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केंद्रीय विद्यालय में टीचर बनने के लिए जानें योग्यता, चयन प्रक्रिया और सैलरी (7वां वेतन आयोग)

भारत में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना केंद्र सरकार में कार्यरत कर्मचारियों  के बच्चों की प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा की सुदृढ़ व्यवस्था के हेतु किया गया था. चूँकि रक्षा तथा अर्धसैनिक बलों के कर्मी समेत केंद्रीय सरकार में कार्यरत अधिकतर कर्मियों, अखिल भारतीय सेवाओं और देश भर के केंद्रीय कर्मचारियों के पद स्थानान्तारणीय हुआ करते हैं

Sep 17, 2018 11:06 IST
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भारत में केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना केंद्र सरकार में कार्यरत कर्मचारियों  के बच्चों की प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा की सुदृढ़ व्यवस्था के हेतु किया गया था. चूँकि रक्षा तथा अर्धसैनिक बलों के कर्मी समेत केंद्रीय सरकार में कार्यरत अधिकतर कर्मियों, अखिल भारतीय सेवाओं और देश भर के केंद्रीय कर्मचारियों के पद स्थानान्तारणीय हुआ करते हैं जिस वजह से उनके बच्चों के शिक्षा कार्य में अक्सर  व्यवधान उत्पन्न होता रहता है. सो इन केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना का मुख्य उद्देश्य इन बच्चों को बिना किसी व्यवधान के सामान्य कार्यक्रम के तहत शिक्षा प्रदान कर उनकी शैक्षणिक आवश्यकताओं की पूर्ति करना था. इसी के साथ सी.बी.एस.सी. ,एन.सी.आर.टी. तथा अन्य निकायों के सहयोग से नए-नए व उपयोगी प्रयोगों को सम्मिलित कर बच्चों में राष्ट्रीय एकता तथा भारतीयता की भावना का विकास करना भी इन विद्यालयों की स्थापना का एक प्रमुख उद्देश्य था.

वर्तमान में भारत के अतिरिक्त विदेशों में भी केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की गई हैं जिनमें भारतीय दूतावासों में कार्यरत कर्मचारियों एवं अन्य प्रवासी हिन्दुस्तानियों के बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं. ये सभी केंद्रीय विद्यालय केन्द्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से अनुबंधित एवं संचालित होते हैं. सभी सेन्ट्रल स्कूलों का सञ्चालन केंद्रीय विद्यालय संगठन नामक संस्था के द्वारा किया जाता है. इन स्कूलों में भारत के राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसन्धान और प्रशिक्षण परिषद् के पाठ्यक्रमों का अनुसरण किया जाता है.

एक उच्च गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संस्थान

केंद्रीय विद्यालयों के पढाई के स्तर को काफी उत्कृष्ट माना जाता है. यहाँ के छात्रों को व्यक्तित्व के बहिर्मुखी विकास के लिए खास ध्यान दिया जाता है. एक उच्च गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संस्थान में अध्यापन कार्य निश्चित रूप से एक गौरवान्वित करने वाला एहसास होता है. ख़ास कर अगर आप ऐसे संस्थान में गणित पढ़ाते हैं तो भविष्य में आपका शिक्षण कार्य देश को कई इंजिनीयर, मर्चेंट नेवी, इंडियन नेवी आदि के ऑफिसर, गणितज्ञ, बैंकर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, कंप्यूटर सिस्टम एनालिस्ट आदि प्रदान कर सकता है. वैसे भी भारत में प्राचीन काल से हीं गणित की एक सुदृढ़ परम्परा रही है हम सब जानते हैं कि विश्व को जीरो (0)की देन हिन्दुस्तान की हीं है. तो अगर आपका भी केंद्रीय विद्यालयों में मैथेमेटिक्स टीचर की सरकारी नौकरी पाने का है सपना तो जानें इन 10 बातों को -

टीचर्स के अलग अलग पदों के लिए अलग-अलग योग्यताएं तय की गई है-

पोस्ट ग्रेजुएट टीचर

1.केंद्रीय विद्यालयों में गणित के ग्रेजुएट टीचर या PGTs टीचर के लिए सर्वप्रथम आपको किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से सम्बंधित विषय में कम से कम 50 % अंकों के साथ M.Sc.करना होगा. इसी के साथ आपका बीएड होना भी आवश्यक है.

