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इंडियन टूरिज्म में है टूरिज्म गाइड का शानदार करियर ऑप्शन

टूरिज्म आज हमारी सांस्कृतिक पहचान पुख्ता करने के साथ-साथ रेवेन्यू अर्जित करने का एक महत्वपूर्ण जरिया बन चुका है इसलिए टूरिज्म गाइड का करियर भी बन चुका है खास. कैसे? आइए इस आर्टिकल में पढ़ें.

Feb 5, 2019 15:32 IST
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Indian Tourism and Career as a Tourism Guide
Indian Tourism and Career as a Tourism Guide

सोने की चिड़िया कहलाने वाल हमारा देश भारत सदियों से पूरी दुनिया के टूरिस्ट्स के आकर्षण का केंद्र रहा है. इस वजह से हमारे देश में टूरिज्म इंडस्ट्री का विकास लगातार बड़ी तेज़ी से हो रहा है. एक अनुमान के मुताबिक वर्ष 2020 तक हमारे देश में टूरिज्म इंडस्ट्री लगभग अमरीकी $ 8 बिलियन का आंकड़ा पार कर लेगी. पिछले वर्ष भारत में लगभग 10 मिलियन टूरिस्ट्स भारत आये और प्रति वर्ष इस संख्या में लगातार बढ़ोतरी होगी. इसलिए अब हमारे देश में जब मिनिस्ट्री ऑफ़ टूरिज्म, भारत सरकार  भारत के स्थानीय, क्षेत्रीय, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर टूरिज्म को पुरजोर बढ़ावा दे रही है तो टूरिज्म के क्षेत्र में टूरिज्म गाइड का करियर वास्तव में काफी आकर्षक और फायदेमंद साबित हो सकता है. आप जानते ही हैं कि ये टूरिज्म गाइड्स अपने तजुर्बे और इतिहास के ज्ञान से हजारों की तादात में टूरिस्ट्स को घुमाते हैं, उन्हें स्थान-विशेष की सही जानकारी देते हैं तथा अच्छी खासी रकम भी कमाते हैं. हमारे देश में एक टूरिज्म गाइड के तौर पर आपके लिए क्या स्कोप है? आइये आगे पढ़ें:   

टूरिज्म गाइड के कार्य

किसी भी देश की सामाजिक, सांस्कृतिक परंपराओं से टूरिस्ट्स को परिचित कराने में टूरिज्म गाइड की भूमिका काफी महत्वपूर्ण होती है. टूरिज्म गाइड टूरिस्ट्स के साथ रहकर उन्हें उस टूरिस्ट स्थान के जाने-अनजाने पहलुओं से वाकिफ कराते हैं. इसी कारण आज हमरे देश के यंगस्टर्स के बीच टूरिज्म गाइड एक आकर्षक करियर विकल्प के तौर पर अपनी जगह बना चुका है. प्रत्येक देश के टूरिज्म गाइड्स अपने देश, राज्य और क्षेत्र की भौगोलिक जानकारी के साथ-साथ सांस्कृतिक, ऐतिहासिक टूरिज्म से संबंधित सारी महत्वपूर्ण जानकारी रखने के साथ ट्रेवल एजेंसी व बडे-बडे होटलों की जानकारी भी रखते हैं. हमारे देश में टूरिज्म गाइड का पेशा शुरू करने के लिए इंडियन टूरिज्म एंड ट्रेवल डिपार्टमेंट से टूरिज्म गाइड का लाइसेंस लेना होता है. लाइसेंस प्राप्त करने के लिए कैंडिडेट्स को एक एग्जाम भी पास करना होता है.

टूरिज्म गाइड के पेशे के लिए जरूरी स्किल्स

  • इंग्लिश और हिंदी लैंग्वेज के साथ विदेशी भाषाओं पर पकड़

अगर टूरिज्म गाइड्स इंटरनेशनल लेवल पर अपने कस्टमर्स को हैंडल कर रहे हैं तो इन पेशेवरों के पास इंग्लिश और हिंदी लैंग्वेज के स्किल्स के साथ-साथ संबद्ध देश की लैंग्वेज की भी अच्छी जानकारी होनी चाहिए तभी वे अपने कस्टमर्स के साथ अच्छी तरह बातचीत करके उन्हें विभिन्न टूरिस्ट प्लेसेस की सारी जरुरी जानकारी दे सकेंगे.

