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Positive India: जानें IPS विजय वर्धन की कहानी जिन्होंने 35 बार असफल होने के बाद भी हार नहीं मानी और फिर UPSC Civil Service में हासिल की 104वीं रैंक

35 विभिन्न सरकारी नौकरियों की परीक्षा में हुए थे असफल फिर भी नहीं मानी हार। UPSC सिविल सेवा के 5वें एटेम्पट में IPS बने हरियाणा के विजय वर्धन

May 1, 2020 13:44 IST
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Positive India: जानें IPS विजय वर्धन की कहानी जिन्होंने 35 बार असफल होने के बाद भी हार नहीं मानी और फिर  UPSC Civil Service में हासिल की 104वीं रैंक
Positive India: जानें IPS विजय वर्धन की कहानी जिन्होंने 35 बार असफल होने के बाद भी हार नहीं मानी और फिर UPSC Civil Service में हासिल की 104वीं रैंक

अपनी असफलताओं को अपनी ताकत बना लेना ही एक सफल व्यक्ति की पहचान है। ऐसी ही पहचान के साथ सफल हुए हैं हरियाणा के सिरसा जिले के विजय वर्धन। लगातार 35 सरकारी नौकरियों की परीक्षा में असफल होने की बाद विजय वर्धन ने UPSC सिविल सेवा 2018 की परीक्षा में कड़ी मेहनत कर 104वी रैंक हासिल की। आइये जानें इन होनहार आईपीएस अधिकारी की कहानी। 

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हरियाणा के रहने वाले हैं विजय 

विजय हरियाणा के सिरसा जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई यहीं पूरी की। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए वह हिसार गए जहाँ उन्होंने साल 2013 में इलेक्ट्रॉनिक्स में इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वह UPSC सिविल सेवा की कोचिंग के लिए दिल्ली आ गए। 

35 Competitive एग्जाम में हुए असफल 

विजय का दिल्ली आने का मकसद UPSC सिविल सेवा की परीक्षा में सफल होना ही था। परन्तु इसके अलावा भी उन्होंने 30 अन्य सरकारी नौकरी की एंट्रेंस परीक्षाओं के फॉर्म भरे। ये सभी परीक्षा ग्रेड A और ग्रेड B लेवल की थीं। विजय ने हरियाणा PCS, UP PCS, पंजाब PCS, SSC CGL के अलावा कई अन्य बैंक परीक्षाए भी दी परन्तु उन्हें इन सभी परीक्षाओ में असफलता ही हाथ लगी। विजय बताते हैं की 30 से अधिक परीक्षाओं में फेल होने पर उनके मन में ये सवाल आता था कि इतनी मेहनत के बावजूद उनके साथ ऐसा क्यों हो रहा है? परन्तु वह कभी इस ख्याल से निराश नहीं हुए और मेहनत करते रहे। 

5वें एटेम्पट में किया UPSC सिविल सेवा एग्जाम क्लियर 

विजय ने साल 2014  में UPSC सिविल सेवा के लिए अपना पहला एटेम्पट दिया जिसमें उन्होंने प्रीलिम्स तो पास कर लिया परन्तु मेंस में असफल रहे। 2015 के एटेम्पट में भी उनके साथ ऐसा ही हुआ और वह एक बार फिर मेंस की परीक्षा में सफल नहीं हो पाए। इसके बाद विजय ने अपनी पढ़ाई की राणनीति में बदलाव किया और 2016 में फिर एक बार IAS की परीक्षा दी। इस बार वह मेंस में क्वालीफाई तो हुए परन्तु फाइनल सिलेक्शन लिस्ट में केवल 6 मार्क्स से रह गए। 2017 में फिर एक बार वह इंटरव्यू स्टेज तक पहुंचे परन्तु फिर असफल रहे। इतनी असफलताओं के बाद जहाँ व्यक्ति हताश और निराश हो जाता है, विजय ने अपना धैर्य और निश्चय कायम रखा। 

विजय बताते हैं की 5वें एटेम्पट को ना देने के लिए उनके घरवालों और दोस्तों ने उन्हें काफी समझाया। परन्तु खुद पर विश्वास और सच्ची लगन ने उन्हें एक बार फिर बेहतर तैयारी के साथ परीक्षा देने की प्रेरणा दी। अपने 5वें एटेम्पट में विजय वर्धन ने UPSC सिविल सेवा 2018 की परीक्षा 104 रैंक के साथ पास की। 

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उनके निरंतर प्रयास और कड़ी मेहनत के साथ साथ प्रबल इच्छाशक्ति और सेल्फ कॉन्फिडेंस ने उन्हें आज उनके लक्ष्य तक पहुंचाया। विजय वर्धन उन लाखो युवाओं के लिए प्रेरणा हैं जो किसी भी परीक्षा में असफल हो कर निराश हो जाते हैं। अपने लक्ष्य को पाने के लिए दृढ इच्छाशक्ति रखने वाले इस IPS अधिकारी को जागरण जोश का सलाम। 

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