सैलरी: पे लेवल-8, रुपया 47,600-1,51,100.

ट्रेन्ड ग्रेजुएट टीचर्स

2. केंद्रीय विद्यालयों में गणित के ट्रेन्ड ग्रेजुएट टीचर्स या TGTs के लिए आप का 50%अंकों के साथ सम्बंधित विषय में ग्रेजुएट होना व बीएड डिग्री आवश्यक है साथ ही किसी मान्यताप्राप्त विश्वविद्यालय से सेन्ट्रल टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट (CTET)में पास होना अनिवार्य है.

सैलरी: पे लेवल-7, रुपया 44,900-1,42,400

प्राइमरी टीचर

3. केंद्रीय विद्यालयों में गणित के प्राइमरी टीचर या PRT के लिए भी आप का CTET पास होनी चाहिए साथ ही D.Ed में दो साल का डिप्लोमा या B EI.Ed में ग्रेजुएट होना आवश्यक है.

सैलरी: पे लेवल-6, रुपया 35,400-1,12,400

4. आयु सीमा -

केंद्रीय विद्यालयों में टीचर्स के अलग अलग पदों (प्राइमरी टीचर PRT,पोस्ट ग्रेजुएट टीचर PGTs, ट्रेन्ड ग्रेजुएट टीचर्स TGTs) और अलग-अलग ग्रेड पे के हिसाब से अलग अलग आयु सीमा निर्धारित की गई है. तो अगर आप केंद्रीय विद्यालयों में गणित के पोस्ट ग्रेजुएट टीचर या PGTs के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो यह काम आपको 40 साल के पहले हीं करना होगा क्योंकि पोस्ट ग्रेजुएट  टीचर या PGTs के लिए अधिकतम आयु सीमा 40 साल हीं है.

5. अगर आप केंद्रीय विद्यालयों में ट्रेन्ड ग्रेजुएट  टीचर्स या TGTs के जॉब के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो इसके लिए अधिकतम आयु सीमा - 35 साल तय की गई है.

6. अगर आप केंद्रीय विद्यालयों में प्राइमरी टीचर या PRT के जॉब के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो इसके लिए अधिकतम आयु सीमा-30 साल तय की गई है.

7. इसके अलावे अगर आप एस सी/एस टी कैटेगरी से सम्बंधित हैं तो ऐसे उम्मीदवारों को आयु सीमा में 5 साल की छूट देने का प्रावधान है. ओबीसी होने पर 3 साल और अगर आप महिला /पी डल्ब्यू डी उम्मीदवार हैं तो आपकी जानकारी के लिए महिला / पी डल्ब्यू डी उम्मीदवारों को केंद्रीय विद्यालयों में जॉब के लिए 10 साल की छूट का प्रावधान है.

8. चयन प्रक्रिया

देश के विभिन्न केंद्रीय विद्यालयों द्वारा PGT,TGT,PRT समेत अन्य पदों के लिए इंटरव्यू के बाद सीधी भर्ती की जाती है. इन विद्यालयों के द्वारा समय-समय पर पदों की वेकेंसियाँ जारी की जाती हैं. आवश्यक दस्तावेजों की प्रतियों के साथ आवेदन कर आप वॉक-इन-इंटरव्यू में शामिल हो सकते हैं.

9. देश में अलग-अलग स्थित केंद्रीय विद्यालयों में निकलने वाले आवेदन के लिए अलर्ट रहें क्योंकि आपको थोड़ी से भी देरी आपको एक मौके से वंचित कर सकती है.

10. सैलरी

केंद्रीय विद्यालयों की श्रृखलाओं में जॉब के लिए प्रिंसिपल्स और अन्य पदों पर आवेदन हेतु सामान्य अभ्यर्थियों से रूपए 750 से 1000 / तक के आवेदन शुल्क की राशि का प्रावधान है.
किन्तु अगर आप आरक्षित वर्ग से आते हैं तो आरक्षित वर्ग के लिए कोई आवेदन शुल्क नहीं लिया जाता.
पोस्ट ग्रेजुएट टीचर-पे लेवल-8, रुपया 47,600-1,51,100.

ट्रेन्ड ग्रेजुएट टीचर्स-पे लेवल-7, रुपया 44,900-1,42,400

प्राइमरी टीचर-पे लेवल-6, रुपया 35,400-1,12,400

 

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