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IBPS Clerk Job Profile 2020: मेट्रो सिटी में बैंक क्लर्क की जॉब प्रोफाइल

इंडियन बैंकिंग पर्सनेल सिलेक्शन (IBPS), SBI, RBI जैसी भर्ती एजेंसियों समेत अन्य प्राइवेट बैंक, उम्मीदवारों की क्लेरिकल पोस्ट्स पर भर्ती प्रतिस्पर्धी परीक्षा के माध्यम से करते हैं. मेट्रो शहरों में बैंक क्लर्क को अन्य क्षेत्रों के बैंक क्लेर्कों की भांति ही कुछ नियमित कार्यों को करना होता हैं जिसमें चेक को प्राप्त करना, ड्राफ्ट को जारी करना, कैश में भुगतान करना, कैश का स्थानांतरण इत्यादि सम्मिलित हैं. पूरी जानकारी इस लेख में पढ़ें-

Apr 22, 2020 11:03 IST
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Bank clerk job profile
Bank clerk job profile

इंडियन बैंकिंग पर्सनेल सिलेक्शन (IBPS), SBI, RBI जैसी भर्ती एजेंसियों समेत अन्य प्राइवेट बैंक, उम्मीदवारों की क्लेरिकल पोस्ट्स पर भर्ती प्रतिस्पर्धी परीक्षा के माध्यम से करते हैं. पूरी भर्ती प्रक्रिया की समाप्ति के बाद उम्मीदवारों को देश भर के बैंकों में उपलब्ध रिक्तियों के आधार पर सम्बंधित शाखाओं में पोस्ट किया जाता हैं. नए भर्ती हुए उम्मीदवारों में से कुछ को अक्सर शुरूआती वर्षों में ग्रामीण क्षेत्रों में पोस्टिंग दी जाती हैं.

मेट्रो शहरों में पोस्ट किये गए उम्मीदवारों को कुछ अन्य विशेष कार्यों को करना होता हैं जो कि ग्रामीण क्षेत्रों में भर्ती हुए उम्मीदवारों की तुलना में काफी अलग होते हैं क्योंकि ऐसी कई सरकारी योजनायें होती हैं जिन्हें बैंकों के माध्यम से शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लागू किया जाता हैं और इनसे सम्बंधित कार्यकलाप भी उसी के अनुसार भिन्न-भिन्न होते हैं. देश के सभी बैंको में कुछ कार्य समान होते हैं जबकि कुछ कार्य एक-दूसरे से बिलकुल अलग होते हैं जिन्हें शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बैंकों में सिर्फ क्लर्क को ही करना होता हैं.   

मेट्रो सिटी में बैंक क्लर्क के कर्तव्य और जिम्मेदारियाँ

मेट्रो शहरों में बैंक क्लर्क को अन्य क्षेत्रों के बैंक क्लेर्कों की भांति ही कुछ नियमित कार्यों को करना होता हैं जिसमें चेक को प्राप्त करना, ड्राफ्ट को जारी करना, कैश में भुगतान करना, कैश का स्थानांतरण इत्यादि सम्मिलित हैं. इसके अलावा एक क्लर्क को बैंक में कभी-कभी कैशियर, सिंगल विंडो ऑपरेटर, यूनिवर्सल टेलर, और स्पेशल असिस्टेंट का कार्य भी करना होता हैं इनमें बैंक ऑफिसर का निरीक्षणात्मक और किसी भी प्रकार का स्थानांतरण का कार्य सम्मिलित नहीं होता हैं.

उपरोक्त के अलावा, एक क्लर्क को बैंक में कैश के रखरखाव और लॉकर पर नज़र रखने का कार्य भी करना होता हैं और इसके साथ बैंक क्लर्क को पासबुक को अपडेट, कस्टमर अकाउंट डिटेल्स, हस्ताक्षर का सत्यापन, धन निकासी के फॉर्म को जारी करना और बैंक द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं और सेवाओं के बारे में ग्राहक को विस्तार से बताने का कार्य भी करना होता हैं.

मेट्रो सिटी में बैंक क्लर्क की सैलरी और भत्ते

राष्ट्रीयकृत बैंकों को ज्वाइन करने के बाद एक बैंक क्लर्क को रु० 11,765 प्रति माह का मूल वेतन दिया जाता हैं. बैंकिंग इंडस्ट्री में सैलरी में यह बढ़ोत्तरी 10वें द्विपक्षीय समझौते के बाद आई हैं. उम्मीदवारों को बैंकों द्वारा रु० 11, 765 – 42, 020 के पे-स्केल में भुगतान किया जाता हैं जिसमें अन्य भत्ते और सुविधाएँ भी सम्मिलित हैं. गृह किराया भत्ता, मेडिकल भत्ता, महंगाई भत्ता और अन्य लाभ भी बैंक द्वारा क्लर्क को प्रदान किये जाते हैं. मेट्रो सिटी में रहने वाले उम्मीदवारों का HRA उनके मूल वेतन का 8.5% होता हैं जबकि 5 लाख से कम आबादी वाले शहर में पोस्टेड उम्मीदवारों का HRA मूल वेतन का 7.5% और बाकी शहरों में HRA, मूल वेतन का 6.5% होता हैं.

बैंक क्लेर्कों की प्रमोशन पॉलिसी

भारत में पब्लिक सेक्टर बैंकों में क्लर्क पोस्ट सबसे शुरुआती पद होता हैं और इसमें उम्मीदवारों के पदोन्नति की संभावनाएं अनुभव के साथ-साथ बढती जाती हैं. शुरूआती दौर में बैंकों में भर्ती किये गए उम्मीदवारों को 6 माह के लिए प्रोबेशन पर रखा जाता हैं जिसके बाद उन्हें बैंकों में स्थायी कर दिया जाता हैं. बैंक में कुछ वर्षों के बाद बैंक क्लर्क, विभागीय पदोन्नति परीक्षाओं के माध्यम से ट्रेनी ऑफिसर और प्रोबेशनरी ऑफिसर बन सकते हैं. प्रोबेशनरी ऑफिसर बनने के बाद, उम्मीदवारों के लिए आगे की तरक्की काफी सरल हो जाती हैं. उम्मीदवार PO बनने के 3-4 साल के बाद असिस्टेंट मैनेजर और ब्रांच मैनेजर बन सकते हैं. इसके अलावा, समर्पित और महत्वाकांक्षी उम्मीदवार अपनी सेवा के 10 वर्षों के बाद ही चीफ मैनेजर, असिस्टेंट जनरल मैनेजर और डिप्टी जनरल मैनेजर के पद तक भी पहुँच सकते हैं.

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