  • क्राइसेस मैनेजमेंट का ज्ञान

अगर आप एक टूरिज्म गाइड बनना चाहते हैं तो आपको क्राइसिस मैनेजमेंट स्किल निखारने के साथ ही  दूसरों की सहायता करने की प्रवृति का विकास करना होगा क्योंकि कोई भी दुर्घटना या इमरजेंसी कभी पूछ कर नहीं आती है. आपको सबसे पहले अपने कस्टमर्स की आर्थिक स्थिति का ध्यान रखना चाहिए. इसके लिए आपको अपने कस्टमर्स को किसी रीजनेबल होटल या रेस्तरां में रहने, खाने तथा बाहर आने- जाने के लिए टैक्सी की सुविधा मुहैया कराने की कोशिश करनी चाहिए ताकि टूरिस्ट्स दुबारा जब भी उस स्थान में आयें तो आपको ही हायर करें.

  • एडवेंचरस नेचर

कई बार टूरिज्म गाइड्स को अपने कस्टमर्स को ट्रैकिंग या जंगलों, पहाड़ों और गुफाओं आदि में लेकर जाना होता है जिसके लिए टूरिज्म गाइड्स का स्वभाव काफी एडवेंचरस होना चाहिए. अगर टूरिज्म गाइड्स का नेचर एडवेंचरस है तो वे अपने कस्टमर्स को नई-नई रोमांचक जगहों की बेधड़क सैर करवा सकते हैं.

  • संस्कृति एवं रीति-रिवाजों और इतिहास की अच्छी जानकारी

टूरिज्म गाइड को अपने संबद्ध स्थान या शहर विशेष की सांस्कृतिक धरोहरों, संस्कृति, इतिहास तथा सामाजिक संरचना और आर्थिक स्थिति के साथ ही स्थानिक रीति-रिवाजों की पूरी जानकारी होनी चाहिए तभी वे अपने कस्टमर्स को पूरी तरह संतुष्ट कर पायेंगे. एक बार संतुष्ट हो जाने के बाद अगर किसी टूरिस्ट को वह स्थान अच्छा और रोचक लगता है तो वह बार बार उस स्थान में घूमने की इच्छा रखता है. अगर आप अपने कस्टमर्स को संतुष्ट करने में असफल होंगे तो यह आगे चलकर आपके पेशे के लिए हानिकारक साबित हो सकता है जैसेकि, शायद लोग आप पर भरोसा करना छोड़ दें. इसलिए हमेशा इतिहास और समाज से जुड़ी हर छोटी-बड़ी एवं रोमांचक जानकारी जरुर हासिल करें.

  • बढिया इंटर पर्सनल स्किल्स

अच्छा कम्युनिकेशन स्किल एक टूरिज्म गाइड के लिए सबसे जरुरी योग्यता है. इतना ही नहीं उसे किसी पूछे गए सवाल का जवाब भी तत्काल देना आना चाहिए. हाजिर जवाबी से आपके अनुभव, समझ तथा समस्याओं को तुरंत समझने की क्षमता का पता चलता है. किसी घटना को ज्यों का त्यों बिना किसी रोचक प्रसंग के बताने से लोग उसके बारे में जानने के लिए उत्सुक नहीं होते हैं. ध्यान रखिये किसी भी घटना या कहानी को रोमांचक तरीके से लोगों को बताने तथा समझाने की कला एक टूरिज्म गाइड को अवश्य आनी चाहिए. एक गाइड को हमेशा यह बात ध्यान में रखनी चाहिए कि उसकी बातें रोचक होने के साथ ही प्रमाणिक घटनाओं पर आधारित होनी चाहिए और उन्हें अपने कस्टमर्स को मनगढ़ंत कहानियां कहने से हमेशा बचना चाहिए.

भारत में टूरिज्म गाइड – पात्रता मानदंड

  • किसी मान्यताप्राप्त एजुकेशन बोर्ड से 12वीं क्लास कम से कम 50% मार्क्स से पास की हो.
  • एज – कोई अधिकतम आयु सीमा नहीं है.
  • एजुकेशनल क्वालिफिकेशन – किसी मान्यताप्राप्त यूनिवर्सिटी से किसी भी विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री.

