18:28 IST
Modified On: Oct 13, 2021 21:30 IST
Teacher Training is a must in India for Attractive Job Offers
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सदियों से हमारे देश भारत में बच्चों की शिक्षा और उच्च शिक्षा के लिए गुरुकुल व्यवस्था प्रचलित थी जिसके तहत बालक अपने घर-परिवार से दूर किसी ऋषि के आश्रम या गुरुकुल में शिक्षा लेने के लिए जाते थे जहां कुछ वर्षों तक रहकर वे जीवनोपयोगी विषयों जैसेकि, युद्धकला, आयुर्वेद, संगीत, नृत्य, राजनीति, अर्थशास्त्र सीखते थे. बदलते समय के साथ भारत में शिक्षा का स्वरुप भी बदला. मुग़ल काल में भारत में मदरसे और मंदिर शिक्षा के गढ़ बन गए थे. ब्रिटिश काल में भारत ने प्राइमरी, मिडिल, सेकेंडरी, सीनियर सेकेंडरी लेवल पर स्कूली शिक्षा, कॉलेज एवं यूनिवर्सिटी लेवल पर ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, एजुकेशनल रिसर्च वर्क और पीएचडी डिग्री का ब्रिटिश एजुकेशनल पैटर्न अपना लिया और अब मॉडर्न कॉलेज/ यूनिवर्सिटी हॉस्टल्स ने भी भारत की शिक्षा व्यवस्था में महत्त्वपूर्ण स्थान ले लिया है. आजकल मॉडर्न इंडिया में एजुकेशनल पैटर्न काफी बदल चुका है और हायर एजुकेशन के लिए ट्रेंड टीचर्स को रिक्रूट करना अब एक अनिवार्यता बन चुकी है जिसका पालन भारत के सभी सरकारी और प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स पूरी तरह कर रहे हैं. आइये इस बारे में आगे पढ़कर और जानकारी हासिल करें:    

भारत में टीचर ट्रेनिंग का लगातार बढ़ता महत्त्व

अब हमारे मन में अक्सर यह प्रश्न उठता है कि टीचर तो अक्सर अच्छा ही पढ़ाते हैं तो फिर, आजादी के बाद जल्दी ही नए भारत के सतत निर्माण के लिए हमारे देश में प्राइमरी लेवल से हायर एजुकेशन तक आखिर ट्रेंड टीचर्स की आवश्यकता क्यों महसूस होने लगी?. दरअसल, इस तथ्य से कोई इंकार नहीं कर सकता है कि किसी भी पेशे में पेशेवर ट्रेनिंग हासिल करने के बाद ट्रेंड व्यक्ति अपने काम में ज्यादा माहिर हो जाता है. सदियों से भारत में सुनार, लुहार, बढ़ई, किसान, नाई, दर्जी और वैध के खानदानी पेशे थे अर्थात चाहे ये पेशेवर किसी स्कूल, कॉलेज में पढ़ें या नहीं पर अपना पेशा और पेशेवर ट्रेनिंग इन पेशेवरों को अपने परिवार से विरासत में हासिल हो जाते थे. लेकिन बदलते समय के साथ लोगों ने अपना खानदानी पेशा छोड़ कर अपनी पसंद के अन्य पेशे और करियर अपनाने शुरू कर दिए.....और इस तरह पेशेवर ट्रेनिंग की जबरदस्त आवश्यकता महसूस होने लगी. आइये आगे पढ़ें कि आखिर हमारे देश में अब एक कामयाब टीचर बनने के लिए टीचर एजुकेशन और टीचर ट्रेनिंग पहली शर्त क्यों बन चुकी है?.....यहां पेश हैं कुछ महत्वपूर्ण पॉइंट्स:

