क्या है आर्मी की टेक्निकल इंट्री स्कीम (TES)? कैसे होता है चयन और कब करें आवेदन?

देश सेवा का जज्बा रखनेवाले युवाओं के लिए इंडियन आर्मी ऑफिसर के रूप में (इंजीनियरिंग कोर) कैरियर बनाने का बेहतरीन अवसर प्रदान करती है. इंडियन आर्मी 12वीं पास युवाओं के लिए टेक्निकल एंट्री स्कीम / टीईएस (TES) कोर्स के माध्यम से भर्ती करती है, आर्मी द्वारा निर्धारित कोर्स पूरा करने के बाद उम्मीदवार को सेना में सीधे लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्ति दी जाती है.

Created On: Apr 10, 2019 15:44 IST

देश सेवा का जज्बा रखनेवाले युवाओं के लिए इंडियन आर्मी ऑफिसर के रूप में (इंजीनियरिंग कोर) कैरियर बनाने का बेहतरीन अवसर प्रदान करती है. इंडियन आर्मी 12वीं पास युवाओं के लिए टेक्निकल एंट्री स्कीम / टीईएस (TES) कोर्स के माध्यम से भर्ती करती है, आर्मी द्वारा निर्धारित कोर्स पूरा करने के बाद उम्मीदवार को सेना में सीधे लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्ति दी जाती है. आर्मी द्वारा यह मौका वर्ष में दो बार युवाओं को प्रदान किया जाता है. पुरुष उम्मीदवारों के लिए टीईएस (10 + 2) प्रवेश पाठ्यक्रम प्रत्येक वर्ष में दो बार जनवरी और जुलाई महीने में शुरू होता है. पाठ्यक्रम के लिए अधिसूचनाएं मई / जून और अक्टूबर / नवंबर महीने में प्रकाशित की जाती हैं. क्रमशः अगस्त से अक्टूबर और फरवरी से अप्रैल तक एसएसबी भर्ती के लिए इंटरव्यू आयोजित किया जाता है. इस कोर्स की कुल प्रशिक्षण अवधि 5 वर्ष है.

आर्मी के इस कोर्स के लिए युवाओं को मान्यता प्राप्त संस्थान / यूनिवर्सिटी अथवा बोर्ड से मैथ्स, फिजिक्स, केमिस्ट्री, विषयों के साथ न्यूनतम 70% अंकों के साथ 12वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है. इसके बारे में युवा इंडियन आर्मी की वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in के माध्यम से भी सर्च कर सकते हैं. इसके अलावा इंडियन आर्मी इंजीनियरिंग ग्रेजुएट युवाओं को भी टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स के लिए अवसर प्रदान करती है.

कैसे होता है चयन-

उम्मीदवारों का चयन सर्विस सेलेक्शन बोर्ड (SSB) इंटरव्यू के माध्यम से किया जाता है. परीक्षा में प्राप्त अंकों के कट ऑफ/ प्रतिशत के आधार पर उम्मीदवारों को एसएसबी के लिए कॉल किया जाता है. एसएसबी का आयोजन आर्मी स्टेशन इलाहाबाद, भोपाल, बेंगलुरू और कपूरथला में किया जाता है. आवेदन के बाद उम्मीदवार को चयन केंद्र के संबंध में ई-मेल/ एसएमएस के माध्यम से सूचना दी जाती है. एसएसबी इंटरव्यू प्रक्रिया की अवधि पांच दिन होती है. एसएसबी इंटरव्यू में उमीदवार को साइकोलॉजिकल टेस्ट, ग्रुप टेस्ट एवं इंटरव्यू से गुजरना होता है. एसएसबी इंटरव्यू में सफल अभ्यर्थियों का मेडिकल टेस्ट किया जाता है. चिकित्सकीय रूप से फिट घोषित उम्मीदवारों का पदों की संख्या के आधार पर मेरिट के अनुसार प्रशिक्षण के लिए चयन कर लिया जाता है.

नियुक्ति कोर-

उम्मीदवारों को समग्र योग्यता की मेरिट के आधार पर तीन तकनीकी संस्थानों यानि सीएमई, एमसीटीई, एमसीईएमई में नियुक्ति प्रदान की जाएगी. यदि कमीशन की समाप्ति की तिथि आईएमए, देहरादून के साथ होती है तो, कम मेरिट वाले उम्मीदवारों को ईएन-ब्लॉक जूनियर से आईएमए (एनडीए / एसीसी / डीई कोर्स) में भी रखा जा सकता है, किन्तु ऐसे उम्मीदवार टीजीसी / यूईएस पाठ्यक्रम से अपर लेवल में रखे जाएँगे.

भारतीय सेना की टीजीसी / यूईएस पाठ्यक्रम, लगभग टीईएस की ही तरह है, लेकिन यूईएस और टीजीसी उम्मीदवारों को टीईएस के लिए बाहर से (यानि सेना के अलावा किसी भी सिविल संस्थान से) इंजीनियरिंग करना आवश्यक होता है. टीईएस उम्मीदवारों को वरिष्ठता क्रमांक के आधार पर रिक्तियों के अनुसार पैदल सेना, तोपखाने आदि जैसे अन्य क्षेत्रों में भी शामिल किया जा सकता है.