भारत में टूरिज्म गाइड बनने के लिए कोर्स और क्वालिफिकेशन

देश के अनके इंस्टीट्यूट्स, कॉलेज और यूनिवर्सिटीज टूरिज्म, ट्रेवल एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट में शॉर्ट टर्म डिप्लोमा कोर्स करवाते हैं. इस फील्ड में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रेवल एंड टूरिज्म (आईआईटीएम) सबसे प्रमुख  है, इसी तरह, भारत सरकार के मुंबई, दिल्ली, चेन्नई और कोलकाता में स्थापित दफ्तर विभिन्न राज्यों और सेंट्रल गवर्नमेंट के टूरिज्म डिपार्टमेंट्स के लिए टूरिज्म गाइड्स के लिए ट्रेनिंग कोर्स आयोजित करते हैं. इस कोर्स को पास करने के बाद आपको सर्टीफाइड गाइड का लाइसेंस मिल जाता है. टूरिज्म के क्षेत्र में अपना करियर शुरू करने के इच्छुक युवाओं के लिए यह बहुत जरूरी है कि वे टूरिज्म की फील्ड में औपचारिक शिक्षा भी हासिल करें. हमारे देश के विभिन्न इंस्टीट्यूट्स एवं यूनिवर्सिटीज टूरिज्म की फील्ड में डिप्लोमा, बैचलर डिग्री और मास्टर डिग्री ऑफर  करते हैं. डिप्लोमा कोर्स की अवधि अमूमन 1 वर्ष होती है, जिसे ग्रेजुएशन के बाद किया जा सकता है. इंडियन काउंसिल फॉर कल्चरल रिलेशन्स (आईसीसीआर) इस फील्ड में जूनियर फेलोशिप भी ऑफर करता है. नीचे प्रमुख कोर्सेज की एक लिस्ट आपकी सुविधा के लिए पेश की जा रही है.

टूरिज्म गाइड बनने के लिए तीन प्रकार के कोर्सेज हैं:

कैंडिडेट्स के 12 वीं पास करने के बाद छह महीने से 1 साल की अवधि वाले निम्नलिखित सर्टिफिकेट कोर्स:

  • सर्टिफाइड ट्रेनिंग प्रोफेशनल (सीटीपी)
  • ट्रेवल एंड टूरिज्म प्रोफेशनल (टीटीपी)

कैंडिडेट्स के 12 वीं पास करने के बाद 1 - 2 वर्ष की अवधि वाले डिप्लोमा कोर्सेज:

  • फाउंडेशन इन ट्रेवल एंड टूरिज्म में डिप्लोमा
  • हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट में डिप्लोमा
  • हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज में डिप्लोमा
  • मैनेजिंग दी ट्रेवल बिजनेस डिप्लोमा
  • रेवेन्यु एकाउंटिंग एंड कंट्रोल डिप्लोमा
  • ट्रेवल एंड टूरिज्म कंसलटेंट डिप्लोमा
  • ट्रेवल सेल्स एंड ऑपरेशन्स डिप्लोमा

कैंडिडेट्स के 12 वीं पास करने के बाद 3 साल की अवधि वाले डिग्री कोर्सेज:

  • बी.ए. - हिस्ट्री
  • बी.ए. – आर्कियोलॉजी
  • बी.ए. – आर्ट्स
  • बी.एससी. – जियोलॉजी
  • बी.बी.ए. – मैनेजमेंट
  • बी.ए. – टूरिज्म
  • बी.ए. – हॉस्पिटैलिटी

भारत में टूरिज्म गाइड कोर्सेज करवाने वाले प्रमुख इंस्टीट्यूट्स और यूनिवर्सिटीज

  • मिनिस्ट्री ऑफ़ टूरिज्म, नई दिल्ली
  • दिल्ली विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
  • कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, हरियाणा
  • आगरा विश्वविद्यालय, आगरा
  • बनारस हिंदू विश्वविद्यालय, वाराणसी
  • बैंगलोर विश्वविद्यालय, बैंगलोर
  • मद्रास विश्वविद्यालय, चेन्नई
  • कोलकाता विश्वविद्यालय, कोलकाता
  • गोवा विश्वविद्यालय, पणजी
  • मुंबई विश्वविद्यालय
  • पुणे विश्वविद्यालय
  • हिमाचल विश्वविद्यालय, शिमला
  • स्काईलाइन बिजनेस स्कूल, नई दिल्ली
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ ट्रेवल एंड टूरिज्म मैनेजमेंट, नई दिल्ली
  • यंग वीमेन क्रिश्चियन एसोसिएशन, नई दिल्ली