  • टीचर ट्रेनिंग नये टीचर्स को उनके सामने रोज़ाना आने वाली चुनौतियों का सामना सफलतापूर्वक करना सिखाती है.
  • टीचर ट्रेनिंग हासिल करने पर टीचर्स का आत्मविश्वास बढ़ता है.
  • हरेक टीचर वास्तव में एक अच्छा स्टूडेंट भी होता है और एजुकेशन एक आजीवन चलने वाली प्रोसेस है.
  • ट्रेंड टीचर्स को रोज़ाना पढ़ाने की आदत पड़ जाती है और वे जब ज्वाइन करते हैं तो रोज़ाना कई घंटे लगातार पढ़ाने पर भी थकते नहीं हैं.
  • टीचिंग गोल्स को समझने में ट्रेंड टीचर्स एक्सपर्ट होते हैं.
  • ट्रेंड टीचर्स अपने स्टूडेंट्स को पढ़ाते समय एजुकेशनल कॉस्ट पर नियंत्रण रखते हैं.
  • टीचिंग मेथड्स को समझकर अप्लाई करने में ट्रेंड टीचर्स माहिर होते हैं.

भारत में ट्रेंड टीचर्स को मिलते हैं अनेक फायदे

जी हां! यह बिलकुल सच है कि अब हमारे देश में सभी सरकारी और प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स केवल ट्रेंड टीचर्स को ही रिक्रूट करते हैं. लेकिन यह भी काफी महत्वपूर्ण फैक्ट है कि ट्रेंड टीचर्स को किसी मान्यताप्राप्त एजुकेशनल इंस्टीट्यूट से टीचर ट्रेनिंग कोर्स पूरा करने पर अनेक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष फायदे मिलते हैं जैसेकि:

  • ट्रेंड टीचर्स टीचर ट्रेनिंग के दौरान अपनी क्लास को बखूबी हैंडल करना सीख लेते हैं और जब वे अपनी क्लास में पढ़ाते हैं तो ‘स्टूडेंट बिहेवियर’ को पहले से ही समझ कर अपने सामने आने वाले डेली इश्यूज़ को समुचित तरीके से हैंडल कर लेते हैं.
  • टीचर ट्रेनिंग में टीचर्स को अपने संबद्ध सब्जेक्ट मैटर की सटीक और समुचित जानकारी मिलती है और वे पढ़ाने की कला में माहिर हो जाते हैं.
  • टीचर ट्रेनिंग हासिल करने पर ये पेशेवर अपने पेशे में एक्सपर्ट हो जाते हैं और इनके टीचिंग स्किल्स में निखार आ जाता है. भारत सरकार को लगातार देश के महान एजुकेशनिस्ट्स से समय-समय पर वर्किंग टीचर्स के लिए टीचिंग वर्कशॉप और टीचर ट्रेनिंग कोर्सेज करवाने के सुझाव मिलते ही रहते हैं.
  • ट्रेंड टीचर्स की टीचिंग परफॉरमेंस काफी बढ़िया होती है क्योंकि वे अपनी ट्रेनिंग के दौरान विभिन्न टीचिंग मेथड्स, लर्निंग टेक्निक्स और ऑडियो-विजुअल एड्स के समुचित उपयोग के साथ स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी लेवल पर स्टूडेंट्स बिहेवियर के बारे में भी जरुरी और इफेक्टिव जानकारी हासिल कर लेते हैं.
  • ट्रेंड टीचर्स विभिन्न टीचिंग मेथड्स को इस्तेमाल करते समय अपने स्कूल, कॉलेज या यूनिवर्सिटी के एकेडेमिक स्टैंडर्ड्स को अच्छी तरह फ़ॉलो करते हैं.
  • ट्रेंड टीचर्स की क्लासेज में सभी स्टूडेंट्स और टीचर्स के बीच हेल्दी रिलेशन्स कायम हो जाते हैं जिस वजह से स्टूडेंट्स और टीचर्स, इन दोनों को ही फायदा होता है और पढ़ाई का लेवल भी बेहतरीन रहता है.
  • ट्रेंड टीचर्स की अपने पेशे के प्रति दिलचस्पी बढ़ती है.

