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जहां चाह वहां राह | Shiv Khera | Safalta Ki Raah Par | Episode 13

“सफलता की राह पर” सीरीज़ के इस तेरहवें वीडियो में विश्वविख्यात मोटिवेशनल स्पीकर और लेखक शिव खेड़ा जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए हम से मजबूत इरादे और इच्छा शक्ति के महत्व के बारे में बात कर रहे हैं. बेशक, काबिलियत हमारी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है, लेकिन मजबूत इच्छा शक्ति ही सफलता की कुंजी है. इस बारे में अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए देखें यह वीडियो.

Jan 9, 2020 18:21 IST
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विश्वविख्यात मोटिवेशनल स्पीकर और लेखक शिव खेड़ा जी इस वीडियो में कह रहे हैं कि दुनिया-भर में हम प्रत्येक जगह व्यापारिक समस्याएं नहीं बल्कि, व्यावहारिक समस्याएं झेलते हैं. जब हम अपनी व्यावहारिक समस्याएं सुलझा लेते हैं तो 99 फीसदी हमारी व्यापारिक समस्याएं सुलझ जाती हैं. इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता है कि हमारे काम करने के रवैये पर हमारे व्यवहार का काफी असर पड़ता है. ‘हम किसी काम को मन लगाकर करते हैं या फिर केवल काम समझकर’, इस बात पर हमारी सफलता पूरी तरह निर्भर करती है. शिव खेड़ा जी हमें इस वीडियो में समझा रहे हैं कि किसी भी काम में सफल होने के लिए हमारी काबिलियत तो अहम भूमिका निभाती ही है लेकिन हमारा मजबूत इरादा हमें सही अर्थ में सफलता हासिल करने के लिए लगातार प्रेरित करता रहता है. इस वीडियो में शिव खेड़ा जी जिंदगी के विभिन्न उदाहरणों के द्वारा अपनी काबिलियत के साथ मजबूत इरादा रखने के लिए भी हमें प्रेरित कर रहे हैं. वे कहते हैं कि:  

  • किसी काम को न करने के पीछे ये हो सकते हैं कारण

जब भी कोई इंसान यह कहता है कि ‘यह काम मैं नहीं कर सकता’ तो उसकी बात के दो स्पष्ट अर्थ निकल सकते हैं जैसेकि – वह कह रहा है कि, ‘मुझे यह काम करना नहीं आता.’ या फिर, ‘यह काम मैं करना नहीं चाहता’. अगर उसे कोई काम करना नहीं आता है तो उसे शिक्षा या/ और प्रशिक्षण की जरूरत है. लेकिन अगर वह व्यक्ति कह रहा है कि, ‘यह काम मैं करना नहीं चाहता’ तो फिर इसमें 2 बातें निहित हैं – पहली बात कि ‘मैं परवाह नहीं करता’, यह बात उसके काम के प्रति नजरिये या रवैये को दर्शाती है. दूसरी बात यह है कि, ‘यह काम मेरे उसूलों और सिद्धांतों के खिलाफ़ है’. इस बात में नियम या सिद्धांत झलकते हैं. अब शिव खेड़ा जी हमें समझा रहे हैं कि, अक्सर हम देखते हैं कि पूरी दुनिया में किसी भी काम को न करने की 90 फीसदी समस्याएं इन्हीं दोनों कारणों से आती हैं. किसी भी काम के प्रति संबद्ध व्यक्ति का रवैया या फिर उसके उसूल ही उस व्यक्ति को वह काम करने से रोकते हैं.

  • एक ही हालात में कुछ लोग रिकॉर्ड तोड़ देते हैं तो कुछ लोग खुद को तोड़ लेते हैं

इस वीडियो में आगे सुप्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर शिव खेड़ा जी हमें खास उदाहरण देकर समझा रहे हैं कि कैसे एक जैसे हालात में कुछ व्यक्ति नए रिकॉर्ड बना कर शानदार सफलता हासिल करते हैं तो कुछ व्यक्ति ऐसे भी होते हैं जो ठीक वैसे ही हालात में खुद को तोड़ लेते हैं अर्थात निराशा और असफलता का शिकार बन जाते हैं. आखिर ऐसा क्यों होता है? इसके पीछे सबसे बड़ा कारण है – ‘एक समान हालात में संबद्ध व्यक्तियों का अलग-अलग नजरिया’.

  • विश्व चैंपियन मुक्केबाज का उदाहरण

यहां सुप्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर शिव खेड़ा हमें एक विश्व प्रसिद्ध मुक्केबाज (बॉक्सर) का उदाहरण दे रहे हैं. उस मुक्केबाज ने यह कहा था कि ‘जिंदगी में सफल होने के लिए हमें 2 चीज़ों की जरूरत होती है. ये 2 चीज़ें हैं – काबिलियत और इरादा.’ हमें अपने जीवन में सफलता पाने के लिए इन दोनों ही गुणों की आवश्यकता है क्योंकि एक गुण के बिना, दूसरे गुण से हमारा काम नहीं संवरेगा. एक के बिना केवल दूसरे गुण से हमें कभी सफलता नहीं मिल पाती है.