चयन के बाद ऐसे बढ़ेगा कैरियर आगे-

चयन के बाद उम्मीदवार को पांच वर्ष की ट्रेनिंग दी जायेगी. जिसमें पहले एक वर्ष में ऑफिसर ट्रेनिंग अकादमी, गया में बेसिक मिलिट्री ट्रेनिंग (1 वर्ष ओटीए (OTA) गया) होगी. ओटीए (OTA) गया में प्रदान की जाने वाली बेसिक को मिलिट्री ट्रेनिंग भी कहा जाता है.

Phase I– ट्रेनिंग प्रोग्राम यानि इसे प्रि- कमीशन ट्रेनिंग कहा जाता है इसकी अवधि 03 वर्ष होती है. यह (सीएमई पुणे, एमसीटीई महो और एमसीईएमई सिकंदराबाद) में आयोजित होती है.

Phase-II यानि (पोस्ट कमीशन ट्रेनिंग): यह ट्रेनिग कैडेट ट्रेनिंग विंग्स सीएमई पुणे, एमसीटीई महो और एमसीईएमई सिकंदराबाद में होती है. इसकी अवधि 1 वर्ष है. उम्मीदवार द्वारा इस ट्रेनिंग को सफलता पूर्वक पूरा करने पर सेना द्वारा इंजीनियरिंग डिग्री प्रदान की जाती है. प्रशिक्षण के बाद परमानेंट कमीशन दिया जाता है.

इसके बाद उम्मीदवार बतौर लेफ्टिनेंट सेना में कैरियर शुरू कर सकते हैं. टेक्निकल एंट्री स्कीम / टीईएस (TES) कोर्स हेतु आवेदन करने के लिए यह आवश्यक है कि उम्मीदवार अविवाहित हो. साथ ही उम्मीदवार शारीरिक रूप से आर्मी मानदंडों के अनुरूप फिट होना चाहिए अन्यथा की स्थिति में उम्मीदवार को सेवाओं से वंचित किया जा सकता है.

यदि उम्मीदवार को आर्मी के कोर्स को पास करने में निर्धारित समय से अधिक समय लगता है तो उम्मीदवार का वरिष्ठता क्रमांक प्रभावित होगा. आर्मी द्वारा पुन: निर्धारित समय अवधि में कोर्स को सफलता पूर्वक पूरा नहीं कर पाते तो उन्हें आर्मी की कमिशन सर्विस से वंचित किया जा सकता है.

मेडिकल फिटनेस-

कोर्स पूरा करने के बाद आर्मी में भर्ती से पूर्व उम्मीदवार को वैक्स (कान), डीएनएस, Hydrocele / फिमॉसिस, ओवर वेट / अंडर वेट, पाइल्स, गायनेकोमास्टिया, टॉन्सिल्लिस, वैरीकोसिल आदि की सतही जांच से गुजरना होता है.

TES कोर्सेज में स्ट्रीम-

सिविल, मेकेनिकल, इलेक्ट्रिकल/ इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स, एरोनॉटिकल/ एविएशन/ बैलिस्टिक/ एविऑनिक्स, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग/ कंप्यूटर टेक्नोलॉजी/

इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी/ एमएससी (कंप्यूटर साइंस), इलेक्ट्रॉनिक्स एंड टेलिकम्युनिकेशन/ टेलिकम्यूनिकेशन/ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन / सेटेलाइट कम्युनिकेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स/ ऑप्टो इलेक्ट्रॉनिक्स/ फाइबर ऑप्टिक्स/ माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक्स एंड माइक्रोवेव, प्रोडक्शन इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर/ बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी आदि के साथ इंजीनियरिंग की सभी स्ट्रीम में कोर्स कराया जाता है.

TES कोर्सेज के लिए शैक्षणिक योग्यता:

मान्यता प्राप्त संस्थान अथवा बोर्ड से मैथ्स, फिजिक्स, केमिस्ट्री विषयों के साथ न्यूनतम 70% अंकों से 12वीं उत्तीर्ण.

आयु सीमा: जनवरी और जुलाई की पहली तारीख को 16.5 वर्ष से लेकर 19.5 वर्ष के मध्य.

शारीरिक माप दंड:  

हाईट: 157.5 सेमी. वजन और सीना अनुपात में फुलाव 05 सेमी.

वेतनमान:

तीन साल की ट्रेनिंग के दौरान स्टाईपेंड रुपये 56100 /-  तीन साल की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद लेफ्टिनेंट रैंक का ग्रेड पे वेतन 1,77, 500 / (प्रशिक्षण पूरा होने के बाद)

ऐसे करें आवेदन:

उम्मीदवार संबंधित वेबसाइट पर जाएं और मौजूद दिशा-निर्देशों के अनुसार ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी करें. आवेदन पूर्ण हो जाने के बाद उसका प्रिंटआउट आगामी चयन प्रक्रिया के लिए सुरक्षित रख लें.

नोट- विज्ञापित पदों पर केवल अविवाहित पुरुष उम्मीदवार ही आवेदन कर सकते हैं.

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