भारत में विभिन्न टीचर ट्रेनिंग कोर्सेज के लिए जरूरी एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

हमारे देश में आमतौर पर सभी टीचर ट्रेनिंग डिप्लोमा/ सर्टिफिकेट कोर्सेज में एडमिशन लेने के लिए स्टूडेंट्स ने किसी मान्यताप्राप्त एजुकेशनल बोर्ड से अपनी 12वीं क्लास पास की हो. इसी तरह, अगर स्टूडेंट्स ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन लेवल के डिग्री कोर्सेज में एडमिशन लेना चाहते हैं तो उन्होंने किसी मान्यताप्राप्त कॉलेज या यूनिवर्सिटी से संबद्ध टीचिंग सब्जेक्ट में अपनी ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की हो.

भारत में उपलब्ध हैं ये प्रमुख टीचर ट्रेनिंग कोर्सेज

हमारे देश में प्राइमरी लेवल से हायर एजुकेशनल लेवल पर टीचर ट्रेनिंग के लिए विभिन्न कोर्सेज करवाए जाते हैं जैसेकि:

  • नर्सरी टीचर ट्रेनिंग
  • बेसिक (टीचर) ट्रेनिंग सर्टिफिकेट कोर्स
  • एलीमेंट्री टीचर एजुकेशन कोर्स
  • जूनियर बेसिक ट्रेनिंग कोर्स
  • जूनियर टीचर ट्रेनिंग सर्टिफिकेट कोर्सेज
  • प्राइमरी टीचर ट्रेनिंग कोर्स
  • डिप्लोमा – एजुकेशन
  • बीएड कोर्स
  • फिजिकल टीचर ट्रेनिंग कोर्स
  • मास्टर ऑफ़ एजुकेशन कोर्स – एमएड
  • एमफिल – एजुकेशन
  • डॉक्टरेट कोर्स

भारत के प्रमुख टीचर ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स

इस साल की रैंकिंग के मुताबिक हमारे देश के टॉप टीचर ट्रेनिंग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स की एक लिस्ट निम्नलिखित है:

  • लेडी श्री राम कॉलेज, नई दिल्ली
  • कस्तूरी राम कॉलेज ऑफ़ हायर एजुकेशन, नई दिल्ली
  • दिल्ली यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली
  • गुरु गोबिंद सिंह इन्द्रप्रस्थ यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली
  • जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी, नई दिल्ली
  • महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी, रोहतक
  • महात्मा गांधी यूनिवर्सिटी, कोट्टयम, केरल
  • कालीकट यूनिवर्सिटी, केरल
  • एमिटी यूनिवर्सिटी, लखनऊ
  • बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वाराणसी 

भारत में ट्रेंड टीचर्स का सैलरी पैकेज

आजकल हमारे देश में सभी सरकारी और प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टीट्यूशन्स में क्वालिफाइड, ट्रेंड, टैलेंटेड और एक्सपीरियंस्ड टीचर्स को काफी बढ़िया सैलरी पैकेज मिलता है. देश के विभिन्न सरकारी स्कूलों में तो प्राइमरी, मिडिल, सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी क्लासेज के टीचर्स को सरकार द्वारा निर्धारित ग्रेड वेतन मिलता ही है, नामी और बढ़िया प्राइवेट स्कूल्स भी आमतौर पर शुरू में जूनियर टीचर्स को एवरेज 25 – 30 हजार रुपये मासिक वेतन और सीनियर टीचर्स को एवरेज 50 – 60 हजार रुपये मासिक वेतन के साथ अन्य कई लाभ भी देते हैं. इसी तरह, भारत के विभिन्न कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज़ में भी लेक्चरर्स को एवरेज 60 – 70 हजार रुपये और प्रोफेसर्स को एवरेज 80 हजार – 1 लाख रुपये या उससे अधिक मासिक वेतन मिलता है.

जॉब, इंटरव्यू, करियर, कॉलेज, एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स, एकेडेमिक और पेशेवर कोर्सेज के बारे में और अधिक जानकारी प्राप्त करने और लेटेस्ट आर्टिकल पढ़ने के लिए आप हमारी वेबसाइट www.jagranjosh.com पर विजिट कर सकते हैं.

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