  • जिंदगी में सफलता हासिल करने के लिए काबिलियत के साथ चाहिए इरादा भी

अब विश्वविख्यात मोटिवेशनल स्पीकर शिव खेड़ा जी हमें इस वीडियो में आगे समझा रहे हैं कि, अगर हम अपने जीवन में किसी भी कार्यक्षेत्र में सफलता हासिल करना चाहते हैं तो हमारे पास काबिलियत के साथ-साथ सफलता हासिल करने के लिए मजबूत इरादा भी जरुर होना चाहिए क्योंकि इन दोनों के बिना हम अपने किसी भी काम में सफलता हासिल नहीं कर सकते हैं. वे आगे कह रहे हैं -

  • इरादा है ज्यादा महत्वपूर्ण

लेकिन अगर हम इन दोनों ही गुणों की तुलना करें तो काबिलियत के बनिस्पत इरादे का महत्व कहीं अधिक है. अपनी बात को स्पष्ट करते हुए विश्व चैंपियन मुक्केबाज ने अपनी प्रतियोगिता का उदाहरण दिया. उस मुक्केबाज ने यह कहा कि, ‘जब मैं चैंपियनशिप का मुकाबला लड़ रहा था और मेरे विरोधी ने मुझे मारकर जमीन पर गिरा दिया. मैं रिंग के फ्लोर पर लेटा हुआ था और उस प्रतियोगिता के रेफ्री मेरी हार घोषित करने के लिए गिनती गिन रहे थे. उस समय रिंग के फ्लोर से मेरी काबिलियत ने मुझे नहीं उठाया.....अरे मेरी काबिलियत को पछाड़ कर ही तो मेरे विरोधी ने मुझे रिंग फ्लोर पर गिरा दिया था’. लेकिन उस समय मेरा मजबूत इरादा मुझे भीतर से प्रेरित कर रहा था – एक बार फिर उठो....एक बार फिर से खड़े हो जाओ...एक बार फिर मुकाबला करो.....इस तरह मेरे इरादे ने मुझे उठाया, मेरी काबिलियत ने नहीं.’ दरअसल, हमारा इरादा ही हमारा रवैया होता है. इसलिए, एक सकारात्मक रवैये वाले इंसान को कोई भी रोक नहीं सकता और किसी नकारात्मक रवैया रखने वाले व्यक्ति की कभी कोई मदद नहीं कर सकता. यह बात काफी महत्वपूर्ण है.

  • रवैये का महत्व

अब इस वीडियो में सुप्रसिद्ध मोटिवेशनल स्पीकर शिव खेड़ा जी हमें समझा रहे हैं कि हमारे रवैये का महत्व हर जगह पर है – हमारे घर पर......काम पर.....हमारे समाज में......चाहे हम कहीं पर भी चले जायें. अगर किसी इंसान का सकारात्मक रवैया होता है तो वह भरोसे के काबिल होता है, जिम्मेदार होता है.

  • काबिलियत और चरित्र में संबंध

इसी तरह, शिव खेड़ा जी हमें आगे समझा रहे हैं कि, जिंदगी में सफल होने के लिए किसी भी व्यक्ति के  पास काबिलियत होनी तो बहुत जरूरी है ही लेकिन, अगर चरित्र नहीं होगा तो एक बार सफलता की ऊंचाई हासिल कर लेने के बाद भी ऐसा व्यक्ति नीचे ही गिर जाएगा. काबिलयत हमें किसी मुकाम तक ऊपर ले जाती है लेकिन चरित्र हमें उस ऊंचाई पर कायम रखता है और यही हमारा रवैया है.

  • भरोसे के बिना काबिलियत बन जाती है सिर्फ जिम्मेदारी

इस वीडियो के आखिर में मोटिवेशनल स्पीकर शिव खेड़ा जी हमें समझा रहे हैं कि, अगर कोई व्यक्ति काफी काबिल है लेकिन वह व्यक्ति भरोसेमंद नहीं है.....तो क्या हम ऐसे व्यक्ति को काम पर रखना पसंद करेंगे? कभी नहीं. इसलिए हमें हमेशा यह याद रखना चाहिए कि, सफलता पाने के लिए काबिलियत जरुरी है लेकिन भरोसा या विश्वसनीयता अति महत्वपूर्ण है. इसका सीधा-सा अर्थ है कि, बिना भरोसे या विश्वसनीयता के हमारी काबिलियत केवल जिम्मेदारी है. इस वजह से सब यही कहते हैं कि जिस व्यक्ति का सकारात्मक रवैया है, उसे सफलता पाने से कोई रोक नहीं सकता.   

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