भारत में टूरिज्म गाइड के लिए स्कोप

आजकल हमारे देश में लोकल टूरिज्म इंडस्ट्री, नेशनल टूरिज्म इंडस्ट्री, होटल इंडस्ट्री, ट्रेवल इंडस्ट्री, एविएशन, कार्गो ऑपरेशन, हॉस्पिटैलिटी आदि की फ़ील्ड्स में टूरिज्म गाइड के लिए अनेक अवसर मौजूद  हैं. टूरिज्म इंडस्ट्री के विस्तार और विकास के कारण अब टूरिज्म गाइड्स के लिए वर्क-स्कोप काफी बढ़ गया है. मेहनती, कुशल और ईमानदार यंगस्टर्स चाहें तो भारत की इस संपन्न विरासत से अपने लिए एक समृद्ध भविष्य तैयार कर सकते हैं. उत्तर भारत के पर्वतों के पीछे से होने वाला सूर्योदय हो या दक्षिण के विशाल समुद्र में सूर्यास्त, प्रकृति ने दोनों हाथों से भारत पर अपना खजाना लुटाया है. भारत सरकार अब रुरल टूरिज्म को बढावा दे रही है. जो लोग बहुत ज्यादा दौड-भाग नहीं कर सकते हैं, उनके लिए रूरल टूरिज्म के क्षेत्र में काफी संभावनाएं हैं.

भारत में टूरिज्म गाइड के लिए जॉब रोल्स

  • टूर एंड ट्रेवल्स कंपनी के लिए टूर ऑपरेटर
  • आउटबाउंड टूर एग्जीक्यूटिव
  • टूर कंसल्टेंट
  • ट्रेवल कंसलटेंट
  • होटलर
  • रेस्टोरेंट ओनर
  • फ्रीलांस टूर मैनेजर / टूर गाइड
  • एग्जीक्यूटिव- इनबाउंड टूर
  • टूर ऑपरेशन मैनेजर
  • टूरिज्म ऑफिसर
  • ट्रेवल एजेंट्स

भारत में टूरिज्म गाइड्स का है उज्ज्वल भविष्य

अगर आपने किसी प्रसिद्ध इंस्टीट्यूट से टूरिज्म एंड ट्रेवल एडमिनिस्ट्रेशन एंड मैनेजमेंट का कोर्स किया है, तो आपके लिये निकट भविष्य में काफी अवसर उपलब्ध होंगे. पूरे देश की टूरिज्म से संबद्ध कई कंपनियां और एजेंसियां हर साल कई जॉब्स निकालती हैं. ये कंपनियां टूरिज्म गाइड को अच्छे सैलरी पैकेज पर जॉब्स ऑफर करती हैं. अगर आप कुछ हद तक आर्थिक रूप से संपन्न हैं तो अपनी कंपनी या एजेंसी खोल कर बढ़िया इनकम कर सकते हैं.

इसलिए अगर आपको प्राकृतिक दृश्यों में रूचि है, किसी स्थान-विशेष की भौगोलिक और सांस्कृतिक खासियतों से आप बखूबी परिचित हैं और अनजान लोगों से घुल-मिल कर बातचीत करना, उनकी बात समझना, अपनी बात उन्हें समझा पाना और उनकी जरूरतों को पूरा काना अगर आपको अच्छा लगता है तो आप बेशक एक टूरिज्म गाइड का करियर अपना सकते हैं.

भारत में टूरिज्म गाइड को मिलने वाला सैलरी पैकेज

हमारे देश में किसी रीजनल टूरिज्म गाइड को आमतौर पर रु.400/- या उससे कुछ अधिक रोजाना 8 घंटे के मिलते हैं. किसी भी लोकेशन के टूरिस्ट पीक सीजन में आमतौर पर ये पेशेवर रु. 30 हजार से 40 हजार या उससे कुछ अधिक प्रति माह कमा लेते हैं. इन पेशेवरों के सैलरी पैकेज पर इनके स्किल्स, प्रोफेशनलिज्म और कस्टमर सेटिसफेक्शन का भी काफी असर पड़ता है.

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